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Blog: नूतन ( उद्गार)

Blogger: annapurna
एक शाम उदास सी थी निस्तेज ,निशब्द ,निस्पंदितनिहारती सीदूर तलक शून्य मे।  कर्तव्य विहीन,कर्म विहीन अचेतन जड़ हो गए जो पुकारती सी दूर तलक शून्य मे । नेपथ्य से कुछ सरसराहट वैचारिक या मौन विजयी पर प्रसन्न नहीं श्रोता सी दूर तलक शून्य मे । अन्तर्मन के क्रंदन को छिपा मुख मण्... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   12:29pm 16 Sep 2013 #
Blogger: annapurna
भजन हे प्रभु !! तेरी महिमा नहि जाय मुझसे गाई अनुपम तुम्हारी माया नहि भेद ये जाना जाई शास्त्र पुराण सारे मुनि सिद्ध वेद ये प्यारे नाम तुम्हारा उचारि कर हारे अपरमपार तुमरी लीला नहीं पार नाथ पाई त्रैलोक भुवन अरु चौदह रचन प्रभु !!सुर नाग नर बनाकर शक्ति प्रभु दिखाई अविनाशी न... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   6:30pm 13 Sep 2013 #
Blogger: annapurna
सींच कर अपने रक्त से गढ़ती है नित नए कलेवरअसंख्य रत्नों का भंडार,है सोने सा तन इसका ,हरा भरा आंचल ,सुंदर सलिल सरितायेँ ,मोहक रूप मनोहर ये धरती है निर्माता ।गोदी मे खेले इसकी बालक हो या बालिका न करती कभी कोई भेद ,ये धरती है निर्माता ।कितनों ने ही नोचा इसको सुंदरता को छीना ह... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   11:35am 10 Sep 2013 #
Blogger: annapurna
शिक्षा समाज का अभिन्न अंग आज की दुनिया मे शिक्षा और विकास मे सीधा संबंध है । देश के विकास के लिए शिक्षा महत्तव पूर्ण अंग है । देश की जनसंख्या का आधा हिस्सा चूंकि महिलाएं है इसलिए विकास के क्षेत्र मे उनकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता । कहा भी गया है शिक्षित माँ ही एक शिक्ष... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   11:27am 10 Sep 2013 #
Blogger: annapurna
अंधकार गहरा चला अब  सितारों से भर चला नभ  चाँद हौले से मुस्का दिया अप्रतिम अलौकिक सुंदरता ................... सुंदरी की खुली अलकें सी चाँदनी भी छिटकने लगीकण कण दुग्ध मे नहाया सा प्रफुल्लित हो चला मन लगता था जो पराया सा ........................ तप्त धरा सी वो पाई जिसने शीतलता  नीरवता तोड़ता विह... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   7:21am 6 Sep 2013 #
Blogger: annapurna
गंदी नाली के कीड़े बड़े साहब की गाड़ी जैसे ही चौराहे पर सिग्नल के लिए रुकी एक चौदह पंद्रह वर्षीय बालक हाथ मे कपड़े का टुकड़ा लिए उनकी गाड़ी की तरफ लपका और फटाफट शीशे चमकाने लगा । शायद ये लोग कुछ पैसों की खातिर अपनी जान को जोखिम मे डाले फिरते है । क्या करे पेट की आग और गरीबी की मा... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   8:04am 4 Sep 2013 #
Blogger: annapurna
रात के बारह बज रहे थे , रोहित नशे हालत मे घर मे दाखिल हुआ उसकी भी पत्नी साथ मे ही थी । पिता दुर्गा प्रसाद कडक कर बोले – “ ये क्या तरीका है घर मे आने का , कैसे बाप हो तुम जिसको बच्चों का भी ख्याल नहीं । और ये तुम्हारी पत्नी , इसको भी कोई कष्ट नहीं ।”  रोहित तमतमा उठा न जाने क्या ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   5:06pm 2 Sep 2013 #
Blogger: annapurna
