POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Tag: talks

Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
पुरानी चारपाई को वनवास देना पड़ा। इसमें केवल उसकी पुरानी बुनाई को समाप्त किया गया। लकड़ी से बना फ्रेम सही सलामत था, इसलिए उसका इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी। पिताजी ने बताया कि चार पाहे, दो लंबे और दो छोटे बांस से बना यह फ्रेम अभी बरसों तक किसी खतरे में नहीं।  सब... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   1:16pm 2 Jul 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
खेत में लगा एक आम का पेड़ हर साल बहुत आम पैदा करता है। इस बार मौसम खराब नहीं हुआ इसलिए आम गिरे नहीं। लंगड़ा जाति का यह पेड़ कई सालों से हमें स्वादिष्ट फल उपलब्ध करा रहा है। दूसरे आम के पेड़ से हमें इतना लगाव नहीं क्योंकि वे बाग का हिस्सा हैं। यह इकलौता है और हमारा चहेता बन ... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   4:21pm 29 Jun 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
तू काली है। मीठी बोली वाली है। जीवन में मिठास तू ही घोल रही है। तेरा चहकना कितना भाता है। कहां गयी तू कोयल रानी। तुझे ढूंढ रहा है मेरा मन। दिशा-दिशा तलाश रही मेरी आंखें। नजर नहीं आती तेरी एक झलक भी। ऐसा क्यों? कहां गयी तू?बादलों को आते-जाते देखा मैंने। फिर सूरज को इठलाते ह... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   2:13pm 27 Jun 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
पिता की परिवार में भूमिका महत्वपूर्ण है। घर का वित्तीय मुखिया वही है। बच्चों के लिए वह प्रेरणा है। श्रम, तपस्या और संघर्ष की प्रेरणा बच्चों को पिता से मिलती है। उसके निर्णयों पर घर ही दशा-दिशा निर्भर होती है। वह परिवार का नेता होता है। परिवार के लिए वह अहम मामलों में फै... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   12:28pm 15 Jun 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
मुझे अपने पापा बहुत अच्छे लगते हैं। वे मेरा बहुत ख्याल रखते हैं। मुझे उनके साथ लुका-छुपी खेलने में बहुत मजा आता है। जब मम्मी मुझे डांटती हैं, तो वे मुझे अपने पास बुलाकर पुचकारते हैं।मैं अपने पापा को बहुत प्यार करता हूं। हर संडे को उनके साथ खूब मस्ती करता हूं। उस दिन हम ड... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   12:22pm 15 Jun 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
फिल्मों का संगीत हर बार नये अंदाज में हमारे सामने होता है। जब आशिकी-2 का संगीत आया तो लोग फिर से सुरों में बह गये। अरिजित सि... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   8:11am 4 Jun 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
हाल में किसी जाननेवाले का जन्मदिन था। वहां काफी चहल पहल थी। छोटे बच्चे खूब हंगामा कर रहे थे। उनकी शैतानियां जारी थीं। उê... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   7:27am 3 Jun 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
अंगूर की बेल पर आजकल अंगूरों की संख्या कम हो गयी। हमनें बेल की समय पर कटाई-छंटाई नहीं की। किसी ने बताया था कि अंगूर की बेल क... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   9:20am 28 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
मेरी बहन को जब यह पता चला तो उसने अंकिता को समझाया कि बाहर बरसात का पानी अभी सूखा नहीं है। कहीं फिसल मत जाना। मैंने अपनी बहन की बात पर कोई गौर नहीं किया...मुझे उस दिन का काफी अफसोस है। मैं दुखी भी हूं। मुझे अपनी बहन की बात मान लेनी चाहिये थी। कह तो वह ठीक रही थी, लेकिन अंकि... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   6:27am 27 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
एक आहट हुई है। कहीं कुछ टपका है। शायद कुछ टूटकर बिखरा है। हां, बूंद है वह। बूंद गिरी है धरती पर, बिखरकर, टूटकर। एक-एक कण को बा... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   3:18pm 23 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
गूगल ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि वह बेहतर क्यों है? गूगल अपने कर्मचारियों को सबसे ज्यादा सुविधायें देने वाली कं... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   11:42am 23 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
