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Blog: हँसता गाता बचपन

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेघर भर की तुम राजदुलारीप्यारी-प्यारी गुड़िया जैसी,बिटिया तुम हो कितनी प्यारी।मोहक है मुस्कान तुम्हारी,घर भर की तुम राजदुलारी।।नये-नये परिधान पहनकर,सबको बहुत लुभाती हो।अपने मन का गाना सुनकर,ठुमके खूब लगाती हो।। निष्ठा तुम प्राची ज... Read more
clicks 388 View   Vote 0 Like   7:30am 7 Mar 2014 #बालकविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेसच्चा भारतसुन्दर-सुन्दर खेत हमारे।बाग-बगीचे प्यारे-प्यारे।।पर्वत की है छटा निराली।चारों ओर बिछी हरियाली।।छटा अनोखी बिखराता है।।सूरज किरणें फैलाता है।तम हट जाता, जग जगजाता।जन दिनचर्या में लग जाता।।चहक उठे हैं घर-चौबारे।महक उठे क... Read more
clicks 406 View   Vote 0 Like   4:24am 3 Mar 2014 #सच्चा भारत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेथाली के बैंगन गोल-गोल हैं, रंग बैंगनी,बैंगन नाम हमारा है।सुन्दर-सुन्दर रूप हमारा,सबको लगता प्यारा है।। कुछ होते हैं लम्बे-लम्बे,कुछ होते हैं श्वेत-धवल।कुछ होते हैं टेढ़े-मेढ़े,कुछ होते हैं बहुत सरल। सभी जगह पर थाली के बैंगन ही ... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   5:43am 27 Feb 2014 #बालकविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेस्वागतगानलगभग 29 वर्ष पूर्व मैंने एक स्वागत गीत लिखा था।इसकी लोक-प्रियता का आभास मुझे तब हुआ, जब खटीमा ही नहीइसके समीपवर्ती क्षेत्र के विद्यालयों में भी इसको विशेष अवसरों पर गाया जाने लगा।आप भी देखे-स्वागतम आपका कर रहा हर सुमन। आप आ... Read more
clicks 285 View   Vote 0 Like   4:03am 23 Feb 2014 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेबालकविता"मेरी साइकिल"मेरी साइकिल कितनी प्यारी।यह है मेरी नई सवारी।।अपनी कक्षा के बच्चों में,फर्स्ट डिवीजन मैंने पाई,खुश होकर तब बाबा जी ने,मुझे साईकिल दिलवाई,इसको पाकर मेरे मन में,जगी उमंगे कितनी सारी।यह है मेरी नई सवारी।।अपने घर क... Read more
clicks 325 View   Vote 0 Like   5:53am 15 Feb 2014 #मेरी साइकिल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेबालगीत"टर्र-टर्र टर्राने वाला"टर्र-टर्र टर्राने वाला!मेंढक लाला बहुत निराला!!कभी कुमुद के नीचे छिपता,और कभी ऊपर आ जाता,जल-थल दोनों में ही रहता,तभी उभयचर है कहलाता,पल-पल रंग बदलने वाला!मेंढक लाला बहुत निराला!!लगता है यह बहुत भयानक,किन्तु ... Read more
clicks 336 View   Vote 0 Like   4:36am 11 Feb 2014 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेबालकविता"वेबकैम पर हिन्दी में प्रकाशित पहली बाल रचना"-0-0-0-0-0- वेबकैम की शान निराली।करता घर भर की रखवाली।।दूर देश में छवि पहुँचाता।यह जीवन्त बात करवाता।।आँखें खोलो या फिर मींचो।तरह-तरह की फोटो खींचो।कम्प्यूटर में इसे लगाओ।घर भर की ... Read more
clicks 309 View   Vote 0 Like   4:39am 7 Feb 2014 #वेबकैम की शान निराली
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"स्वागत गान" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेबालकविता"श्यामपट" तीन टाँग के ब्लैकबोर्ड की,मूरत कितनी प्यारी है।कोकिल जैसे इस स्वरूप की,सूरत जग से न्यारी है।कालचक्र में बदल गया सब,पर तुम अब भी चमक रहे हो।समयक्षितिज पर ध्रुवतारा बन,नित्य ... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   9:50am 1 Feb 2014 #श्यामपट
