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Tag: अनुवाद

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
"टुकड़ा" (Fragment' a poem by Amy Lowell)  अनुवादक-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'कविता क्या है?♥ काव्यानुवाद ♥कविता रंग-बिरंगे, मोहक पाषाणों सी होती है क्या?जिसे सँवारा गया मनोरम, रंग-रूप में नया-नया!!हर हालत में निज सुन्दरता से, सबके मन को भरना!ऐसा लगता है शीशे को, सिखा दिया हो श्रम करना!!इन... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   10:37am 17 Jan 2019 #अनुवाद
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
Beauty  by  John Masefield अनुवादक- डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'सौंदर्य जॉन मेसफील्डप्रातःकालीन वेला मेंऔरसायंकालसूर्यास्त के समयपहाड़ियों की उत्तुंग चोटी परसमीरअपना मस्त राग गा रहा हैऐसा प्रतीत होता हैमानो स्पेनअपनी पुरानीसुरीली धुनों को छेड़ रहा हो!बसन्त ऋतु में... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   12:43pm 16 Jan 2019 #अनुवाद
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
Goodbye! (अलविदा)by Richard Aldingtonकाव्यमय भावानुवादअनुवादकः डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'--हाथों को हाथों में लेकरदबा-दबा कर धरती जैसी गर्मी दे दो।इससे नस-नस में ताकत का हो जायेगा नव अहसास।नई ऊर्जा का तन-मन मेंहो जायेगा तब आभास।।और धरा की गन्ध, कभी साँसों में आप बसाओ तो।रसना में ले स्... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   10:20am 22 Oct 2018 #अनुवाद
Blogger: डा. सुशील कुमार जोशी at उलूक टाइम्स...
महसूस करना मौसम की नजाकत और समय के साथ बदलती उसकी नफासत सबके लिये एक ही सिक्के का एक पहलू हो जरूरीनहीं है मिजाज की तासीर गर्म और ठंडी जगह की गहराई और ऊँचाई से भी नहीं नापी जाती है आदमी की फितरत कभी भी अकेली नहीं होती है बहुत कुछ होता है सामंजस्य बिठाने के लिये खाँचे सोच म... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   4:19pm 27 Oct 2016 #अनुवाद
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
Remember a poem : Christina Rossettiअनुवादक : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”मैं जब दूर चला जाऊँगा,मेरी याद तुम्हें आयेगी!जब हो जाऊँगा चिरमौन,तुम्हें यादें तड़पायेंगी!मृत हो जायेगी यह देह,चला जाऊँगा शान्त नगर में!पकडकर तब तुम मेरा हाथ,पुकारोगी मुझको स्वर में! नही अधूरी मंजिल से,मैं लौट पा... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   11:33pm 4 Apr 2016 #अनुवाद
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
Farewell Love poem BY-Thomas Wyattअनुवादक:डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”प्रेम गीत को विदाई--अलविदा!प्रेम के  कायदे कानूनों कोअलविदा!उलझनों सेमुक्त हो जाऊँगासर्वदा!सेनेक और प्लेटोमुझे निहारते हैंबुद्धिमान कहकरमुझे पुकारते हैंदौड़-धूप सेदौलत का उद्योग करनाबुद्धि की चातुर्यता सेइस... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   12:54am 27 Mar 2016 #अनुवाद
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
"टुकड़ा" (Fragment' a poem by Amy Lowell)  अनुवादक-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"कविता क्या है?♥ काव्यानुवाद ♥कविता रंग-बिरंगे, मोहक पाषाणों सी होती है क्या?जिसे सँवारा गया मनोरम, रंग-रूप में नया-नया!!हर हालत में निज सुन्दरता से, सबके मन को भरना!ऐसा लगता है शीशे को, सिखा दिया हो श्रम करना!!इन्द... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   9:19am 20 Sep 2014 #अनुवाद
Blogger: rajeysha at rajey.blogspot.com...
प्रेम, झरने की तरह कभी ऊंचाईयों से नीचे गिरता है तो कभी समन्दर की जर्बदस्त ऊंची लहरों की तरह किनारों से भिड़-भिड़ जाता है। वह छिछली पारदर्शी गहराई में गुनगुनाती कलकल धारा की तरह बहता है तो कभी शांत और गंभीर होकर किसी झील या तरणताल में भी ठहरा रहता है। वह धरती के नीचे चुप... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   7:14am 11 Apr 2014 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
दो शब्द जनकवि कालोजी नारायणराव (1914 - 2002) को उनकी जन्मशताब्दी के अवसर पर इस अनूदित कविता संग्रह ('मेरी आवाज़' - 2014) के माध्यम से अपनी श्रद्धा समर्पित करने का आंध्रप्रदेश हिंदी अकादमी का निर्णय स्तुत्य और श्लाघनीय है. कालोजी का नाम बीसवीं शताब्दी में हुए उन महान भारतीय साहित्य... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   7:09pm 2 Feb 2014 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ की कविताए...
