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Blog: नमस्ते namaste

Blogger: noopuram
जब तक होश है। रग-रग में जोश है। जिगर में जोश के बुलबुले नहीं ,जोश के जुगनू भी नहीं जो पलक झपकने तक ही मौजूद रहें। ये जो कौंधता है मेरे वजूद में ,बिजली की तरह  . . ये बरसों की तपस्या है। ठोकर खा-खा कर जो संभला है,आग में तप कर जो निखरा है,वो फ़ौलादी हौसला है। य... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   6:24pm 27 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
वक़्त पर मत चूकना इतना तैयार रहना ।करना निरंतर अभ्यासदिन-रात लक्ष्य साधना ।समय पर देती है साथकेवल अपनी साधना ।कर्म पर करना विश्वाससत्कर्म से स्वधर्म साधना ।वक़्त पर मत चूकना ।इतना तैयार रहना ।... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   5:58pm 18 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
आई वसंत ऋतु की बहारपहन पीली सरसों के फूललय में बह रही शीतल बयारधीरे धीरे बहे नदिया की धारकोयलिया करे मीठी मनुहारक्यारी में झूमे फूलों की कतारउल्लास ही सबसे सुंदर श्रृंगारमौसम में मानो घुल गया प्यार... Read more
clicks 40 View   Vote 0 Like   9:41am 11 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
सरस्वती माँ ।वरद हस्त शीश पर रख दो माँ ।सहस्त्र सजल नमन स्वीकार करो माँ ।वीणा के तार झंकृत किएजिस वेला आपने ।वसंत फूला जगत मेंऔर अंतर्मन में । ऐसा वर दो माँ विद्या को वरूँकिंतु अपने तक ना रखूंजितना मिले उतना बांटूं ।ऐसा वर दो माँ कला की साधना करूंपर प्रदर्शन की परिधि म... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   5:36pm 10 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
पथिक, चलते रहना तुम्हारी नियति है.पर यदा-कदा विश्राम करना.चना-चबैना जो अपनों ने साथ बांधा था,उस पाथेय से भीन्याय करना. छाँव घनी हो जिस वृक्ष की उसकी छाया में कुछ देर बैठना.अपने पाँव के छाले देखना और सहलाना.शीतल बयार की थपकी पाकर चैन की नींद सो जान... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   11:07am 7 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
चलो फिर से शुरु करते हैं जीना ।इस बार शायद आ जाएठीक से जीना ।शत-प्रतिशतमुनाफ़े का सौदानहीं है जीना ।बहुत जानोअगर सीख पाओथोड़े में बसर करना ।बहुत समझोअगर आ जाएहार कर जीतना ।बूंद-बूंदजीवन की सरसताका आनंद लेना ।पल-पलभाग्य रेखाओं मेंमेहंदी की तरह रचना ।चलो फिर से शुरु कर... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   5:50pm 5 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
जाने कहाँ सेएक रंग-बिरंगी चिड़िया छोटी-सीखिड़की पर आ बैठी ।जान ना पहचानबिन बुलाई मेहमान !पर जान पड़ीअपनी-सी ।स्वागत को हाथ बढ़ाया ही था ..कि उड़ गईफुर्र !जता गई ..आनंद की अनुभूतिहोती है क्षणिक ।हृदय के तारझंकृत कर जाती है,तरंग जो एक मधुररागिनी बन जाती है ।जिसे वही चिड़ियाकि... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   10:04am 2 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
उचट जाता है मन अक्सर जीवन की दुविधा ढ़ोते-ढ़ोते ।बार-बार सोचते-सोचतेफ़ैसले जो लिए थेबहुत सोच-समझ केक्या वास्तव में सही थे ?क्योंकि कई बार सही का मापदंडहोती है सफलता ।फिर विवेक है कहता,यही तो है सुंदरता ।हर बार संभव नहीं जीतना ।पर आ गया ना अच्छा खेलना ?... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   8:53am 2 Feb 2019 #
