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Blog: WOMAN ABOUT MAN

Blogger: shalini kaushik
पता हैं औरत हर रोल कर सकती हैं जबकि आदमी कभी भी नहींऔरत आदमी की जिमेदारियों को उससे भी ज्यादा अच्छे से निभा सकती हैं जबकिआदमी हुह अच्छा तो छोड़ो बेमुश्किल निभा पाएंगे :-)हां महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं इससे अच्छी बात और क्या हो सकती हैं ??पर हमारे लिए तो हर रोज वही... Read more
clicks 201 View   Vote 0 Like   10:58am 26 Feb 2014 #
Blogger: shalini kaushik
''तमने अपने पति की हत्या क्यों की ?,इंस्पैक्टर ने कमला को जेल ले जाते हुए पूछा |  इस सती सावित्री,अनसुइया के पावन देश मे तूमने ऐसा अपराध किया ;घोर आश्चर्य !     कमला ने बेहिचक कहा ''सावित्री ,अनसुइया के पति ने कभी अपनी पत्नी पर ऐसा मर्यादाहीन लांछन लगाया? इंस्पैक्टर सोच... Read more
clicks 215 View   Vote 0 Like   2:34am 23 Feb 2014 #
Blogger: shalini kaushik
कल्पनाख्वाबगफलतआभास एक नारी मन का !हकीकतचेतनयथार्थसंकेत एक पुरुष सोच का !कल्पना कर नारी सजाये सुन्दर घरख्वाब देख रखे खुशियों की तमन्नागफलत में माने सब अपना .हकीकत दिखाए जीवन की पुरुष सबकोचेतन अवस्था में ले आये शिथिल मन कोयथार्थ ला उजाड़े ख्वाबों के उपवन को .शालिनी कौ... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   6:35pm 18 Feb 2014 #
Blogger: shalini kaushik
माता ने खून से सींचा थापिता ने की थी रखवालीआज वहीं बेटी बाबुलका कर जायेगी घर खाली !!दिल में उमंगो,हसरतों सेसजी हैं तमन्नाओं की सेजहर हसरत तब चूर हुईजब रोक फेरों को माँगा देहज !!देहज लेकर डोली उठीपर भेड़िये की भूख ना मिटीमांग पर माँग बढ़ती गयीमासूम बिटिया खूब पिटी !!जब माँ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   8:39am 3 Jan 2014 #
Blogger: shalini kaushik
सबको नए वर्ष की बहुत-२ हार्दिक शुभकामनाएं :-)बाकी बीते सालों की तरह 2014 की भी शुरुआत हो ही गयी हैं पता नहीं क्यों पर इस बार मेरा भी मन नये साल को सेलिब्रेट करने का कर रहा हैं शायद हम पीछे के कुछ पन्नों को पलट कर देखे तो हम पाएंगे कि 1947 को भी 1st जनवरी को बुधवार ही था थोड़ा आग... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   6:30am 1 Jan 2014 #
Blogger: shalini kaushik
 अबला समझके नारियों पे बला टलवाते हैं,चिड़िया समझके लड़कियों के पंख कटवाते हैं ,बेशर्मी खुल के कर सकें वे इसलिए मिलकरपैरों में उसे शर्म की बेड़ियां पहनाते हैं .……………………………………………………………………आवारगी पे अपनी न लगाम कस पाते हैं ,वहशी पने को अपने न ये काबू कर पाते हैं ,दब कर ... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   6:31pm 28 Dec 2013 #
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फिरते थे आरज़ू में कभी तेरी दर-बदर ,अब आ पड़ी मियां की जूती मियां के सर ..............................................................लगती थी तुम गुलाब हमको यूँ दरअसल ,करते ही निकाह तुमसे काँटों से भरा घर .........................................................पहले हमारे फाके निभाने के थे वादे ,अब मेरी जान खाकर तुम पेट रही भर ............................................................ Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   8:12pm 18 Dec 2013 #
Blogger: shalini kaushik
पहले अपराध साबित हो जस्टिस गांगुली का तब इस्तीफामहिला सशक्तिकरण का दौर चल रहा है किन्तु क्या इसका साफ तौर पर यह मतलब लगा लेना चाहिए कि पुरुष के अशक्त होने का दौर आरम्भ हो चुका है ?क्या वास्तव में महिला तभी सशक्त हो सकती है जब पुरुष अशक्त हो फिर क्यूँ ये कहा जाता है कि ये ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   9:58pm 13 Dec 2013 #
