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Blog: WORLD's WOMAN BLOGGERS ASSOCIATION

Blogger: shikha kaushik
जब जब कंटक चुभे हैं पग में,मैंने चलना सीखा है,  अंधियारों से लड़कर मैंने,दीप जलाना सीखा है!..........................अपनों की गद्दारी देखी,गैरों की हमदर्दी भी,पत्थर की नरमाई देखी,फूलों की बेदर्दी भी,सूखे रेगिस्तानों सेप्यास बुझाना सीखा है!  अंधियारों से लड़कर मैंने,दीप जलाना सीखा ह... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   12:22pm 23 Jul 2016
Blogger: shikha kaushik
अरे छोडो ये बनावटी मोहब्बत ये दिखावे के रिश्ते इन झूठे दिखावे से मोहब्बत नहीं की जाती बहुत सारा समय उम्र बीत जाती है मोह... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   10:17am 23 Jun 2016
Blogger: shikha kaushik
देख दुःखों में डूबा मुझको ;जिनके उर आनंद मनें ,किन्तु मेरे रह समीप ;मेरे जो हमदर्द बनें ,ढोंग मित्रता का किंचिंत ऐसा न मुझको भाता !मैं ऐसे मित्र नहीं चाहता ! सुन्दर -मँहगे उपहारों से ;भर दें जो झोली मेरी ,,पर संकट के क्षण में जो ;आने में करते देरी ,तुम्हीं बताओ कैसे रखूँ उनस... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   8:26am 27 Mar 2016
Blogger: shikha kaushik
रंग (विषयाधारित)                                                                                                                                            'अब तुम भी अपना रंग दिखाओगी मुझे?, नही मेम साहब रंग नही, सच में मैं, ... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   6:51am 30 Jan 2016
Blogger: shikha kaushik
नियतिशादी होने में अभी वक़्त था कि सड़क दुर्घटना में रमा का चेहरा विकृत हो गया, सिर्फ एक बार रवि का फोन आया था।तीन साल होने को आये एक बार भी आकर देखा नही,शायद अंतर की सुंदरता उसके लिए कोई मायने नही रखती।अचानक रवि ने रमा को सामने देखा तो अचकचा कर बोला रमा तुम ! हाँ मैं, ही हूँ, ... Read more
clicks 222 View   Vote 0 Like   9:27am 27 Jan 2016
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माँ भारती"देश की रक्षा के लिए किये जा रहे युद्ध में आज वीर सैनिक रघुवीर प्रताप सिंह की बहुत जरूरत महसूस की जा रही है, अभी भी रवानगी में कुछ दिन बाकी है!काश वो पहुँच ही जाये।, सेना के बड़े अधिकारी आपस में विचार विमर्श कर रहे थे।,"माँ , मेरे अलावा तुम्हे देखने वाला कोई नही है ! क... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   6:14am 23 Jan 2016
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 चेतना शून्य ....देश के जवानो के लिए , देश के लिए मर मिटना सौभाग्य की बात ही होती है। ये नीरा ने हजारो बार अपनी सास नमिता जी के मुहँ से सुनी है। सीमा पर हजारो जवानो के साथ नीरा का पति यानि नमिता जी का बेटा राघव भी तैनात है। कई दिन हो गए राघव की कोई खबर नही आयीं। नमिता जी व्यग्... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   6:14am 19 Jan 2016
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 कैसा यह स्वप्नदादाजी , आज हम दोनों साथ-साथ खाना खाएंगे, साथ ही रात्रि सैर करने भी जायेंगे।,कितने दिन हुए है, शतरंज की बाजी भी नही खेली।दादी को भी टेनिस में हराना है।मेरा दोस्त पल्लव हमेशा कहता रहता है कि "तेरे दादा-दादी तुझे कितना प्यार करते है हमेशा तेरे साथ भी रहते है... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   6:10am 19 Jan 2016
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अनजानी राहसतविंदर कभी अपनी माँ से एक दिन के लिए भी दूर नही गया।स्कूल भी जाता तो वापस आकर माँ से लिपट जाता था।बेहद शर्मीले स्वभाव का लड़का था सतविंदर।बुरे दोस्तों की संगत में ऐसा पड़ा कि घर से रिश्ता ही टूट गया ।दोस्तों ने उसे एक अनजानी राह पर भटकने के लिए छोड़ दिया।अभी तक ... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   6:02am 19 Jan 2016
