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Blog: राहें a hindi poems blog.

Blogger: Archana saxena
कैसा है यह जीवन- संग्रामहोता है बड़ा कठिन यह कामपूरे जीवन इसके ही खातिरहम ना करते बिलकुल आरामजीवन के हर इक मोड़ परसंग्राम बिना कहे संग चल देअपने ही भाई-बहनों संग हमबचपन में खिलौंनों पर झगड़तेऔर जब समझदार हो जाते तोउनसे जायदाद पर उलझ पड़तेरोज सुबह आफिस के लिएबसों में ह... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   7:10am 11 Jul 2017 #
Blogger: Archana saxena
आओ भोले बाबा कभीमेरे घर भी आओकब से मैं हूँ आस कियेअब के मान जाओकब से मैं हूँ आस कियेअब के मान जाओहाँ मान जाओ भोले आओ बाबा आओ आ भी जाओकभी डमरू बजाते हुए तो कभी नृत्य तुम दिखाते हुएकभी गंगा को साथ लिए या कभी त्रिशूल हाथ लिए नटराजन तुम किसी भी रूप में तो आओगंगाधर तु... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   7:55am 10 Jul 2017 #
Blogger: Archana saxena
भटक गया कुछ समय के लिएमैं अपनी मंजिल से तोक्या हुआ बस थोड़ा सा थका हुआ हूँ  लेकिनहारा मैं बिल्कुल भी नहीं हूंफिर से कर लूंगा  नई शुरुआतजिंदगी कीबाजुओं पर अपने तो मुझको हैपूरा यकीनकमजोरी को अपनी मैं ताकतबना दिखाऊंगाजो खोया था हर हसीन पल मैंनेएक-एक गिनकर के वापसल... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   1:36pm 6 Jul 2017 #
Blogger: Archana saxena
कैसे बताऊँ शब्दों में मैं तेरी मेहरबानियाँकण-कण में तू ही तो बसती  माता शेरावालियाहर एक रूप में बहुत ही जचती माता शेरावालियाहर एक रूप में बहुत ही जचती माता शेरावालियाहो शेरावालिया  पहाड़ावालियाहो भर दे झोलियाँ जो दिखती खालियाँकैसे बताऊँ शब्दों में मैं तेरी मेहर... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   1:49pm 3 Jul 2017 #माता
Blogger: Archana saxena
वर्षा ऋतु पर कविता "उजली-सी हर कली है दिखती"उजली-सी हर कली है दिखतीऔर धरती ने कर लिया श्रृंगारवर्षा ने तो प्रसन्न कर दिया हर एक डाली हर एक पात खुशबू मिटटी की फैली हैएक-एक कण में आया निखारक्या कोयल और क्या पपीहासुना रहे हैं मिलन का राग अब तो सब के पंख आ गयेथमते नहीं धर... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   2:47am 21 Jun 2017 #वर्षा
Blogger: Archana saxena
उजली-सी हर कली है दिखतीऔर धरती ने कर लिया श्रृंगारवर्षा ने तो प्रसन्न कर दिया हर एक डाली हर एक पात खुशबू मिटटी की फैली हैएक-एक कण में आया निखारक्या कोयल और क्या पपीहासुना रहे हैं मिलन का राग अब तो सब के पंख आ गयेथमते नहीं धरती पर पाँवक्या इंसान और क्या पशु-पंछीहर्ष... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   2:47am 21 Jun 2017 #वर्षा
Blogger: Archana saxena
हाँ तुमने सही कहा था माँहाँ तुमने सच ही कहा था माँलेकिन मैं ही था नादान शायद मैं ही था अंजानइस दुनिया के इंसानों सेमुखोटे पहने हुए हैवानो सेकि कुछ ऐसे गलत लोग तेरे जीवन में भी आयेंगेफिर अपनी चिकनी-चुपड़ीबातों से तुम्हे भ्रमित करवायेंगेबस तुम रहना इनसे बहुत हीसावध... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   2:34pm 3 Jun 2017 #माँ