देहरी/ ऋषभ देव शर्मा अकादमिक प्रतिभा, नई दिल्ली - 100 0592011/   250/=आईएसबीएन : 978-93-80042-59-6.प्राप्ति स्थान - डॉ. ऋषभ देव शर्मा, 208 - ए, सिद्धार्थ अपार्टमेंट्स, गणेश नगर, रामंतापुर, हैदराबाद - 500 013 . फोन :  +91 8121435033.गुड़िया–गाय–गुलाम (मूल : ऋषभ देव शर्मा)परसों तुमने मुझेचीखने वाली ... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   4:15pm 21 Aug 2013 #अनुवाद
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
My Dad WishesSamphors Vuthअनुवादक-डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’♥♥♥♥♥♥♥♥♥पिता की आकांक्षाएँ(काव्यानुवाद)मेरे साथ सदा अच्छा हो, यही कामना करते हो।नहीं लड़ूँ मैं कभी किसी से,यही भावना भरते हो।।उन्नति के सोपान चढ़ूँ मैं,नीचे कभी न गिर जाऊँ।आप यही इच्छा रखते हो,विजय हमेशा मैं पाऊँ... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   7:30am 5 Aug 2013 #अनुवाद
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
"Come slowly(धीरे से आओ):Emily Dickinson"मेरे हैं अनछुए ओंठ तुम छू लो धीरे से आकर! जैसे मधु की मक्खी हो जाती है मदहोश चमेली की सुगन्ध को पाकर!! घूमती उसके चारों ओर! खिंची आती है वो बिनडोर!! कुछ विलम्ब ही सही पहुँच जाती प्रसून के पास! करा देती अपना आभास!! रिझाती उसको कर गुंजार!&... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   7:30am 4 Aug 2013 #अनुवाद
Blogger: सौरभ यादव at जमीन से ...........
ये एक विशेष लेख है जो कि बिना किसी कारण के अचानक ही ज्यों का त्यों छापा गया है मेरे जी-मेल खाते से। हुआ कुछ यूँ कि अभी लेख लिखने को बैठा तो दिमाग में आया की पहले मेल देख  लेते है। मेल देखने बैठा तो एक नया मेल प्राप्त हुआ जो की मेरे एक पुराने मेल का जबाब था जो  एक पत्रिका के स... Read more
clicks 288 View   Vote 0 Like   3:57pm 5 May 2013 #अनुवाद
Blogger: युग मानस YUGMANAS at युग मानस YUG MA...
बाङ्ग्ला-हिंदी भाषा सेतु: पूजा गीत रवीन्द्रनाथ ठाकुर  * जीवन जखन छिल फूलेर मतोपापडि ताहार छिल शत शत। बसन्ते से हत जखन दाता  रिए दित दु-चारटि  तार पाता, तबउ जे तार बाकि रइत कत  आज बुझि तार फल धरेछे, ताइ हाते ताहार अधिक किछु नाइ। हेमन्ते तार समय हल एबे  पूर्ण करे आपनाके ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   12:08pm 26 Apr 2013 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
भूमिकापेद्दिन्टि अशोक कुमार 21 वीं शताब्दी के अत्यंत प्रखर और संभावनाशील तेलुगु कहानीकार हैं. उन्हें ज़मीन से जुड़े ऐसे लेखक के रूप में पहचाना जाता है जिसे आंध्रप्रदेश, विशेष रूप से तेलंगाना अंचल की समस्याओं और सरोकारों की गहरी पहचान है. विभिन्न भाषाओं में अनूदित और ... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   4:26pm 24 Jan 2013 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ उवाच...
मूल तेलुगु कविता – शिखामणि हिंदी अनुवाद – ऋषभ देव शर्मा  उसका कोई गाँव नहीं था, बस झोंपडपट्टी थी उसका कोई नाम नहीं था, केवल जाति हुआ करती थी कोई सुख नहीं था उसके हिस्से, बस मेहनत थी वह हमारी बुआ थी – तुम उसकी कहानी सुनोगे ?बुआ कोई आम औरत नहीं थी; पपीते के पेड़ सा लंबा–ऊंचा क... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   8:52pm 31 Dec 2012 #अनुवाद
Blogger: sidheshwer at कर्मनाशा...
इस संसार के भीतर ही एक और संसार भी है - आभासी संसार। यह जितना कुछ बाहर है उतना ही भीतर भी। हमारे  संसार में संचार के साधनों की  निर्मिति , व्याप्ति और प्रयुक्ति  का दाय कितना है ; यह विमर्श का विषय हो सकता है किन्तु  हमारे जीवन में वह कैसा है यह लगभग सब देख रहे हैं। न केवल देख ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   5:45am 10 Nov 2012 #अनुवाद
Blogger: Manik Ji at अपनी माटी डॉट...
