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Blog: ख़तो - किताबत

Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा, आज सारा आलम सो रहा था, और दो प्रेमी जाग रहे थे. बस हम और तुम. यहाँ हम अपने बेड पर और वहां तुम अपने बेड पे. आज के लिए कितनी अच्छी किस्मत थी. ख़ुदा करे बार- बार आये ऐसा दिन19th May. 03... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   9:33am 20 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा, आज मैंने तुम्हारे फोन का जिस तरह से इंतज़ार किया, शायद मुहब्बत के सफ़र में अब तक न किया होगा. अपने एक दोस्त से मोबाइल ले के आया था. पूरे दिन अपने पास रखे रहा , मगर अफ़सोस , तुमने फोन नहीं किया और मैं इंतज़ार करते रह गया.यार जिस दिन तुम्हरे फोन की जरूररत होती है , उस दिन तुमने ... Read more
clicks 76 View   Vote 0 Like   9:30am 20 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा !Hi !!हैप्पी न्यू ईयरतुम्हारी हर दुआ क़ुबूल हो इस साल . मैं रब से यही दुआ करूँगा , तुम्हारे लिए इस साल !Bye ! Bye !तुम्हारा प्यारा दोस्त शाहिद 1 st. Jan. 03                                                      &... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   9:23am 20 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा, मैं जिसे प्यार करूँ , वो सिर्फ मुझे प्यार करे . और अगर वो प्यार तुम मुझे सारी दुनिया से नफरत कर के दे सको तो मैं चाहूँगा कि मुझसे प्यार करने के लिए तुम दुनिया से नफरत करो !क्या यार तुम दिल्ली तक आई और मेरे पास न आ सकीं. जितनी ख़ुशी तुमसे बात करके न हुयी , उससे कहीं ज्यादा ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   9:18am 20 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
आज, अनीसा , फोन पर तुमसे कुछ ऐसा कहा - जो सच होते हुए भी अच्छा नहीं लगा. जब तुमने कहा- "मैं जानती हूँ आप कुछ नहीं कर सकते " .अनीसा तुम्हीं बताओ मैं क्या करूँ . मैं वो करने के लिए तैयार हूँ. तुमसे मिलने के लिए तो वो क़दम भी उठा सकता हूँ जिसे मेरा दिल भी न चाहता हो. खैर !मैं गुस्सा-वुस्... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   8:03am 20 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
सच में अनीसा, आज बेहद ख़ुशी हुई . पहली बार ऐसा शब्द सुना. बहुत-बहुत अच्छा लगा. जब तुम्हारी सहेली सीमा ने कहा - जीजा जी वाक़ई ये शब्द दिल की गहराईयों तक गया .अनीसा हम दोनों की किस्मत में था एक दूसरे की आवाज़ सुनना और रब को भी मंजूर था आज.जब मैं अपने दोस्त को देखने हॉस्पिटल जा रहा थ... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   7:38am 20 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा तुम इतना प्यारा ख़त लिखती हो कि उसे पढ़कर मेरा सारा गुस्सा काफूर हो जाता है . पता है अनीसा मुझे तुम पर इतना गुस्सा आ रहा था कि पूछो मत . क्योंकि अब मुझे डर है मेरे बताने पर  शायद तुम नाराज हो जाओ. अनीसा, मैं सोच रहा था कि - एक बार तुम्हारा फोन तो आ जाये फिर अपना सारा गुस्... Read more
clicks 83 View   Vote 0 Like   7:48am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
To,मुहब्बत परस्तप्यार की गली मेंदिल के क़रीबशहर - इश्क़पिन- A N E E S AFROM-TUMHARA  MAHBOOB  ( PYAR )  ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   7:36am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा 10 Nov.  01 की वो हसीं रात का मंज़र अपनी आँखों में लाकर , मेरी ये ग़ज़ल पढ़ना . मैंने खुसूसन उस रात के लिए ये ग़ज़ल लिखी है. आज ही लिखी. मुझे  ख़त में तो बताना ही मगर फोन पर बताना न भूलना कि ये ग़ज़ल तुम्हें कैसी लगी. !आंख नशीली -----------27.03.02  ... Read more
