POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN
clicks 2 View   Vote 0 Like   1:12am 2 Jun 2020   Catogery: गीत  
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
--महक लुटाते कानन पावन नहीं रहेगोबर लिपे हुए घर-आँगन नहीं रहे--आज आदमी में मानवता सुप्त हुईगौशालाएँ भी नगरों से लुप्त हुई दाग लगे हैं आज चमन के दामन मेंवैद्यराज सा नीम नहीं है आँगन मेंताल और लय मनभावन नहीं रहेगोबर लिपे हुए घर-आँगन नहीं रहे--यौवन आने से पहले सूखी डालीलुटी-...
 
Read this post on उच्चारण

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3954) कुल पोस्ट (193579)