Hamarivani.com

(VIKALP) विकल्प

इस बार कविता ----  मुझे कदम कदम पर      (मुक्तिबोध )मुझे कदम-कदम परचौराहे मिलते हैंबाँहे फैलाए !!एक पैर रखता हूँकि सौ राहें फूटतीं,व मैं उन सब पर से गुजरना चाहता हूँबहुत अच्छे लगते हैंउनके तजुर्बे और अपने सपने...सब सच्चे लगते हैं;अजीब सी अकुलाहट दिल में उभरती हैमैं कुछ...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  January 18, 2017, 3:21 pm
इस बार कविता--पूंजीवादी समाज के प्रति----------------------------------इतने प्राण, इतने हाथ, इनती बुद्धिइतना ज्ञान, संस्कृति और अंतःशुद्धिइतना दिव्य, इतना भव्य, इतनी शक्तियह सौंदर्य, वह वैचित्र्य, ईश्वर-भक्तिइतना काव्य, इतने शब्द, इतने छंद –जितना ढोंग, जितना भोग है निर्बंधइतना गूढ़, इतना ग...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  December 31, 2016, 6:46 pm
    सर एक कार्यक्रम कर रहे हैं आपका सहयोग व मार्गदर्शन चाहिए .... आप कभी भी मोबाइल पर कहें और हमेशा जवाब आता , आ जाओ घर पर । चाहे कोई भी हो, सर . यानि सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार विनोद शंकर शुक्ल हर हमेशा साहित्यिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए हर तरह के सहयोग को तत्पर रहते। उनक...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  December 10, 2016, 9:11 am
विकल्प विमर्श की मुक्तिबोध स्मरण श्रंखला-2 काठ का सपना ः गजानन माधव मुक्तिबोध भरी, धुआँती मैली आग जो मन में है और कभी-कभी सुनहली आँच भी देती है। पूरा शनिश्‍चरी रूप।वे एक बालिका के पिता हैं, और वह बालिका एक घर के बरामदे की गली में निकली मुँडेर पर बैठी है, अपने पिता को दे...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  December 4, 2016, 1:02 pm
मैं सड़क पार कर लेता हूँ। जंगली, बेमहक लेकिन खूबसूरत विदेशी फूलों के नीचे ठहर-सा जाता हूँ कि जो फूल, भीत के पासवाले अहाते की आदमकद दीवार के ऊपर फैले, सड़क के बाजू पर बाँहें बिछा कर झुक गए हैं। पता नहीं कैसे, किस साहस से व क्‍यों उसी अहाते के पास बिजली का ऊँचा खंभा - जो पाँच-छ...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  November 15, 2016, 9:39 am
अबके दीपावली में मिली पुरानी डायरी से एक कविता----सभी मित्रों को दीपावली की शुभकामनाओं के साथ---गोवर्धन पर्वत-बारिश मे तान लियाअपने सर पर छाताकड़कड़ाती ठंड मेबचाता रहा अपनी चमड़ीऔर गर्मियों मेअपने घर पर ही लगा लिया कूलर ।बस इतना ही करता रहामौसम दर मौसम साल दर साल सालऔर सोच...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  November 2, 2016, 11:42 am
एक प्रसिद्ध शेर है _कुछ तो मजबूरियां रही होगी ;यूँ ही कोई बेवफा नही होता ,,,,इसी तर्ज़ पर कहा जा सकता है कि......कुछ तो वजह रही होगी यूँ ही कोई बदज़ुबां नही होता ... गुजरात मे गो रक्षक गो हत्या के कथित आरोप लगाते हुए दलित युवकों को सरेआम रास्तों पर पीटते हुए थाने तक ले जाते हैं और को...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  July 27, 2016, 11:51 am
