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Blog: Pasand

Blogger: pallavi
कुछ मत सोचो न कोई रचना, ना ही कवितामैं यह सोचूँ काश के तुम बन जाओ कविता जब चाहे जब तुमको देखूँ जब चाहे जब पढ़ लूँ तुमको ऐसी हो रसपान कविता हो जिसमें चंदन की महक पर  लोबान सी महके वो कविता हो जिसमें गुरबानी के गुण रहती हो गिरजा घर में वो, प्रथनाओं में लीन क... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   7:26am 20 Jul 2013 #
Blogger: pallavi
तुम, तुम प्यार की बात कर रहे हो सुनो तुम्हारे मुंह से यह प्यार व्यार की बातें अच्छी नहीं लगती (जानेमन)  तुम जानते भी हो प्यार होता क्या है ? प्यार ज़िंदगी में केवल एक बार होता है दोस्त बारबार नहीं,   तो भला फिर तुम्हें प्यार करने का हक़ ही कहाँ रह जाता हैप्यार करने वाले कभ... Read more
clicks 278 View   Vote 0 Like   5:07pm 21 Jun 2013 #
Blogger: pallavi
मेरा नाम है गंगाहाँ हूँ, मैं ही हूँ गंगावो गंगाजिसे तुम नेअपने सर माथे लगायाबच्चों को मेरा नामलेले कर नहलाया,जो कुछ भी मिला सकते थेतुम, तुम ने मेरे आँचलमें वो सब कुछ मिलायान सोचा एक बार भीमेरे लिए कि गंदगीसे मुझे भी हो सकती हैतकलीफ़, असहनिए पीड़ायह कहाँ का इंसाफ हैपाप त... Read more
clicks 325 View   Vote 0 Like   5:10pm 19 Jun 2013 #
Blogger: pallavi
"फूल गुलाब का लाखों में हजारों में चेहरा जनाब का" कितना आसान होता है ना, किसी को गुलाब कह देनानिर्मल, कोमल, खुशबू से लबरेज़ महकता हुआ गुलाबकिसी के होंटों गुलाब, तो किसी के गालों पर गुलाबऔर हो भी क्यूँ नाआखिर यूं हीं थोड़ी न फूलों का राजा कहलाता है गुलाबमगर किसी को गुल... Read more
clicks 348 View   Vote 0 Like   3:47pm 11 Jun 2013 #
Blogger: pallavi
पल पल बदलते रहने का नाम है ज़िंदगीआज सुबह तो कल शाम है ज़िंदगीअपने ग़म में तो सभी जीते हैदूसरों के ग़म को जीने का नाम है ज़िंदगीखूद अपनी खुशी में हंस लिए तो क्या बड़ा कियारोते हुए बच्चे को हँसाने का नाम है ज़िंदगीचढ़ते सूरज के साथ आगाज़ का नाम है ज़िंदगीनित नए पल मिलने ... Read more
clicks 352 View   Vote 0 Like   9:56am 9 Jun 2013 #
Blogger: pallavi
 समंदर का दर्द तो सभी महसूस करते है लेकिन क्या कभी किसी ने उसके किनारे पड़ी रेत के दर्द को भी महसूस किया है शायद नहीं,क्यूंकि लोगों को तो अक्सर सिर्फ आँसू बहाने वालों का ही दर्द दिखाई देता है मौन रहकर जो दर्द सहे वह भला कब किसको दिखाई दिया है कुछ वैसा ही हाल है उस रेत का ज... Read more
clicks 294 View   Vote 0 Like   3:24pm 5 Jun 2013 #
Blogger: pallavi
ज़िंदगी की सारी खुशियाँ जैसे मौन हो कर रह गयी वो छोटे-छोटे खुशनुमा पल वो गरमियों की छुट्टियों में चंगे अष्टे खेलनावो रातों को सितारों की चादर तले देखना वो करना बात कुछ आज की, कुछ कल के सपनों को देखना वो लगाना आँगन में झाड़ू और पानी का फिर फेंकना प्यासे पेड़ों को पानी दे, वो ... Read more
clicks 321 View   Vote 0 Like   2:15pm 25 May 2013 #
Blogger: pallavi
आज क्या लिखूँ कि मन उलझा-उलझा सा है रास्ते पर चलते हुए जब छतरी के ऊपर गिरती पानी की बूँदें शोर मचाती है तो कभी उस शोर को सुन मन मयूर मचल उठता है और तब मेरे दिल से निकलता है बस एक यही गीत...."रिमझिम गिरे सावन, मचल-मचल जाये मन, भीगे आज इस मौसम,लागि कैसी यह अगन" यूं तो यह बारिश का ... Read more
clicks 314 View   Vote 0 Like   9:11am 12 Mar 2013 #
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यूं तो कहने को महिला दिवस हैलेकिन क्या फायदा ऐसे दिवस का जो महज़ कहने को आता हैऔर आकर यूं ही चला जाता हैना नारी ही नारी का सम्मान करती है यहाँऔर न ही पुरुष ही करता हैसब भक्षण ही करना चाहते हैकोई संरक्षण करना नहीं चाहता कभीवैसे तो मैं, अर्थात मैं नारी अपने आप में ही सम्पूर... Read more