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अभी अभी एक नए जोड़े को देखा पति चैन से जा रहा था और पत्नी घूंघट में ,भले ही दिखाई दे या न दे किन्तु उसे अब ऐसे ही चलने का अभ्यास करना होगा आखिर करे भी क्यूँ न अब वह विवाहित जो है जो कि एक सामान्य धारणा के अनुसार यह है कि अब वह धरती पर बोझ नहीं है ऐसा हमारे एक परिचित हैं उनका कहन... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   9:28pm 4 Dec 2013 #
Blogger: shalini kaushik
सुषमा स्वराज कहती हैं -''मैं हमेशा से शालीन भाषा के पक्ष में रही हूँ .हम किसी के दुश्मन नहीं हैं कि अमर्यादित भाषा प्रयोग में लाएं .हमारा विरोध नीतियों और विचारधारा के स्तर पर है .ऐसे में हमें मर्यादित भाषा का ही इस्तेमाल करना चाहिए .''और आश्चर्य है कि ऐसी सही सोच रखने वाली ... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   7:16pm 21 Nov 2013 #
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                                                                                                                                                                                                      ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   11:30am 16 Nov 2013 #
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                                                                                                                                                                                                      &n... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   4:38am 12 Nov 2013 #
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    तनु महाराष्ट्र के मुंबई शहर मे रहती है | जो देश की आर्थिक राजधानी और माया नगरी के नाम से जानीi जाती है |मुंबई मे रहने वाले हर इंसान को वहां की भागती हुई जिन्दगी जीने का आदि होना पड़ता है| अगर वो समय के साथ ना चले तो पूरा दिन बेकार हो जाता है | सुबह जल्दी तैयार होकर ऑफिस ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   5:20am 9 Nov 2013 #
Blogger: shalini kaushik
लक्ष्मी आन विराजो ,लख-लख दीप जलाते हैं ,नाम लिखा दो लखपतियों में ,तुम्हें बुलाते हैं .**************************************************************घर का हर कोना चमकाएं ,रंग-बिरंगा उसे सजाएँ ,खन-खन कान में बजवाने को समय लगाते हैं .****************************************************************सोने चांदी के सिक्कों से गणपति पूजें साथ तेरे ,छप्पर फाड़ ... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   2:50pm 2 Nov 2013 #
Blogger: shalini kaushik
फैशन डिज़ायनर रूपा का अपने बुटिक मे आते ही काम मे व्यस्त हो जाना, अपने स्टाफ को काम समझाना,ये उनका डेली का रूटीन था |फैशन डिजा ''मिस डिसूजा , मिस रूबी का आर्डर रेडी हुआ की नहीं ? डिसूजा कुछ जवाब देती, उससे पहले ही रमेंद्र से पूछ बैठी ''आस्था मेंम ,की ड्रेस के लिए कल जो डिजायन ... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   9:45am 31 Oct 2013 #
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                                                                                                                                                                                                        ... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   4:51am 27 Oct 2013 #
Blogger: shalini kaushik
                                                                                                                                                                                             आज सुबह ही दिव... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   10:38am 26 Oct 2013 #
