Blogger: akhtar khan akela at आपका-अख्तर खा...
ख्वाबों के शहर से अब कहाँ रास्ता मेरा ..... एक उम्र हो गई, अब नींद से कहाँ वास्ता मेरा ।।थोड़ी तकलीफ़ , थोड़ा गम, थोड़ी परेशानियाँ है बाकी सब ठीक है ....चंद मुश्किलें , थोड़ी उलझन , थोड़ी बेचैनियाँ है बाकी सब ठीक है .....जी रहे हैं हम , या यूँ की , रस्म अदायगी समझो कुछ अड़चने , थोड़ी कठिनाइयाँ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   7:09am 24 Jan 2019
Blogger: Krishna Kumar Yadav at डाकिया डाक ला...
भारतीय डाक विभाग द्वारा मेथोडिस्ट गर्ल्स इन्टर कालेज में 5 से 7 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय मण्डल स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी अवधपेक्स – 2019 का 7 जनवरी का समापन समारोहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र कर्नल र...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   1:06am 24 Jan 2019
Blogger: माधवी रंजना at DAANAPAANI...
उदयपुर में तीसरे दिन हम एक बार फिर टैक्सी बुक करके सासबहु मंदिर, एकलिंगी मंदिर, नाथद्वारा और हल्दीघाटी दर्शन के लिए निकल पड़े हैं। आज हमारे ड्राईवर बदल चुके हैं। नए टैक्सी ड्राईवर का नाम जगदीश है। वे धीमी गति से सलीके से गाड़ी चला रहे हैं। शहर से बाहर निकलते ही सबसे पहल...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   12:00am 24 Jan 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
आज के चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है नेताजी की १२२ वीं जयंती राम आ रहे याद यूँही नीम-जान छोड़ गया उदासियों का इतना ख़ूबसूरत घर कहीं भी और नहीं याद का दोना बार डांसर की रोज़ी से सरकार को क्या ? तकलीफ ज़िन्दगी है आराम मौत है तुम   अपने घर जलाए लोगों ने करके नफ़रत कवच - पाठक...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   8:11pm 23 Jan 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
नहीं रहा अब आचरण, लोग हुए अपवित्र।पाश्चात्य परिवेश में, दूषित हुआ चरित्र।।बदलीं सारी नीतियाँ, बदले सभी रिवाज।खान-पान में शुद्धता, नहीं रही है आज।।तन पर उजले वस्त्र हैं, मन में पसरा पाप। महज दिखावे के लिए, होते पूजा-जाप।।बगुलों ने जब हंस का, रूप लिया हो धार।लोकतन्त्र क...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   2:00pm 23 Jan 2019
Blogger: shalini kaushik at ! कौशल !...
दरिया-ए-जिंदगी की मंजिल मौत है ,आगाज़-ए-जिंदगी की तकमील मौत है ................................................................बाजीगरी इन्सां करे या कर ले बंदगी ,मुक़र्रर वक़्त पर मौजूद मौत है ..................................................................बेवफा है जिंदगी न करना मौहब्बत ,रफ्ता-रफ्ता ज़हर का अंजाम मौत है ...................................................................
clicks 5 View   Vote 0 Vote   11:11am 23 Jan 2019
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      एक लेखक के रूप में मेरी अधिकांश जीविका दुःख की समस्या को संबोधित करने में व्यतीत हुई है। मैं बारंबार लौट कर उन्हीं प्रश्नों पर आ जाता हूँ, मानो एक ऐसे घाव को कुरेदता रहता हूँ जो कभी भरने का नहीं। मुझे अपने पाठकों की प्रतिक्रियाएं प्राप्त होती हैं, और उनकी दु...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   8:45pm 22 Jan 2019
Blogger: rewa tibrewal at प्यार ...
तुम्हें ये महज़ बातें लगती हैं मुझे एहसास तुम्हें ये बरसात नज़र आती है मुझे मिट्टी की खुश्बूतुम्हें सिर्फ़ आँखें नज़र आती हैं मुझे उनमें घुलते जज़्बात तुम्हें एक ख़याल छू कर चला जाता है मुझे रेशमी याद तुम्हें ज़रूरत समझ आती है मुझे इश्क़ तुम्हें लॉजिक चाहिए मुझे प्यार और ख...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   7:51pm 22 Jan 2019
Blogger: रश्मि at रूप-अरूप...
आज फि‍र पूर्णिमा है....जाने इन दि‍नों चांद का मुझसे कैसा नाता हो गया है...मैं समुद्र तो नहीं....मगर चांद रातों में ज्‍वार उठता है मेरे अंदर...सब उथल-पुथल।पौष पूर्णिमा को सूर्य और चंद्रमा के संगम का दि‍न माना जाता है न...मगर मन का संगम न हो तो कुछ भी नहीं....। कल से महीना बदल जाएगा औ...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   9:54pm 21 Jan 2019
Blogger: noopuram at नमस्ते namaste ...
सूरज सुबह सुबहचढ़ करजा बैठा हैआकाश की मुंडेर पर ।रात की ओस से भीजे बादलडाल दिए हैं अलगनी परएक तरफ़सूखने के लिए ।पंछी निकले हैंप्रभात फेरी के लिए ।किरणों की वंदनवारझिलमिला रही है,धरती के इस छोर सेउस छोर तक ।हर रोज़ की तरहज़िंदगी ने खोल दी हैअपनी दुकान ।मेहनत करोऔर जीतोस...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   7:17pm 21 Jan 2019
Blogger: Niranjan at Reflection of thoughts . . ....
