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Blog: Call For A Loan,Home Loan, Personal Loan, Business Loan, LAP, Low CIBIL Score Loan

Blogger: subodh
अमीर मानसिकता के लोगों को अपनी कार्यक्षमता पर भरोसा होता है लिहाजा वे अपने प्रदर्शन ( Result )के आधार पर पेमेंट माँगते है , जबकि गरीब मानसिकता के लोग समय के आधार पर पेमेंट माँगते है .-सुबोधwww.saralservices.com( one sim all recharge , MLM )... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   12:27pm 17 Sep 2014
Blogger: subodh
आज़ादी, स्वतंत्रता जैसे शब्दों की गहराई में जाए तो समझ में आता है कि जिसे हम आज़ादी कहते है वो अपने अंदर एक जिम्मेदारी समेटे है .आपको खुश होने की आज़ादी तब है जब आप खुश होने के लिए किये जानेवाले कार्यों की जिम्मेदारी लेते है . आपको अपनी संतान को संतान कहने की आज़ादी  तब है जब ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   4:27am 7 Sep 2014
Blogger: subodh
वित्तीय बुद्धि आपको यह सिखाती है कि शांत पड़े तालाब  में तरंगे कैसे पैदा की जाए , जब स्थिति सामान्य हो या मार्किटतेजीमें हो तो कोई भी पैसा बना सकता है ( हालाँकि ऐसा होता नहीं है लेकिन लोग ऐसा मानते है ) परन्तु जब मार्किट मंदी में  हो तब पैसा कैसे बनाया जाए . छुपे हुए अवसर ... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   3:42am 6 Sep 2014
Blogger: subodh
                       अमीर और गरीब के बीच जो सबसे महत्त्वपूर्ण फर्क है वो है विचारका - विचार के चुनाव का !!!                       कोई भी विचार आपके दिमाग में नकारों  की तरह  नहीं रहता - वो आपके दिमाग में रहने का कुछ न कुछ असर आप पर छोड़ता ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   1:16am 5 Sep 2014
Blogger: subodh
जब आप ये समझ लेते है कि बाहर वही आता है जो अंदर होता है यानी फल जड़ो के अनुरूप लगते है तो अपने छोटे, खट्टे,बदबूदार फलों को लेकर परेशान न होवें, जो उग चुके है, उन्हें आप नहीं बदल सकते . लेकिन हाँ, अगर आप जमीन की खुदाई करते हैखाद -पानी डालते है पेड़ की जड़े मजबूत,स्वस्थ्य कर पाते है ... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   2:39am 4 Sep 2014
Blogger: subodh
संसार के अधिकांश लोग पैसे के मामले में "खुद "को जिम्मेदार मानने की  बजाय  "भाग्य"  को जिम्मेदार मानते है लिहाजा गैर जिम्मेदार लोगों के हिस्से में जो आ सकता है वही उनके हिस्से में आता है . पैसे को वे कंट्रोल नहीं करते बल्कि पैसा  उनकी कंडीशनिंगके अनुसार उन्हें कंट्र... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   2:55am 3 Sep 2014
Blogger: subodh
जब आप ये जान लेते है कि सफलता के लिए बाह्य तत्वों से  ज्यादा  आतंरिक तत्व  जिम्मेदार है  तब आप ये भी जान लेते है कि सफलता को साधने के लिए, सम्हालने के लिए शरीर की मजबूती से ज्यादा वैचारिक और भावनात्मकमजबूतीजरूरी है . इस बात को समझने के बाद जब लोगों को आप हारते देखे ,... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   1:12am 2 Sep 2014
Blogger: subodh
हम  दो पहलुओं वालीदुनियामें रहते है  - सिक्के की तरह दो पह्लु  -अंदर और बाहर, ऊपर और नीचे , दायाँ और बायाँ, प्रकाश और अँधकार , सर्दी और गर्मी .जैसाकि  मैंने  अपनी पुरानी पोस्ट 52  में बताया था "पैसा होना वित्त के क्षेत्र में सफलता का प्रतीक है ."इस सफलता के भी दो पहलु हो... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   2:45am 1 Sep 2014
Blogger: subodh