राजकमल नायक रंगकर्म के क्षेत्र में एक जाना पहचाना और सम्मानित नाम है । यदि वे कोई नई प्रस्तुति पेश करते हैं तो दर्शकों में उत्सुकता और अपेक्षा बनी रहती है । एक लम्बे अंतराल के पश्चात इस बार वे स्वलिखित ,निर्देशित व् संगीतबद्ध एक पात्रीय नाटक "अलग मुलुक का बाशिंदा "लेकर ...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  June 21, 2016, 11:39 am
कई दिनो से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है । यह निहायत ही शर्म की बात है कि देश के प्रधानमंत्री जैसे गरिमामयी पद पर आसीन व्यक्ति की डिग्री को लेकर देशभर में हल्ला मचा हुआ है और खुद प्रधानमंत्री मौन हैं ।         वाचाल म...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  June 2, 2016, 9:31 am
तो रोहित की मां ओर भाई ने बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया । सामाजिक न्याय और समानता के संघर्ष का आदर्श माने जाने वाले बाबा साहेब आंबेडकर की 125 वीं जयंती पर दोनो ने बौद्ध धर्म स्वीकार किया ।  बहुत से लोग खुश हैं। ठीक है। यह उनका निजि फैसला है तब तक इस पर पर कुछ कहा नहीं जा सकता औ...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  April 15, 2016, 3:31 pm
( तसल्लियों के इतने साल बाद अपने हाल परनिगाह डाल सोच और सोचकर सवाल कर....)एक कन्हैया से इतने सवाल जवाब? पता नहीं कौन कौन कन्हैया से क्या क्या सवाल कर रहा है और किस किस के जवाबमांग रहा है । लगातार वाटस एप पर गंदी और घटिया भाषा के साथतथाकथित देशभक्त सवाल कर रहे हैं । गालियां दे...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  March 5, 2016, 6:29 pm
ये दाग दाग उजाला , ये शब-गज़ीदा सहरवो इंतज़ार था जिसका, ये वो सहर तो नहीं...फैज़ साहब की रचना लगातार मस्तिष्क में गूंज रही है । आज, आजादी के  70 साल बाद भी, हैदराबाद में एक युवा छात्र ,रोहित वेमुला, विश्वविद्यालयीन कुशासन,प्रशासनिक अक्षमता  अकर्मण्यता और लाल फीताशाही से क...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  January 20, 2016, 10:12 am
संकट सचमुच गंभीर और बड़ा ही है ।बड़े बड़े विद्वान रचनाकार , जो मेरे पसंदीदा रचनाकारों में शुमार रहे हैं, अपने सम्मान और पुरस्कार लौटा रहे हैं। मुझ जैसै थोड़ा बहुत पढ़ने वाले भी अब इसे महसूस करने लगे हैं । एक लोकतांत्रिक प्रणाली में , जो शायद अभी थोड़ी बहुत बाकी है , बौद...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  October 13, 2015, 9:06 pm
सभी कलाप्रेमियों को यह समझना भी जरुरी है कि केवल लोक रंगमंच या लोक संस्कृति ही सर्वोपरी नहीं है, आधुनिक रंगमंच भी एक उच्च स्तरीय कलाकर्म है, जो भाषा को गढ़ने और उसकी प्रौन्नति में अपनी महती भूमिका निभाता है| समकालीनता, प्रस्तुतीकरण का ढंग, नयी व्याख्या, खोज, रूप एवं कथ...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  June 29, 2015, 7:20 pm
रायपुर टॉकीजः सरोकार का सिनेमा -हबीब तनवीर को समर्पित-रंगकर्म का सरोकारइस बार थिएटर और फिल्मों की प्रसिद्ध मराठी अदाकारा हंसा वा़डकर की रचना "'सांगतो एका"पर आधारित फिल्म---भूमिका--निर्देशक- श्याम बेनेगलमुख्य कलाकार- स्मिता पाटिल,सुलभा देशपांडे, अमोल पालेकर, नसीरुद्द...
(VIKALP) विकल्प...
Tag :
  June 9, 2015, 4:08 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3889) कुल पोस्ट (190079)