POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN
clicks 150 View   Vote 0 Like   2:11am 3 Oct 2013   Catogery: प्रेम  
Blogger: kamal k. jain at मंतव्य...
गाँधी, तुम थे ये मानना ज़रा दुष्कर हो चला है मेरे लिएआजकल कौन किसी के कहने से यूँ सब कुछ छोड़ छाड़ कर चल देता हैअब कौन किसी के थप्पड़ मरने पर अपना दूसरा गाल भी आगे कर देता हैबापू! अब कहा केवल अहिंसा के दम पर दुश्मनों को शिकस्त दे पाना मुमकिन हैअब कहा तुम सा समर्पण और धैर्य ला पा...
 
Read this post on मंतव्य

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4001) कुल पोस्ट (191778)