POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: चंचल मन chanchal mann

Blogger: chanchalman
मेरी रातों की राहत, दिन के इत्मिनान ले जानातुम्हारे काम आ जायेगा, यह सामान ले जानातुम्हारे बाद क्या रखना अना से वास्ता कोई ?तुम अपने साथ मेरा उम्र भर का मान ले जानाशिकस्ता के कुछ रेज़े पड़े हैं फर्श पर, चुन लोअगर तुम जोड़ सको तो यह गुलदान ले जानाअंदर अल्मारिओं में चंद ऑर... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   9:09am 11 Feb 2015 #
Blogger: chanchalman
कोई चेहरा हुआ रोशन न उजागर आंखेंआईना देख रही थी मेरी पत्थर आंखेंले उडी वक़्त की आंधी जिन्हे अपने हमराहआज फिर ढूंढ रही है वही मंज़र आंखेंफूट निकली तो कई शहर-ए-तमन्ना डूबेएक क़तरे को तरसती हुई बंजर आंखेंउस को देखा है तो अब शौक़ का वो आलम हैअपने हलकों से निकल आई हैं बाहर आंखें... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   8:08am 29 Dec 2014 #
Blogger: chanchalman
दर्द मिन्नत-कशे-दवा न हुआमैं न अच्छा हुआ, बुरा न हुआजमा करते हो कयों रकीबों को ?इक तमाशा हुआ गिला न हुआहम कहां किस्मत आज़माने जाएंतू ही जब ख़ंजर-आज़मा न हुआकितने शरीं हैं तेरे लब कि रकीबगालियां खा के बे मज़ा न हुआहै ख़बर गरम उनके आने कीआज ही घर में बोरीया न हुआक्या वो नमरूद की ख़... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   8:07am 29 Dec 2014 #
Blogger: chanchalman
वहाँ की रोशनियों ने भी ज़ुल्म ढाए बहुतमैं उस गली में अकेला था और साए बहुत..किसी के सर पे कभी टूटकर गिरा ही नहींइस आसमाँ ने हवा में क़दम जमाए बहुत..हवा की रुख़ ही अचानक बदल गया वरनामहक के काफ़िले सहरा की सिम्त आए बहुत..ये क़ायनात है मेरी ही ख़ाक का ज़र्रामैं अपने दश्त से गुज... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   6:02am 20 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
वो चाहता था कि कासा खरीद ले मेरा;मैं उसके ताज की कीमत लगा के लौट आया!... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   10:42am 14 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
काम सब गेरज़रुरी हैं, जो सब करते हैंऔर हम कुछ नहीं करते हैं, गजब करते हैंआप की नज़रों मैं, सूरज की हैं जितनी अजमतहम चरागों का भी, उतना ही अदब करते हैं..................राहत इन्दौरी... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   10:34am 14 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
गुलजारदिन कुछ ऐसे गुजारता है कोईजैसे एहसान उतारता है कोईआईना देख के तसल्ली हुईहम को इस घर में जानता है कोईपक गया है शजर पे फल शायदफिर से पत्थर उछालता है कोईफिर नजर में लहू के छींटे हैंतुम को शायद मुघालता है कोईदेर से गूँजतें हैं सन्नाटेजैसे हम को पुकारता है कोई ।... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   10:26am 14 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
यह कौन है सर-ए-साहिल कि डूबने वालेसमन्दरों की तहों से उछल के देखते हैंअभी तलक तो न कुंदन हुए न राख हुएहम अपनी आग में हर रोज़ जल के देखते हैंबहुत दिनों से नहीं है कुछ उसकी ख़ैर ख़बरचलो फ़राज़ को ऐ यार चल के देखते हैं... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   10:20am 14 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
जिनके सामने है दरिया ही दरिया, फिर भी वो लोग हैं प्यासेऔर नसीब में जिनके, लिखा नहीं क़तरा, बताओं वो कहाँ जाये .... सुरभि... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   11:48am 10 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
देखा गया हूँ मैं कभी सोचा गया हूँ मैंअपनी नज़र में आप तमाशा रहा हूँ मैंमुझसे मुझे निकाल के पत्थर बना दियाजब मैं नहीं रहा हूँ तो पूजा गया हूँ मैंमैं मौसमों के जाल में जकड़ा हुआ दरख़्तउगने के साथ-साथ बिखरता रहा हूँ मैंऊपर के चेहरे-मोहरे से धोखा न खाइएमेरी तलाश कीजिए, गुम ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   5:54pm 2 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
मैं इस उम्मीद पे डूबा कि तू बचा लेगा;अब इसके बाद मेरा इम्तिहान क्या लेगा;ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा;ढलेगा दिन तो हर एक अपना रास्ता लेगा;मैं बुझ गया तो हमेशा को बुझ ही जाऊँगा;कोई चिराग नहीं हूँ जो फिर जला लेगा;कलेजा चाहिए दुश्मन से दुश्मनी के लिए;जो बे-अमल है वो बद... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   5:53pm 2 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
यह मोजज़ा[1] भी मुहब्बत कभी दिखाए मुझेकि संग तुझ पे गिरे और ज़ख़्म आए मुझेमैं अपने पाँव तले रौंदता हूँ साये कोबदन मेरा ही सही दोपहर न भाए मुझेब-रंग-ए-ऊद [2] मिलेगी उसे मेरी ख़ुश्बूवो जब भी चाहे बड़े शौक़ से जलाए मुझेमैं घर से तेरी तमन्ना पहन के जब निकलूँबरह्ना [3] शहर में कोई ... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   5:52pm 2 Nov 2014 #
Blogger: chanchalman
सफ़र को जब भी किसीदास्तान में रखनाक़दम यकीन में, मंज़िलगुमान में रखना |जो सात है वही घर कानसीब है लेकिनजो खो गया उसे भीमकान में रखना |जो देखती हैं निगाहेंवही नहीं सब कुछये एहतियात भी अपनेबयान में रखना |वो ख्वाब जो चेहराकभी नहीं बनताबना के चाँद उसेआसमान में रखना |चमकते च... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   5:51pm 2 Nov 2014 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3928) कुल पोस्ट (194197)