Blogger: noopuram
हिंदी में बस इतना ही ?और बस ऐसा ही लेखन उपलब्ध है हिंदी ब्लोग्स पर ?अंग्रेज़ी ब्लोग्स की तरफ़ देखो ! कितनी विविधता और कितने अच्छे ब्लोग्स हैं !ऐसी प्रतिक्रिया अक्सर सुनने को मिलेगी . हिंदी ब्लॉग दुनिया के बारे में. इस बात में कुछ तथ्य भी है.यह तुलना हिंदी और अंग्रेज़ी में लेख... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   6:43pm 31 Jan 2019 #
Blogger: noopuram
सूरज सुबह सुबहचढ़ करजा बैठा हैआकाश की मुंडेर पर ।रात की ओस से भीजे बादलडाल दिए हैं अलगनी परएक तरफ़सूखने के लिए ।पंछी निकले हैंप्रभात फेरी के लिए ।किरणों की वंदनवारझिलमिला रही है,धरती के इस छोर सेउस छोर तक ।हर रोज़ की तरहज़िंदगी ने खोल दी हैअपनी दुकान ।मेहनत करोऔर जीतोस... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   1:47pm 21 Jan 2019 #
Blogger: noopuram
पतंगों भरा खुला आसमानजैसन खेल का बड़ा मैदान !नटखट बच्चों-सी सरपट पतंगेंपतंगों से ऊँची उनकी उमंगें !काली पतंग आगे बढ़ीपीली झटपट लड़ मरी !सतरंगी बड़ी नकचढ़ी तिरंगी उस पर हँस पड़ी !बैंगनी इठला के उड़ीभूरी को महँगी पड़ी !गुलाबी ने पींग भरीचितकबरी झूल गयी !दूधिया सरपट दौड़ीलहरिया लो ... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   6:46am 16 Jan 2019 #
Blogger: noopuram
देर मत करना ।बार-बार नहीं देतायह जीवन मौक़ाकुछ अच्छा करने का ।समय नहीं होगाजब अवसर होगा ।जब समय होगाअवसर नहीं होगा ।ऐसे ही क्रम चलेगा ।लुकाछिपी खेलेगा और समय बीत जाएगा ।पता भी ना चलेगा ।नित नए भेस धरेगा ।पैंतरा भी बदलेगा ।भुलावे में रखेगा ।समय छलता रहेगा ।चक्रव्यूह स... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   5:40pm 28 Dec 2018 #
clicks 42 View   Vote 0 Like   6:11pm 27 Dec 2018 #
Blogger: noopuram
चिंता चिता समानहोती है ।कुंठाउससे बढ़ करघातक होती है ।वार दोनों का कभी भीखाली नही जाता ।दीमक लग जाती है,सोच की संधों में ।धीरे-धीरेनिगल जाती है विवेक ।घुनलग जाता है ।जिससे कभी उबर नहीं पाताआदमी ।सुन्न हो जाता हैअवचेतन ।निर्जीवहो जाता हैचिंतन ।इसलिएसचेत रहना मन ।... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   9:20am 27 Dec 2018 #
Blogger: noopuram
परदेस जाते बेटे नेबड़े लाढ़ से पूछा है,क्या लाऊं तुम्हारे लिए ?तुम्हें चाहिए कुछ वहां से ?बेटे ने पूछ क्या लिया ..दिमाग़ खोजी हो गया !ऐसा क्या मंगाया जाएजो तसल्ली हो जाए !याद आई वो बुढ़िया जिससे गणेशजी ने प्रसन्न होकर पूछा थामांग क्या मांगती है मैया !बुढ़िया ने जो सूझासब कुछ मा... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   5:15am 25 Dec 2018 #
Blogger: noopuram
गीता का मनन कर्म का चयन सार्थक कब होता है ?जब योगेश्वर कृष्ण से सखा अर्जुन अंतर्द्वंद व्यक्त कर प्रश्न पूछते हैं ।योद्धा अर्जुन को ज्ञात है, युद्ध का प्रयोजन न्याय का संधान ही है ।पर ह्रदय धिक्कारता है,मृत्यु का हाहाकार ही क्या परिणति और मूल्य है न्याय का ?सृष्टि के क... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   10:38am 19 Dec 2018 #
Blogger: noopuram