बहू बनाम बेटी राधा जी घर मे अकेली थी ,बेटा बहू के साथ उसकी बीमार माँ को देखने चला गया था । उसने कुछ पूछा भी नहीं बस आकार बोला – माँ हम लोग जरा कृतिका की माँ को देखने जा रहे है शाम तक आ जाएँगे । आपका खाना कृतिका ने टेबल पर लगा दिया है टाइम पर खा लेना ,तुम्हारी दवाएं भी वही रखी ह... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   6:05pm 29 Aug 2013 #
Blogger: annapurna
अम्मा ने कहा था उषा आज फिर देर से आई । कुछ पूछने को लपकी ही थी कि उसका चेहरा देख रुक गई,वह सिर पर पल्लू रखे चेहरे को छुपाने का प्रयास कर रही थी । वह अंदर आई और चुपचाप बर्तन उठाये और धोने बैठ गई । उसकी एक  आँख पूरी काली थी चेहरे पर और गर्दन पर कई निशान थे । कुछ न पूछना ही मुझे ठ... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   5:52pm 23 Aug 2013 #
Blogger: annapurna
वह पुराना बरगद कहते है वह गवाह उन शूर वीरों का जो मर मिटे देश पर इसकी आन औ शान बचाने की खातिर जाने कितने यूं ही लटका दिये गये उनशाखों पर जो देती थीं दुलार प्यार व हरे पत्तों की ठंडी छाँव,ताजी हवा तब  वह बरगद जवां था मजबूती से खड़ा हो देखता सोचता  था अधर्मी पापियों एक दिन व... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   7:02pm 22 Aug 2013 #(कविता)
Blogger: annapurna
 भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन मनुष्य स्वभावतः उत्सव प्रिय एवं प्रकृति प्रेमी है । ग्रीष्म ऋतु के अवसान के पश्चात जब आषाढ़ और सावन आकाश मे काले काले घुमड़ते बादल झमझमाती बारिश लेकर आते है तब शुष्क और तपती हुई धरा धीरे धीरे तृप्त होती जाती है ।सावन का महीना लगते ... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   4:49am 20 Aug 2013 #
Blogger: annapurna
मंदिर का घंटा बजते हुए एक भद्र पुरुष  ने परमात्मा की मूरत के सामने हाथ जोड़ कर अंखे बंद कर लीं और  बड़ी तन्मयता से कुछ बुदबुदाने लगा – "हे प्रभु ! इस बार मेरा काम बन जाए मै नंगे पाँव चलकर आऊँगा सोने का छ्तर चढ़ाऊँगा , बीस भूखों को खाना खिलाऊँगा । बस इस बार मेरा काम बना दे ।" पर... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   5:17pm 11 Aug 2013 #
Blogger: annapurna
“अतुकांत" कविताजीव है पक्षी की अनुहार ,उड़त नहि लागे नेक अपार ।एक द्वार की कौन चलावे ,लागे हैं नौ द्वार ।किस द्वारे से किस द्वारे जावे,कैसा ये पाखंड दिखावे ।कोउ न जानन हार,नित यहि मे भरमावे ।गढ़ लइ कोट अटारी सुंदर ,कीन्ही यहाँ तैयार ।षटरस व्यंजन नित्य खवावे,करि सोरह सिं... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   4:57pm 11 Aug 2013 #
Blogger: annapurna
मेहा बार बार नीर बहाये प्रियतम क्यों पीर बढ़ाए सावन की अगन जिया जलाए घेर घेर कर गरजे तड़पे भरमाए मेहा बार ............... पेड़ों पर छाई तरुणाई हरियाली चंहु ओर छाई प्रेम वृक्ष क्यों सूखा जाए मेहा बार ………………………… कोयल कूके अंबवा डरियनपीहू पीहू की गुहार लगाए सुन सुन जिया जलता जाए मेहा... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   11:53am 2 Aug 2013 #
Blogger: annapurna
शब्दों के घेरे  घेर लेते है मुझे किसी चिड़िया की मानिंद आ बैठते हैं हृदय रूपी वृक्ष द्वार पर  कल्पनाओं की टहनी पर फुदक फुदक कर बनाते है नई रचनायेगीत कवित्त कवियाएं कल्पनाओं की उड़ानको देते हैं हर बारनए पंख लगा बैठते  हर बार टहनी टहनी मेरे नए जीवन की हर सुबह को देते एक ... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   1:29pm 31 Jul 2013 #
Blogger: annapurna
