POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: स्वार्थ

Blogger: स्वार्थ
अज्ञेय की लंबी कविता – असाध्य वीणा, विचार, कल्पना, और भाषा तीनों के स्तर पर एक अनूठी कविता है| कविता बेहद खूबसूरत विम्ब रचते हुए आगे बढ़ती है और पाठक को सम्मोहित करके अपने खूबसूरत संसार में खींच ले जाती है और जब तक कविता पाठक की आँखों के सामने रहती है शब्द चित्र गढते [...]... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   6:37pm 5 Apr 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
मन की सांकल खोल रहा मैं बिलकुल सच बोल रहा हूँ जिसे ज़िंदगी भर साँसे दीं उसने मेरी चिता सजाई बड़ा अपयशी हूँ मैं भाई ! चाहा बहुत तटस्थ रहूँ मैं कभी किसी से कुछ न कहूँ मैं लेकिन जब मजबूर हो गया तो यह बात जुबान पर आई बड़ा अपयशी हूँ मैं भाई ! [...]... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   5:24pm 1 Apr 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
एक नामपट्टी के बारे में सोच रहा कि कैसी हो, फिर घर के बारे में सोचूंगा कि कैसा हो, फिर उनके बारे में जो रह चुके रहे जा चुके घरों में | अंत में किसी नए कोण से सोचना शुरू करूंगा कि कैसी हो मेरे घर की नयी नामपट्टी| सफ़ेद संगमरमर पर काले अक्षर धीरे-धीरे [...]... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   1:38pm 29 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
मुझे बताओ, क्या गुलाब नग्न है? या कि उसकी वेशभूषा ही ऐसी है? वृक्ष क्यों छिपाते हैं, अपनी जड़ों की भव्यता को? कौन सुनता है दुखडा? चोरी हो चुके वाहन का| क्या दुनिया में कोई भी दुखी होगा, बरसात में खड़ी रेल से ज्यादा ? (पाब्लो नेरुदा)... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   11:41am 22 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
अभी तुम्हारा ध्यान कहीं है पीड़ा का अनुमान नहीं है जिस दिन ठोकर लग जायेगी उस दिन तुम फ़रियाद करोगे तब तुम मुझको याद करोगे… बालू की दीवार खड़ा कर ताशों के तुम महल बना कर अपने दिल की इस बस्ती को जिस दिन तुम खुद बर्बाद करोगे तब तुम मुझको याद करोगे… मैं संयम [...]... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   9:55am 21 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
रोटी मुझसे ले लो, अगर तुम चाहो तो, हवा दूर ले जाओ, लेकिन मुझसे अपनी हँसी दूर मत ले जाना| दूर मत ले जाना, वो गुलाब, वो लंबा, नुकीला फूल, जो तुमने तोड़ा है, वो खुशी, जो जल के झरने की तरह एकदम से फूट पड़ता है वो चांदी जैसी चमक जो अनायास जगमगा उठती [...]... Read more
clicks 70 View   Vote 0 Like   12:08pm 17 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
चाहे यह ज़िंदगी खंगालो या तुम इसकी रूह निकालो ठंडी आहें नहीं भरूँगा सब कुछ चुपचाप सहूंगा अब मैं तुमसे कुछ न कहूँगा… मैंने कभी विरोध न माना हर अनुरोध तुम्हारा माना मान तुम्हारा रख पाऊं मैं यह कोशिश दिन रात करूँगा अब मैं तुमसे कुछ न कहूँगा… दुख से मेरा वैर नहीं है कोई [...]... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   7:48pm 15 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
मुझे, अकेलेपन में साथी याद तुम्हारी कैसे आती आंसू रहकर इन आँखों में अपना नीड़ कैसे बनाते? यदि तुम मुझसे दूर न जाते| तुम हो सूरज-चाँद जमीन पर किसका क्या अधिकार किसी पर मेरा मन रखने की खातिर तुम जग को कैसे ठुकराते? यदि तुम मुझसे दूर न जाते| आँख आज भी इतनी नम है [...]... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   10:54am 14 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