clicks 320 View   Vote 0 Like   9:34am 9 Mar 2013 #
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न जाने माँ इतनी हिम्मत रोज़ कहाँ से लाती हैके हों कितने ही गम पर वो सदा मुसकुराती हैहर रोज़ कड़ी धूप के बाद चूल्हे की आग में तपती  हैमगर सुबह खिले गुलाब सी नज़र आती हैन जाने माँ इतनी हिम्मत हर रोज़ कहाँ से लाती हैखुद पानी पीकर गुज़र करती है, मगर हमें खिला के सुलाती हैअगर न... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   5:11pm 29 Jan 2013 #
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लो हर बार की तरह बीत गया एक और साल,फिर एक बार आया है नया साल मगर कुछ भी तो नहीं बदला मेरी ज़िंदगी में, नया जैसा तो कुछ हुआ ही नहीं कभी,यूं लगता है जैसे बस एक वही साल आकर ठहर सा गया है, मेरी ज़िंदगी में कहींकि जिसमें हम मिले थे कभीतब से अटकी हूँ मैं बस उसी एक साल में, पता है क्य... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   11:50am 20 Jan 2013 #
Blogger: pallavi
क्यूँ रिश्ता मुझसे अपना तुमने रेत सा बनाया क्यूँ आते हो तुम लौट-लौटकर मेरी ज़िंदगी में गये मौसम की तरह जानते हो ना, कभी-कभी खुश गवार मौसम भी जब लौटकर आता है तो कुछ शुष्क हवायें भी अपने साथ लाता है जो लहू लुहान कर दिया करती है न सिर्फ तन बल्कि मन भी  और तब तो तुम्हारे प्यार... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   12:26pm 5 Jan 2013 #
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कभी कभी यह ज़िंदगी इतनी तन्हा लगती है की जैसे इसे किसी की आरज़ू ही नहींयूं लगता है कि जैसे किसी को मेरी जरूरत ही नहींन दोस्तों के पास समय है ना अपनों के पास कोई विषय, बात करने के लिएसब अपनी ही दुनिया में मस्त है किसी को किसी की जरूरत ही नहींढलते हुए सूरज की लालिमा के साथ त... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   2:30pm 14 Dec 2012 #
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यूं तो हूँ मैं तुमसे जन्मी हूँ माँ मगर तुमने मुझे कभी अपना समझा ही नहीं माँ क्या सिर्फ इसलिए कि मैं एक लड़की थी या मेरा रंग ज़रा काला थाया फिर  मेरी त्वचा ज़रा जरूरत से ज्यादा ही रूखी सुखी सी थी दिखने में शायद बहुत कुरूप थी मैं उस वक्त लेकिन क्या यह सब कारण एक माँ की ममत... Read more
clicks 196 View   Vote 0 Like   11:49am 16 Nov 2012 #
Blogger: pallavi
एक लंबी सड़क सी ज़िंदगी एक ऐसी सड़क जिसे तलाश है अपनी मंज़िल की वो सड़क जिसे अपने आप में ऐसा लगता है कि कभी तो खत्म होगा यह सफर ज़िंदगी का कभी तो मिलेगी मंज़िल मगर वक्त का पहिया हरपल यह एहसास दिलाया करता है कि एक बार जो चला जाऊन मैं  तो लौटकर फिर कभी वापस नहीं आता पर क्य... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   7:40pm 5 Nov 2012 #
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कभी कहीं पढ़ा था कि बारिश में इन्द्र धनुष के रंग ही तो बरसते हैवरना यूं तो सारी धरती रंग हीन ही नज़र आती हैसच ही तो है,ज़िंदगी का भी तो कुछ ऐसा ही फलसफ़ा हैआखिर बदलाव ही तो दूसरा नाम है ज़िंदगी काजो कभी एक सी ना रहकर, हर पल बदलती रहती हैकभी बहा करती है किसी नदी की तरहतो कभी ब... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   10:41am 5 Oct 2012 #
Blogger: pallavi
यूं तो आज तुमसे मिले बिछड़े कई साल होने को आए मगर आज भी ऐसा लगता है जैसे आज की ही बात हो यूं होने को तो बात तुमसे आज भी होती है, रोज़ जब कभी भी मैं तन्हा होती हूँ उस वक्त तुमसे बात क्या मैं तो तुम्हें देख भी सकती हूँ और छू भी सकती हूँ क्यूंकि तुम कोई मेरा गुज़रा हुआ कल नहीं ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   5:53pm 26 Sep 2012 #
