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Blog: KAVITA RAWAT

Blogger: Kavita Rawat
चैत्रेमासि सिते मक्षे हरिदिन्यां मघाभिधे। नक्षत्रे स समुत्पन्नो हनुमान रिपुसूदनः।। महाचैत्री पूर्णिमायां समुत्पन्नोऽञ्जनीसुतः। वदन्ति कल्पभेदेन बुधा इत्यादि केचन।। अर्थात्-चैत्र शुक्ल एकादशी के दिन  मघा नक्षत्र में भक्त शिरोमणि, भगवान राम के अनन्य स्नेह... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   2:30am 18 Apr 2019 #समसामयिक
Blogger: Kavita Rawat
होली पर्व से सम्बन्धित अनेक कहानियों में से हिरण्यकशिपु के पुत्र प्रहलाद की कहानी बहुत प्रसिद्ध है। इसके अलावा ढूंढा नामक राक्षसी की कहानी का वर्णन भी मिलता है, जो बड़ी रोचक है।  कहते हैं कि सतयुग में रघु नामक राजा का सम्पूर्ण पृथ्वी पर अधिकार था। वह विद्वान, मधुरभाषी ... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   2:30am 19 Mar 2019 #लेख
Blogger: Kavita Rawat
मुर्गा अपने दड़बे पर बड़ा दिलेर होता है अपनी गली का कुत्ता भी शेर होता है दुष्ट लोग क्षमा नहीं दंड के भागी होते हैं लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं हज़ार कौओं को भगाने हेतु एक पत्थर बहुत है सैकड़ों गीदड़ों के लिए एक शेर ही ग़नीमत है बुराई को सिर उठाते ही कुचल देना चाहिए च... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   2:30am 21 Feb 2019 #लोक उक्ति में कविता
Blogger: Kavita Rawat
हम चार मंजिला बिल्डिंग के सबसे निचले वाले माले में रहते हैं। यूँ तो सरकारी मकानों में सबसे निचले वाले घर की स्थिति ऊपरी मंजिलों में रहने वाले लागों के  जब-तब घर-भर का कूड़ा-करकट फेंकते रहने की आदत के चलते कूड़ेदान सी बनी रहती है, फिर भी यहाँ एक सुकून वाली बात जरूर है कि बाग... Read more
clicks 223 View   Vote 0 Like   2:30am 10 Feb 2019 #पेड़-पौधों का महत्व
Blogger: Kavita Rawat
          हम चार मंजिला बिल्डिंग के सबसे निचले वाले माले में रहते हैं। यूँ तो सरकारी मकानों में सबसे निचले वाले घर की स्थिति ऊपरी मंजिलों में रहने वाले लागों के  जब-तब घर-भर का कूड़ा-करकट फेंकते रहने की आदत के चलते कूड़ेदान सी बनी रहती है, फिर भी यहाँ एक सुकून वाली बात जरूर है ... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   2:30am 10 Feb 2019 #पेड़-पौधों का महत्व
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आज वैवाहिक जीवन की 23वीं वर्षगांठ पर पहले पहल प्यार में गुजरे प्रेम पातियों में से निकली एक पाती प्रस्तुत है-   चल पड़ी है गाड़ी आजकल उनके प्यार की सुना है कन्हैया बना चितचोर रहती उन्हें हर घड़ी अब उनके इंतजार की रोम-रोम पुलकित हो उठते जब भी बजती घंटी झनक उठते दिलतार डूबे म... Read more
clicks 281 View   Vote 0 Like   5:59am 30 Nov 2018 #वैवाहिक वर्षगांठ
Blogger: Kavita Rawat
मक्खन की हंड़िया सिर पर रखकर धूप में नहीं चलना चाहिए बारूद के ढ़ेर पर बैठकर आग का खेल नहीं खेलना चाहिए छोटा से पैबंद न लगाने पर बहुत बड़ा छिद्र बन जाता है धारदार औजारोंं से खेलना खतरे से खाली नहीं होता है काँटों पर चलने वाले नंगे पांव नहीं चला करते हैं चूहों के कान होते हैं ... Read more
clicks 276 View   Vote 0 Like   2:30am 26 Nov 2018 #लोक उक्ति में कविता
Blogger: Kavita Rawat
लम्बी उम्र सब चाहते हैं पर बृढ़ा होना कोई नहीं चाहता है यौवन गुलाबी फूलों का सेहरा तो बुढ़ापा कांटों का ताज होता है छोटी उम्र या कोरे कागज पर कोई भी छाप छोड़ी जा सकती है युवा के पास ज्ञान तो वृद्ध के पास सामर्थ्य की कमी रहती है बूढ़ा भालू धीमें-धीमें करके ही नाचना सीख पाता है... Read more
clicks 282 View   Vote 0 Like   2:30am 16 Nov 2018 #बचपन
Blogger: Kavita Rawat