हर व्यक्ति की एक क्षमता होती है ,उसी क्षमता के अनुसार वो कार्य कर पाता है ,उसी क्षमता के अनुसार वो जीवन के हर क्षेत्र में प्रदर्शन कर पाता है , करता है . जैसे आप जिम जाते है ,कितनी वर्जिश कर पाते है ये आपकी क्षमता पर निर्भर करता है , कितना आप वजन उठा सकते है, कितना रन कर सकते है ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   2:48am 31 Aug 2014
Blogger: subodh
                     पैसा  ज़िन्दगी का अहम हिस्सा होता है , जिसे नकारना संभव नहीं है . जो पैसे की अहमियत नकारने का प्रयास करते है वो सिर्फ शुतुरमुर्ग  हो सकते है और उनका इस आर्थिक युगमें क़त्ल होना तय है .                 &n... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   3:25am 30 Aug 2014
Blogger: subodh
                       रोटी,कपडा और मकान  किसी व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताएं मानी जाती है . मैं इनमें  एक आवश्यकता और जोडूंगा और वो है संवाद की - कम्युनिकेशन की ,जिसने इंसान को इंसान बनाया, मानवीय बनाया. इन आवश्यकताओं के अलावा आपकी जो भी ज़र... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   2:37am 29 Aug 2014
Blogger: subodh
आप  प्रसन्न  कब होते है ?आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि ख़ुशी या तो पाने में होती है या देने में . पाने का अर्थ उपभोग से भी है और संग्रह ( वस्तु का मालिकाना हक़ पाना ) से भी , और देने का अर्थ मदद करने से है, दान करने से है .पाने वाले पक्ष से आप अच्छी तरह वाकिफ है मेरी पहले की पोस्ट्स म... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   3:08am 28 Aug 2014
Blogger: subodh
                 इंसान सम्पूर्णतावादी होता है , इसका मतलब क्या होता है ?                  अगर आपके खाने में नमक न हो या मीठे में शक्कर न हो  ? आपकी ज़िन्दगी में सिर्फ कमाना ही हो खर्च करना न हो ? सिर्फ व्यस्तता हो मनोरंजन न हो ? क्या ये अधूरापन नह... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   2:38am 27 Aug 2014
Blogger: subodh
         अमूनन पढाई छोड़ने के बाद आम आदमी का शिक्षा से कोई ताल्लुक नहीं रह जाता , आम आदमी   इस बात को भूल जाता   है कि उनकी  असली संपत्तिउनका  दिमाग है जहाँ चुनाव की बात आती है ( पोस्ट 77  और 78  देखें ) तो वो  दिमाग की बजाय शरीर को प्राथमिकता देगा , शिक्षा की ... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   3:42am 26 Aug 2014
Blogger: subodh
                            गरीब मानसिकता के लोग ये सोचते है कि आमदनी ही सब कुछ है , वे मानते है कि अमीर वही हो सकता है जो ढेर सारा पैसा कमाता है , मेरा कहना ये है कि ये अमीरी आमदनीका मामला न होकर पैसे के सुव्यवस्थित प्रबंधन का मामला है ... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   2:17am 25 Aug 2014
Blogger: subodh
अमीर यु हीं अमीर नहीं होता ( ३ ) आसान नहीं हैदायरे को तोडना जो आरामदायक  क्षेत्र (comfort zone) है तुम्हारा तब्दिल हो गया है आदत में .- चाहत तुम्हारी अमीर बनने कीकुछ नहीं भिखारी स्तर के अतिरिक्त .- चुनाव तुम्हारा अमीर बनने का शामिल किये है अपने में शर्तों का पुलिंदा ,बेहतर है चाह... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   3:32am 24 Aug 2014
Blogger: subodh
                     मेरी पोस्ट 103 .106 .107 .108 .109 .110 .111  में मैंने पैसे की बचत को लेकर विस्तार से लिखा है , इन सारी पोस्ट्स के बाद  सवाल ये आता है कि इस 10 % पैसे को मैनेज कैसे किया जाए . . आपकी सारी कमाई जो टैक्स कटने के बाद आपके घर में आती है सबसे पहले उस कमा... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   3:41am 23 Aug 2014