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पापा मेरा रिजल्ट आगया , देखो मैं भी अपनी चारो बड़ी बहनो से कम नही हूँ!, रीना हाँफती हुई आयी और पापा के पैर छूने झुकी, इतने में पापा ने उसे उठाकर गले लगाया।गर्व से पापा का सीना चौड़ा हो गया ।"देखो आज मेरी सभी बेटियां प्रशासनिक सेवा में चयनित हो गयी ! गदगद होते गए पत्नी सुरेखा ... Read more
clicks 191 View   Vote 0 Like   5:54am 19 Jan 2016
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"छुआछूत "पेट पूजा भोजन की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी, सभी शिकारी थक चुके थे।वापस जंगल से शहर का लंबा रास्ता तय करने के लिए शरीर में ऊर्जा की अति आवश्यकता थी।"आप सब बहुत थके हुए, और भूख से बेहाल लग रहे हो , उच्च जाति के लोग लग रहे हो, निम्न जाति के व्यक्ति की भावना की कद्र क... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   5:53am 19 Jan 2016
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"करणी का फल "------------------------आज सासु माँ की बहुत याद आ रही है , कड़ाके की ठंड में रात को दस बजे तक भी जब मैं अपनी व्यस्तता का बहाना बनाकर खाना नही बनाती थी,तो भी कभी कोई शिकायत नही करती मुझसे। रमा के आज एक-एक कर वो सब बाते फ़िल्म की तरह दिमाग में चल रही है।रात को ही क्या दिन में भी यह... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   5:04am 26 Dec 2015
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"जन्मदिन की पार्टी"न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक शर्मा के बेटे के जन्मदिन का अवसर था।जाहिर सी बात है मेहमानो को तो निमन्त्रित करना ही थाप्रतीक की पत्नी जो जिला शिक्षा अधिकारी थी, चाहती थी कि बेटे का जन्मदिन चुनिंदा लोगो के साथ किसी होटल में मनाया जाय।पर प्रतीक चाहता था घ... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   10:28am 24 Dec 2015
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निर्माणकल ही हरिया शहर से मजदूरी करके कुछ पैसा लेकर गाँव आयेगा, तो सबसे पहले टूटी झोपडी को बंधवाना है। बहू पेट से है, और जाड़ा सर पर है। पताशी कच्चा आँगन लीपते हुए मन ही मन सोच विचार कर रही थी।तभी रामू भागता हुआ आया, "माँ! भाई को पुलिस पकड़ कर ले गयी है ।पाकिस्तान से कुछ आतंकव... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   8:31am 15 Dec 2015
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"मार्गदर्शन""बाल विवाह का दंश झेल कर युवा हुई किरण, जीवन के दोराहे पर खड़ी थी। पति ने बचपन में हुए विवाह को मानने से इंकार कर दिया, घर वाले अभी भी आस लगाये बैठे थे कि काश ! ये अपने ससुराल चली जाये।"तभी उसे अपनी प्राइमरी स्कूल की अध्यापिका की याद आई जा पहुंची उनके घर ।"मेरा जी... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   8:07am 15 Dec 2015
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मुट्ठी से रेतअरे मत मारो इसे! अभी इसकी उम्र ही क्या है,आपको कोई गलत फहमी हुई है इतना बड़ा जघन्य अपराध सौलह साल का लड़का कैसे कर सकता है? किशोर की माँ ने जेल में पुलिस से पिटते हुए अपने बच्चे को बचाते हुए कहा।थानेदार ने गुस्से से उबलते हुए कहा "ये शराफत का मुखोटा उतार कर अपने ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   8:03am 15 Dec 2015
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अरे माँ उठो! आज आने में थोडा लेट हो गयी, क्या करूँ! सासु माँ की तबियत आज सुबह से ठीक नही थी, तो किचन सम्भालना पड़ गया। पता नही बुढ़िया को ठंड कहाँ से लग गयी ! दो स्वेटर तो पहन कर रहती है ,फिर भी सुबह से खांस रही है।विपिन तो है ही ममा पुत्र, जब विपिन घर से निकलते है तभी तो उसकी माँ ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   8:03am 15 Dec 2015
