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Blog: मेरी दुनिया

Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
प्रथम संस्करण अन्तिम हो गया।ढेरों साहित्य यूँ ही खो गया।मुफ्त में बंटा और रद्दी हो गया,इसलिये मैं प्रकाशन में फिसड्डी हो गया।।.ऐसा मैं इसलिये कह रहा हूँ कि कुछ देर पहले मुझे 2004 में छपी हुई श्री बाबू राम शुक्ल 'मंजु' निवासी सीतापुर रचित दो पुस्तकें महाकाव्य 'रघुवंशम' व 'क... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   12:42pm 12 May 2019 #रघुवंशम
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
चाहता हूँ किप्रेम न करूँ उसे।समस्या अनेक,उम्र, जाति, धर्म,व्यवसाय, रँग-रूप,धन-दौलतऔर भी बहुत कुछ।असामान्य असाधारण,किन्तु चाहने से क्या?कोई जोर नहीं,जो होना था हो गया।अनचाहे मैं कहीं खो गया।कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके ... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   1:00pm 28 Apr 2019 #प्रेम
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
राजनीति के फंद में, बोला माँ से पूत।मेरे बप्पा वही हैं, दीजै मुझे सबूत।।1||कोई चौकीदार है और कोई है चोर।घुला चुनावी रंग है रहे परस्पर बोर।।2||चौकीदारी करो या या फिर बेचो चाय।जब तक वोटर नासमझ, कमी मौज में नाय।।3||गहरी नदी चुनाव की, बड़ी तेज है धार।हाथी सायकिल पर चढ़ा, कैसे होगा ... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   3:13pm 22 Mar 2019 #चोर
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
हाथी साइकिल पर चढ़ा, होना चाहे पार।गहरी नदी चुनाव की, बहुत तेज है धार।।कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य करें|... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   3:13pm 22 Mar 2019 #दोहे
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
22/03/2019प्रातः 3:30 का समय, मोबाइल की घण्टी बजे जा रही है। अब क्या कहें मई के महीने में इसी समय तो नींद आती है, सो नींद में विघ्न पड़ गया। जब तक होशोहवास में आकर मोबाइल उठाता घण्टी बन्द। अपनी आदत किसी के मिसकाल का जवाब देने की नहीं है अतः फोन किनारे रखा और फिर शुरू हुई सोने की कोशिश... Read more
clicks 65 View   Vote 0 Like   9:49am 22 Mar 2019 #कहानी
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
मोदी सरकार 55 वर्ष तक चिल्लाती रही बेटी बचाओ पढ़ाओ| राहुल जी को बहुत देर से समझ में आया वो भी इतना कि बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ| अब राहुल जी तो ठहरे कुंवारे सो बेटी तो थी नहीं| हाँ बहन थी सो ऐन इलेक्शन के वक्त प्रियंका जी को बढ़ा दिया आगे| बोल जय गंगा मइया की विशेषकर इलाहाबाद से बनारस... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   3:25pm 18 Mar 2019 #दोहे
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
11/03/2019वोट है तलवार इस पर धार धर लो।और अपने आप पर उपकार कर लो।।देश उन्नायक चयन का समय है ये।जोकरों खलनायकों का मान हर लो।।तुम मदारी हो जमूरे सामने हैं।एक निर्णय पंचसाला खेल कर लो।।लोकतंत्री नाव की पतवार कर में।ले चलो तट या कि फिर मझधार मर लो।।जब बटन पर उँगलियाँ हों तो ठहर... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   9:15am 11 Mar 2019 #गजल
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
कंटकों से भरे हुए, पथ में जो जाना पड़े,पैर में पड़े जूतों से, प्यार हो ही जाता है।जहाँ संसदीयता की किसी से अपेक्षा बने,हाथ में लगे तो हथियार हो ही जाता है।पत्थरों में नाम जब खोदा नहीं जाता बन्धु,नेताजी का खून खौल, क्षार हो ही जाता है।दोष नहीं जूते का है, सत्ता का प्रभाव यह,अह... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   12:37pm 8 Mar 2019 #सियासत
