POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN
clicks 14 View   Vote 0 Like   3:44am 2 Aug 2019   Catogery:   
Blogger: dinesh chandra gupta ravikar at रविकर की कुण्...
काया महकाई सतत, लेकिन हृदय मलीन।चहकाई वाणी विकट, प्राणी बुद्धिविहीन।प्राणी बुद्धिविहीन, भरी है हीन भावना।खिसकी जाय जमीन, न करता किन्तु सामना।पाकर उच्चस्थान, गर्व रविकर भर आया।सर्वेसर्वा मान, नित्य सबको हड़काया।।काया अजगर सी पड़ी, काम-काज सब छोड़।भरा गले तक पुल-सड़क, नि...
 
Read this post on रविकर की कुण्

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3994) कुल पोस्ट (195649)