clicks 71 View   Vote 0 Like   7:31am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा , 25 मई को मैं मेरठ से डॉक्टर को दिखने के लिए झांसी आऊंगा. अगर तुम मिलना चाहो तो मुझे 25 से पहले फोन पर बता देना. अगर तुम आने का कहो तो मैं आयशा बाजी के यहाँ आ जाऊंगा, अन्यथा मेरा दीपक के यहाँ रुकने का सोच रहा हूँ. तुम मुझे पहले बता देना यदि आना बेहतर समझो तो !- 31.03.02... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   7:26am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा, मैंने तुम्हें आगरा जाने का प्रोग्राम बताया था, मगर अब मैंने वो कैंसिल कर दिया. जब भी जाने का मौका मिले तुम्हें , तो तुम जाना और मुझे ताजमहल का सुकूं बताना . और अगर वहां से मेरे करीब आ सको तो आने की कोशिश करना !- 30.03.02... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   7:21am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा, आज मुहर्रम की वही 10 तारीख है जब 5 साल पहले आज के दिन हम साथ थे. अनीसा तुम्हें याद होगा , छत पर चन्द लम्हों के लिए तुम्हारी गोद में लेटकर मैंने तुमसे प्यार किया था. आया न याद . काश तुम मेरे साथ होतीं इस वक़्त. 26.03.02... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   7:17am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा काफी पहले तुमने मुझसे एक वादा ( मैं सिर्फ तुम्हारे ---- बनूंगी ) किया था . तुम्हें याद होगा. मैंने उसे वापस लेने के लिए कहा था , अनीसा आज फिर मैं उसे वापस लेने के लिए कह रहा हूँ. अनीसा ऐसा नहीं कि मुझे तुम्हारे वादा निभाने पर शक हो . मगर अनीसा मैं नहीं चाहता कि तुम मुझसे ऐसा ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   7:13am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा, -----काफी दिनों पहले मैंने तुमसे तुम्हारा क्लोज अप फोटो माँगा था , मगर तुमने नहीं भेजा.  अब अगर भेजने का मन हो तो ऐसा करना- एक ग्रीटिंग कार्ड ( फॉर गुड विशिष ) भेज देना. उसी में अपनी फोटो ( बिना चश्मा ) रख देना. प्लीज़ अनीसा अपने महबूब की खातिर ऐसा कर देना .  !- 25.03.02 ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   7:05am 19 Aug 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा अपने प्यार के सफ़र में मेरी नज़र में सबसे बुरे लम्हे 7 Apr. 2000 की शाम थी. जब मैंने तुमसे फोन पर बात की . मेरा तुमसे बात करना इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि मैं तुमसे नाराज़ होकर आया था. मैं नहीं चाहता था कि मेरे आने के बाद तुम अपने आपको अश्कों की महफ़िल में पेश करो. फोन करने की गल... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   10:58am 11 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
25-02-01प्यारी दुल्हन अनीसा ( शाहिद की दीवानी )अनीसा मुझे तुमसे एक शिकायत है वो ये है कि तुम्हें पता है 1/1/99 से मैंने अपना शायराना सफ़र शुरू किया था. तुमने 1/1/2k और न ही 1-1-1 को फोन किया. और अगर फोन किया भी तो New Year Wish करने के लिए . जबकि अब तो तुम्हें अच्छे से पता है कि मेरे लेख 'दैनिक जागरण'जै... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   5:25am 8 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
19 Feb. 2000 को बिताये गए हर लम्हे का अक्स आज भी मेरी आँखों में बिलकुल उस वक़्त की तरह मौजूद है. अनीसा आज का दिन मैं कैसे भूल सकता हूँ . इस दिन तुमने अपनी साँसों में मेरी साँसों को समा लिया था. और मुझे जी भर के प्यार किया था. अपना सब कुछ अपने शाहिद पर लुटा दिया था.अनीसा मैं मानता हूँ कि... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   10:47am 7 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