  सपने हैं शीशे से साफ़ करो इनको सपनों की गलती क्या माफ करो इनको | मन में कुछ आने दो कुछ मन से आने दो गीत गुनगुनाने दो …| मोहक हर दर्पण था मोह गया मन को आकर्षण बंधन का तोड़ गया तन को | सुख को तुम माने दो दुख में कुछ गाने [...]... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   4:26am 12 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
Maya Angelou की प्रसिद्द कविता Phenomenal Woman का हिन्दी अनुवाद औरतें उत्सुक रहती हैं   जानने को कि कहाँ छिपे हैं मेरे चुम्बकीय व्यक्तित्व के रहस्य?   खूबसूरती की उनकी परिभाषा की समझ से मैं किसी भी हिसाब से खूबसूरत नहीं हूँ न ही मैं फैशन माडल्स जैसे आकार प्रकार वाली हूँ लेकिन जब में [...]... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   8:35pm 8 Mar 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
कितने तूफानों से गुजरा कितनी गहराई में उतरा दोनों का ही कुछ पता नहीं बस ऐसे जीवन बीत गया | राजीव-नयन तो नहीं मगर मद भरे नयन कुछ मेरे थे इन उठती-गिरती पलकों में खामोश सपन कुछ मेरे थे | कुछ घने घनेरे से बादल कब बने आँख का गंगाजल दोनों का ही कुछ पता [...]... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   5:27pm 27 Feb 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
ये दर्द तुमने जो दे दिया है इसे में उम्र भर ढो तो पाऊं तो देखना क्या कहेगी दुनिया क़यामत तक तो रहेगी दुनिया | मेरे मन को सूना पाकर पहले तुमने डेरा डाला फिर छोड़ा, यों नाता तोड़ डाला टूट गई सपनों की माला| ये शून्य तुमने जो दे दिया है इसी को पूरा [...]... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   10:48am 22 Feb 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
जितना चिंतन कोई कुंआरा जितना भोला कोई इशारा जितना बंधन कोई दुलारा उससे अधिक कुआँरे हो तुम इतने मुझको प्यारे हो तुम | जितनी बारिश कोई सुहानी जितनी प्यारी कोई कहानी जितनी डगर कोई अनजानी उससे अधिक कुआँरे हो तुम इतने मुझको प्यारे हो तुम | जितना सपन कोई सीने में जितना नशा है... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   7:12am 20 Feb 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
वही कहानी मत दुहराओ मेरा मन हो विकल न जाए भावुकता की बात और है प्रीत निभाना बहुत कठिन है यौवन का उन्माद और है जनम बिताना बहुत कठिन है आँचल फिर तुम मत लहराओ पागल मन है मचल न जाए दर्पण जैसा था मन मेरा जिसमें तुमने रूप संवारा तुम्हे जिताने की खातिर में [...]... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   7:05pm 16 Feb 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
रिमझिम-रिमझिम बरसा सावन याद मुझे तुम आये बहुत मन के सूने से आँगन में गीत तुम्हारे गाये बहुत … खुली-खुली वे जुल्फें तेरी नभ में जैसे छाई बिजली साफ़ चमकती दंत-पंक्तियाँ चमक उठी हो जैसे बिजली मैंने दृष्टि रोक दी तुम पर तुम मन में शरमाये बहुत … पहली बार हुआ कुछ ऐसा जब मैं [...]... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   10:35am 12 Feb 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
जितनी बाल्मिकी की कविता जितनी उद्गम पर हो सरिता जितनी किरन चांदनी उससे अधिक कुंआरे हो तुम | जितनी पावन यहाँ प्रकृति है जितनी सुन्दर धवल कृति है जितनी घड़ी सावनी कोई उससे अधिक कुंआरे हो तुम | जितनी सिहरन सीधी सीधी जितनी मनहर कोई वादी जितनी मधुर रागिनी कोई उससे अधिक कुंआर... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   5:43pm 11 Feb 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
चन्दन के वृक्षों की खुशबू में डूबा मन शायद मन राधा है या फिर है वृन्दावन| मन में क्या झूम उठी अंग अंग चूम उठी तन में फिर यौवन की आंधी सी घूम उठी| पागल सा फिरता है अब तो बंजारा मन आखिर क्यों इतना है दुश्मन आवारा मन| दूर कहीं कली खिली नयन-नयन धूप [...]... Read more
