Blogger: माधवी रंजना at DAANAPAANI...
एक सैलानी की नजर से भले हमें कुर्ग का सुंदर लगा हो पर स्थानीय लोगों की माने तो कुर्ग का मौसम काफी बदल रहा है। कुछ साल पहले कुर्ग का तापमान 26 डिग्री के आसपास रहता था। पर अब मई में अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक चला जाता है। सैलानियों की बढ़ती आमद, बढ़ते कंक्रीट के जंगल और जलवायु ...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   12:00am 19 Nov 2018
Blogger: vedprakash srivastav at गोण्डा लाइव न...
रिर्पोट-आर तिवारीगोण्डा। जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र में लापरवाही या अन्देखा  रेलवे लाइन पार करते समय हुआ घायल  इलाज के लिए ले जाते समय हुयी मौत परिजनो मे मचाकोहराम। कोतवाली देहात अन्तर्गत गोन्डा गोरखपुर रेलवे लाइन सोनी गुमटी बरूवा चक्र के बीच आज दिन मे 11 बजे ...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   8:04pm 18 Nov 2018
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी at palash "पलाश"...
सलिल और अनीता की शादी को करीब आठ साल हो चुके थे किन्तु आंगन आज तक सूना था, कोई ऐसा डॉक्टर नही बचा था जिन्हे दिखाया न गया हो, कोई ऐसा मन्दिर नही था जहाँ मन्नत न मांगी गयी हो। जब सभी आशाओं ने दम तोड दिया तब दम्पति ने एक बच्चा गोद देने का निश्चय किया। आज इसी उद्देश्य से दोनो अपन...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   7:55pm 18 Nov 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
शीतल धरा और शीतल गगन हैकड़ाके की सरदी में, ठिठुरा बदन हैउड़ाते हैं आँचल, हवा के झकोरे,काँटों की गोदी में, पलता सुमन हैमिली गन्ध मधु की, चले आये भँवरेहँसे फूल-कलियाँ, महकता चमन हैपरेशान नदियाँ है, नालों के डर से.बिना जल के होता नहीं आचमन हैभरी “रूप” में आज कितनी मिलावटखुश ...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   11:48am 18 Nov 2018
Blogger: प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
दो पड़ोसी देशों के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम ने भारत का ध्यान खींचा है। एक है मालदीव और दूसरा श्रीलंका। शनिवार को मालदीव में नव निर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए। दक्षिण एशिया की राजनयिक पृ...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   7:29am 18 Nov 2018
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
कल शाम दफ्तर से लौट कर हेयर कटिंग करवाने चला गया. पहले से फोन पर एप से रिजर्वेशन करा लिया था तो तुरंत ही नम्बर आ गया. दिन भर दफ्तर की थकान, फिर लौटते वक्त ट्रेन में भी कुछ ज्यादा भीड़ और उस पर से बरफ भी गिर रही थी तो मोटा भारी जैकेट. जैकेट उतार कर जरा आराम मिला नाई की कुर्सी पर ...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   7:22am 18 Nov 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
मित्रों! रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।    देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- संस्मरण   ‘‘बाबा नागार्जुन’’     उच्चारण  -- कुछ नहीं हो सकता है  एक पक चुकी सोच का   किसी कच्ची मिट्टी को   लपेटिये जनाब  उलूक टाइम्स पर  सुशील कुमार जोश...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   3:00am 18 Nov 2018
Blogger: pratibha kushwaha at ठिकाना ...
हिन्दू पौराणिक कथाओं में स्त्रियों के सौभाग्य का सूचक सिंदूर के बारे में ऐसी कई तरह की कथाएं प्रचलित हैं। जिनके माध्यम इस बात को स्थापित करने की कोशिश की जाती है कि सौभाग्य यानी पति की लंबी आयु के लिए सिंदूर क्यों धारण किया जाता है। सिंदूर का संदर्भ केवल शादीशुदा महिल...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   10:52pm 17 Nov 2018
Blogger: Janta News at Janta News...
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर को मोहल्ला क्लिनिक देखने के लिए बुलाया था, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया था। पर उसके बाद कई दिनों तक समय मांगने के बावजूद अभी तक मनोहर खट्टर अभी तक समय नहीं दे पाए हैं। इसके बीच दिल्ली के म...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   8:54pm 17 Nov 2018
Blogger: Deepak Kumar Bhanre at .मेरी अभिव्यक...
