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Blog: ...Sochtaa hoon......!

Blogger: सुनील कुमार सजल
नववर्ष की शुभकामना ... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   4:17am 9 Dec 2018 #
clicks 55 View   Vote 0 Like   4:11am 9 Dec 2018 #
clicks 60 View   Vote 0 Like   4:01am 9 Dec 2018 #
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुकथा- सपनाअर्धरात्रि का समय।  दिनभर की मजदूरी से थक-मांदा रग्घू फटी-सी कथरी पर गहरी नींद में सो रहा था ।गहरी नींद के साथ स्वप्न में डूबा वह देख रहा था,सरकार द्वारा गरीबों के हित में बनायी योजनाएं का लाभ का पात्र वह भी हो गया है। वह इस खुशी में पत्नी-बच्चों सहित झूम-न... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   9:36am 10 Mar 2018 #चुनाव
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुव्यंग्य-हमने तो यही कहा थायूँ तो राजधानी बहुत सी विशेषताओं के अलावा हड़तालों ,जुलुस और रैलियों की भीड़ के लिए भी पहचानी जाती है । ऐसे ही एक कर्मचारी संगठन की हड़ताल जारी थी ।लगभग माह भर बाद सरकार ने उन्हें वार्ता हेतु बुलाया। आखिरकार शासन और हड़ताली प्रतिनिधियों के ब... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   2:36pm 1 Mar 2018 #कर्मचारी संगठन
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु कथा - जवाबशहर के फ़्लैट में ब्लू फिल्म बनाये जाने की सूचना मिली ।पुलिस ने छापामार कर एक लड़की व दो लड़कों को संदिग्ध हालात सहित फिल्मांकन करने वाली पूरी टीम को गिरफ्तार किया ।थाने में ।"क्यों री, तुझे शर्म नहीं आती इन आवारा लड़कों के साथ अपनी शर्मो-हया बेचकर नंगी फिल्म ब... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   6:23am 14 Feb 2018 #ब्लू फिल्म
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु व्यंग्य कथा- परिवर्तन"मुझे तो कमाऊ पति चाहिए ।भले वह मुझसे कितना ही कम पढ़ा -लिखा हो ।"उसने सहेली से चर्चा के दौरान कहा ।"क्या कह रही है तू इतनी पढ़ी-लिखी है और तेरी सोच इतनी छोटी ...।"सहेली ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा ।"सोच छोटी नहीं बड़ी है ।जिस देश में इंजीनियर ,पी.एच.डी... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   5:42am 14 Feb 2018 #बेरोजगार
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुकथा - संतुष्ट सोच नगर के करीब ही सड़क से सटे पेड़ पर एक व्यक्ति की लटकती लाश मिली । देखने वालों की भीड़ लग गयी ।लोगों की जुबान पर तर्कों का सिलसिला शुरू हो गया ।किसी ने कहा-"लगता है साला प्यार- व्यार  के चक्कर में लटक गया ।""मुझे तो गरीब दिखता है ।आर्थिक परेशानी के चलते....... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   5:03am 11 Feb 2018 #short story
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुकथा- समर्पणवह छः माह बाद अपने गाँव लौटा था । मजदूरी के चक्कर में पूरे परिवार सहित पलायन कर जबलपुर चला गया था । "रमलू कब लौटा ?"किसी ने उससे पूछा ।"आज ही गुरूजी ।"उसका उत्तर ।"एक बात पूछ सकता हूँ "। गुरूजी का प्रश्न ।"क्यों नहीं गुरूजी ।बेशक पूछिए ।"रमलू चहकते हुए बोला ।"य... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   6:33am 4 Feb 2018 #sunil kumar sajal
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु कथा- न्याययूँ तो वह थाने में आने वाली रेप पीड़िताओं के साथ कभी न्याय करता नजर नहीं आया । अक्सर पीड़िताओं को उसकी दबंगई के चलते दुत्कार ही मिली पिछले माह की घटना है । इलाके किसी गुंडे ने उसकी बिटिया का अपहरण कर बलात्कार कर दिया । अपने प्रयास से हारा वह अपने ही विभाग के ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   6:10am 4 Feb 2018 #घोषणा
Blogger: सुनील कुमार सजल
 लघुकथा-फर्कएक होटल में पुलिस का छापा पड़ा  ।छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार जोड़ों को गिरफ्तार किया । वे सब रईस खानदान से थे ।छापामार टीम  एक सिपाही -"ये हाल है रईसों की बिगड़ैल औलादों का ।मर्यादा न आबरू की चिंता ...।""ये तो इनका फैशन भी है और शौक भी दोस्त ।"दूसरे सिपाही का ... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   3:15pm 30 Jan 2018 #पुलिस
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु कथा - संस्कृति का दानक्षेत्र आपदा पीड़ित । सहयोग हेतु एक संस्था आगे आयी । वह संस्था जरूरतमंद लोगों के लिए नए पुराने कपड़ों का दान मांग रही थी ।संस्था की गाडी जब धनाढय वर्ग की कॉलोनी से गुजरी ।देखा  पश्चिमी फैशन में सजी-धजी  यौवनाएँ उन सारे कपड़ों का दान कर दी । जिन्ह... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   2:44pm 30 Jan 2018 #दान
