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Blog: अनकहे किस्से

Blogger: Amit Mishra
शाम के 5 बज चुके हैं। मैं अभी भी बिस्तर पर औंधे मुंह पड़ा हुआ जाने क्या सोच रहा हूँ। घड़ी के टिक टिक का शोर मानों हथौड़ा बनकर मेरे सिर पर वार कर रहा है। हर पल एक नया ख़्याल मन के दरवाजे को धक्का मारता हुआ मेरे दिमाग़ में घुसता आ रहा है। मेरी सोच भी एक ख़्याल से होती हुई दूसरी ख़्याल ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   5:09am 29 Jul 2020 #
Blogger: Amit Mishra
एक शिक्षक हमें पढ़ना सिखा सकता है पर हमें क्या पढ़ना है वो हमें स्वयं तय करना है। हम सीखना चाहें तो हर पल हमको कुछ सिखाता है और ना चाहें तो किताबें भी निर्जीव वस्तु हैं।क्योंकि इंसान को सबसे ज्यादा बुद्धिमान जीव माना गया है इसीलिए इंसान की हर दशा एक सीख देकर जाती है।पाबंद... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   2:19pm 28 Jun 2020 #
Blogger: Amit Mishra
तुम्हे सिर्फ़ नीला रंग पसंद था क्योंकि आसमान अनंत है।तुम्हे बालियाँ बहुत पसंद थीक्योंकि दुनिया गोल और बड़ी है।तुम बालों को खुला रखती थीक्योंकि पक्षियों को उड़ना पसंद है।तुम काजल ऊपर तक लगाती थी क्योंकि काली रातें लंबी होती हैं।तुम कितना बोलती थीक्योंकि नदियों की ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   3:07pm 20 Jun 2020 #
Blogger: Amit Mishra
हम जैसे जैसे आगे बढ़ते जाते हैं वैसे वैसे हमारे आस पास की भीड़ कम होती जाती है क्योंकि हर कोई उस दुर्गम रास्ते पर चल नही पाता या यूँ कहें कि किस्मत उन्हें बढ़ने नही देती। आगे जाते जाते बस गिनती के लोग बचते हैं और वो भी ऐसे लोग जिन पर बस किसी तरह आगे निकलने का जुनून रहता है। उन... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   2:44pm 14 Jun 2020 #
Blogger: Amit Mishra
ये लोग होते कौन हैं मुझे जज करने वाले...ये आख़िर जानते ही क्या हैं मेरे बारे में... क्या में सच में ऐसी लगती हूँ... तुम तो जानते हो मुझे...और तुम तो बहुत बड़े समझदार बनते हो.. सच सच बताना क्या तुम्हें भी ऐसा ही लगता है? (लगभग झल्लाती हुई राधा कृष से बोली)कृष- सबसे पहले तो तुम्हे बता दू... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   2:38pm 10 Jun 2020 #
Blogger: Amit Mishra
ये लोग होते कौन हैं मुझे जज करने वाले...ये आख़िर जानते ही क्या हैं मेरे बारे में... क्या में सच में ऐसी लगती हूँ... तुम तो जानते हो मुझे...और तुम तो बहुत बड़े समझदार बनते हो.. सच सच बताना क्या तुम्हें भी ऐसा ही लगता है? (लगभग झल्लाती हुई राधा कृष से बोली)कृष- सबसे पहले तो तुम्हे बता दू... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   2:38pm 10 Jun 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दिया गया दान और किया गया स्नेह कभी वापस नही माँगा जाता।समुद्र का पानी और माँ का प्यार कभी नापा नही जा सकता।अध्यापक का ज्ञान और आपका आत्मसम्मान कोई चुरा नही सकता।टूटता हुआ तारा और भागता हुआ समय किसी के लिए नही रुकता।बीता हुआ मौसम और दिया गया दुःख लौटकर जरूर आते हैं।हवा... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   2:41pm 27 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दिया गया दान और किया गया स्नेह कभी वापस नही माँगा जाता।समुद्र का पानी और माँ का प्यार कभी नापा नही जा सकता।अध्यापक का ज्ञान और आपका आत्मसम्मान कोई चुरा नही सकता।टूटता हुआ तारा और भागता हुआ समय किसी के लिए नही रुकता।बीता हुआ मौसम और दिया गया दुःख लौटकर जरूर आते हैं।हवा... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   2:41pm 27 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दिया गया दान और किया गया स्नेह कभी वापस नही माँगा जाता।समुद्र का पानी और माँ का प्यार कभी नापा नही जा सकता।अध्यापक का ज्ञान और आपका आत्मसम्मान कोई चुरा नही सकता।टूटता हुआ तारा और भागता हुआ समय किसी के लिए नही रुकता।बीता हुआ मौसम और दिया गया दुःख लौटकर जरूर आते हैं।हवा... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   2:41pm 27 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
