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अर्पित ‘सुमन’

बुलबुलों से ख़्वाबों को दे दूँ पल भर की उड़ान जीने दूँ उनको,उनके हिस्से की कुछ जिन्दगी !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :जिन्दगी
  February 8, 2016, 12:32 pm
हर दफ़ा भूल जाते हो तुम अपनी कही हर बात मैं सोच कर इसे पहली दफ़ा हर बार भूल जाती हूँ !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :मन के विचार
  December 26, 2015, 3:00 pm
आईना रोज़ ढूँढता है मुझमें मेरी पहचान मैं देख कई अक्स अपने सोच में पड़ जाता हूँ !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :पहचान
  December 11, 2015, 4:11 pm
.....कुछ ख़याल बुन रही हूँ मैं तुम्हारे एहसास के हर फंदे पर डाल रही हूँ एक बेजोड़ बुनाई सुनो ! इस दफ़ा जब दिसम्बर में आओगे न तुम रेशों से इन लफ्ज़ों को सिल देना अपने स्पर्श से  मेरी नज़्म को ओढ़कर करना महसूस हमारे रिश्ते की गर्माहट !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :ख़याल
  December 5, 2015, 4:38 pm
बढ़ रहा धरा के सीने पर बोझ शायद कि दिल इसका भी अब ज़ोर से धड़कने लगा है !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :
  October 28, 2015, 3:17 pm
तर्पण की हर इक बूँद में समाया है पित्तरों का नेह अर्पण कर अंजुरी भर जल बरसता है यादों का मेह !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :तर्पण
  October 6, 2015, 2:46 pm
मुक़र्रर है वक़्त हर चीज़ का लेकिन बेवक़्त हो जाया करते हैं हादसे जिंदगी में !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :वक़्त
  September 10, 2015, 3:33 pm
भीगते तो होंगे तुम्हारे भी कुछ लफ्ज़ मेरे याद के भरे बादल बरसते तो होंगे चलती तो होंगी तुम्हारे शहर भी हवाएँमेरे नाम के पत्ते शाख से गिरते तो होंगे !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :याद
  August 17, 2015, 1:13 pm
बेसबब यूँ आया मोहब्बत का ख़याल बेख़याली में तेरी याद का घूँट पी बैठे !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :मधुशाला
  July 30, 2015, 4:35 pm
बरस रहा आज सावन रमजान के पाक महीने में शिव हो रहे मस्त मलंग इबादत हो रही मदीने में !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :सावन
  July 16, 2015, 11:35 am
चाह मेरीहो जाऊँ इन बादलों सी स्याह मैं भर लूँ अपने भीतर खूब कालापन मुझमें समाहित हो तमाम रंग मेरे स्याह होने की गवाही दें लिखूँ मैं अपने भीतर की कालिख से एक प्रेमगीत !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :चाह . प्रेम
  July 2, 2015, 12:30 pm
मेरे हिस्से के उजाले मेंबिखेर दो तुम एक धूप का टुकड़ा मेरी पलकों की नमी से बरसा दो तुम अपने नाम के बादल कि एक मुद्दत से एहसास में पड़ी सीलन भिगो कर अच्छे से सूखा दूँ !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :सीलन
  May 26, 2015, 3:59 pm
एक कहानी होती है । जिसमें खूब पात्र होते हैं ।एक निश्चित समय में दो पात्रों के बीच वार्तालाप होता है । दो पात्र कोई भी वो दो होतें हैं जो कथानक के हिसाब से तय होते हैं । कथानक कौन लिखता है उन किसी को नहीं मालूम । मालूम है तो बस इतना कि उस लिखे को मिटाया नहीं जा सकता । प्रतिप...
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सुमन'मीत'
Tag :जिंदगी
  May 5, 2015, 11:12 am
एक कहानी होती है । जिसमें खूब पात्र होते हैं ।एक निश्चित समय में दो पात्रों के बीच वार्तालाप होता है । दो पात्र कोई भी वो दो होतें हैं जो कथानक के हिसाब से तय होते हैं । कथानक कौन लिखता है उन किसी को नहीं मालूम । मालूम है तो बस इतना कि उस लिखे को मिटाया नहीं जा सकता । प्रतिप...
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सुमन'मीत'
Tag :जिंदगी
  May 5, 2015, 11:12 am
भरा भरा पर खाली खाली (घर की छत से दिखता आसमां)बीती शाम हवा ने एक चुटकी काटीऔर नम पलकों से चुरा ले गई कुछ बूँदें खुश्क आँखें देखती रही उन्हें जाते , दूर कहीं बाद इसके – आसमां के ज़िस्म से उतरने लगा लिबास कोई रूह मेरीदेर तक पैरहन एक सिलती रही !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :रूह
  April 19, 2015, 10:54 pm
दो बूँद अश्क पीकर पाक हुई रूह खाली दामन को काँटों से भर आबाद हुआ ज़िस्म आज फिर-जिंदगी की मज़ार पर अधूरे अरमानों ने सजदा किया !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :जिन्दगी
  April 7, 2015, 10:53 am
आदतन उसने झूठ से फिर बहलाया हमकोआदतन हम फरेब-ए-वफ़ा को सच मान बैठे !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :फरेब
  March 11, 2015, 3:19 pm
बाद – ए- अरसे लौटा है तेरा ख़याल जाम –ए- तन्हाई की तलब होने को है !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :जाम
  January 31, 2015, 4:45 pm
जाने किस नम कोने में दबी हैं ख़्वाहिशें गल रही हैं पर पनपती नहीं !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :
  January 28, 2015, 1:18 pm
पुर्ज़ा पुर्ज़ा कर दिए हैं एहसास सूखे रिश्ते की पपड़ियों को कर दिया है इक्कट्ठा देखो ! जलने लगा है आरजूओं का अलाव धुआँ धुआँ !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :आरजू
  January 17, 2015, 12:12 pm
ईलाज - ए - मर्ज़ भी होता है वक़्त रहतेज़हर बन जाती है दवा एक मुद्दत के बाद !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :दर्द
  January 5, 2015, 12:59 pm
टूट कर बिखर जाती हैं अक्सर नेमतें वक़्त की शाख से लम्हें झड़ने के बाद !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :नेमतें
  December 23, 2014, 11:40 am
यूँ ही बरसती रहें हसरतों की बारिशेंयूँ ही किसी रोज़ फना हो जाऊं मैंयूँ ही छलकते रहो मेरी आँखों से तुमयूँ ही शब-ओ-रोज़ भीगती जाऊं मैं !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :हसरत
  November 24, 2014, 4:13 pm
बहुत जानलेवा है ख़लिश तेरी साँस आती नहीं..जान जाती नहीं !!सु-मन ...
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सुमन'मीत'
Tag :
  October 16, 2014, 12:00 pm
बे-हद होती हैं ये ख़ामोशियाँ टूटती नहीं, हर हद तोड़ जाती हैं !!सु-मन ...
अर्पित ‘सुमन’...
सुमन'मीत'
Tag :हदें
  October 13, 2014, 4:16 pm

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