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Blog: हमसफ़र शब्द

Blogger: sandhya arya
सफ़ेदख्वाबोंकावहशहज़ादाथापरउसनेख्वाबोंकोहीकतरनबनादियावर्षोंरहीतबाहीमौतकेबेहदकरीबरहीपलपलऔरभूलगईप्रेममायूसियोंसेभरीशामेंडूबातीरहीएहसासबनतेगयेसबपत्थरपरजीवनतोअंधेरेमेंहीसांसलेतीरहीजहांकोईनहीथातबउसनेशब्दोंकाहाथपकडानींदमेंकरनेलगीथीइकठ्ठाकत... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   6:04am 26 Sep 2018 #
Blogger: sandhya arya
अंधेरेंकेउठा-पटकसेदीपकबुझसाजाताहैउम्रमेंकैदस्याही खत्महोनेकानामतकनहीलेतीलिखतीजातीहैजिन्दगीकमोवेशआलापप्रलापएकजुगनूरातभर जागताहैटिमटिमाताहैसपनोंकेआकारप्रकारमेंकईवजहेंएकलकीरखिंचती हैंसचकेइसपारऔरउसपारकैदहोताहैआदमीबितायेरिश्तोंकेउम्रमें... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   12:02pm 12 Sep 2018 #
Blogger: sandhya arya
होशचांद पर तैरता पानीबूंद बूंद गिरता कि वक्त बहुत कम हैंबिदा होने कावक्त आयेकुछ ऐसे किजहां कोई जिस्म नही होभौतिकताकीजहरपीतेहुयेवक्तबेवक्तउम्मीदसेखालीकरता बेदखलप्रेमसेसिर्फ़ खिलौनें होउल्कें नहीजोटूटकेविखरजाये ... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   3:39pm 9 Sep 2018 #
Blogger: sandhya arya
होशचांद पर तैरता पानीबूंद बूंद गिरता कि वक्त बहुत कम हैंबिदा होने कावक्त आयेकुछ ऐसे किजहां कोई जिस्म नही होभौतिकताकीजहरपीतेहुयेवक्तबेवक्तउम्मीदसेखालीकरता बेदखलप्रेमसेसिर्फ़ खिलौनें होउल्कें नहीजोटूटकेविखरजाये ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   3:39pm 9 Sep 2018 #
Blogger: sandhya arya
गांवअपनाखोजतारहावर्षोंलकीरेंमिटतीरहीवहींजहांकोईअपनानथाउम्मीदकोईजंगलहैएककेबादएकखत्महोतीजातीहैरेतकीतरहखुरदरीऔरनाटिकतीकहीनाकोईसीलननाहीनमींआंधियोंमेंउडाकरतीहैं बसयूंहीकभीगौरैयोंतोकभीअन्यपरिन्दोंकोदेखकरजीलेतीहैजिन्दगी!... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   7:55am 7 Sep 2018 #
Blogger: sandhya arya
एकजहान जो॑मैं ॑सा रहा कुछलोगआयेथेजिस्मकेकईहिस्सोकोटुकडे-टुकडेमेंकाटगयेघावजो अभीभरेभीनहीथेकिछिलगयेऔर रूह कईहिस्सोंमेंबिखरगईशामधुंधलीरहीरातअन्धेरीबर्तनबिल्कुलखालीभूखनेरुपबदललिया समन्दर बिल्कुल शांतपडा था , कि चांदकोवेसमझानेमेंल... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   9:00am 25 Aug 2018 #
Blogger: sandhya arya
बडे सकून और अतिप्रिय थेगर्मी के छुट्टीवाले दिनतालाब था गांव के किनारेदादा ने बनवाया था ढेंर सारे पेंड थेबेहद शांत और मनोरम जगह थाजहां हम गर्मी की छुट्टियां बिताते थेखेतों की क्यारियों पर चलनाऔर नहरों क... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   12:33pm 14 Aug 2018 #
Blogger: sandhya arya
शब्दोंनेअपनीमर्यादातोडीसिर्फ़पहचानभरथाअटलथाइरादाकिचांदअपनेजगहसेनाहिलेनाहीतारोंमेंकोईफ़ूटपडेसिर्फ़इसलियेकिप्रलयकेबादमिलनाहोनाकोईबंधनटूटेनासूरजमेंग्रहणलगेशायदपहचानमुकररतारीखपरहोनातयथाऐसाकोईख्वाबनाथाकिजिसमेंअक्षरकीजिस्मस्वाहाहोपरउसेकैसे... Read more
clicks 296 View   Vote 0 Like   8:53am 8 Aug 2018 #