आओ संभाल  लें  रिश्तों को दरकने से पहले ,करें एक पहल नजरों में खटकने से पहले। माना कि कुछ अनबन हो गई हो कभी ,कुछ अपने रुसवा  हो  गये हो तभी ,करें एक पहल फासले  मिटायें ,आओ रूठे हुये अपनों  को मनायें।गर  दोस्तों से बहुत दिनों से न हो मिलेजीवन की उलझनों में अब तक रह...
clicks 13 View   Vote 0 Vote   2:42pm 17 Nov 2018
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
लौट जाऊँगी...   *******   कब कहाँ खो आई ख़ुद को   कब से तलाश रही हूँ ख़ुद को   बात-बात पर कभी रूठती थी   अब रूठूँ तो मनाएगा कौन   बार-बार पुकारेगा कौन   माँ की पुकार में दुलार का नाम   अब भी आँखों में ला देता नमी   ठहर गई है मन में कुछ कमी,   अब तो यूँ जैसे ...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   12:23am 17 Nov 2018
Blogger: krishnakant at बोल कि लब आजा...
प्रेमचंद यूरोपीय राष्ट्रवाद की आलोचना के साथ ऐसे राष्ट्रवाद की कल्पना करते थे जिसमें किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए जगह हो. 'सांप्रदायिकता सरकार का सबसे बड़ा अस्त्र है और वह आखिर दम तक इस हथियार को हाथ से न छोड़ेगी.'प्रेमचंद यह पंक्ति उस अंग्रेजी शासन के लिए जब लि...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   10:02pm 16 Nov 2018
Blogger: noopuram at नमस्ते namaste ...
कविता तो वो हैजो झकझोर करजगा दे ।कविता तो वो हैजो अपना मंतर चला दे ।कविता तो वो हैजो थपकी देकरसुला दे ।कविता तो वो हैजो जीवन को मधुररागिनी बना दे ।कविता तो वो हैजो पाषाण मेंप्राण प्रतिष्ठा कर दे ।नव ग्रह चाँद सितारेआकाश से टूटते तारेसबसे मित्रता करा दे ।कविता तो वो है...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   9:50pm 16 Nov 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at आपका ब्लॉग...
एक ग़ज़ल :वक़्त सब एक सा  नहीं होतारंज-ओ-ग़म देरपा नहीं होताआदमी है,गुनाह  लाज़िम हैआदमी तो ख़ुदा  नहीं  होताएक ही रास्ते से जाना  हैऔर फिर लौटना नहीं होताकिस ज़माने की बात करते होकौन अब बेवफ़ा नहीं  होता ?हुक्म-ए-ज़ाहिद पे बात क्या करिएइश्क़ क्या है - पता नहीं  होतालाख मा...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   6:01pm 16 Nov 2018
Blogger: राकेश कुमार श्रीवास्तव at RAKESH KI RACHANAY...
#corner-to-corner { height:100%; border:5px SOLID Green ; padding:30px; background: #F8ECC2 ; (भाग – 9) श्री केदारनाथ धाम की यात्रा -2आपने अभी तक “आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 1)यात्रा पूर्व”, “आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 2) यात्रा पूर्व”, आओ छोटा चार धाम यात्रा पर चलें – (भाग – 3)  हरिद्वार (प्रथम पड़ाव ए...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   9:18am 16 Nov 2018
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
लम्बी उम्र सब चाहते हैं पर बृढ़ा होना कोई नहीं चाहता है यौवन गुलाबी फूलों का सेहरा तो बुढ़ापा कांटों का ताज होता है छोटी उम्र या कोरे कागज पर कोई भी छाप छोड़ी जा सकती है युवा के पास ज्ञान तो वृद्ध के पास सामर्थ्य की कमी रहती है बूढ़ा भालू धीमें-धीमें करके ही नाचना सीख पाता है...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   8:00am 16 Nov 2018
Blogger: akhtar khan akela at आपका-अख्तर खा...
(और हमने इसीलिए ढारस दी) ताकि वह (हमारे वायदे का) यक़ीन रखे (10)और मूसा की माँ ने (दरिया में डालते वक़्त) उनकी बहन (कुलसूम) से कहा कि तुम इसके पीछे पीछे (अलग) चली जाओ तो वह मूसा को दूर से देखती रही और उन लोगो को उसकी ख़बर भी न हुयी (11)और हमने मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के दूध) को हरा...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   7:03am 16 Nov 2018
Blogger: माधवी रंजना at ........लालकिला...
आज पत्रकारिता में महिलाएं अपनी मेहनत के बल पर मुकाम हासिल कर रही हैं। जिन महिलाओं ने सतत संघर्ष का रास्ता चुना है उन्हें पहचान मिली है। मीटू कंपेन और कार्य स्थल पर शोषण की चर्चाओं के बीच हालात इतने निराशाजनक नहीं है जितने कि सुनने में आ  रहे हैं। कुछ इस तरह के विचार छन...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   12:00am 16 Nov 2018
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