आओ मिलकर दीप जलाएं अँधेरा धरा से दूर भगाएं रह न जाय अँधेरा कहीं घर का कोई सूना कोना सदा ऐसा कोई दीप जलाते रहना हर घर -आँगन में रंगोली सजाएं आओ मिलकर दीप जलाएं. हर दिन जीते अपनों के लिए कभी दूसरों के लिए भी जी कर देखें हर दिन अपने लिए रोशनी तलाशें एक दिन दीप ... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   9:00am 7 Nov 2018 #दीपपर्व
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मुझे बचपन से ही रामलीला देखने का बड़ा शौक रहा है। आज भी आस-पास जहाँ भी रामलीला का मंचन होता है तो उसे देखने जरूर पहुंचती हूँ। बचपन में तो केवल एक स्वस्थ मनोरंजन के अलावा मन में बहुत कुछ समझ में आता न था, लेकिन आज रामलीला देखते हुए कई पात्रों पर मन विचार मग्न होने लगता है। रा... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   2:30am 19 Oct 2018 #मारीच
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आज आया है शिवा का जन्मदिन पर नहीं है कोई मनाने की तैयारी मेज पर केक बदले पसरी किताबें क्यों परीक्षा पड़ती सब पर भारी! अनमना बैठा है उसका मिट्ठू टीवी-मोबाईल से छूटी है यारी गुमसुम है घर का कोना-कोना क्यों परीक्षा पड़ती सब पर भारी! घर में लगा हुआ है अघोषित कर्फ्यू बस दिन-रात ... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   2:30am 20 Sep 2018 #परीक्षा के दिन
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हमारी भारतीय संस्कृति में गणेश जी के जन्मोत्सव की कई कथाएं प्रचलित हैं। हिन्दू संस्कृति (कल्याण) के अनुसार भगवान श्रीगणेश के जन्मकथा का इस प्रकार उल्लेख है- “जगदम्बिका लीलामयी है। कैलाश पर अपने अन्तःपुर में वे विराजमान थीं। सेविकाएं उबटन लगा रही थी। शरीर से गिरे उबट... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   2:30am 13 Sep 2018 #गणेशोत्सव
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पहनने वाला ही जानता है जूता कहाँ काटता है जिसे कांटा चुभे वही उसकी चुभन समझता है पराये दिल का दर्द अक्सर काठ का लगता है पर अपने दिल का दर्द पहाड़ सा लगता है अंगारों को झेलना चिलम खूब जानती है समझ तब आती है जब सर पर पड़ती है पराई दावत पर सबकी भूख बढ़ जाती है अक्सर पड़ोसी मुर्... Read more
clicks 238 View   Vote 0 Like   2:50am 1 Sep 2018 #कविता
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राह ताक रही है तुम्हारी प्यारी बहना अबकी बार राखी में जरुर घर आना न चाहे धन-दौलत, न तन का गहना बैठ पास बस दो बोल मीठे बतियाना मत गढ़ना फिर से कोई नया बहाना राह ताक रही है तुम्हारी प्यारी बहना अबकी बार राखी में जरुर घर आना गाँव के खेत-खलियान तुम्हें हैं बुलाते कभी खेले-... Read more
clicks 315 View   Vote 0 Like   2:30am 24 Aug 2018 #कविता
Blogger: Kavita Rawat
सोने की बेड़ियां हों तो भी उसे कौन चाहता है? स्वतंत्रता स्वर्ण से अधिक मूल्यवान होता है बंदी  राजा  बनने से आजाद पंछी बनना भला जेल के मेवे-मिठाई से रूखा-सूखा भोजन भला स्वतंत्रता का अर्थ खुली छूट नहीं होती है अत्यधिक स्वतंत्रता सबकुछ चौपट करती है लोहा हो या रेशम दोनों बं... Read more
clicks 322 View   Vote 0 Like   2:30am 14 Aug 2018 #गुलामी
Blogger: Kavita Rawat
स्वामिनारायण अक्षरधाम! भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के ज्योतिर्धर के रूप में अवतरित भगवान स्वामिनारायण का शाश्वत निवास-धाम है। दिल्ली के पावन यमुना-तट पर जहाँ ऊबड़-खाबड़ झाडि़यों से युक्त विशाल बंजर भूमि थी, वहां मात्र पांच वर्ष में पलक झपकते सम्पन्न हुआ कल्पनातीत ... Read more
clicks 345 View   Vote 0 Like   2:30am 16 Jul 2018 #प्रमुखस्वामी महाराज
