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Blog: नास्तिक The Atheist

Blogger: Sanjay Grover
तब तक दिल्ली नहीं आया था। दूरदर्शन और उसके बाद में खुल गए निजी चैनलों पर बहस के कार्यक्रम शौक़ से देखता था। कुछ खटकता था जब देखता था कि मेरे प्रिय वक़्ता उन बातों का ऐसा जवाब नहीं दे रहे जैसा देना चाहिए था या जैसा मुझ जैसे अज्ञानी-अनाथ को भी बड़ी आसानी से सूझ रहा है। जैसे कि ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   12:00pm 22 May 2018
Blogger: Sanjay Grover
अपने-अपने धर्म का बैनर लगाकर जो लोग समाजसेवा का प्रदर्शन करते हैं वे दरअसल समाज के विभाजन और सांप्रदायिकता में हिस्सेदरी की नींव रख रहे होते हैं। हैरानी होती है जब यही लोग सांप्रदायिक एकता के मसीहा का काम भी संभाल लेते हैं।हैरानी होती है कि जिन्हें साल में एक दिन आलू-... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   7:45am 3 May 2018
Blogger: Sanjay Grover
(पिछला हिस्सा)मंदिर में बलात्कार हुआ, इसमें हैरानी की क्या बात है !?गाना नहीं सुना आपने-ःभगवान के घर देर है अंधेर नहीं है.....’और कहावत-‘भगवान जो भी करता है अच्छा ही करता है......’एक और कहावत-‘जैसी भगवान की मर्ज़ी’मानता हूं तो लगता है कि कहावतें बुद्धिमानों ने बनाईं हैं। सोचता ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   1:02pm 21 Apr 2018
Blogger: Sanjay Grover
मंदिर में बच्ची से बलात्कार की ख़बर क्या कुछ लोगों को चौंका सकती है ? क्या उन लोगों को भी जो कहते हैं ‘भगवान की मरज़ी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता’! क्या उन लोगों को भी जो कहते हैं ‘बच्चे ईश्वर का रुप होते हैं’ ! लेकिन वही लोग यह भी कहते है कि ‘कण-कण में भगवान है’, ‘भगवान हर जगह ... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   8:50am 16 Apr 2018
Blogger: Sanjay Grover
(पिछला हिस्सा)आप चीज़ों को जब दूसरी या नई दृष्टि से देखते हैं तो कई बार पूरे के पूरे अर्थ बदले दिखाई देते हैं। बारात जब लड़कीवालों के द्वार पर पहुंचती थी तभी मुझे एक उदासी या अपराधबोध महसूस होने लगता था। गुलाबी पगड़ियों में पीले चेहरे लिए बारात के स्वागत लिए तैयार लोग कुछ ... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   3:13pm 7 Apr 2018
Blogger: Sanjay Grover
नाचने का मुझे शौक था। लेकिन शर्मीला बहुत था। कमरा बंद करके या ज़्यादा से ज़्यादा घरवालों के सामने नाच लेता था। उस वक़्त नाचने के लिए ज़्यादा मंच थे भी नहीं सो बारात एक अच्छा माध्यम था, समझिए कि बस खुला मंच था। एक किसी शादी का इनवीटेशन कार्ड आ जाए तो समझिए कि आपके लिए प्रत... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   7:19pm 5 Apr 2018
Blogger: Sanjay Grover
बनियानें चिथड़े-चिथड़े हो गई थीं। भला हो सलीके-से रखे, सस्ते में बनें पुराने कपड़ों और स्वेटरों का जिनमें वे छिप जातीं थीं। दोनों तरफ़ के दांतों में कीड़े लग चुके थे, पानी पीने में भी इतना दर्द होता था कि बर्दाश्त नहीं होता था। सुबह दुकान खोलने से पहले दो-तीन केले और आधा लीटर ... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   12:20pm 31 Mar 2018
Blogger: Sanjay Grover
राजेंद्र यादव ‘हंस’ में कविता सिर्फ़ दो पृष्ठों/पेजों में छापते थे।मुझे याद नहीं ऐसा करने के लिए उन्होंने क्या कारण बताए थे।लेकिन मैं कुछ हिंदी कवियों को पढ़ता रहा हूं, कुछ के साथ भी रहा हूं।पहली बात तो यह मुझे समझ में आई कि हिंदी कवियों की प्रगतिशीलता लगभग झूठी है, इनम... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   9:02am 21 Mar 2018
Blogger: Sanjay Grover
