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Blog: भूली-बिसरी यादें

Blogger: राजेंद्र कुमार
खुद की क्षमताओं पर भरोसा होना आत्मविश्वास का जरूरी हिस्सा है। कुछ लोग स्वाभाविक रूप से आत्मविश्वासी होते हैं, तो कुछ को इसे विकसित करने की जरूरत होती है। अपनी काबलियत पर हमें हमेशा विश्वास करना चाहिए, क्योंकि जीवन में हमें अपना आत्म विश्वास और अपनी काबलियत ही आगे ... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   6:16am 30 Sep 2014 #कहानी
Blogger: राजेंद्र कुमार
प्रिये मित्रों, आज हम सबका स्वतंत्रता दिवस है, स्‍वतंत्रता दिवस ऐसा दिन है जब हम अपने महान राष्‍ट्रीय नेताओं और स्‍वतंत्रता सेनानियों को अपनी श्रद्धांजलि देते हैं जिन्‍होंने विदेशी नियंत्रण से भारत को आज़ाद कराने के लिए अनेक बलिदान दिए और अपने जीवन न्‍यौछावर कर दि... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   2:54am 15 Aug 2014 #स्वतंत्रता दिवस
Blogger: राजेंद्र कुमार
आज रक्षाबंधन का पावन पवित्र पर्व है। इस पवित्र पर्व के अवसर पर मैं तो अपनी मातृभूमि से बहुत दूर परदेश में हूँ। मेरी अपनी बहने तो नहीं हैं पर यहाँ भी हर वर्ष हमारी धर्म बहने हमें अपनी राखियाँ भेजती हैं। रक्षाबंधन का पर्व पारंपरिक रूप से बहनों व भाइयों के आपसी स्नेह के प्... Read more
clicks 295 View   Vote 0 Like   2:47am 10 Aug 2014 #
Blogger: राजेंद्र कुमार
जीवन में सफल होना कौन नही चाहता, हम अपने अपने तरीके अपना कर जीवन में सफल होने का प्रयत्न करते रहते हैं।हर व्यक्ति की मूलभूत चाहत होती है कि उसके जीने के मायने हों। वह इतना सक्षम हो कि न केवल अपनी वरन अपने परिजनों-परिचितों की भी आवश्यकताओं एवं इच्छाओं की पूर्ति कर सके। स... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   4:54am 12 Jul 2014 #आत्मविश्वास
Blogger: राजेंद्र कुमार
हमारे दुःख का एक कारण यह भी है कि हम दूसरों के सुखों से अपनी तुलना करते रहते है कि उसके पास ज्यादा है,मेरे पास कम है। जो हमें मिला है यदि उसी पर ध्यान हो तो दुखी नहीं होंगे क्योंकि दुःख तो तुलना से आता है,जब अपने से ज्यादा खुशहाल व्यक्ति से तुलना करोगे तो दुःख आएगा और अपने ... Read more
clicks 257 View   Vote 0 Like   8:51am 18 Jun 2014 #कहानी
Blogger: राजेंद्र कुमार
१. प्रचण्ड गर्मी तन को झुलसाती जीना मुहाल २. आग लगाये जेठ की दुपहरी मन व्याकुल ३. प्यासे परिन्दे गर्मी से अकुलाए दाना न पानी ४. चुभती गर्मी धूप की चिंगारियां मार डालेगी ५. लम्बी डगर छाया को तरसते थके पथिक ६. सुनी गलियाँ चिलचिलाती ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   10:45am 19 May 2014 #गर्मी
Blogger: राजेंद्र कुमार
जीवन एक ऐसा सफ़र है जिसमें नही मालूम किन राहों से गुजरना होगा और कैसे कैसे मोड़ आयेंगे .यह आलेख उन अभिशप्त महिलाओं के बारे में है जिनके पति शादी के कुछ ही दिनों बाद उसे अकेला छोड़ कर गल्फ देशो में कमाने के लिए चले जाते हैं। केरल की अधिकांश महिलाएं ऐसे ही जुदाई के गम में ... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   3:59am 29 Mar 2014 #आलेख
Blogger: राजेंद्र कुमार
१.प्रेम की होलीसबको मुबारकरंग रंगीली२.उषा की लालीआँगन में रंगोलीछायी खुशियाँ३.होली की धूमप्रियतम के घरप्यार ही प्यार४.होली का पर्वदे प्यार का संदेशदेश की शान५.होली का जोशबच्चे और जवानमदमस्त हैं६.रंगों का मेलागालों पर गुलालसब हैं रंगे७.होली के दिनबाजे ढोल मृदंगमन ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   9:57am 16 Mar 2014 #
Blogger: राजेंद्र कुमार