Blogger: Archana saxena
आओ बच्चों तुम्हे समझाऊँएक बात पते की मैं बतलाऊँजीवन में कुछ हांसिल कर सकोउस रास्ते पर चलना सिखलाऊँघर से ही तुम यह शुरुवात करोमाता–पिता,बड़ों का सम्मान करोगुरुओं को भी हमेशा करो नमनऔर सत्य के मार्ग पर बढ़े चलोनित्य सुबह तुम जल्दी से उठकेनहा–धोकर प्रभु से विनती करकेनि... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   12:08pm 31 May 2017 #बालकविता
Blogger: Archana saxena
मंजिल की तलाश में मैं भटक रहा हूँ इधर-उधरन जाने कब शाम हुई न जाने कब हुई सहरन जाने कब हंसी थी आईअब दर्द बढ़ रहा हर पेहर डर लगता है के ये जिंदगीबन जाये न मुश्किल सफ़रजिसे समझा हमने हमनवा वही न समझे अब हाल-ऐ-दिलन जाने ये किस्मत को है मंजूरया अरमानो से खेलना बनाहमारे यार... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   11:56am 31 May 2017 #मंजिल
Blogger: Archana saxena
ओ मेरे ख्यालों के शहजादे बताओ हकीक़त मेंतुम कब आओगेनहीं गुजरता लम्हा तुम बिनकब तक यूँही मुझको तड़पाओगे जब तुम मेरे साथ होतेसारे आलम हसीं है होतेऔर जब खुल जातीं अंखियारेत की तरहा सब जा फिसलतेतेरे दीदार को पाने को हम पहरों तलक सोया हैं करतेलेकिन ख्वाब तो ख्वाब ह... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   12:44pm 22 May 2017 #
Blogger: Archana saxena
बाबुल तेरे घर का अंगनारा लगता हैजहाँ से प्यारा आँखें अब भी नम हो जातींजब होता हैछोड़ कर के आना वो माँ के हाँथ से सर की मालिश करवानावो दादी की गोद मेंसब गम भुला लेट जानावो भाई का अनोखे मुंह बना के चिढ़ानाकैसे पंख लगा केउड़ गया वो जमानाआँखें अब भीनम हो जातींजब ह... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   12:29pm 7 May 2017 #कविता
Blogger: Archana saxena
पड़ोस के घर में रहने वालीमोटी आंटी बड़ी हैं प्यारीअंकलजी तो हैं दुबले–पतले जोड़ी इनकी लगती न्यारीकाम हैं उनको दो ही भातेएक खाना और करनी बातेंजब वो हमारे घर पर आयेंदो–तीन घंटे बैठ के जाएँइधर-उधर की सारी ख़बरेंसबसे पहले उनसे मिल जाएँअंकलजी की आधी तनखा तोवो तो शॉपिंग पर उड़... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   12:01pm 2 May 2017 #मोटी आंटी
Blogger: Archana saxena
परी रानी ओ मेरे सपनों में आने वालीसफेद और सुंदर बड़े परों वालीपरी रानी तुम असली में आओढेर सारी मांगे हैं मेरी तुमएक – एक कर पूरा कर जाओटॉफी का एक पेड़ लगा दोऔर जूस की एक नदी बना दोबहुत सारे खिलौने दिलवा दोऔर उड़ने वाली कार भी ला दोमम्मी – पापा पर टाइम नहीं होताएक लम्बा सा हॉ... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   11:54am 2 May 2017 #बाल कविता
Blogger: Archana saxena
धरती माँ तुम दिखती थीकितनी प्यारीहर रंग सेभरी थी चूनरतब तुम्हारीअपने आँचल मेंछुपाकर करतीथी ,तुम हम सबकी स्नेह से पहरेदारी,जीने के लिए सब ही जरुरी स्रोत थेहमको दिए जिससे संवर पाईथी ,दुनिया भी हमारीकितना सुन्दर और स्वच्छ  वातावरणतुमने हमे दियाथा कभीपर ... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   2:28pm 22 Apr 2017 #धरती
