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Blog: Nayekavi

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गिल्ली डंडा खेलते, बच्चे धुन में मस्त।जग की चिंता है नहीं, होते कभी न पस्त।।भेद नहीं है जात का, भेद न करता रंग।ऊँच नीच मन में नहीं, बच्चे खेले संग।।आस पास को भूल के, क्रीड़ा में तल्लीन।बड़ा नहीं कोई यहाँ, ना ही कोई हीन।।छोड़ मशीनी जिंदगी, बच्चे सबके साथ।हँसते गाते खेलते, डाल ... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   2:29am 16 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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भेदभाव से दूर, बाल-मन जल सा निर्मल।रहे सदा अलमस्त, द्वन्द्व से होकर निश्चल।।बालक बालक मध्य, नेह शाश्वत है प्रतिपल।देख बाल को बाल, हृदय का खिलता उत्पल।।दो बालक अनजान, प्रीत से झट बँध जाते।नर, पशु, पक्षी भेद, नहीं कुछ आड़े आते।।है यह कथा प्रसिद्ध, भरत नृप बालक जब था।सिंह शाव... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   3:25am 12 Feb 2020 #रोला छंद
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रख नापाक इरादे उसने, सरहद करदी मधुशाला।रोज करे वो टुच्ची हरकत, नफरत की पी कर हाला।उठो देश के मतवालों तुम, काली बन खप्पर लेके।भर भर पीओ रौद्र रूप में, अरि के शोणित का प्याला।।सीमा पर अतिक्रमण करे नित, पहन शराफत की माला।उजले तन वालों से मिलकर, करता वहाँ कर्म काला।सुप्त सि... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   3:21am 12 Feb 2020 #लावणी छंद
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सुखों को चाहे सब ही जीव।बिना सुख के जैसे निर्जीव।।दुखों से भागे सब ही दूर।सुखों में रहना चाहें चूर।।जगत के जो भी होते काज।एक ही है उन सब का राज।।लगी है सुख पाने की आग।उसी की सारी भागमभाग।।सुखों के जग में भेद अनेक।दोष गुण रखे अलग प्रत्येक।।किसी की पर पीड़न में प्रीत।तो ... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   3:14am 12 Feb 2020 #श्रृंगार छंद
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मन का मारो रावण सब ही।लगते सारे पावन तब ही।।सब बाधाओं की मन जड़ है।बस में ये तो वैभव-झड़ है।।त्यज दो तृष्णा मत्सर मन से।जग की सेवा लो कर तन से।।सब का सोचो नित्य तुम भला।यह जीने की उच्चतम कला।।जग-ज्वाला से प्राण सिहरते।पर-पीड़ा से लोचन भरते।।लखता जो संसार बिलखता।दुखियों क... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   6:46am 10 Feb 2020 #विमला छंद
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जग पेट भरण में।रत पाप करण में।।जग में यदि अटका।फिर तो नर भटका।।मन ये विचलित है।प्रभु-भक्ति रहित है।।अति दीन दुखित है।।हरि-नाम विहित है।।तन पावन कर के।मन शोधन कर के।।लग राम चरण में।गति ईश शरण में।।कर निर्मल मति को।भज ले रघुपति को।।नित राम सुमरना।भवसागर तरना।।=============ल... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   6:38am 10 Feb 2020 #विमल जला छंद
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बह्र:- 221  1221  1221  122घबराये हुए लोग हैं अनजाने से डर से,हर एक बशर ख़ौफ़ ज़दा दूजे बशर से।दूभर है यहाँ आज तो बाहर ही निकलना,महफ़ूज़ नहीं कोई जमाने की नज़र से।अनजानी डगर लगने लगी अब मुझे आसां,कुछ लोग अभी लौट के आये हैं सफर से।हम अपनी तरफ से तो बिछा बैठे हैं आँखें,अब नज़रे इनायत भी तो ... Read more
clicks 66 View   Vote 0 Like   11:54am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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221  2121  1221  212जब तक जहाँ में उल्फ़त-ए-अल्लाह-ओ-दीं रहे,तब तक हमारे बीच में कायम यकीं रहे।शुहरत हमारी गर कभी छूलें भी आसमाँ,पाँवों तले सदा ही खुदा पर जमीं रहे।यादों के जलजले में हुआ खंडहर मकाँ,ऐ इश्क़ हम तो अब तेरे काबिल नहीं रहे।दुनिया में हम रहें या नहीं भी रहें तो क्या,आबा... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   11:49am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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बह्र:- 2212*4जीवन पथिक संसार में चलते चलो तुम सर्वदा,राहों में आए कष्ट जो सहके चलो तुम सर्वदा।