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेलगभग 30 वर्ष पूर्व मैंने एक स्वागत गीत लिखा था।इसकी लोक-प्रियता का आभास मुझे तब हुआ, जब खटीमा ही नही इसके समीपवर्ती क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी इसको विशेष अवसरों पर गाया जाने लगा।आप भी देखे-स्वागतम आपका कर रहा हर सुमन। आ... Read more
clicks 303 View   Vote 0 Like   6:02am 28 Jan 2014 #हँसता गाता बचपन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
माँ की आराधनाअपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"सेअन्धकार को दूर भगाएँ।मन मन्दिर में दीप जलाएँ।।जागो अब हो गया सवेरा,दूर हो गया तम का घेरा,शिक्षा की हम अलख जगाएँ।मन मन्दिर में दीप जलाएँ।।कुक्कुट कुकड़ूँकू चिल्लाया,चिड़ियों ने भी गीत सुनाया,आओ हम भी खिलकर गायें।मन मन्द... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   1:55pm 24 Jan 2014 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेहँसता-खिलता जैसा,इन प्यारे सुमनों का मन है।गुब्बारों सा नाजुक,सारे बच्चों का जीवन है।।नन्हें-मुन्नों के मन को,मत ठेस कभी पहुँचाना।नित्यप्रति कोमल पौधों पर,स्नेह-सुधा बरसाना ।।ये कोरे कागज के जैसे,होते भोले-भाले।इन नटखट गुड्डे-गुड़... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   8:36am 19 Jan 2014 #हँसता गाता बचपन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"मच्छर"झूम-झूमकर मच्छर आते।कानों में गुञ्जार सुनाते।।नाम ईश का जपते-जपते।सुबह-शाम को खूब निकलते।।बैठा एक हमारे सिर पर।खून चूसता है जी भर कर।।नहीं यह बिल्कुल भी डरता।लाल रक्त से टंकी भरता।।कैसे मीठी निंदिया आये?मक्खी-मच... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   4:35am 14 Jan 2014 #मच्छर
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"गिलहरी"बैठ मजे से मेरी छत पर,दाना-दुनका खाती हो!उछल-कूद करती रहती हो,सबके मन को भाती हो!!तुमको पास बुलाने को, मैं मूँगफली दिखलाता हूँ,कट्टो-कट्टो कहकर तुमको,जब आवाज लगाता हूँ,कुट-कुट करती हुई तभी तुम,जल्दी से आ जाती हो!उछल-कू... Read more
clicks 346 View   Vote 0 Like   3:00am 10 Jan 2014 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"माता के उपकार"माता के उपकार बहुत,वो भाषा हमें बताती है!उँगली पकड़ हमारी माता,चलना हमें सिखाती है!!दुनिया में अस्तित्व हमारा,माँ के ही तो कारण है,खुद गीले में सोकर,वो सूखे में हमें सुलाती है!उँगली पकड़ हमारी……..देश-काल चाहे ज... Read more
clicks 278 View   Vote 0 Like   4:23am 6 Jan 2014 #माता के उपकार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"मैंने चित्र बनाया"ब्लैकबोर्ड पर श्वेत चॉक से, देखो मैंने चित्र बनाया।  अपने कोमल अनुभावों से, मैंने इसको खूब सजाया।। खेतों में छोटी सी कुटिया, जिसके आगे पगदण्डी है। छायादार वृक्ष भी तो हैं, जिनकी हवा बहुत ठण... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   8:27am 2 Jan 2014 #मैंने चित्र बनाया
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"चिड़िया की कहानी"रंग-बिरंगी चिड़िया रानी। सबको लगती बहुत सुहानी।। दाना-दुनका चुग कर आती। फिर डाली पर है सुस्ताती। रोज भोर में यह उठ जाती। चीं-चीं का मृदु-राग सुनाती।। फुदक-फुदक कर कला दिखाती। झटपट नभ में यह उड... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   2:45pm 29 Dec 2013 #बालकविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालगीत"मेरी रेल"इंजन-डिब्बों का है मेल।आओ आज बनाएँ रेल।।इंजन चलता आगे-आगे,पीछे-पीछे डिब्बे भागे,सबको अच्छी लगती रेल।आओ आज बनाएँ रेल।।मैट्रो ट्रेन बनाई मैंने,इसको बहुत सजाई मैंने,मम्मी देखो मेरी रेल।आओ आज बनाएँ रेल।।कल विद्यालय ... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   12:35pm 25 Dec 2013 #मेरी रेल