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मेरी पोस्ट  105 पर कुछ सवाल आये थे ,उसका जवाब--मनीषजी , अंकुरजी 1) मेरी पोस्ट 86 , 88 और 105 देखें ,समझे . 2) कोई भी काम सोचने और शुरू करने से पहले अपनी टीम से राय करें ,उससे डिस्कस करें . 3) क्षेत्र के विशेषज्ञ से राय करें उसकी कंसल्टेंसी चार्ज उसे देवे , आपके पसंदीदा क्षेत्र पर वो ए... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   2:53am 22 Aug 2014
Blogger: subodh
     पैसा हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है , यह कड़ी मेहनत अमीर मानसिकता  के लिए अस्थायी होती है और गरीब मानसिकता  के लिए स्थायी . इसकी वजह ये है कि कड़ी मेहनत से कमाए हुए पैसे को लेकर दोनों केदृष्टिकोणअलग-अलग होते है - एक इसलिए कमाता है कि पैसे जमा कर सके और ... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   3:36am 21 Aug 2014
Blogger: subodh
             पैसे के प्रबंधन के बारे में जब गरीबों से बात की जाती है तो उनका जो जवाब होता है वो ये होता है कि "जब मेरे पास बहुत सारा पैसा होगा तब मैंपैसे का प्रबंध करना शुरू  करूँगा ."                        अगर आप गहराई में जाए तो आप समझ पाएंगे कि उनक... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   3:37am 20 Aug 2014
Blogger: subodh
             जब गरीबों से पैसे के प्रबंधन की बात की जाती है तो आम तौर पर उनका जवाब होता है कि मेरे पास इतने पैसे है ही नहीं कि उनका प्रबंधन करूँ ,मुश्किल से दो वक्त की रोटी जुटा पाता हूँ .                   उनको जो  सलाह हो सकती  है वो ये है कि ऐसी हालत में भी ... Read more
clicks 73 View   Vote 0 Like   3:27am 19 Aug 2014
Blogger: subodh
                 मालिक वो होता है ,जो हासिल चीज़ों को सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधित करता है ,जो अपनी चीज़ों को बराबर प्रबंधित नहीं करते , वे जल्दी ही उन चीज़ों को या तो नष्ट हो जाने देते है या अपना मालिकाना हक़ खो देते है ,पैसा  इस साधारण से सिद्धांत ... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   1:40am 18 Aug 2014
Blogger: subodh
हकीकत में अमीर गरीबों से ज्यादा स्मार्ट नहीं होते है. बस उनकी पैसे से सम्बंधित आदतें गरीबों से अलग और पैसे को बढ़ाने में मददगार होती है  जो मूल रूप से उनकी अतीत की कंडीशनिंग से जुडी होती है .                                   ... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   1:47am 17 Aug 2014
Blogger: subodh
एक सवाल Ratan ArjunAug 9th, 2:07pmDear sir, mane job chod kr do bar apna kam suru kiya lakin dono bar asaflta mili . m construction line m hu or m ab kuch nya krna chahta hu . pls mujhe koi rasta btao sir..मेरा जवाब रतनजी,दो बार की असफलता के बाद भी आप तीसरी बारकोशिश करना चाहते है ,आपके जज्बे और सोच को सलाम !कंस्ट्रक्सनलाइन में आप क्या करते है ,ये आपने स्पष्ट नहीं किया ,अगर आप स्पष्ट करते तो ... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   3:25am 16 Aug 2014
Blogger: subodh
अमीर यु हीं अमीर नहीं होता ( २)दायराजो बनाते है आपनिर्भर है उसकीउपलब्धिआपके समर्पण पर ... -दायरामेंढक काहोता है तालाब,औरबाज़ काआकाश,सरहदों से आज़ाद आकाश . -मेंढकजब सोचता हैबाज़ बनने की,रोकती है उसेउसकी मानसिकता,जहाँ मौजूद हैफ़ेहरिश्तखतरों की . -त्याग हैआरामदेह दायरे का,ख़ौफ ... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   2:11am 15 Aug 2014


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