जिंदगी की रोशनाई कई बार लगता है फीकी पढ़ गयी है। रूठी बातों का भी कोई शिकवा नहीं। कुछ अपनेपन को हमने सिमेटा था उसके लिये। वह चुपचाप रही। हम भी न बोले। यह जिंदगीकी रूह का नमूना था। अब हाथ थामने कोई नहीं आता।मेरी पलकों में नमीं कहां से उतर आयी। यह भी वह बता गयी। था उसके लिय... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   4:40am 19 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
अंधविश्वास महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है। टोने-टोटके करने वालों के यहां आपको महिलायें ही अधिक संख्या में मिलेंगी। ऐसा लगता है जैसे ये चीजें सिर्फ उन्हीं के लिए बनी हैं। देवी-देवता और आस्था से जुड़े कर्मकाण्डों में महिलाओं की भागीदारी हमेशा अधिक रही है। इससे लगता... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   5:40am 18 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
माता-पिता के पास बच्चों को लेकर कई तरह की चिंतायें हैं। बच्चे पढ़ते नहीं, उद्दंड होते जा रहे हैं, बगैरह, बगैरह। देखने में आया है कि कई माता-पिता इस कारण बीमार भी रहने लगे हैं। उनकी सेहत उनका साथ नहीं दे रही। रात में चैन ही नींद नहीं आती। दिमाग में बच्चे के बारे में विचार घूम... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   5:33am 18 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
 मैं कल्पना की दुनिया में कभी-कभी जीता हूं। मैं हर उस व्यक्ति की तरह सोचता हूं जो यहां रहता है। यह बात अलग है कि हमारी सोच हर परस्थिति के मुताबिक बदलती है और हम उसे होने से रोक भी नहीं सकते। लोग कहते हैं कि कल्पनायें अद्भुत होती हैं। मैं मानता हूं उनमें एक अलग तरह का बहा... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   1:52pm 16 May 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
मैं हताश हूं। क्रोध की भावना है तो सही लेकिन वह मेरे भावों के साथ सामंजस्य बैठा नहीं पा रही। यह उलझन भरी स्थिति जरुर मालूम पड़ती है लेकिन इसमें कोहरे की गुंजाइश कहीं-कहीं दिखाई पड़ रही है।  बहुत सोच में डूबने के बाद भी कुछ विशेष तय होता हुआ नहीं मालूम होता। यह हमें इस ब... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   12:06pm 5 Apr 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
  शुक्रवार के दिन सरदी बहुत थी। रास्ते में मानो हाड कंपा देने वाली ठंड थी। मेरे एक साथी को ठिठुरन के कारण बुरी तरह जुकाम हो गया। किसी ने मफलर लपेट कर खुद को बचाया। कपड़ों पर कपड़े पहनकर वजन में किसी ने किलो-भर इजाफा किया। किसी का कोट मुझे इतना भाया कि मैं उस इंसान को ही... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   6:01am 5 Jan 2014 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
मुझे समझ नहीं आ रहा कि मच्छरों को कैसे भगाया जाये। सारे जतन किये, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। हम इंसानों का जिंदगी भर में लीटरों खून पी जाते हैं ये मच्छर। इनका खून करने में हमें कोई हैरत नहीं होती। जब मौका मिलता है, मसल देते हैं।एक किताब पढ़ते हुए कल ही कुछ मच्छरों ने मुझे ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   5:22pm 24 Jul 2013 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
लोग इसलिए परेशान हैं क्योंकि उनके बाल गिर रहे हैं या वे कम होते जा रहे हैं। हमारे यहां के एक नेता ने अपना सिर ही मुंडवा दिया। उनका तर्क था कि मोदी के विरोध में यह किया गया है। उनसे किसी ने यह नहीं पूछा कि आज तो मोदी का विरोध है, कल अगर सिर मुंडाते ही ओले पड़ेंगे तो क्या करे... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   12:56pm 20 Jul 2013 #talks
Blogger: harminder singh at वृद्धग्राम...
गजरौला का मौसम बदलता जा रहा है। बादल छंटने का नाम नहीं ले रहे। जब मौका मिल जाता है बरसने लगते हैं। कई दिन से ऐसा हो रहा है। नमी और सीलन ने परेशान कर दिया है। मेरी लगभग सभी किताबों के पन्ने नमी के शिकार हो रहे हैं। कपड़ों को सुखाने के लिए भी यहां के लोग जद्दोजहद कर रहे हैं।... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   3:52pm 19 Jul 2013 #talks
[Prev Page] [Next Page]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3997) कुल पोस्ट (196165)