Blogger: shikha kaushik
बसा हुआ हर उर में है 'वो' ;भयभीत नहीं होने देता ,विषम घड़ी में भी शत्रु कीजीत नहीं होने देता !......................................रुको नहीं बढ़ते जाओ ;चीर अंधेरों के चीरो ,बलिदानों की झड़ी लगा दो ,किंचित नहीं झुको वीरों ,वीर-प्रसूता के मस्तक कोलज्जित न होने देता !विषम घड़ी में भी शत्रु कीजीत नहीं ... Read more
clicks 259 View   Vote 0 Like   1:45pm 14 Dec 2015
Blogger: shikha kaushik
मरहम तसल्ली के लगा लो ,राहत नहीं कर पायेंगें ,हैं  बहुत  गहरे  मेरे ,   ज़ख्म  न  भर  पायेंगें !...............................................................टूटा है टुकड़े-टुकड़े  दिल ,कैसे ये जुड़ जायेगा ,जोड़ पाने की जुगत में और चोट खायेगा ,दर्द के धागों से कसकर लब मेरे सिल जायेंगें !हैं  बहुत  गह... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   2:53pm 7 Dec 2015
Blogger: shikha kaushik
दुश्मनों को अपने प्यारे एक मौका दीजिये !ख्वाब उनका भी हो पूरा एक मौका दीजिये !.......................................................हाथ में खंज़र लिए जो क़त्ल करने आ गया ,चूम कर खंज़र उसी का एक मौका दीजिये !.......................................................ज़िंदगी और मौत तो है ख़ुदा के हाथ में ,दुश्मनों को दिल्लगी का एक मौका दीजिये !........ Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   3:50pm 17 Oct 2015
Blogger: shikha kaushik
घाव  लगें जितनें भी तन पर कहलाते आभूषण ,वीर का लक्ष्य  करो शीघ्र ही शत्रु -दल  का मर्दन ,अडिग -अटल हो करते रहते युद्ध -धर्म का पालन ,समर -भूमि से वीर नहीं करते हैं कभी पलायन !................................................................युद्ध सदा लड़ते हैं योद्धा बुद्धि -बाहु  बल से ,कापुरुषों की भाँति न लड़... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   6:58am 21 Jun 2015
Blogger: shikha kaushik
गुलाबी फूल हरी बेल पर अत्याधिक आकर्षक ! ................................. ओस की बूँदें हरे पत्तों पर अत्याधिक मोहक ! ................................. जल की फुहार चमकती हुई धुप में अत्याधिक उज्ज्वल ! .................................. लेकिन सबसे सुन्दर तुम हो प्रिया गाम्भीर्य लिए चंचल ! शिखा कौशिक 'नूतन'... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   6:17pm 8 Jun 2015
Blogger: shikha kaushik
मैं नहीं लिखता ; कोई मुझसे लिखाता है ! कौन है जो भाव बन ; उर में समाता है ! .................................... कौंध जाती बुद्धि- नभ में विचार -श्रृंखला दामिनी , तब रची जाती है कोई रम्य-रचना कामिनी , प्रेरणा बन कर कोई ये सब कराता है ! मैं नहीं लिखता ; कोई मुझसे लिखता है ! ......................................................... जब कलम धाग... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   7:34pm 2 Jun 2015
Blogger: shikha kaushik
शहर में हुए छोटी बच्ची के साथ बलात्कार के विरोध-प्रदर्शन हेतु विपक्षी पार्टी ने पाँच-पाँच सौ रूपये में झोपड़-पट्टी में रहने वाले परिवारों की महिलाओं को छह घंटे के लिए किराये पर लिया था . विपक्ष के पार्टी कार्यालय से पार्टी द्वारा वितरित वस्त्र धारण कर व् हाथों में बैनर ... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   7:37am 24 May 2015
Blogger: shikha kaushik
खट्टी -मीठी यादें !टूटे  फूटे  वादे    ,कभी     ताने  और     फरियादें     ,इनसे   ही   बन   जाती   हैं   खट्टी मीठी यादें .फूलों   के   जैसे   हँसना   ,आँखों   से   मोती   झरना   ,मरते   मरते   जीना   ,कभ... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   6:33pm 13 May 2015


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