आ समन्दर के किनारे पथिक प्यासा रह गया,था गरल से जल भरा होकर रुआंसा रह गया।था सफर बाकि बहुत मजिल अभी भी दूर थी,हो गया बढना कठिन घिर कर कुहासा रह गया।लग रहे नारे हजारो छप रही रोज लाखो खबर,गौर से जब देखा तो बन तमाशा रह गया।एक बुत गढ ने लगी अनजान में ही मगर,हादसा ऐसा हुआ की वह बि... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   12:42pm 6 Mar 2014 #Hindi ghazal
Blogger: राजेंद्र कुमार
                                        ॐ नमोः शिवाय शिव पंचाक्षर स्त्रोत नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वरायनित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वरायमंदारपुष्प ब... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   3:22am 27 Feb 2014 #शुभकामनायें।
Blogger: राजेंद्र कुमार
नैवाकृति: फलति नैव कुलं न शीलं विद्यापि नैव न च यत्नकृताऽपि सेवा।भाग्यानि पूर्वतपसा खलु सञ्चितानि काले फलन्ति पुरुषस्य यथैव वृक्षा:।।अर्थ: मनुष्य की सुन्दर आकृति,उतम कुल, शील, विद्या, और खूब अच्छी तरह की हुई सेवा - ये सब कुछ फल नहीं देते किन्तु पूर्वजन्म के कर्म ही समय ... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   2:56am 26 Feb 2014 #कहानी
Blogger: राजेंद्र कुमार
निन्दन्तु नीतिनिपुणा यदि वा स्तुवन्तु,लक्ष्मीः स्थिरा भवतु गच्छतु वा यथेष्टम्।अद्यैव वा मरणमस्तु युगान्तरे वा,न्याय्यात्पथः प्रविचलन्ति पदं न धीराः॥"नीति में निपुण मनुष्य चाहे निंदा करें या प्रशंसा, लक्ष्मी आयें या इच्छानुसार चली जायें, आज ही मृत्यु हो जाए या यु... Read more
clicks 266 View   Vote 0 Like   8:23am 18 Feb 2014 #धैर्य
Blogger: राजेंद्र कुमार
झूठ सच्चाई का हिस्सा हो गयाइक तरह से ये भी अच्छा हो गयाउस ने इक जादू भरी तक़रीर कीक़ौम का नुक़सान पूरा हो गयाशहर में दो-चार कम्बल बाँट करवो समझता है मसीहा हो गयाये तेरी आवाज़ नम क्यूँ हो गईग़म-ज़दा मैं था तुझे क्या हो गयाबे-वफाई आ गई चौपाल तकगाँव लेकिन शहर जैसा हो गयासच ब... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   10:05am 15 Feb 2014 #झूठ
Blogger: राजेंद्र कुमार
समर्पण के बिना स्वतंत्रता उपलब्ध नही हो सकती। जब तक परमात्मा के प्रति हम पूर्ण रूप से समर्पित नहीं होते, 'मैं'के अहंकार को नही छोड़ते तब तक हम चारो तरफ से बन्धनों  में जकड़े रहेंगे।  इस मैं का अहंकार छोड़ कर अपने आपको प्रभु-अपर्ण करके ही हम मुक्त हो सकते हैं। 'मैं'को हम पर... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   10:44am 11 Feb 2014 #पूर्ण समर्पण
Blogger: राजेंद्र कुमार
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताया वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दितासा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनींवीणा-पुस्तक-धारिणीमभय... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   9:21am 4 Feb 2014 #
Blogger: राजेंद्र कुमार
१. सर्दी के दिनठिठुरते इंसानलाया कहर २. शीत लहर पिया हैं परदेश व्याकुल मन ३. सर्द हवाएं बेदर्द हुई सर्दी आफत आई ४. कापते हाथ ठिठुरता बदन ओढ  रजाई ५. कंपाती  भोर रजाई में दुबके सिकुड़े हुए ६. छिपा सूरज कुहरे की चादर धुंध ही धुंध ७.&nb... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   6:12am 28 Jan 2014 #मौसम
Blogger: राजेंद्र कुमार
सत्य अहिंसा का पाठ पढाता,हर्षोल्लास भरा गणतंत्र दिवस है।गणतंत्र दिवस भारत में 26 जनवरी को मनाया जाता है और यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। हर वर्ष 26 जनवरी एक ऐसा दिन है जब प्रत्‍येक भारतीय के मन में देश भक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्‍नेह भर उठता है। ऐसी अनेक म... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   3:00am 26 Jan 2014 #