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
मैं भी बहुत बड़ा कारण हूँ इस जग के जंजाल का,लाठी लेकर घूम रहा हूँ काम नहीं है बाल का।बहुत जटिल नक्शे देखे हैं, बहुत बड़ी तामिरें कीं, सबके पीछे झांक के देखा मसला रोटी दाल का। अपने अपने हाल की खातिर, हाल तुम्हारा पूछ रहे।कोई पुरसाहाल नहीं है वरना तेरे हाल का।किसी विषय का पक्... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   1:34pm 15 Jan 2019 #सवाल
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
 इस चुनावी समर का हथियार नया है।खत्म करना था मगर विस्तार किया है।जिन्न आरक्षण का एक दिन जाएगा निगल,फिलहाल इसने सबपे जादू झार दिया है।अब लगा सवर्ण को भी तुष्ट होना चाहिए।न्याय की सद्भावना को पुष्ट होना चाहिए।घूम फिर कर हम वहीं आते हैं बार बार,सँख्यानुसार पदों को संत... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   2:00pm 11 Jan 2019 #कविता
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
1. अब सुबह क्या बात होगी?ये सुबह होगी न होगी?आ अभी अनुराग कर लें।आ परस्पर अंक भर लें।2. कल से तुम गुलाबी हो,किस पर जाल फैलाया।किसके तृषित अधरों का,जागा भाग्य ऐ! बाले।3. माना झूठ है मेरी,कविता भी कहानी भी।ये ही तो बहाना था,मेरे पास तुम आये।4. बाहर ठंड है बेशक,रिश्ते गर्म है... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   10:51am 30 Dec 2018 #मुक्तक
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
मन्दिर बन पाया नहीं, मिले न पन्द्रह लाख।मतदाता ने भी रखा, बीजेपी को ताख।।नए नोट की चमक सा, फीका हुआ प्रभाव।मतदाता सहलायेगा, कब तक अपने घाव।।भूल गए सब वायदे, सबका किया विकास।सबसे अधिक सवर्ण का, शासन में उपहास।।कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पो... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   2:57pm 13 Dec 2018 #दोहे
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
फुलझड़ी को देखकर ही भर गया है जी...ये दो घंटे भी हुजूर मेरे लिए पहाड़ हैं।चर्खी की चर्चा न करो, क्योंकि मैं स्वयं हो गया हूँ एक चर्खी जीवन के चाक पर चढ़ा हुआ। एक सेकंड भी और नाच नहीं सकता। दो घंटे में दम निकल जायेगा।अभी नथुनों से विजयदशमी के रावणों के बारूद की गंध निकली नहीं ह... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   8:39am 29 Oct 2018 #विचार
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
एक मच्छर दूसरा तिलचट्टा है,एक सिल है तो दूसरा बट्टा है,थोड़ी खटर पटर ही सही,प्रेम में लुनाई न सहीथोड़ा मीठा है थोड़ा खट्टा है।।1।।तुम अनार का जूस पीती रहो,और हथिनी सा जीती रहो,चिन्ता ये नहीं कि तू ज्यादा जी जायेगी,चिन्ता ये है उठायी कैसे जायेगी।।2।।कृपया पोस्ट पर कमेन्ट कर... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   8:19am 29 Oct 2018 #हास्य
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
बहुत दिनों के बाद जिसे मैं कविता कहता हूँ प्रस्तुत कर रहा हूँ।शराफत शरीफों के घर से गई,हवेली हमारी नजर से गई।।कहाँ कौन शातिर बताये भला,चमन छोड़ चिड़िया किधर से गई।।करूँ वायदा फिर से मुमकिन नहीं,अभी पीर पिछली जिगर से गई।।परेशान रातों की चुभती घुटन,बहुत वक्त बीता उमर से ग... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   9:57am 21 Oct 2018 #गजल
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
सामने दुकान है, दुकान के पास खड़ा है नीम का पेड़, इस पेड़ के चारों ओर बाँधा गया है चबूतरा। कल तक पेड़ और चबूतरा दोनों प्रफुल्लचित्त रहते थे कल शायद फिर प्रसन्न हों किन्तु आज उदास हैं, शायद सिर्फ यही उदास हैं अगर कोई अन्य उदास है तो वह है लेखक। क्योंकि थोड़ी देर पहले इस चबूतरे से... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   1:11am 11 Oct 2018 #