Blogger: Archana saxena
जैसे-जैसे हर दिन बढ़ती जाती है जिंदगीकुछ नए अनुभव सिखा जाती है जिंदगीकुछ को अपना और कुछ को पराया कर देती है जिंदगीफिर भी कितनी हसीन लगती है हमको हमारी जिंदगीवक़्त के साथ रंग भी बदलती है जिंदगीबहुत अजीब हालातों से जूझती है जिंदगीकभी थोड़ा सा पाती और बहुत कुछ खोती है जिंदग... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   2:20pm 20 Apr 2017 #
Blogger: Archana saxena
वो दिल की बातनहीं समझ पातेइशारों में हमने करी उनसे कई बातेंपर हर बार हमही पागल बन जातेऔर वो चुप-चापसामने से निकल जातेपहले तो उन्ही नेहमें ख़त भेजा और हमसे हमाराहाल-ऐ-दिल पूछाअब  बताओ कैसेहम सीधे इज़हार करें कहने मैं हमें भीइश्क उनसे बहुत ही ज्यादा शर्म लगेपर वो... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   9:43am 19 Apr 2017 #
Blogger: Archana saxena
 अब नहींमिलते वो दीवानेंलैला मजनू केकिस्से पुरानेनाम रह गयाबस इश्क काअब कोई प्यार कोक्या जानेतुलने लगी हैंमोहब्बतेंअब पैसे केबाजार मेंदिल की नासमझे कोईचाहें कोई कितनाप्यार देपाक़ होती थींवो मोहब्बतझूठ की नाथी इजाज़तअब तो दगाऐंखाने लगें हैंयार अपनेप्यार सेप्... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   4:27am 10 Apr 2017 #
Blogger: Archana saxena
सिर्फ साल मेंनौ ही दिन कन्या को हैपूजा जाताबाकि के दिनोंमें क्योंअत्याचार है किया जाता बचपन से हीबेटी को ही बार-बार रोकाटोका जातायह मत करवो कर ले पाठों को हैपढ़ाया जाता क्यों नहीं बेटोंको भी यहसब ज्ञान है दिया जाता औरत की इज्जतकरना बचपनसे कोई क्योंनह... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   2:07pm 2 Apr 2017 #कविता
Blogger: Archana saxena
सिर्फ साल मेंचार ही दिन औरत को हैपूजा जाताबाकि के दिनोंमें क्योंअत्याचार है किया जाता बचपन से हीबेटी को ही बार-बार रोकाटोका जातायह मत करवो कर ले पाठों को हैपढाया जाता क्यों नहीं बेटोंको भी यहसब ज्ञान है दिया जाता औरत की इज्जतकरना बचपनसे कोई क्योंनहीं ... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   2:07pm 2 Apr 2017 #कविता
Blogger: Archana saxena
सब मुरादे पूरी करदे मईयाहलवा पूरी बँटवाऊँगीमेरे बिगड़े काम बना दे मईयातेरे दर पे दौड़ी आऊँगीबँटवाऊँगी,मैं दौड़ी आऊँगीबँटवाऊँगी,मैं दौड़ी आऊँगीमैंने ये वादा तुमको दियाइसे पूरा करके दिखाऊँगीमैंने ये वादा तुमको दियाइसे पूरा करके दिखाऊँगीभक्तों को मईया बस तेरा सहाराकृ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   12:22pm 31 Mar 2017 #
Blogger: Archana saxena
ना जाने ये कैसा रिश्ता हैमेरा और मेरे प्यार काजितना चाहूँ दूर हो जाऊँउतना ही मैं पास खिंचापता मुझे यार की फितरतना मिलेगा कुछ भी मकांफिर भी परवाने की तरह मैं तो चाहूँ हरदिन जलनाबस उसमें वो बात है दिखतीजिस पर हुआ मैं तो फ़िदा चांहे लाख  वो मुझे ठुकरालेपर ना टूटेगा द... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   2:15pm 30 Mar 2017 #
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