clicks 77 View   Vote 0 Like   8:33pm 28 Jan 2013 #कविता
Blogger: स्वार्थ
2 दिसंबर 1984 की वो काली भयावह रात ………… जब एक भयंकर मानवीय भूल ने लाखों निर्दोष और मासूम लोगों की ज़िन्दगी को दांव पर लगा दिया। उस रात हज़ारों लोगों की किस्मत में 3 दिसंबर 1984 का सवेरा देखना नहीं लिखा था. उस रात मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनियन कार्... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   5:32am 3 Dec 2012 #अजीत सिद्धू
Blogger: स्वार्थ
हमारे देश के इतिहास में घटित सर्वाधिक ह्रदय विदारक औद्योगिक त्रासदी को आज 28 बरस बीत गए, फिर भी उस खौफनाक मंज़र को वो लोग आज तक नहीं भुला पाए हैं, जिन्हें इस दुर्घटना ने ताउम्र रोने पर विवश कर दिया है। इस भयंकर मानवीय भूल ने निर्दोष और मासूम जानों के साथ ऐसा खिलवाड़ [...]... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   5:05am 3 Dec 2012 #अजीत सिद्धू
Blogger: स्वार्थ
मुझे मालूम है, मैं जानता हूँ, और मानता भी हूँ कि मेरे सिर के सब बाल पक कर सुर्ख हो चुके हैं| परंतु फिर भी, अपने सर पर तुम्हारी उँगलियों का स्पर्श, मेरे माथे पर रखा तुम्हारा सर और मेरे कानों को छूती तुम्हारी चोटी की महकती खुशबू| मुझे मालूम है  जानता हूँ और मानता [...]... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   4:08am 19 May 2012 #बकुल ध्रुव
Blogger: स्वार्थ
तुम आये तो रंग मिले थे गए तो पूरी धूप गयी शायद इसको ही कहते हैं किस्मत के हैं रूप कई भटकी हुयी नदी में कितनी बार बहेंगे हम| फूल-फूल तक बिखर गए हैं पत्ते टूट गिरे शाखों से एक तुम्हारे बिना यहाँ पर जैसे हों हम बिना आँखों के फिर भी इस अंधियारे जग [...]... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   6:07am 12 Mar 2012 #कविता
Blogger: स्वार्थ
जिन यादों को नींद न आये उन्हें सुलाना बहुत कठिन है दिल कि दुनिया जिन्हें बसाए उन्हें भुलाना बहुत कठिन है| लिखती होगी नाम मेरा वो आज भी अपने तकिये पर यह तो केवल सुई ही जाने चली वो कितना बखिए  पर | दोनों की इस व्यथा कथा को आज सुनाना बहुत कठिन है| बहुत [...]... Read more
clicks 185 View   Vote 0 Like   9:10am 28 Feb 2012 #कविता
Blogger: स्वार्थ
फ़ना होना ये ही है अंजामे-इश्क, उसमे ज़िन्दगी ना ढूंढ, आफताब का जलवा देख, ज़र्रे में रौशनी ना ढूंढ| नए आयाम को देख, जो हो चुका उसे मुड कर न देख, ग़म दबा हुआ निकाल, बेवजह पड़ा ग़म ना देख | मेरे हाल-ए-बेज़ार से नफरत न कर,  दिल को देख, सहर भी जिसकी शाम हो [...]... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   12:43pm 22 Feb 2012 #कविता
Blogger: स्वार्थ
प्रीत जन्म है प्रीत मरण है प्रीत धरा है  प्रीत गगन है प्रीत छाँव है प्रीत तपन है प्रीत मधुर वह आलिंगन है जिसको सबने किया नमन है! प्रीत मधुरिमा प्रीत अरुणिमा प्रीत अमावस प्रीत पूर्णिमा प्रीत ह्रदय में सूर्य-चन्द्र सी उदय – अस्त में यही लालिमा प्रीत-रीत से अलग खड़ी- सी हर इ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   11:56pm 13 Feb 2012 #कविता
Blogger: स्वार्थ
जब धरती जैसी प्रिया गगन के आगे हो तो तुम्ही बताओ क्या होगा? रजनी-गंधा देह तुम्हारी मन गंगा का पानी जी चाहे तुम पर मैं लिख दूं कोई प्रेम कहानी | जब ऐसा अदभुत रूप नयन के आगे हो तो तुम्ही बताओ क्या होगा? जब धरती जैसी प्रिया गगन के आगे हो… बेले में है [...]... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   1:42pm 10 Feb 2012 #कविता

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4011) कुल पोस्ट (192136)