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स्वीकारोक्ति एक पुरुष कीमेरे नाम से मुझेजब पुकारती हैं एक लड़कीऔर तहाती हैं मेरे धुले हुए कपडेझुन्झुलाता हुआ मैंझिड़क देता हूँ अक्सरऔर तब भी खामोश रहती हैंबिना किसी उम्मीद केप्यार में होती हैं न वोह !!!और मैं उदास सा करवट बदलता हुआयाद करता हूँ सिर्फ एक जिस्मजिस्म जो ... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   10:52am 18 Oct 2013 #
Blogger: shalini kaushik
बमुश्किल दुनिया का ऐसा नसीब होता है ,ख्वाब इतना हकीकत के करीब होता है .............................................................निशाना लगता है जिसका हमेशा मंजिल पर ,सफलता के शिखर पर भी गरीब होता है .................................................................हयात गुजरी है जिसकी ज्वार-भाटों सी ,निशाखातिर हुनर का ही नकीब होता है ....................................... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   8:49am 11 Oct 2013 #
Blogger: shalini kaushik
  फरमाबरदार बनूँ औलाद या शौहर वफादार ,औरत की नज़र में हर मर्द है बेकार .करता अदा हर फ़र्ज़ हूँ मक़बूलियत  के साथ ,माँ की करूँ सेवा टहल ,बेगम को दे पगार .मनसबी रखी रहे बाहर मेरे घर से ,चौखट पे कदम रखते ही इनकी करो मनुहार .फैयाज़ी मेरे खून में ,फरहत है फैमिली ,फरमाइशें पूरी करूँ ,ये... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   6:16pm 2 Oct 2013 #
Blogger: shalini kaushik
  तखल्लुस कह नहीं सकते ,तखैयुल कर नहीं सकते ,तकब्बुर में घिरे ऐसे ,तकल्लुफ कर नहीं सकते ..........................................................................मुसन्निफ़ बनने की सुनकर ,बेगम मुस्कुराती हैं ,मुसद्दस लिखने में मुश्किल हमें भी खूब आती है ,महफ़िलें सुन मेरी ग़ज़लें ,मुसाफिरी पर जाती हैं ,मसर्रत देख हाल-ए-द... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   8:28pm 18 Sep 2013 #
Blogger: shalini kaushik
हाँ ... तुम स्वतन्त्र हो पूरी तरह स्वतन्त्र पर देखो इस आज़ादी का  मतलब कुछ गलत मत लगाना ....जीने का पूरा हक़ है तुम्हेंपर ज़रूरत से ज्यादा साँसे मत लेना हक़ रखती हो बोलने का अपने दिल की कहने का पर देखो जो अच्छा सबको लगे केवल वही तुम  कहना .....किसने कहा कि घ... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   1:22pm 14 Sep 2013 #
Blogger: shalini kaushik
 पुरुषदंभ का मानवीय रूपटूट जायेगापरझुकेगा नहीं !दंभया तो फूलेगागैस के गुब्बारे की तरहनहीं तोडूब जायेगाऐसे अंधकार मेंजहाँ सायाअपना सायाभीसाथ छोड़ खिसक जाता हैदूर कहीं अनंत पथ पर .ऐसे ही पुरुषगैस के गुब्बारे की तरह फूलता हैऔर बिना सोचे विचारेस्वयं को मान सर्वशक्त... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   9:25am 3 Sep 2013 #
Blogger: shalini kaushik
 न कुछ कहने की इज़ाज़त ,न कुछ बनने की इज़ाज़त ,न साँस लेने की इज़ाज़त ,न आगे बढ़ने की इज़ाज़त .      न आपसे दो बात मन की बढ़के कह सकूं ,      न माफिक अपने फैसला खुद कोई ले सकूं ,      जो आपको लगे सही बस वो ही मैं करूँ ,      न उसको किसी हाल में मैं नहीं कह सकूं .अपनी ही ... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   3:14pm 25 Aug 2013 #
Blogger: shalini kaushik
 .फरेब लिए मुहं से मिलें हाथ जोड़कर ,  नुमाइंदगी करते हैं वे जनाब आली ,जजमान बने फिरते हैं वे जनाब आली ................................................................देते हैं जख्म हमें रुख बदल-बदल ,छिड़कते फिर नमक हैं वे जनाब आली .....................................................................मुखालिफों को हक़ नहीं मुहं खोलने का है ,जटल काफिये उड... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   8:03pm 29 Jul 2013 #

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