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अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"मिक्की माउस"मिक्की माउस कितना अच्छा।लगता है चूहे का बच्चा।।कितना हँसमुख और सलोना।यह लगता है एक खिलौना।।इसकी सूरत सबसे न्यारी।लीची जैसी आँखें प्यारी।।तन का काला, मन का गोरा।मुझको भाता है यह छोरा।।बालचित्रकार-प्रा... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   10:19am 21 Dec 2013 #मिक्की माउस
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"कुकड़ूकूँ की बाँग लगाता"रोज सवेरे मैं उठ जाता।कुकड़ूकूँ की बाँग लगाता।।कहता भोर हुई उठ जाओ।सोने में मत समय गँवाओ।।आलस छोड़ो, बिस्तर त्यागो।मैं भी जागा, तुम भी जागो।।पहले दिनचर्या निपटाओ।फिर पढ़ने में ध्यान लगाओ।।अगर ... Read more
clicks 242 View   Vote 0 Like   2:36am 17 Dec 2013 #बाल कविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"लड्डू हैं ये प्यारे-प्यारे"लड्डू सबके मन को भाते!----------------------------------------लड्डू हैं ये प्यारे-प्यारे,नारंगी-से कितने सारे!बच्चे इनको जमकर खाते,लड्डू सबके मन को भाते!प्रांजल का भी मन ललचाया,लेकिन उसने एक उठाया!अब प्राची ने मन में ठ... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालकविता"कच्चे घर"सुन्दर-सुन्दर सबसे न्यारा।प्राची का घर सबसे प्यारा।।खुला-खुला सा नील गगन है।हरा-भरा फैला आँगन है।।पेड़ों की छाया सुखदायी।सूरज ने किरणें चमकाई।।कल-कल का है नाद सुनाती।निर्मल नदिया बहती जाती।।तन-मन खुशियों से भर ... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   1:30am 9 Dec 2013 #बालकविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपनी बाल कृति "हँसता गाता बचपन"सेएक बालगीत"सबके मन को बहलाते हैं"काँटों में भी मुस्काते हैं।सबके मन को बहलाते हैं।।नागफनी की शैया पर भी,ये हँसते-खिलते जाते हैं।सबके मन को बहलाते हैं।।सुन्दर सुन्दर गुल गुलाब के,सारा उपवन महकाते हैं।सबके मन को बहलाते हैं।।नीम्बू की कण... Read more
clicks 285 View   Vote 0 Like   2:37pm 5 Dec 2013 #सबके मन को बहलाते हैं
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"से बालकविता"मेरी डॉल"मम्मी देखो मेरी डॉल।खेल रही है यह तो बॉल।।पढ़ना-लिखना इसे न आता।खेल-खेलना बहुत सुहाता।।कॉपी-पुस्तक इसे दिलाना।विद्यालय में नाम लिखाना।।रोज सवेरे मैं गुड़िया को,ए.बी.सी.डी. सिखलाऊँगी।अपने साथ इसे भी मैं तो,विद... Read more
clicks 292 View   Vote 0 Like   5:09am 1 Dec 2013 #मेरी डॉल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"से बालकविता"सूअर का बच्चा"गोरा-चिट्टा कितना अच्छा।लेकिन हूँ सूअर का बच्चा।।लोग स्वयं को साफ समझते।लेकिन मुझको गन्दा कहते।।मेरी बात सुनो इन्सानों।मत अपने को पावन मानों।।भरी हुई सबके कोटर में। तीन किलो गन्दगी उदर में।।श्रेष्ठ ... Read more
clicks 293 View   Vote 0 Like   11:12am 27 Nov 2013 #सूअर का बच्चा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन"से बालकविता"बिच्छू"चिमटे जैसी भुजा बनी हैं,प्यारी सी दुम धनुष-कमान।विष से भरा दंश है घातक है,जैसे हो जहरीला बाण।।कमर मंथरा जैसी टेढ़ी,परसराम जैसी आदत है।प्रीत-रीत यह नहीं जानता,इसको छूना ही आफत है।।डरता नहीं किसी से है यह,छोटा-ख... Read more
clicks 325 View   Vote 0 Like   6:33am 23 Nov 2013 #बिच्छू

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