१: ए दिल है मुश्किल जीना यहाँ, जरा हट के जरा बच के ये है बम्बे मॅरेथॉन!!  नमस्ते! कल २० जनवरी को मुंबई में मैने मेरी पहली मॅरेथॉन की| ४२ किलोमीटर दौडने के लिए ५ घण्टे १४ मिनट लगे| बहुत अद्भुत अनुभव रहा! बहुत रोमांचक और विलक्षण माहौल था| इस अनुभव के बारे में और मेरी भाग- दौड क...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   3:28pm 21 Jan 2019
Blogger: देवेन्द्र पाण्डेय at बेचैन आत्मा...
हमारे देश मे दरवाजा बंद करना कभी सुहागरात की निशानी होती थी, अब स्वच्छता अभियान की पहचान है। इसके लिए आदरणीय अमित सर और दूरदर्शन के शुक्रगुजार हैं। खाना खाते समय टी वी खोलकर दूरदर्शन का समाचार देखने वालों के सामने कभी-कभी बड़ी असहज स्थिति आ जाती है। इधर एक कौर मुँह में ड...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   12:56pm 21 Jan 2019
Blogger: प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
क्या दिल्ली और पंजाब में 'आप'का अस्तित्व दाँव पर है?- नज़रियाप्रमोद जोशी वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिएपिछले लोकसभा चुनाव के ठीक पहले देश की राजनीति में नरेन्द्र मोदी के 'भव्य-भारत की कहानी'और उसके समांतर आम आदमी पार्टी 'नई राजनीति के स्वप्न'लेकर सामने आई थी.दोनों ...
clicks 11 View   Vote 0 Vote   12:03pm 21 Jan 2019
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे ......
कौनहूँमैंआँखोंमेंपट्टीलपेटेदूरतकगहरादेखनेकीक्षमतासेविकसितश्वेतधवलपाषाणकायामें सत्यकीतराजूथामेझूठकेग्रुत्वाकर्षणसेमुक्तस्थित्प्रग्य, संवेदनासेपरे  गरिमामयवैभवशालीव्यक्तित्व लिए यादआयाकौनहूँ ... ?सुनाहैकभीदुधारी तलवार हुवाकरतीथीचलतीथीइतना...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   9:35am 21 Jan 2019
Blogger: devendra chandrakar at Tourist Places in Chhattisgarh...
Kotumsar Gufa Kanker Ghati National Park Jagdalpur - Chhattisgarh Kotumsar Caveरहस्यों की धरती- कुटुमसर गुफा (जगदलपुर) बस्तरकांगेर घाटि मे स्थित है। एक खौफनाक गुफा जिसे गोपंसर गुफा (कुटुमसर गुफा) कहा जाता है। साक्षो कि मानो तो इस गुफा में आदि मानव निवास करते थे एक शोध मे यह साबित भी हो गया है कि करोडो वर्ष पुर्व प्राग...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   7:34am 21 Jan 2019
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
मकर संक्रांति के नाम सुनते ही खिचड़ी की याद आ जाती है. यूँ तो बचपन में जब बीमार पड़ते थे तब भी खिचड़ी ही खाने को मिलती थी. बुरा बीमार होने से ज्यादा इस बात का लगता था कि बाकि के सारे लोग तो घर में पराठा सब्जी और पुलाव दबा रहे हैं और हमको खिचड़ी मिल रही है. अपने दुख से ज्यादा दूसरे ...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   11:21am 20 Jan 2019
Blogger: sunny kumar at Life iz Amazing...
जब जरूरत हो तब सब यार होते है, और जब जरूरत न हो तब पलटवार होते है, यकीन जानिए और इनको सुनना बन्द कीजिये, है ये भी गद्दार जो चुनाव में ही आपके हमदर्द होते है… कल तक सिद्धू-शत्रु कांग्रेस की बजाते थे, कि कल तक साईकल को हाथी फूटी आँख न भाते थे, पर आज भय है कालेधन की तरह ख़ारिज हो ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   11:09am 20 Jan 2019
Blogger: ajay kumar jha at खबरों की खबर...
#खड़ीखबर :70 साल के बाद भारत आज खतरे में है : फारुख अब्दुल्ला :सत्तर सत्तर छेद कर दिए हैं पैलेट गन से फौजियों ने ,हमारे पिछवाड़े#खड़ीखबर: अगर मोदी शाह की जोड़ी चुनाव जीत गई तो ये संविधान बदल देंगे :केजरीवाल मुझे भी इन्होंने बदल दिया दोस्तों मेरी खाँसी और मफलर दोनों हटा दिए#खड़...
clicks 13 View   Vote 0 Vote   10:50am 20 Jan 2019
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
फ़रिश्ता      *******   सुनती हूँ कि कोई फ़रिश्ता है   जो सब का हाल जानता है   पर मेरा?   ना-ना मेरा नहीं है वह   मुझे नहीं जानता वह   पर तुम?   तुम मुझे जानते हो   जीने का हौसला देते हो   जाने किस जन्म में तुम मेरे कौन थे   जो अब मेरे फ़रिश्ता हो!   - ज...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   12:15am 20 Jan 2019
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