POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: विचार सागर म़ंथन

Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाpost.no.664काबिल होना मशहूर हैं—पथिकअनजानाइंसा पर मेहरबानियाँ खुदाकी काबिले तारीफ सदा रही हैंहोती न अति जब तक वह रहता हैं कुकर्मियों पर मेहरबांइंतजारे अति तक परीक्षायें देता रहता निर्मल भक्त बनाइस तरह खुदा सब ही पर निगाहों से रहमते बरसाता ह... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   6:29am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
www.hamariwani.comविचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाबहुत खेद होता—पथिकअनजाना-- 681http://pathic64.blogspot.comबहुत खेद होता पाते अपने इर्द गिर्द पाझूठे आडम्बरी प्यारों का चतुर सायाप्यार जिन्हें दिया राह दिखाई बैठायाकभी सिर पर वही रखते दुश्मनी कायाकहते मजबूर सामने हमारे हित आयाबलि दोस्त की बलिदान ह... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   6:25am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाpost.no.661मंजिलें उनकी होती-----पथिक अनजाना—661रे पथिक तू पथिक से कैसे पथिक अनजाना बन गयाराह अपनी से गुजर रहा था  जगत में क्यों रम गयाभटका संसारिक गलियों में कैसी तू राह खोज रहा था राह,चाह,वाह एवं अथाह में भ्रमाया हाथ कुछ न आयामंजिलें उनकी होती या... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   5:35am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानादफन कब्रों में हुये जो ताउम्र----पथिक अनजाना---657http://pathic64.blogspot.comवाह रे किस्मत तेरी खुश्बू जो बसती हैं नाभि में तेरेधिक्कारते भगाते पनाह न देते प्रेमियों को ये जगवारेपहचानो जरूरत क्या जहाँ में खोजने की मस्त हो जावोजब तेरी मस्ती चढ बोलेगी तो दुनि... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   5:29am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानास्वदोष छिपा पूर्वजों ने---पथिक अनजाना---677   https://pathic64.blogspot.comविगत दिनों मेरे बहुत करीबी मित्र ने प्रकाशित की हैंदृश्यवान घटनाऔ पर हैं सुरचित कविता खूनी धरतीमैं लगा सोचने  मां धरती का ऐसा स्वभाव क्यों हुआमित्र ने सामाजिक हालात इंसानी विचार... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   5:02am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानावर्ना हैं क्या जहाँ में-----पथिकअनजाना-----675http://pathic64.blogspot.comकौन कहता हैं कि जहान में बहुत कुछ असंभव हैंगर असंभव होता तो यारों उसका निर्माण क्यों होताकहो यह कि इसे संभव बनाने की ठानी नही हैं तुमनेवर्ना हैं क्या जहाँ में जिसे इंसान संभव नही करता हैं... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   5:00am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाराह वही से मिलती----पथिकअनजाना ----  676प्रश्न यह कि सुसंस्कार से व्यक्तित्व उभरता हैंया  सुसंस्कारी वातावरण किस्मत से मिलता हैंकिस्मत का निर्माण सुविचारों सुक्रमों से होता हैंसुसंस्कारों से सामने सुकर्म सुविचार प्रकट होते हैंपहले  ल... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   4:49am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाpost.no.663पथिक थे जो टंगे दीवार पर—पथिक अनजाना--663क्या कुयें का मेंढक कुयें से प्राप्त ज्ञानाधार परजीव सारे ब्रम्हाण्ड का महाज्ञानी स्वत: बन गयाक्या विश्व मान्यता क्या गर्व करने का हक देगा?बाह्य ज्ञानी कुयें के रहस्यों, साक्षियों से अनजान किस... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   4:43am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाकाबिल शमा हो जाईये-----पथिकअनजाना----667http://pathic64.blogspot.comसिर्फ मुश्किलात के वक्त ही दोस्ती नही पनपती हैंमुश्किलात के वक्त तो दोस्ती और मजबूत होती हैंमुश्किलात वक्त खातिर दोस्त चुन लेना योग्यता हैंकितना बोझिल कितने काम आये यारी की राह मेंबुनियादी... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   4:42am 11 Oct 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानासमूहजीवी का समूहों पर शासन----पथिकअनजाना==685समूहजीवी का समूहों पर शासन होता हैंइंसान जो अधिकाश करे सम हू सम हूविचारक व विनाशक बनता साथ शासनकरने की मंशा उसकीतो बनी रहती हैंइंसानों की जमात बुद्धिजीवियों के फैसलेये कभी एक से जाने क्यों नही ह... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   4:47am 30 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाछिपे सारे रहस्य राह के—पथिकअनजाना--684https://pathic64.blgspot.comजग में आकर तुम्हें ध्यान रखना हैं दूसरों के दुखों के निर्माता न बनना हैंस्वार्थी कामी व्यसनी व कुचालकों केखिलाडियों के भ्राता न कभी तुम बनोरखो सदैव मष्तिक स्वच्छ व नियंत्रितत्वरित सही नि... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   4:51am 28 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाजानो गर रूप,रंग तो-----पथिकअनजाना---683https://pathic64.blogspot.comढलती उम्र का तकाजा या कहें काव्य रचना का नशादोनों इंसा को सुविधापूर्ण शैया पर निद्राहीन करते हैंकब कोई तुक पकड आवे कब कोई नस बेवफा होजावेतब मैं आत्मा की नाव में चोरी से ब्रम्हाण्ड गांव में करस... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   3:32am 25 Sep 2014 #रंग तो-----पथिकअनजाना---683
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानालिखना वही जो पाठक की पसन्द हो---पथिकअनजाना----   682https://pathic64.blogspot.comइंसान बहुत हैं पर इंसानियत बहुतेरे जानते नहीधार्मिक बहुत हैं पर धर्म परिभाषा पहचानते नहीसामाजिक बहुत हैं पर समाज उद्धेश्य मानते नहीनेता बहुत हैं पर नेतृत्व गुणों को वे अपनात... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   4:39am 23 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानारहनुमा दिखावटी हैं यार---पथिक अनजाना—672http://pathic64/blogspot.comकहा जाता आशान्वित खुशियों का नाम हैंकहा जाता निराशा तो मायूसी कीआग हैंजबइंसान खुशनुमां चेहरे की नकाबओढेखुश जमाने के साथ महफिल में शरीक होजब निराशावादी हकीकत की नकाब में रहवो जमाने की मह... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   4:28am 23 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाउजड रही वादियाँ—पथिक अनजाना—668http://pathic64.blogspot.comगर आपने कभी दफ्न किये थे कुछ या छिपाये कुछ चेहरेजिन्दगी में वही चेहरे किसी रिश्ते के नाम से आ जाते हैंचाहर गर खुशनुमा माहौल की व खूबसूरती की आपको होअत: यार दफ्नाये पनपायें वही चेहरे जो चाहत आपकी हो... Read more
clicks 63 View   Vote 0 Like   4:41am 22 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाशंका क्यों होती है---पथिक अनजाना----670http://pathic64.blogspot.comभावी अनजानी जीवनसंगनी परविश्वास यह पहली शर्त ताउम्र विश्वास हर मोड व सीढी से हो गुजरना दूजी शर्त फिर हमें खुदा पर विश्वास करने में ही शंका क्यों होती हैउत्तर नहीं देखा खुदा को किसी ने पर एहसास ... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   4:21am 22 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाबहुत खेद होता—पथिकअनजाना-- 681http://pathic64.blogspot.comबहुत खेद होता पाते अपने इर्द गिर्द पाझूठे आडम्बरी प्यारों का चतुर सायाप्यार जिन्हें दिया राह दिखाई बैठायाकभी सिर पर वही रखते दुश्मनी कायाकहते मजबूर सामने हमारे हित आयाबलि दोस्त की बलिदान हमारा ह... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   6:25am 21 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानामधुमेह की दीवार में ----पथिक अनजाना -680https://pathic64.blogspot.comतुम अपना प्यार अपनों या समूह खास मे न बांटोबांटो  प्यार वहाँ तक जहाँ  प्यार तुम्हारा  जा  सकेसूर्य  की  किरणों  के समक्ष  हम रखे अगर आईनाप्रतिबिम्बित  किरणें  चहुँओर एक  सी बि... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   9:32am 19 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाकोई औकात नही—पथिक अनजाना---679https://pathic64.blogspot.comक्यों होकर इस तरह बेआबरू यारतू इनकी पगधूल चाटता हैं रे दीवानेयह क्या जाने तेरी औकात क्या  हैंजिनकी खुद की कोई औकात नही हैंहंसता पथिक वे औकात की करे बातक्षण अगला पता नही चढी मानो बरातवक्त ने गर ठुकर... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   7:28am 18 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानालाये काँच या मोती-----पथिक अनजाना-678https://pathic64.blogspot.comन आयु हर इंसान की  उष्मान में  रहती हैंन आय हर इंसान की  उष्मान हो  रहती हैंसत्य जिन्दगी इंसा की असामान्य रहती हैंआयुष्मान पाने मे यहाँ वक्त बर्बाद न करोइंतजारे मौत के लिये करोडों लम्हे गु... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   5:05am 18 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानास्वदोष छिपा पूर्वजों ने---पथिक अनजाना---677   https://pathic64.blogspot.comविगत दिनों मेरे बहुत करीबी मित्र ने प्रकाशित की हैंदृश्यवान घटनाऔ पर हैं सुरचित कविता खूनी धरतीमैं लगा सोचने  मां धरती का ऐसा स्वभाव क्यों हुआमित्र ने सामाजिक हालात इंसानी विचार... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   5:02am 18 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानावर्ना हैं क्या जहाँ में-----पथिकअनजाना-----675http://pathic64.blogspot.comकौन कहता हैं कि जहान में बहुत कुछ असंभव हैंगर असंभव होता तो यारों उसका निर्माण क्यों होताकहो यह कि इसे संभव बनाने की ठानी नही हैं तुमनेवर्ना हैं क्या जहाँ में जिसे इंसान संभव नही करता हैं... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   5:00am 17 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाराह वही से मिलती----पथिकअनजाना ----  676प्रश्न यह कि सुसंस्कार से व्यक्तित्व उभरता हैंया  सुसंस्कारी वातावरण किस्मत से मिलता हैंकिस्मत का निर्माण सुविचारों सुक्रमों से होता हैंसुसंस्कारों से सामने सुकर्म सुविचार प्रकट होते हैंपहले  ल... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   4:49am 17 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानातब  कहानी आती  हैं –पथिक अनजाना----671http://pathic64.blogspot.comविगत  दिनों प्राप्त जी मेल से काव्य रचना पढने को मिलीउदगार हैं कि पत्नियाँ गुलामों की तरह रहती यहाँ घरों मैं हैंशायद आस-पास कुछ के यह वातावरण हैं जो उभरे विचार हैंवस्तुत: यह कि अब रहती पत्न... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   6:52am 16 Sep 2014 #
Blogger: सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना)
विचार सागर मंथन -----पथिक अनजानाअनदेखे खुदा की चाहत-----पथिक अनजाना--654http://pathic64.blogspot.comसम्हल इंसान तू क्यों किया करता हैंपरवाह अनदेखे खुदा की यार जीवन मेंफर्ज अपने कर पूरे दुनिया में फैलावे गरइंसानियत पर न बन तू कभी भार यारयही हैं उस अनदेखे खुदा की चाहत मानसुन यही प्रकृति ने सु... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   6:21am 16 Sep 2014 #

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3982) कुल पोस्ट (191451)