प्रेमचंद गांधी,जयपुर हिन्दीजगत के युवा रचनाकारों की जमात में अच्छा खासा नाम रखते है। देश की तमाम पत्र-पत्रिकाओं में छप चुके हैं.इनका एक ब्लॉग है। प्रेम का दरिया  साथ ही फेसबुकी विमर्श में पूरी सक्रियता  'कुरजां' पत्रिका के सम्पादक हैं. मूल रूप से कवि है। क... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   3:38am 23 Oct 2012 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ की कविताए...
  प्रेम बना रहे / ऋषभ देव शर्मा अकादमिक प्रतिभा, नई दिल्ली - 100 0592012./   250/=आईएसबीएन : 978-93-80042-59-6.प्राप्ति स्थान - डॉ. ऋषभ देव शर्मा, 208 - ए, सिद्धार्थ अपार्टमेंट्स, गणेश नगर, रामंतापुर, हैदराबाद - 500 013 . फोन :  +91 8121435033. प्रिये चारुशीले ('प्रिये चारुशीले' का तेलुगु अनुवाद )हिंदी मूल - डॉ. ऋषभ... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   8:53pm 19 Oct 2012 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ की कविताए...
 मळ्ळीजन्मिंचा('पुनर्जन्म' का तेलुगु अनुवाद )हिंदी मूल - डॉ. ऋषभ देव शर्मा       *            तेलुगु अनुवाद - डॉ. भागवतुल हेमलताమళ్ళీజన్మించాజరిగిన ఈనాటి ఘటన -సముచిత మనిపించింది  प्रेम बना रहे / ऋषभ देव शर्मा अकादमिक प्रतिभा, नई दिल्ली - 100 0592012./   250/=आईएसबीएन : 978-93-80042-59-6.प्राप्ति स... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   8:29pm 19 Oct 2012 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ की कविताए...
असमंजसं ('असमंजस' का तेलुगु अनुवाद )हिंदी मूल - डॉ. ऋषभ देव शर्मा       *            तेलुगु अनुवाद - डॉ. भागवतुल हेमलताఅసమంజసం   ఇంకొన్ని  ఘడియలు ఆగవా అని రాత్రి తో నే పట్టుపట్టానిమసమైనానిలవకుండా ఆగమన్నా ఆగకుండా   प्रेम बना रहे / ऋषभ देव शर्मा अकादमिक प्रतिभा, नई दिल्ली - 100... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   8:15pm 19 Oct 2012 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ की कविताए...
स्पर्श ('स्पर्श' का तेलुगु अनुवाद )हिंदी मूल - डॉ. ऋषभ देव शर्मा       *            तेलुगु अनुवाद - डॉ. भागवतुल हेमलताస్పర్శ స్పృశించను నిన్ను నేనుమరల మరల మోదం గా ఆ స్పర్శలో నీవెంతోపులకించావనుకున్నాఇంతలోనే పరికించానీ రోషపు రోషాగ్నిని ఆ అనలపు వెలుతురులోఅగుపించిన ఆనవా... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   8:03pm 19 Oct 2012 #अनुवाद
Blogger: ऋषभ देव शर्मा at ऋषभ की कविताए...
आश्चर्य('अवाक्' का तेलुगु अनुवाद )हिंदी मूल - डॉ. ऋषभ देव शर्मा * तेलुगु अनुवाद - डॉ. भागवतुल हेमलताఆశ్చర్యం (अवाक्) కొంచం నీవిచటి కేగి - నా దగ్గర కూఛుంటేమదిలో దాగిన మాటలు - మనసు విప్పి చెప్పాలిగజిబిజి గందరగోళం - నిండిన లోకుల గొంతులుఆకర్ణించావు కదా -ఆత్రమతి శయించగా... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   7:50pm 19 Oct 2012 #अनुवाद
Blogger: sidheshwer at कर्मनाशा...
इस पटल पर विश्व कविता के अनुवादों की  सतत साझी प्रस्तुति के क्रम में आज प्रस्तुत है सीरियाई कवि           ,चित्रकार ,संपादक  नाज़ीह अबू अफा  (१९४ ६) की यह छोटी - सी  कविता।  कवि का पहला संग्रह १९६८ में आया था   और अब तक उनके तेरह कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं  जिनमें ' द मेमो... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   4:27am 16 Oct 2012 #अनुवाद
Blogger: sidheshwer at कर्मनाशा...
विश्व कविता के अनुवादों  के अध्ययन और अभिव्यक्ति की साझेदारी  के क्रम में  इस ठिकाने पर पिछली पोस्ट के रूप में स्लोवेनियाई कवि बार्बरा कोरुन ( १९६३ ) की दो कवितायें 'चुंबन' और 'गर्मियों की काली रात में' साझा की थी। आज इसी क्रम में प्रस्तुत है बार्बरा की एक और कविता ज... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   3:12am 10 Oct 2012 #अनुवाद
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