POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN
clicks 490 View   Vote 1 Like   8:25am 21 Jul 2012   Catogery: गुरुशरण सिंह  
Blogger: दिनेशराय द्विवेदी at अभिव्यक्ति...
वीरेन्द्र आस्तिक के दो गीतकूटाशीषबहरों के इस सभागार मेंकहने की आजादीइसका सीधा अर्थ यही है -शब्दों की बरबादीआओ! बोलो वहाँ, जहाँशब्दों को प्राण मिलेपोथी को नव अर्थों मेंपढ़ने की आँख मिलेबोलो आम-जनों की भाषाख़ास न कोई बाकीतोड़ो वह भाषा, जिससेलोक मूक हो जातेउठते हुए मस्...
 
Read this post on अभिव्यक्ति

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3993) कुल पोस्ट (195249)