शब्दों के घेरे  घेर लेते है मुझे किसी चिड़िया की मानिंद आ बैठते हैं हृदय रूपी वृक्ष द्वार पर  कल्पनाओं की टहनी पर फुदक फुदक कर बनाते है नई रचनायेगीत कवित्त कवियाएं कल्पनाओं की उड़ानको देते हैं हर बारनए पंख लगा बैठते  हर बार टहनी टहनी मेरे नए जीवन की हर सुबह को देते एक ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   1:29pm 31 Jul 2013 #
Blogger: annapurna
देखो सखी आज यहाँ श्याम आए है,मोर मुकुट शीश धर उर मोतिन हार । मुख छवि देखि अति अनूप शशि लजाये है । गरे माल भुज अति विशाल सोहे सिर्वंगी भाल ,कोमल अधर लाल  मंद चाल देखि गजहु लजाये है । कटि मे पीत पट धरि गावत जसुमति नन्द  कुमार ,बंशी निज अधरन पे धरि तान मधुर सुनाये है । यमुना त... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   9:08am 30 Jul 2013 #
Blogger: annapurna
  आजकल ये चर्चा काफी ज़ोरों पर चल रही है कि कौन क्या खाएगा ,किसको क्या खाना चाहिए ,किसकी थाली कितने  रुपए की होनी चाहिए ,कितने पैसे खाने पर व्यय करने वाला गरीब की श्रेणी मे नहीं आता है । किसको बासी खाना मिल रहा है ,किसको गंदा औए खराब खाना मिल रहा है इस तरफ तो ध्यान देने कि फ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   8:20am 29 Jul 2013 #
Blogger: annapurna
याद आ गया फिरमुझे मेरा बचपन ,पिता  की उंगली थामे,नन्हें कदमों से नापना,दूरियाँ, चलते चलते ,वो थक कर बैठ जाना ,झुक कर फिर पिता का ,मुझको गोदी उठाना ,चलते चलते मेहनत का,पाठ वो धीरे से समझाना । बच्चों पढ़ना है सुखदाई,मिले इसी मे सभी भलाई,पहले कुछ दिन कष्ट उठाना,फिर सब दिन आनं... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   6:58am 29 Jul 2013 #(कविता)
Blogger: annapurna
सुन री तितली नीले पीले हरे जामनी और सुनहरे पंखो वाली तितली उड़ती उड़ती जा बैठी आँगन के खिले गुलाबों पर कभी चम्पा कभी चमेली पर इधर फुदकती उधर फुदकती मटक कर उड़ जाती फुर्र मुन्ना बोला सुन री तितली ! कहाँ से लाई सुंदर पंख धब्बेदार कोई चक्त्ते वाला  बेल सुनहरी कोई बूटे वाला, ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   6:30am 29 Jul 2013 #
Blogger: annapurna
यूं तो संस्कारों का अपना अलग महत्त्व है कहा भी गया है -" बिनु संस्कार जीवन खरवत"  । जिस भी व्यक्ति मे संस्कार नहीं होते उसे जाहिल और गंवार की संज्ञा दी जाती है इसलिए बिना संस्कार जीवन व्यर्थ है । अतिथि संस्कार भी  इसी का एक रूप है । आज कल हम देखते है कि अतिथि भी स्वेच... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   1:35pm 24 Jul 2013 #
Blogger: annapurna
धुन्ध कुछ इतनी थी ,राह न सूझती थी ।अक्स तक न दिखता था ,सब्र टूटता सा लगता था ।उम्मीदों के घरौंदे ,भरभरा कर गिरते ।अशक्त मन प्राण ,ढूंढ रहे थे कोई किनारा । अचानक एक दिन ,उड़ता हुआ परिंदा देख ।शक्ति का संचार हुआ ,उड़ते रहने का संदेश देता ,चुपचाप वो  उड्ता  जाता ,जीत इसी मे है ... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   11:38am 20 Jul 2013 #
Blogger: annapurna
प्रिय मित्रों शोभना वेल्फेयर सोसाइटी रजिस्टर्ड  की तरफ से एक सम्मान समारोह का आयोजन  17 अप्रैल 2013 को गांधी शांति प्रतिष्ठान, दिल्ली  मे किया गया था । जिसके संयोजक श्री सुमित प्रताप सिंह तोमर जी , संगीता सिंह तोमर थे । जिसमे कई बड़ी हस्तियों ने भी भाग लिया । उनके कर क... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   8:36am 20 Jul 2013 #

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