जेएनयूवादियों को दुआ/प्रार्थना करते देखा तो दो पुराने फ़ेसबुक स्टेटस याद आ गए-1.पंडित जवाहरलाल नेहरु जे एन यू के छात्र थे। यही वजह है कि उन्होंने एक प्रगतिशील विचारधारा की नींव रखी। वरना और किसी तरह यह संभव नहीं था।02-08-2013(on पागलखाना facebook)2.जेएनयू से मेरे भी कुछ मित्र आते हैं ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   1:55pm 18 Mar 2018
Blogger: Sanjay Grover
दुआ करो कि भारत से अंधविश्वास दूर हो जाए।दुआ करो कि हम ऐसा ही अंधविश्वास फैलाते रहें फिर भी लोग हम प्रगतिशील मानते रहें।दुआ करो कि ‘हालांकि न तो दुआ में कोई ख़तरा है न मेहनत न संघर्ष’ फिर भी हमें दुआ तक न करनी पड़े।हालांकि दुआ करते वक़्त असल में करना क्या पड़ता है, किसीको ... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   10:54am 13 Mar 2018
Blogger: Sanjay Grover
आपकी किसी बात या रचना पर ताली बजना और उससे समाज में बदलाव आना दो बिलकुल अलग़-अलग़ बातें हैं। फ़ेसबुक के लाइकस् को भी हम इस श्रेणी में रख सकते हैं हालांकि वह तालियों जितना तुरंता और तात्कालिक नहीं है। जब तालियां बजती हैं तो माना जा सकता है कि आपके जीवन में ज़रुर कुछ बदलाव आता ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   10:56am 17 Feb 2018
Blogger: Sanjay Grover
मैं एक परिचित को बता रहा था कि सोशल मीडिया पर कोई नयी बात लिखो तो कैसे लोग पहले यह कहकर विरोध करते हैं कि ‘फ़लां आदमी बीमार मानसिकता रखता है’, ‘फ़लां आदमी ज़हर फैला रहा है’, ‘फ़लां आदमी निगेटिव सोच का है’. फिर उस आदमी को पर्याप्त बदनाम करके कुछ अरसे बाद वही बात अपने नाम से लिखक... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   3:04pm 30 Jan 2018
Blogger: Sanjay Grover
पहला ग्रुप बनाया था ‘पागलखाना’। दूसरों को उनकी मर्ज़ी के बिना शामिल करते हिचक होती थी, तक़रीबन 20-25 लोगों को लिया होगा। एक महिला मित्र ने मैसेज-बॉक्स में कहा कि हमें निकाल दीजिए, तुरंत उन्हें निकाल भी दिया। लंबे अर्से तक संख्या 20-25 ही रही। शुरु में नहीं समझ में आता था कि क्या ... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   1:12pm 16 Jan 2018
Blogger: Sanjay Grover
खेलों के लिए किसीको पुरस्कार दिए जाएं या साहित्य के लिए, उसके लिए नियम तोड़े जाएं या नए जोड़े जाएं, व्यक्तिगत रुप से मुझे पुरस्कार कभी भी महत्वपूर्ण नहीं लगे। विवाह और राजनीति की तरह यह भी आदमी के दिमाग़ की उपज हैं। और ऐसी सब व्यवस्थाओं पर आज सवाल उठ रहे हैं, बहुत-से लोग इन्... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   11:41am 17 Nov 2017
Blogger: Sanjay Grover
1.किसी न किसी तरह धार्मिक स्थलों का प्रचार-प्रसार करते हैं, ख़ुद जाना पड़े तो ख़ुद भी चले जाते हैं।2.प्रगतिशील लोगों के नाम पर भी मंदिर बना देते हैं, और वहां जा-जाकर भी विचारों को पूजा-पाठ में बदलने का शर्मनाक खेल खेलते रहते हैं।3.दहेज न सिर्फ़ लेते-देते हैं बल्कि दहेजवाली श... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   2:58pm 15 Nov 2017
Blogger: Sanjay Grover
कोई पांच-एक साल पहले की बात है एक व्यक्ति के बयान पर तथाकथित हंगामा खड़ा हो गया। उस व्यक्ति का नाम मैंने पहली बार उसी दिन सुना था। शहर भी छोटा ही था जहां बिना मतलब कोई आता-जाता नहीं है। इधर मेरे कॉमन सेंस ने मेरे लिए समस्या पैदा कर दी, हमेशा ही करता है। मैंने सोचा कि ऐन उसी व... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   11:47am 26 Oct 2017
Blogger: Sanjay Grover
जब आपको मरीज़ की जान की चिंता होती है तो आपको इसकी परवाह नहीं होती कि वह होमियोपैथी से ठीक होगा, ऐलोपैथी से होगा कि आयुर्वेद से होगा कि और किसी तरीके से होगा। आप यथासंभव कोशिश करते हैं, जितना जेब अलाउ करती है, पैसा ख़र्च करते हैं, कर्ज़ भी ले लेते हैं, भाग-दौड़ करते हैं। मरीज़ ब... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   8:01am 7 Oct 2017