Blogger: राजेंद्र कुमार
कल ही रात को मुझे एक जानकार के आत्महत्या का समाचार मिला,मन मर्माहत हुआ।  आये दिन हमलोग आत्महत्या कि बढ़ती घटनाओं को सुनते ही रहते है,क्या आत्महत्या किसी समस्या का उचित समाधान है? आत्महत्या करने वालों कि  समस्याएं पर नजर डालें तो इनमे पारिवारिक कलह,दिमागी बीमारी,... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   5:13am 13 Jan 2014 #आलेख
Blogger: राजेंद्र कुमार
सारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमाराहम भेड़-बकरी इसके यह गड़ेरिया हमारासत्ता की खुमारी में, आज़ादी सो रही हैहड़ताल क्यों है इसकी पड़ताल हो रही हैलेकर के कर्ज़ खाओ यह फर्ज़ है तुम्हारासारे जहाँ से अच्छा है इंडिया हमारा.चोरों व घूसखोरों पर नोट बरसते हैंईमान के मुसाफिर र... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   12:02pm 7 Jan 2014 #कवितायेँ
Blogger: राजेंद्र कुमार
आप सब को नूतन वर्ष 2014की हार्दिक शुभकामनाएंप्रिये मित्रों एक लम्बे समय तक आप सब से ब्लॉग जगत से दूर रहा जिसका हमे हमेशा आप सबकी कमी खलती रही. देखते देखते २०१३ वर्ष  भी खत्म हो गया,आज नव वर्ष के प्रथम दिवस पर आप सब को हार्दिक शुभकामनाओं के साथ सादर नमन.नया सवेरा नयी क... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   8:30am 1 Jan 2014 #
Blogger: राजेंद्र कुमार
) किसी को दु:ख न पहुंचाएं।) घर का वातावरण सुखद बनाएं।) जीवन में सत्य को प्रमुखता दें। एक झूठ छिपाने के लिए अधिक झूठ का सहारा लेना पड़ता है।) भगवान के प्रति धन्यवादी रहें। भगवान पर पूरा विश्वास रखें।) क्रोध से दूर रहें। क्रोध स्वास्थ्य का शत्रु है। स्वयं को और औरों को भी ऐस... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   3:54pm 28 Nov 2013 #
Blogger: राजेंद्र कुमार
१. रिश्तों की डोर अटूट है बन्धन टूटे न टूटे २. प्रचंड धूप सुख-दुख का तूफांअटल प्यार ३. प्रीत का रंग सुनहरी किरण मन चंद्रिका ४. मन हमेशा प्रियतम के साथ नही अकेला ५. सहज स्नेह हरपल बरसे नैनों में दिखे ६. भवरें गाते मधुरम संगीत हर्... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   2:34am 21 Oct 2013 #हाइकू
Blogger: राजेंद्र कुमार
फूल की बातें सुनाकर वो गया, किस अदा से वक़्त काँटे बो गया ।गाँव की ताज़ा हवा में था सफ़र,शहर आते ही धुएँ में खो गया ।मौत ने मुझको जगाया था मगर,ज़िंदगी के फ़लसफ़ों में सो गया ।मेरा अपना वो सुपरिचित रास्ता,कुछ तो है जो अब तुम्हारा हो गया ।पा गया ख़ुदगर्ज़ियों का राजपथ,रास्त... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   3:09am 14 Oct 2013 #
Blogger: राजेंद्र कुमार
ताकत पे सियासत की ना गुमान कीजिये, इन्सान हैं इन्सान को इन्सान समझिये। यूँ पेश आते हो मनो नफरत हो प्यार में, मीठे बोल न निकले क्यूँ जुबां की कटार से। खुद जख्मी हो गये हो अपने ही कटार से, सच न छुपा पाओगे अपने इंकार से। आँखें  भुला के दिल के आईने में झाकिये, इन्... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   5:46am 6 Oct 2013 #खुनी मंजर
Blogger: राजेंद्र कुमार
जिस दिन से तुम आई मेरी जिंदगी मे जीवन के प्रत्येक दिन मानो दिवाली है. तुम से दूर रहकर नही कर सकता कल्पना हर पल महसुस करता अंतरात्मा की आवाज जिस में हम एक साथ कर रहें हैं वीणा का वादन साथ बिताये हसींन लम्हे हरपल आँखों के सामने मानों चल रहा है चलचित्र... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   3:31am 25 Sep 2013 #कवितायेँ


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