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जरा इन मासूम बच्चों को अपनी संवेदनशील नजरों से देखिए, जिसमें 14 वर्ष की सपना और उसकी 11 वर्ष की बहिन साक्षी और 11 वर्ष के भैया जिन्हें अभी कुछ दिन पहले तक माँ-बाप का सहारा था, वे 1 जुलाई 2018 रविवार को भयानक सड़क दुर्घटना भौन-धुमाकोट मोटर मार्ग पर होने से बेसहारा हो चुके हैं। इस दर... Read more
clicks 299 View   Vote 0 Like   6:58am 5 Jul 2018 #लेख
Blogger: Kavita Rawat
   माउंटेन मैन ‘दशरथ मांझी’ की तरह अपनी दयनीय स्थिति के बावजूद दृढ़ इच्छा शक्ति रखने वाला एक और मांझी जो कि मध्यप्रदेश के जिला होशंगाबाद का निवासी है, जो एक पिछड़े इलाके सोहागपुर जैसे एक छोटे से स्कूल का हिंदी माध्यम का औसत दर्जे के छात्र रहा है, बावजूद इसके जिसने भोपाल आ... Read more
clicks 309 View   Vote 0 Like   10:57am 7 Jun 2018 #गरीबों की उपेक्षा
Blogger: Kavita Rawat
माउंटेन मैन के नाम से विख्यात दशरथ मांझी को आज दुनिया भर के लोग जानते हैं। वे बिहार जिले के गहलौर गांव के एक गरीब मजदूर थे, जिन्होंने अकेले अपनी दृ़ढ़ इच्छा शक्ति के बूते  अत्री व वजीरगंज की 55 किलोमीटर की लम्बी दूरी को 22 वर्ष के कठोर परिश्रम के बाद गहलौर पहाड़ काटकर 15 किलोम... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   2:30am 24 May 2018 #
Blogger: Kavita Rawat
जब तक चूजे अंडे से बाहर न आ  जाएं तब तक उनकी गिनती नहीं करनी चाहिए जब तक ताजा पानी न मिल जाए तब तक गंदे पानी को नहीं फेंकना चाहिए भालू को मारने से पहले उसके खाल की कीमत नहीं लगानी चाहिए मछली पकड़ने से पहले ही उसके तलने की बात नहीं करनी चाहिए हाथ आई चिड़िया आसमान उड़ते गिद्द स... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   3:00am 19 May 2018 #लोक उक्ति में कविता
Blogger: Kavita Rawat
जब भी जबलपुर जाना होता है, तो माँ नर्मदा के दर्शन के साथ भेड़ाघाट देखने को मन उत्सुक हो उठता है। भेड़ाघाट पहुँचकर शांत वातावरण के बीच नर्मदा नदी के खूबसूरत संगमरमरी चट्टानों के अनोखे सौंदर्य में नौका विहार करने पर मन आनंदित हो उठता है। ऐसे ही नौका विहार करते हुए खूबसू... Read more
clicks 320 View   Vote 0 Like   10:40am 27 Apr 2018 #भेड़ाघाट
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गर्म पानी से झुलसा कुत्ता ठण्डे पानी से भी डरता है चूने से मुँह जले वाले को दही देखकर डर लगता है रीछ से डरा आदमी कंबल वाले को देख डर जाता है दूध का जला छाछ को फूँक-फूँक कर पीता है ईश्वर से न डरने वाले से सभी को डर लगता है आग में झुलसा हुआ बच्चा आग से डरता है जिससे बचना मुश्क... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   2:30am 13 Apr 2018 #डर
Blogger: Kavita Rawat
गलत ढंग से कमाया धन गलत ढंग से खर्च हो जाता है बड़ी आसानी से मिलने वाला आसानी से खो भी जाता है दूध की कमाई दूध और पानी की पानी में जाती है चोरी की ऊन ज्यादा दिन गर्माइश नहीं देती है एक नुकसान होने पर नुकसान होते चले जाते हैं लाभ की चाहत में बुद्धिमान भी मूर्ख बन जाते हैं हर ... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   2:30am 7 Apr 2018 #लाभ-हानि का गणित
Blogger: Kavita Rawat
खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर, दरसन दीज्यो माई आंबे, झुलसी रहो जी तीलू को तेल कपास की बाटी जगमग जोत जले दिन राती, झुलसी रहो जी -------------------------------------------- जल कैसे भरूं जमुना गहरी जल कैसे भरूं जमुना गहरी खड़े भरूं तो सास बुरी है बैठे भरूं तो फूटे गगरी ,  जल कैसे भरूं जमुना गहरी                    ठा... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   2:30am 2 Mar 2018 #होली

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