अनजान सी राहें तेरी मंजिल कहीं दिखती नहीं,काँटों भरी इस राह में हँसके चलो तुम सर्वदा।बीते हुए से सीख लो आयेगा उस को थाम लो,मुड़ के कभी देखो नहीं बढ़ते चलो तुम सर्वदा।बहता निरंतर जो र... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   11:39am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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प्रधान मंत्री मोदी जी की कविता की पंक्ति से प्रेरणा पा लिखी ग़ज़ल।अभी तो सूरज उगा है,छिटकी पूर्व से प्रभा है।भानु ये होता प्रखरतर,आकाश में बढ़ चला है।अब तलक जो नींद में थे,उन सब को जगा दिया है।सबका विकास व विश्वास,सबके साथ पर टिका है।तमस की विभावरी गयी,छा गया अब उजाला है।उ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   11:28am 5 Feb 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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शैलपुत्री माँहिम गिरि तनयावांछित-लाभा।**ब्रह्मचारिणीकटु तप चारिणीवैराग्य दात्री।**माँ चन्द्रघण्टाशशि सम शीतलाशांति प्रदाता।**चौथी कूष्माण्डामाँ ब्रह्मांड सृजेताउन्नति दाता।**श्री स्कंदमाताकार्तिकेय की मातावृत्ति निरोधा।**माँ कात्यायनीकात्यायन तनयापुरुषार... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   6:57am 22 Jan 2020 #हाइकु
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होलीका त्योहारजीवन में लायारंगों कीबौछार।*********होलीमें जलतेअत्याचार, कपट, छलनिष्पाप भक्तबचते।*********होलीलाई रंगहों सभी लालखेलें पलाशसंग।*********होलीदेती छेदऊँच नीच केमन सेभेद।**********उन्नीसकी होलीचुनाव की तूतीदेश मेंबोली।**********बासुदेवकी चाहनापूरे ग्रूप कोहोली कीशुभकामना... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   6:53am 22 Jan 2020 #सायली
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(1)वृद्धाश्रम काएक बूढ़ा पलासजो पतझड़ मेंठूँठ बनाथा बड़ा उदास!तभी एकवृद्ध लाठी टेकताआया उसके पासजो वर्षों सेरहा कर वहीं निवास,,,उसे देता दिलासा, कहाक्या मुझ से भी ज्यादातू है निराश??अरे तेरा तो,,आने वाला है मधुमासपर मैं तो जी रहारख उस बसंत की आस....जब इस स्वार्थी जग मेंले लूँग... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   6:50am 22 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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जगमग जगमग करता आये,धूम धड़ाका कर वह जाये,छा जाती उससे खुशयाली,क्या सखि साजन? नहीं दिवाली।चाव चढ़े जब घर में आता,फट पड़ता तो गगन हिलाता,उत्सव इस बिन किसने चाखा,क्या सखि साजन? नहीं पटाखा।ये बुझता होता अँधियारा,खिलता ये छाता उजियारा,इस बिन करता धक-धक जीयाक्या सखि साजन, ना सखि द... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   6:43am 22 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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जहाँ भर को ही जबसे आज़माने हम लगे हैं,हमारी शख्शियत को खुद मिटाने हम लगे हैं,लगें पर्दानशीं का हम उठाने जबसे पर्दा,हमारा खुद का ही चेह्रा दिखाने हम लगे हैं।(1222*3  122)**********छिपी हुई बहु मूल्य संपदा, इस शरीर के पर्दों में।इस क्षमता के बल पर ही तुम, जान फूँक दो गर्दों में।वो ताकत ... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   5:06am 16 Jan 2020 #विविध मुक्तक
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उल्फ़त में चोट खाई उसका उठा धुँआ है,अब दिल कहाँ बचा है सुलगी हुई चिता है,होती है खुद से दहशत जब दिल की देखुँ वहशत,इस मर्ज की सबब जो वो ही फकत दवा है।(221  2122)*2*********हमारा इश्क़ अब तो ख्वाबिदा होने लगा है,वहीं अब उनसे मिलना बारहा होने लगा है,मुझे वे देख, नज़रों को झुका, झट से देते चल,खु... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   5:02am 16 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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शपथ समारोह का आमंत्रण मिला न मुझको आने का।कर उपवास बताऊँगा अब क्या मतलब न बुलाने का।मौका हाथ लगा है यह तो छोले खूब उड़ाने का।अवसर आया गिरगिट जैसा मेरा रंग दिखाने का।।