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यूं तो ज़िंदगी ने बहुत कुछ दिया है हमें इसलिए तो आज सभी ने दिलोजान से चाहा है हमें  यह मेरी ज़िंदगी का दिया हुआ कोई तौहफा ही है जो आज    तूने भी अपने गले से लगाया है हमें,यही काफी न था शायद चाहत के लिए उनकी इसलिए उन्होने अपने सपनों में बसाया है हमें  वरना यूं तो ना जाने कितन... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   10:34am 14 Sep 2012 #
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सागर किनारे साहिल की रेत पर न जाने कितनी बार लिखा मैंने तुम्हारा नाम मगर हर बार उसे कोई न कोई सगार की लहर आकर मिटा गयी मगर मैंने हार ना मानी कभी, मैं हर बार लिखती गयी और वो हर बार मिटाती गयी उसी तरह तुमने भी शायद मेरे नाम को अपने ज़ेहन से मिटाने की एक नाकाम कोशिश की है मगर ... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   1:12pm 3 Sep 2012 #
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कभी यूं भी होता है कि अक्सर किसी नदी किनारे शाम के वक्तउस नदी के निर्मल जल में पैरों को डालकर बैठनामुझे बहुत अच्छा लगता हैन सिर्फ बैठना बल्किघर लौटते हुए परिंदो के करलव के साथ    देखना उस सूर्य को अस्त होते हुए,ना जाने क्यूँ उस अस्त हुए सूर्य को देख  अठखेलियाँ करता है मे... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   2:05pm 22 Aug 2012 #
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दिन भर की भागा दौड़ी और किसी न किसी काम में उलझे रहने के कारण जब रात को थक कर जा लेटता है यह शरीर तब अक्सर वो मन के जागने का समय होता है उस वक्त जाने कैसे सारा दिन की थकान के बाद भी शरीर भले ही शिथिल सा निढाल हो जाये मगर मन, उसको तो जैसे उसी वक्त रात का आकाश मिलता है खुल कर ख़... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   11:05am 12 Jul 2012 #
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कब तक तुम अपनी चाहत का वास्ता दे-देकरअपने प्यार का यह रंग चढ़ाते रहोगे मुझ पर...कब तक ? आखिर क्यूँ, किस लिए दिखाते हो तुम मुझे अपने प्यार का यह रंग, यह हक क्या सिर्फ इसलिए कि हमने प्यार किया है क्या सिर्फ इसलिए हक की बात किया करते हो तुम हर रात मगर सच तो यह है कि प्यार में कोई ... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   9:14am 3 Jul 2012 #
Blogger: pallavi
यूं तो ज़िंदगी हर लम्हा, हर पल करवटें बदलती ही रहती है  जिसकी एक करवट कभी रातों का जागरण दे जाती है तो कभी उस ही ज़िंदगी की दूसरी करवट पर सुकून की नींद आ जाती है और तब उस मीठी नींद से जागने का कभी मन नहीं होताबिलकुल किसी हसीन ख़्वाब की तरह.....तो कभी सागर की लहरों सी मुसकुरात... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   12:44pm 26 Jun 2012 #
Blogger: pallavi
सुबह की पहली किरण के मेरे कक्ष में पदार्पण के साथ ही उदय होता है मेरी उम्मीदों का सूरज भी मेरे मन के किसी कोने में कहीं उस पर दूर मंदिर से आती शंख नाद और मंत्र उच्चारण की सुमधुर ध्वनिजिन्हें सुनते ही ही मेरे कदम स्वतः ही चल पड़ते है एक आस और उम्मीद का दामन थामे उस मंदिर क... Read more
clicks 162 View   Vote 0 Like   8:16am 20 Jun 2012 #
Blogger: pallavi
कितना कुछ छुपा है न इस एक शब्द में, नहीं ? कहने को नफरत को भी प्यार से जीता जा सकता है इसलिए शायद यह कहावत बनी होगी कि,"प्यार और जंग में सब जाएज़ है" अर्थात जब कोई इंसान प्यार में होता है, तो वो सही या गलत नहीं होता सिर्फ प्यार होता है मगर कमाल की बात तो यह है कि एक तरफ जहा... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   1:21pm 13 Jun 2012 #

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