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
सीता जी के जन्म को लेकर बड़ा विवाद है भाई, कोई उन्हें जनकसुता कहता है तो कोई कोई उसे रावण की पुत्री तक सिद्ध करते हैं कोई उसे... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   11:52am 2 Jun 2018 #विचार
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
27/05/2018सत्तर साल में जैसे झेले,तुम भी वैसे निकले बाबा।हम समझे थे शुरू हमारा,अब सौतन का राज गया।छाएगी हलवे की खुशबू,घर से लहसुन प्याज गया।संस्कृति संस्कृत के दिन आये,तन से खुजली खाज गया।घोड़े रेस जीत पायेंगे,अब गदहों का ताज गया।अब हम जाने फर्क नहीं कुछ,जैसे काशी वैसे काबा।... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   8:00am 29 May 2018 #काशी
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
18/05/2018आलिंगन की बेला थी तब दोनों खोये|यौवन के घमण्ड में भरकर मुड़ मुड़ रोये|निशा गयी प्राची में ऊषा झांक रही है|तब क्यों मुझसे भीख प्रणय की माँग रही है|विषय वासना के क्षण बीते ओ! मतवाली|शैय्या तज दे सुबह हुई फैली उजियाली|मेरे तेरे मध्य न दालें गलने वाली|जब उपवन में भँवरों की ग... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   6:30am 26 May 2018 #ऊषा
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
4/05/2018हम तो एक से ही परेशान थे।अब तो दो दो जेठ आ गये।बादल कहाँ हैं? घूँघट कर लूँ।फिर पिया की याद के झोंके सता गये।।उसके पास होने का अहसास,तपती दोपहर जिया जुड़ा जाता है।जेठ या देवर, चिन्ता नहीं होती,सारा रंज और भय उड़ा जाता है।।घर बड़ा फिर मैं अकेला खोज हारा,बिन पिया के मिल न पाय... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   4:25am 25 May 2018 #घूँघट
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
लिखना तो बहुत दिनों से चाहता था किन्तु लिखा नहीं| जैसे ही मोदी सरकार ने रेपिस्टों के खिलाफ कठोर कानून बनाया कि नाबालिग से रेप करने वाले को फाँसी की सजा दी जायेगी व अन्य में अधिकतम सजा उम्रकैद होगी तो मैं अपने को लिखने से रोक नहीं पाया|रेप अत्यधिक निन्दनीय कृत्य है, किसी ... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   11:28am 26 Apr 2018 #रेप
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
आज समाचार छपा है कि जनधन खातों से अब 24 घण्टे के लिए 5000 हजार का कर्ज बिना ब्याज लिया जा सकता है। अब किसी गरीब से इतना भद्दा मजाक... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   9:34am 25 Apr 2018 #विचार
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
हो सके तो प्रेम की लौ खुद जलाइए।यूँ नहीं इल्जाम ये हम पर लगाइए।खत अनेकों लिख लिए हैं तेरे वास्ते।किस पते पर भेज दूँ इतना ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   6:36am 22 Apr 2018 #कविता
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
हर किसी के वास्ते ठहरा नहीं जाता। टोटकों से प्रेंम सच गहरा नहीं जाता।नेह उर  में हो अगर स्वारथ रहित प्यारे,तो हृदय में बì... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   2:54am 20 Apr 2018 #चेहरा
Blogger: VIMAL KUMAR SHUKLA
हो लिया है बन्द भी और हो लिया उपवास भी|हानि में है देश क्या कुछ शेष है उपहास भी|खिंच गये पाले हमारे दो करों के मध्य में,हम हो गये हैं एक सँग प्रसन्न भी उदास भी|दी गयीं बैशाखियाँ थीं दस बरस के ही लिए,जो थे लंगड़े उनकी संख्या में कमी आई नहीं,स्थिर व्यवस्था हो गयी है नफरतों क... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   3:25pm 12 Apr 2018 #


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