Blogger: Sanjay Grover
भारत में बच्चों की ख़पत कितनी और कैसी है यह तो ठीक-ठीक मालूम नहीं मगर उत्पादन भरपूर मात्रा में होता है। हलचल और हरक़तें भी इतनी और ऐसी है कि कई बार लगता है यहां सिर्फ़ बच्चे ही बच्चे हैं। बच्चों की उम्र कितनी भी हो पर वे अकसर कहते पाए जाते हैं- ‘माई पापा इज़ द बेस्ट’, माई मम्... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   1:29pm 11 Aug 2017
Blogger: Sanjay Grover
"भगवाननहीहैचलोमानभीलियाजायेऔरयेभीमानलियाजायेकीसृष्टिकीरचनाअपनेआपहोगयीतोहरचीजकाजोड़ाकैसेबना? पशु-पक्षीबनेऔरउनकेभीजोड़ेबनेफिरनस्लआगेबढ़नेकेलियेभीइंतेज़ामहोगया? पेड़पौधेचन्दसूरजऔरतारेसबकेसबअपनेआपबनगयेऔरअपनाकामभीबखूबीकररहेहैं? वैज्ञानिकोकीमशी... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   2:32pm 23 Jul 2017
Blogger: Sanjay Grover
भारतीय ‘प्रगतिशीलों’ का पसंदीदा संगठन आर एस एस एस-2मुझे इस बात पर न तो कोई गर्व है न शर्म कि आर एस एस एस से मेरा कभी कोई किसी भी तरह का संबंध नहीं रहा। और मेरे लिए यह बात भी किसी झटके की तरह नहीं है कि कभी मेरे प्रिय रहे ऐंकर/न्यूज़रीडर विनोद दुआ का बचपन में शाखाओं में न सिर्फ... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   11:39am 13 Jul 2017
Blogger: Sanjay Grover
एक प्रसिद्ध व्यक्ति ट्वीट करता है कि एक सरकारी संस्था ने मुझसे पांच लाख रुपए रिश्वत मांगी है।कोई पत्रकार उससे नहीं पूछता कि यह रिश्वत किस वजह से मांगी गई है !? वह रिश्वत मांगनेवाले का नाम नहीं बताता। वही टीवी चैनल बताते हैं कि यह व्यक्ति ख़ुद भी रेज़ीडेंशियल इलाक़े में... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   9:16am 13 Jul 2017
Blogger: Sanjay Grover
04-07-2017मेरे पीछे का फ़्लैट(134-ए, पॉकेट-ए, दिलशाद गार्डन, दिल्ली) जो कई सालों से खाली पड़ा था, कुछ दिन पहले बिक गया है। कई दिनों से वहां से खटर-पटर, धूम-धड़ाम की आवाज़ें आ रहीं हैं। आज मैंने पिछले कई साल से बंद पड़ा अपने पिछले कोर्टयार्ड का दरवाज़ा खोला जो गंदगी से भरा मिल़ा। इस गंदगी मे... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   6:19am 5 Jul 2017
Blogger: Sanjay Grover
एक बार मैंने फ़्लैट बेचने के लिए अख़बार में विज्ञापन दे दिया, बाद में उसे 4-5 बार रिपीट भी करवा दिया। एक सज्जन (लिखते समय थोड़ा शिल्प-शैली का ध्यान रखना पड़ता है वरना ‘श्रेष्ठजन’ उखड़ जाते हैं:-) जो प्रॉपर्टी का काम करते थे, मेरे पास चले आए कि हमारे होते अख़बार में विज्ञापन क्यो... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   9:23am 21 Jun 2017
Blogger: Sanjay Grover
कभी एफ़ एम पर, कभी टीवी पर, कभी-कभी खोलो तब भी महानता दिख ही जाती है। कोई बता रहा है कि हरा डिब्बा, नीला डिब्बा, दो डब्बे कचरे के लिए रखो वरना लोग तुम्हे ख़राब नज़र से देखेंगे, इज़्ज़त ख़राब हो जाएगी.....। कोई समझा रहा है नहाना बहुत ज़रुरी है, पीने को पानी न हो तब भी नहाना ज़रुर चा... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   12:52pm 18 Jun 2017
Blogger: Sanjay Grover
‘अगर आपको भगवान के होने का सबूत चाहिए तो इस वीडियो को देखिए’ऐसा ही कुछ फ़ेसबुक पर लगे एक वीडियो के ऊपर स्टेटस में लिखा था, नीचे वीडियो में एक छोटा बच्चा सड़क पर अपना किनारा छोड़कर डिवाइडर की तरफ़ भाग पड़ता है। गाड़ियां धीरे-धीरे चल रहीं हैं, शायद लाल बत्ती अभी-अभी हरी हुई है। ब... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   10:15am 4 Jun 2017


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