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु कथा - सोच"रमेश सुना है ,आजकल तुम गरीब बस्ती बहुत दिख रहे हो । धनाढय पिता का प्रश्न  ।"हाँ ,मैं गरीबों की मदद करने जाता हूँ ।उन्हें मुफ्त शिक्षा दे रहा हूँ ।""क्या मुफ्त शिक्षा ?"पिता आश्चर्य से। "नालायक मैंने इसी काम के लिए  तुझ पर  लाखों रुपये खर्च कर डिग्रियां दिला... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   1:48pm 28 Jan 2018 #गरीब
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु व्यंग्यकथा - शौकउसे फेशबुक में वायरल सामग्री पोस्ट करने का शौक था । एक बार उसने एक वीडियो पूरा देखा नहीं।पोस्ट कर दिया । जो उसी की खानदान की लड़की का वायरल अश्लील वीडियो था । मगर अब क्या ? उसका शौक....उसे ही खीझे बंदरों की तरह  चिढ़ा रहा रहा ।... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   8:17am 28 Jan 2018 #रूचि
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु व्यंग्य -अंकुशगर्ल्स हॉस्टल की लड़कियों के एक समूह ने अपनी अधीक्षिका के खिलाफ विद्रोह कर दिया ।वे शिकायत हेतु उच्च अधिकारी के पास पहुंची ।उनकी अधीक्षिका उन  पर अंकुश पर अंकुश लगाती हैं ।पीना-खाना, मौज-मस्ती,, घूमने -फिरने और लड़कों के संग दोस्ती पर अंगुलियां उठाती ... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   8:42am 24 Jan 2018 #अदिकारी
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघु व्यंग्य कथा-प्यारप्यार का इजहार करते हुए उसने एक सुन्दर सा फूलों का गुलद्दास्ता देते हुए बोला-"मेरा प्यार तुम्हारे लिए इन फूलों की तरह कोमल,खुशबूदार व रंगीन है ...।"  "ये फूल तो एक न एक दिन तो सूखेंगे,टूटेंगे और खुशबुएँ भी उड़ जायेंगीं ।फिर.....।"एक कुटिलता भरी मुस्कान उ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   4:17pm 21 Jan 2018 #खुशबू
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुव्यंग्य- टाइम पास"तू जिसके  प्यार में दिन- रात डूबी रहती है, ।क्या वह भी  तुझसे उतना ही प्यार करता है ।""क्यों नहीं?"देखती नहीं ,रोज मेरे व्हाट अप में लव मैसेज, फोटो, शायरी भेजता है ।""पहली बार कहाँ मिली थी उससे ।""मिस्ड कॉल के जरिए जुड़ गए । फिर क्या था व्हाट्स अप पर लव चल र... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   9:36am 20 Jan 2018 #प्यार
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुव्यंग्य- थकानशाम का समय ।पति कादफ्तर से लौटना  ।पत्नी को चाय बनाने में थोड़ी देर हो गयी ।"इतनी देर लगा दी बनाने में ..!""आज कुछ थकान  सी लग रही है ।""सारे कपडे धोये हैं ,बिस्तर के ..।""सारे दिन  तो घर में आराम से रहती हो एक दिन के काम में थकान महसूस करने लगी ।हमें देखो दिनभर... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   6:14am 15 Jan 2018 #दफ्तर
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुव्यंग्य- धंधासब्जी मंडी ।"दस रुपये किलो टमाटर ..दस रुपये भाईसाब ..सस्ते में दे दिया ...बीस का माल दस में ...।"तभी एक खरीददार  टमाटर के ढेर में से अच्छे टमाटर छांट कर अलग रखने लगा ।"भाई जी ऐसे मत छाँटिए ..। विक्रेता ने उसे बीच में  ही टोका ।"यार , इसमें तो आधे  खराब होते टमाट... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:39pm 14 Jan 2018 #
Blogger: सुनील कुमार सजल
लघुव्यंग्य-वह"देख तो बे उसे, साली जब इधर से गुजरती है मेरी नजर उसके  कूल्हे पर ही टिक जाती है।""अबे वह कूल्हे नहीं मटकाती बल्कि उसके पाँव में तकलीफ है इसलिए वह ऐसा चलती है..।""अबे तू ऐसे बता रहा है ,जैसे तेरा और उसका परिचय हो...।""परिचय की बात नहीं है ,कल मैं जिस क्लीनिक में इला... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   1:19pm 13 Jan 2018 #दर्द
clicks 112 View   Vote 0 Like   7:59am 12 Nov 2017 #
Blogger: सुनील कुमार सजल
           समय कीबात – समाज अंधविश्वास को पूजता है ....गाँव के बगीचे में लगे किसी पेड़ से अचानक पानी का रिसाव होने लगा | पेड़ मालिक ने अफवाह फैला दिया – ‘’ बगीचे के मंदिर में विराजी देवी की कृपा से इस साल गाँव में बीमारी न फैले इसलिए मंदिर से सटे पेड़ से माता रान... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   12:09pm 1 Jun 2017 #अंधविश्वास
Blogger: सुनील कुमार सजल
समय की बात – हां !आज उनका स्वभाव था | अगर वे किसी परिवार में खाने के समय पर पहुंचते  और उनसे खाने के लिए कहा जाता तो न कर देते |एक बार वे अप[आने मित्र के यहाँ किसी काम से पहुंचे थे  परिवार के लिए भोजन का वक्त था | मित्र की पत्नी ने सोचा ,’’ चलो शर्मा जी को भी खाने को कह दिया जाए ... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   12:32pm 16 May 2017 #हां !आज

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