उजले कपड़ों में सजधज आऊँ,चेलों को साथ लाऊँ,मैं फोटुवें खिंचाऊँ,महिमा उपवास की है भारी,बासुदेव कहे सुनो न... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   4:53am 16 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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चरैवेति का मूल मन्त्र ले, आगे बढ़ते जाएंगे,जीव मात्र से प्रेम करेंगे, सबको गले लगाएंगे,ऐतरेय ब्राह्मण ने हमको, ये सन्देश दिया अनुपम,परि-व्राजक बन सदा सत्य का, अन्वेषण कर लाएंगे।(लावणी छंद आधारित)*********संस्कृति अरु संस्कार ये दोनों होते विकशित शिक्षा से,आचार-विचार और रहन-स... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   4:46am 16 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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गाँवों में हैं प्राण हमारे, दें इनको सम्मान।भारत की पहचान सदा से, खेत और खलिहान।।गाँवों की जीवन-शैली के, खेत रहे सोपान।अर्थ व्यवस्था के पोषक हैं, खेत और खलिहान।।अन्न धान्य से पूर्ण रखें ये, हैं अपने अभिमान।फिर भी सुविधाओं से वंचित, खेत और खलिहान।।अंध तरक्की के पीछे हम, ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   11:35am 11 Jan 2020 #सरसी छंद
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छन्न पकैया छन्न पकैया, वैरागी ये कैसे।काम क्रोध मद लोभ बसा है, कपट 'पाक'में जैसे।नाम बड़े हैं दर्शन छोटे, झूठा इनका चोंगा।छापा तिलक जनेऊ रखते, पण्डित पूरे पोंगा।।छन्न पकैया छन्न पकैया, झूठी सच्ची करते।कागज की संस्थाओं से वे, झोली अपनी भरते।लोग गाँठ के पूरे ढूंढे, और अकल ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   11:30am 11 Jan 2020 #सार छंद
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मंजुल मुद आनंद, राम-चरित कलि अघ हरण।भव अधिताप निकंद, मोह निशा रवि सम दलन।।हरें जगत-संताप, नमो भक्त-वत्सल प्रभो।भव-वारिध के आप, मंदर सम नगराज हैं।।शिला और पाषाण, राम नाम से तैरते।जग से हो कल्याण, जपे नाम रघुनाथ का।।जग में है अनमोल, विमल कीर्ति प्रभु राम की।इसका कछु नहिं तो... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   11:24am 11 Jan 2020 #सोरठा
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बिल्ली रानी आवत जान।चूहा भागा ले कर प्रान।।आगे पाया साँप विशाल।चूहे का जो काल कराल।।नन्हा चूहा हिम्मत राख।जल्दी कूदा ऊपर शाख।।बेचारे का दारुण भाग।शाखा पे बैठा इक काग।।पत्तों का डाली पर झुण्ड।जा बैठा ले भीतर मुण्ड।।कौव्वा बोले काँव कठोर।चूँ चूँ से दे उत्तर जोर।।य... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   11:12am 11 Jan 2020 #वर्ष छंद
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प्रचंड रह, सदैव बह, कभी न तुम, अधीर हो।महान बन, सदा वतन, सुरक्ष रख, सुवीर हो।।प्रयत्न कर, बना अमर, अटूट रख, अखंडता।कभी न डर, सदैव धर, रखो अतुल, प्रचंडता।।निशा प्रबल, सभी विकल, मिटा तमस, प्रदीप हो।दरिद्र जन , न वस्त्र तन, करो सुखद, समीप हो।।सुकाज कर, गरीब पर, सदैव तुम, दया रखो।मिटा ... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   11:09am 11 Jan 2020 #वरूथिनी छन्द
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बह्र:- 2122  1212   22इश्क़ की मेरी इब्तिदा है वो,हमनवा और दिलरुबा है वो।मेरा दिल तो है एक दरवाज़ा,हर किसी के लिए खुला है वो।खुद में खुद को ही ढूंढ़ता जो बशर,पारसा वो नहीं तो क्या है वो।जब से खुद को ख़ुदा समझने लगा,अपनी धुन में रमा हुआ है वो।बाँध पट्टी जो जीता आँखों पे,बैल जैसा ही ज... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   6:54am 6 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल
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बह्र:- 212*4आपके पास हैं दोस्त ऐसे, कहें,साथ जग छोड़ दे, संग वे ही रहें।दोस्त ऐसे हों जो बाँट लें दर्द-ओ-ग़म,दिल की पीड़ा को संग_आपके जो सहें।धैर्य रख जो सुनें बात हैं मित्र वे,और जो साथ में भावना में बहें।बेरुखी पे जहाँ की लगे आग तो,मित्र के सीने में भी वे शोले दहें।मित्र सच्चे 'नम... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   6:47am 6 Jan 2020 #बासुदेव अग्रवाल

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