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Tag: आत्म-अभिव्यक्ति

Blogger: PAWAN KUMAR at Journey...
 महद तंतु-------------अवकाश दिन संध्या काल, कुछ मनन प्रयत्न से सुविचार आए आविर्भूत हो मन-देह, सर्वत्र विस्तृत दृष्टिकोण से सुमंगल होए। बहु श्रेष्ठ-मनसा नर जग-आगमित, समय निकाल निर्मल चिंतन  उन कृत्यों समक्ष मैं वामन, अत्यंत क्षुद्र-सतही सा ही निरूपण। कोई तुलना&n... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   5:02pm 7 Dec 2019 #आत्म-अभिव्यक्ति
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 महद तंतु-------------अवकाश दिन संध्या काल, कुछ मनन प्रयत्न से सुविचार आए आविर्भूत हो मन-देह, सर्वत्र विस्तृत दृष्टिकोण से सुमंगल होए। बहु श्रेष्ठ-मनसा नर जग-आगमित, समय निकाल निर्मल चिंतन  उन कृत्यों समक्ष मैं वामन, अत्यंत क्षुद्र-सतही सा ही निरूपण। कोई तुलना&n... Read more
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 महद तंतु-------------अवकाश दिन संध्या काल, कुछ मनन प्रयत्न से सुविचार आए आविर्भूत हो मन-देह, सर्वत्र विस्तृत दृष्टिकोण से सुमंगल होए। बहु श्रेष्ठ-मनसा नर जग-आगमित, समय निकाल निर्मल चिंतन  उन कृत्यों समक्ष मैं वामन, अत्यंत क्षुद्र-सतही सा ही निरूपण। कोई तुलना&n... Read more
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नवीन-भाव ---------------एक नवीन-भाव पल की आवश्यकता, स्थापन्न कागज-पटल लेखनी माध्यम, मन-विचार डायरी में, बहिर्गमन से विस्तृत। चलो आज नवीनता-वार्ता करते, माना सनातन को पुनरुक्त वे ही विचार पुनः-२ उदित, चाहे शब्द-लेखन में कुछ भिन्न। नव-साहचर्य से मन-उदय, अनुभव खोले प्र... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   1:03pm 2 Sep 2019 #आत्म-अभिव्यक्ति
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नवीन-भाव ---------------एक नवीन-भाव पल की आवश्यकता, स्थापन्न कागज-पटल लेखनी माध्यम, मन-विचार डायरी में, बहिर्गमन से विस्तृत। चलो आज नवीनता-वार्ता करते, माना सनातन को पुनरुक्त वे ही विचार पुनः-२ उदित, चाहे शब्द-लेखन में कुछ भिन्न। नव-साहचर्य से मन-उदय, अनुभव खोले प्र... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   1:03pm 2 Sep 2019 #आत्म-अभिव्यक्ति
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काव्य-उदयन ----------------क्या होंगे अग्रिम पल व गाथा जो इस कलम से फलित मन तो शून्य है पर लेखनी लेकर आती है भाग्य निज। कैसे निर्मित हो वह काव्य-इमारत, मन तो अभी अजान मात्र कलम व कागज हाथ में, शेष सामग्री का है अभाव।फिर कुछ यूहीं तो चलता जाता और भर जाते हैं कई पृष्ठ निरुद... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   4:13pm 10 Aug 2019 #आत्म-अभिव्यक्ति
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काव्य-उदयन ----------------क्या होंगे अग्रिम पल व गाथा जो इस कलम से फलित मन तो शून्य है पर लेखनी लेकर आती है भाग्य निज। कैसे निर्मित हो वह काव्य-इमारत, मन तो अभी अजान मात्र कलम व कागज हाथ में, शेष सामग्री का है अभाव।फिर कुछ यूहीं तो चलता जाता और भर जाते हैं कई पृष्ठ निरुद... Read more
clicks 54 View   Vote 0 Like   4:13pm 10 Aug 2019 #आत्म-अभिव्यक्ति
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दौर्बल्य-निवारण -------------------कैसे सिखाऐं-बढ़ाऐं, अधिकार अहसास, सीधा खड़ा होना सीखभाई लोग निपट मूढ़-दमित, कैसे हों दीप्त ओर चरण प्रसारित। प्राणी-स्वरूप किस साँचे में ढ़ला, परिवेश-मिट्टी में पल-बढ़ घड़ा जीने के तरीके, कहना-सुनना, व्यवहार करना वहीं से सीखा। परिष्कृतों क... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   2:32pm 14 Apr 2019 #आत्म-अभिव्यक्ति
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दौबल्य-निवारण -------------------कैसे सिखाऐं-बढ़ाऐं, अधिकार अहसास, सीधा खड़ा होना सीखभाई लोग निपट मूढ़-दमित, कैसे हों दीप्त ओर चरण प्रसारित। प्राणी-स्वरूप किस साँचे में ढ़ला, परिवेश-मिट्टी में पल-बढ़ घड़ा जीने के तरीके, कहना-सुनना, व्यवहार करना वहीं से सीखा। परिष्कृतों को न... Read more
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सुमति - दान--------------- दीन्हों सुमति, विवेक अग्रसर, सयंमित साहसी अदमितनीर-क्षीर विवेचन कौशल, वक -हंस पहचान विदित। अंतरतम दृश्य सक्षम, मम गुप्त रिपुओं को करो समक्ष सामना हो स्व-दुर्बलताओं से, विजित हों सर्व-विधर्म। सत्य-आत्मसात, निर्मल बुद्धि का परम-स्तर अनुभव पैम... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   6:05pm 18 Aug 2018 #आत्म-अभिव्यक्ति
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 उत्प्रेरण-विधा ------------------वर्तमान अनूठे असमंजसता-पाश में, अबूझ हूँ जानकर भीकैसे खेऊँ नैया, पार दूर, अकेला, कभी हिम्मत खण्डित सी।  सकारात्मक मन-मस्तिष्क धारक, तथापि अनिश्चितता घेरे विवेक प्रगाढ़ न हो रहा, नकारात्मकता आकर है झिझकोरे।वातावरण जो होना चाहिए भय-म... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   1:33pm 2 Oct 2016 #आत्म-अभिव्यक्ति
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