चार बातें असल में सिर्फ़ चार बातें नही होती। चार बातों में बहुत सी बातें छिपी होती हैं। चार बातों की तह में जाने पर कई परतें खुलती हैं और फ़िर इन्ही चार बातों से लोग कितनी बातें बनाते हैं।किसी से चार बातें कर लेने से मन हल्का हो जाता है।किसी की चार बातें सुनकर कोई छोटा नही ... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   7:16am 19 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
है इश्क़ अगर तो जताना ही होगादिलबर को पहले बताना ही होगापसंद नापसंद की है परवाह कैसीतोहफ़े को पहले छुपाना ही होगाधड़कन हृदय की सुनाने की ख़ातिरउसको गले तो लगाना ही होगाआँखों ही आँखों में जब हों इशारेओ पगली लटों को हटाना ही होगाछूकर तुम्हें अब है महसूस करनाहोठों को माथे ल... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   4:13am 15 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
है इश्क़ अगर तो जताना ही होगादिलबर को पहले बताना ही होगापसंद नापसंद की है परवाह कैसीतोहफ़े को पहले छुपाना ही होगाधड़कन हृदय की सुनाने की ख़ातिरउसको गले तो लगाना ही होगाआँखों ही आँखों में जब हों इशारेओ पगली लटों को हटाना ही होगाछूकर तुम्हें अब है महसूस करनाहोठों को माथे ल... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   4:13am 15 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की वृहद यात्रा के दौरान मनुष्य विविध प्रकार की परिस्थितियों से गुजरता है। कई प्रकार के सुख-दुःख, उतार-चढ़ाव मनुष्य को ढेर सारे खट्टे-मीठे अनुभव प्रदान करते हैं। अबोध बालक से अनुभवी वृद्ध तक का सफ़र तय करते हुए हम परिपक्वता की ओर बढ़ते चले जाते हैं। समय के बदलते चक्र क... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   7:11am 2 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की वृहद यात्रा के दौरान मनुष्य विविध प्रकार की परिस्थितियों से गुजरता है। कई प्रकार के सुख-दुःख, उतार-चढ़ाव मनुष्य को ढेर सारे खट्टे-मीठे अनुभव प्रदान करते हैं। अबोध बालक से अनुभवी वृद्ध तक का सफ़र तय करते हुए हम परिपक्वता की ओर बढ़ते चले जाते हैं। समय के बदलते चक्र क... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   7:11am 2 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की वृहद यात्रा के दौरान मनुष्य विविध प्रकार की परिस्थितियों से गुजरता है। कई प्रकार के सुख-दुःख, उतार-चढ़ाव मनुष्य को ढेर सारे खट्टे-मीठे अनुभव प्रदान करते हैं। अबोध बालक से अनुभवी वृद्ध तक का सफ़र तय करते हुए हम परिपक्वता की ओर बढ़ते चले जाते हैं। समय के बदलते चक्र क... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   7:11am 2 May 2020 #
Blogger: Amit Mishra
पृथ्वी को चोट पहुँचाने वाली हर त्रासदी की वजह एक आह बनी। आह जिस किसी भी जीव के भीतर से निकली, उसका असर उतना ही भयावह रहा जितना एक बदले की भावना का होता है।नावों के तलों से घायल हुई मछलियों के आँसू बाढ़ बनकर कितने ही किनारों को निगल गए।आसमान में शोर करते जहाजों से डरकर जितन... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   6:23am 23 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