बित्ते भर केपीले फूल !खिड़की से झांकतेसिर हिला-हिला केअपने पास बुलाते,इतने अच्छे लगे...कमबख़्त !उठ कर जाना पड़ा !देखा आपस मेंबतिया रहे थे,राम जाने क्या !एक बार लगा येधूप के छौने हैं ।फिर लगा हरेआँचल पर पीले फूल कढ़े हैं ।या वसंत ने पीलेकर्ण फूल पहने हैं ।वाह ! क्या कहने हैं !ये फ... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   4:32pm 2 Dec 2018 #
Blogger: noopuram
आज का दिन हुआ बेहतरीन !गए हफ़्तेजो बीज बोए थे,उस मिट्टी मेंअंकुर फूटे हैंनन्हे-नन्हे ।बड़ी लगन सेसींचे थेजो कुम्हलाते पौधे,उनकी डाली पे कोमल कोपल हरी-हरीअभी देखी ।एक कली है खिली हुई,एक खिलने को है ।धूप खिली-खिलीफूलों को हँसा रही ।पत्तियां ताज़ी-ताज़ीहाथ हिलाती,अभिवादन कर... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   5:54pm 1 Dec 2018 #
Blogger: noopuram
कोरी मटकी देख करमन करता हैखड़िया-गेरू सेबेल-बूटे बना दूँ ।कोरा दुपट्टा देख करमन करता है बांधनी सेलहरिया रंग डालूँ ।खाली दीवार देख करमन करता हैरोली केथापे लगा दूँ ।कोरा कागज़ देख करमन करता हैवर्णमाला सेवंदनवार बना दूँ ।उजड़ी क्यारी में फूल खिला दूँ ।वीराने में बस्ती बस... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   3:59am 20 Nov 2018 #
Blogger: noopuram
फूल पत्तियों पर ठहरीजल की एक बूंदक्षणभंगुर है,जीवन की तरह ।पर उस एक क्षण में हीसुंदरतम है ।एक श्वास भर कीप्रांजल छवि हैअंतरतम की ।इस एक पुलकित जल छंद परन्यौछावर हैसारा जीवन ।... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   5:17pm 18 Nov 2018 #
Blogger: noopuram
कविता तो वो हैजो झकझोर करजगा दे ।कविता तो वो हैजो अपना मंतर चला दे ।कविता तो वो हैजो थपकी देकरसुला दे ।कविता तो वो हैजो जीवन को मधुररागिनी बना दे ।कविता तो वो हैजो पाषाण मेंप्राण प्रतिष्ठा कर दे ।नव ग्रह चाँद सितारेआकाश से टूटते तारेसबसे मित्रता करा दे ।कविता तो वो है... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   4:20pm 16 Nov 2018 #
Blogger: noopuram
कठिन तप करने परठाकुरजी ने प्रसन्न होकरभोले भक्त से कहा,सेवा से संतुष्ट हुआबोल तुझे चाहिए क्या ?भक्त ने अपना मन टटोलाफिर सकुचा कर प्रभु से बोलाअपने लिए कुछ मांगने का आज बिल्कुल मन नहीं ।आपने जो अनमोल जीवन दियामेरे लिए पर्याप्त है बस वही ।पर यदि देने का मन है आपकातो जो व... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   10:14am 16 Nov 2018 #
Blogger: noopuram
झोंपड़ी में बसेरा होया अमीरों की बस्ती मेंजहां भी बसता हो,हर किसी के पास आजशहद में घुलाबताशे-सा ..शरद की नरम ठंड मेंरुई के फाहों सेबादलों में दुबका..दूधिया चाँद है ।खुले आसमान की बादशाहत सबके पास है ।बेइंतेहा खूबसूरत नज़ाराअमनो-चैन की घड़ीऔर दिलों में खुशीपाकीज़ा चांदनी स... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   7:17am 28 Oct 2018 #
Blogger: noopuram
पापा मुझे बेटा मत कहिए ना ।आपकी बेटी हूँ मैं ।बेटी ही रहने दीजिए ना ।बेटी होना कम है क्या ?आपकी जीवन रागिनी कासबसे कोमल स्वर हूँ मैं ।आपके हृदय में,माँ के अनुराग कासुंदरतम स्पंदन हूँ मैं ।आप क्यों डरते हैं इतना ?मुझे कुछ नहीं होगा ।आप तो भैया से ज़्यादामुझे प्यार करते है... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   5:57pm 23 Oct 2018 #
Blogger: noopuram
कविता में जीवन की आभा है।जीवन में यदि कविता सजीव हो उठे,जीवन और कविता दोनों की शोभा है।   ... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   5:21pm 16 Oct 2018 #

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