मेरी 'दुल्हनियां अनीसा '16/02/01 को जैसे ही तुम्हारे पास आने का डिसाइड  हुआ , अनीसा मैं तनिक भी न सो पाया उस रात. मैं पूरी रात, रात ख़त्म होने का इंतज़ार करता रहा.पूरी रात करवटें बदलते हुए तुम्हारे साथ बिताने के लम्हों के ख्वाब बुनता रहा.लेकिन अनीसा मैं तुम्हारे साथ ज्यादा वक़्त ... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   10:23am 7 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
मेरे हमनवा  'अनीसा' HAPPY VALENTINE DAY अनीसा तुम्हें याद होगा पिछले Valentine Day को हम दोनों कितने दुखी थे. मगर आज वो बात नहीं है. अनीसा मैं रब से हमेशा यही दुआ करता हूँ कि अपनी ज़िन्दगी हमेशा खुशियों से भरी रहे, उसमें ग़म का कहीं नाम न हो. तुम भी ऐसा सोचती होगी. जरूर है न ! खुदा करे हम दोनो... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   7:16am 4 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा आज मैंने बड़ा अजीब सा ख्वाब देखा. जो कि शायद हम दोनों नहीं चाहते. आज अनीसा हम दोनों दुनिया के पहरों से तंग आ चुके थे. आज दुनिया से डर कर हम दोनों भागते जा रहे थे. और साड़ी दुनिया हमारा पीछा कर रही थी. हम दोनों एक दूसरे को दिल में बसाए चलते जा रहे थे. हमें अपने प्यार को जिं... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   7:04am 4 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
अनीसा अब वो वक़्त आ गया है कि तुम्हें मम्मी जी और पापा जी से कहाँ होगा कि मैं शाहिद से ही शादी करूंगी . लेकिन गर तुम्हें कहीं से 'न'कहती हुयी आवाज़ सुनाई दे तो तुम मत कहना. क्योंकि अनीसा दिल की आवाज़ हमेशा सच होती है. हमें और तुम्हें अपने दिल की सुनना है  जो दिल कहे वही करना है. ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   6:45am 4 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
We and You were on phone line : 1st Apr. 20007th Apr. 200020th May 200027th Sep. 200030th Oct. 200019th Dec. 20002nd Jan. 200115th Jan. 200129th  Jan. 200114th Feb. 200119th Feb. 200124th Feb. 200118th Mar. 200127th Mar. 20012nd May. 200110th June 200114th June. 200121st June. 2001 17th July. 200128th Aug. 20012nd Sep. 200127th Sep. 2001 14th Oct. 200128th Oct. 200116th Nov. 20012nd Dec. 2001- MT10th Feb. 200214th Feb. 200226th May 20022nd June. 029th June 025th Aug. 0218th Aug. 028th Sep. 0229th Sep. 026th Oct. 0216th Oct. 0227th Oct. 028th Nov. 0222nd Dec. 025th Jan. 0314th Feb. 032nd Mar. 036th Apr. 0327th Apr. 0329th Apr. 035th May. 036th May. 0318th May. 0319th May. ... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   11:14am 1 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
HAPPY NEW YEAR - 2001'अनीसा'आज आप बहुत परेशां हुयीं अपने महबूब के लिए . पता है अनीसा आज मैं तुमसे गुस्सा होने वाला था वो इसलिए - तुम 31.12.2000 को फोन पर नहीं आयीं थी.अनीसामैं ये अक्सर देखता हूँ कि तुम वादे  के मुताबिक न आकर उसके अगले दिन आती हो. क्यों वादों को झूठा करती हो ? क्यों ?1 Jan. को मेरे प... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   6:46am 1 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
'अनीसा ''ईद मुबारक 'PLEASE  'अनीसा'आ जाओ और मेरी इन खुशियों में शामिल हो जाओ.मैं इस वक्त तन्हा हूँ. 'तन्हा'आओ-आओ ----------आ जाओ- 'शाहिद'- 28/12/2000... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   5:41am 1 Jul 2014 #
Blogger: मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
'तुम आओ न आओ मगरये निगाहें तेरा इंतज़ार करेंगी '- शाहिद'छीन सकता है ज़माना मेरी जाँमगर तुमको छीन सकता नहीं '- शाहिद'दुनिया की हर शै से ऊंची हो तुममगर सिर्फ मेरी मुहब्बत हो तुम '- शाहिद ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   9:41am 29 Jun 2014 #

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