पृथ्वी को चोट पहुँचाने वाली हर त्रासदी की वजह एक आह बनी। आह जिस किसी भी जीव के भीतर से निकली, उसका असर उतना ही भयावह रहा जितना एक बदले की भावना का होता है।नावों के तलों से घायल हुई मछलियों के आँसू बाढ़ बनकर कितने ही किनारों को निगल गए।आसमान में शोर करते जहाजों से डरकर जितन... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   6:23am 23 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
पृथ्वी को चोट पहुँचाने वाली हर त्रासदी की वजह एक आह बनी। आह जिस किसी भी जीव के भीतर से निकली, उसका असर उतना ही भयावह रहा जितना एक बदले की भावना का होता है।नावों के तलों से घायल हुई मछलियों के आँसू बाढ़ बनकर कितने ही किनारों को निगल गए।आसमान में शोर करते जहाजों से डरकर जितन... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   6:23am 23 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
तुम्हारी देह एक दीवार और काँधे खूँटी थेपहली बार आलिंगनबद्ध होते ही मैं वहीं टंगा रह गयातुमने जुल्फों तले मुझे छुपाया तो लगा उम्र भर की छांव मिल गयीतुम्हारी हँसी मेरा हौसला बढ़ाती रहीतुम्हारे हृदय की धड़कन को मैं जीवन संगीत समझता रहातुम्हारी पीठ पर उंगलियां फिरा... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   3:40am 1 Apr 2020 #
Blogger: Amit Mishra
दुःख की सीमा खोजते हुए जब अनंत दुःखों के ब्रह्मांड में पहुँचा तो सवालों के सागर मुझे ख़ुद में डुबा लेने को लालायित दिखे।ब्रह्मांड जहाँ देखे मैंने कई प्रकार के दुःख...सर्पों को दुःख है शरीर में हर वक़्त विष दौड़ते रहने का....गिद्धों को दुःख है नोच नोच के माँस खाने की विशेषता ... Read more
clicks 295 View   Vote 0 Like   11:36am 28 Mar 2020 #
Blogger: Amit Mishra
सपने वो हैं जो बंद आँखों से देखे गए हों, खुली आँखें सिर्फ़ भ्रम पैदा करती हैं। हमारा वही है जो हमनें हासिल किया है जो ख़ुद मिल गया वो किसी और का है।रुका वहीं जा सकता है जहाँ हम चल के गए हों, अगर कोई हम तक चल कर आया है वो आगे भी जा सकता है।कुछ लालच बुद्धि को हर लेते हैं फ़िर पछता... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   4:12am 13 Mar 2020 #
Blogger: Amit Mishra
हर रोज परिवर्तित होती इस दुनिया से सामजंस्य बिठाने में असफल रहते हुए मैं हमेशा मंदबुद्धि की श्रेणी में रहा।जब दुनिया के सभी ज्ञानी ख़ुद को श्रेष्ठ बनाने की प्रक्रिया में व्यस्त थे तब मैंने पिछले दरवाजे से निकल कर ख़ुद को बचा लिया।जब सभी ख़रगोशचीता बनकर दौड़ लगाने आ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   4:12am 15 Feb 2020 #
Blogger: Amit Mishra
जीवन की भागा-दौड़ी में, प्यार भी करना होता हैपहले प्यार में गलती ना हो, थोड़ा डरना होता है।।हर लड़की का पहला सपना, सुंदर लड़का होता हैसपना तो है सपना ही, हर सपना सच ना होता है।।जब वो तुमसे नज़र मिलाए, तुमको हँसना होता हैरस्तों पर चलते चलते ही, तिरछे तकना होता है।।अगला जब शरमाए थ... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   3:48pm 2 Feb 2020 #
Blogger: Amit Mishra
मन सबसे बड़ा विद्रोही है। ये अक़्सर वही करना चाहता है जो दुनिया को लगता है कि नही करना चाहिए। पर ये दुनिया तो हमसे बनती है, और हम कौन हैं? हम मन के मालिक हैं। ये मन किसका है? हमारा।बड़ी अजीब विडंबना है, मन के मालिक होते हुए भी हम अपने ही मन को मारते हैं, उस दुनिया के लिए जो हमने ह... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   3:16pm 22 Jan 2020 #
Blogger: Amit Mishra
हिंद नाम के सूरज को, इस तरह नही ढलने देंगेहम हृदय प्रेम से भर देंगे, अब द्वेष नही पलने देंगेये चिंगारी जो भड़की है, ना दिल में घर करने पाएसींचा है खून से धरती को, बस्ती को ना जलने देंगे सूनी गोदें ना होंगी अब, सिंदूर ना पोछा जाएगाहम जाति-धर्म की बातों पर, बेटों को ना लड़ने दे... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   7:51am 13 Jan 2020 #

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