Blogger: sandhya arya
तारोंपरखामोशीतैरतीऔरचाँद अपनीतन्हाईमें जलता धीरेधीरेतमकेआगोशमेंबेपनाहगहरापनफ़िरभीरातजवाँहोताधीरेधीरेरातकेगुलाबीजिस्मपरटपकताखामोशियोके कुंवारेलम्सतन्हाईबयाँकरतीधीरेधीरेगुलाबीपन्नोकेनईदरख्तपरएहसासलिपटेंधीरेधीरेचलदेतेसाथगरशब्दशब्दतन... Read more
clicks 230 View   Vote 0 Like   12:36pm 4 Aug 2018 #
Blogger: sandhya arya
उनको अपनी दूकान की पडी है वे यह नहीं जानना चाहते है कि इस शहर में गरीब कितने है हालांकि वे गरीबी से ही बाहर आये है सम्पूर्ण सफ़ेद और सम्पूर्ण स्याह अपनी जगह तलाश रही है क्योंकि लोगो को श्वेत श्याम पर यकीन नही रहा औरउनकी नज़रे टीकी है सिर्फ़ धूसर परक्योंकिइससे उनके फ़ाय... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   10:29am 29 Jul 2018 #
Blogger: sandhya arya
दहलीजसेबाहरउसने कभीअपनापांवनरखाथा यहीवजहथीकिखिडकीऔररौशनदानवालीकवितायें उसकेरुहकोछूलेतीथी, लकीरोंमेकैदगौरैया खुलेआसमानकासपना कभीदेखनहीपातीथी उसेतोरौशनदानसे सुबहकासूरजदेखनेभरकीआदतथी, कविताकेलिये ज्यादाशब्दोंकीजरुरतनहीहोती  औ... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   9:31am 14 Jul 2018 #
Blogger: sandhya arya
चाँदनी के वीराने मेंदर्द के सिरहाने पर जब कोई तितली उडती है और कंधो के आस पास मंडराती है तब माँ बहुत याद आती है उडती है खुश खुशबेहिसाब गमों के बीच एक तितली फड़फड़ाती पंखो से जब कही कुछ बोल जाती है  तब माँ बहुत याद आती है वह बैठती हैपलकों पर सुबह सबेरे  अश्को की नमी मेमा... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   3:28pm 10 Jul 2018 #देश
Blogger: sandhya arya
सुबहसुबहकांचका गिलास टूटापरउसनेअपनेनर्मऊंगलियोंसेउठाईटूटेकांचकेटुकडोकोसुबहहीथाजबउसनेमांसेबातकियाबतायाकिजीनेकेलियेपैसोसेज्यादाभरोसेकीजरुरतहोतीहैनामांयहतुमसेज्यादाऔरकौनजानताहैमैनेमांसेकहाचेहरेकेऊपरकईचेहरेहोसकतेहैपरप्रेमकोकिसीचेहरेकीज... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   4:16pm 8 Jul 2018 #
Blogger: sandhya arya
जीवननदियोंसेचलाऔरसमन्दरपरठहरगयाबसऔरक्याथानमकहीनमकरुकनाजरुरीथाकुछसमयकेलियेझील-झरनोकेपासताकिमिठासनदीकीबनीरहेपररफ़्तारऐसीरही कि हवाकीनमीतोगईसाथहीआंखोकापानीभीसूखगयाअनकहेकीआवाजथीअनसूनेकीकल्पनाऔर अनदेखेसपनोकीपहचानपुरानीथीपलपलबीततेवक्तमेउसने... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   3:26pm 5 Jul 2018 #
Blogger: sandhya arya
जीवननदियोंसेचलाऔरसमन्दरपरठहरगयाबसऔरक्याथानमकहीनमकरुकनाजरुरीथाकुछसमयकेलियेझील-झरनोकेपासताकिमिठासनदीकीबनीरहेपररफ़्तारऐसीरही कि हवाकीनमीतोगईसाथहीआंखोकापानीभीसूखगयाअनकहेकीआवाजथीअनसूनेकीकल्पनाऔर अनदेखेसपनोकीपहचानपुरानीथीपलपलबीततेवक्तमेउसने... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   3:26pm 5 Jul 2018 #
Blogger: sandhya arya
आजबंजरजमीनकीघासेपीलीथीधरतीसूखी, पररातेंकालीनहीथीउसनेबचपनसेहीतारोंकेआसपासजीनेकीआदतडालरखीथीहलांकिबचपनमेसुबह,फ़ूलोकीखुशबूसेहोतीथीजोमांको पूजाकेलियेचाहियेहोताथाऔरशाम, पापाकेआनेकेइन्तजारमेखुबसूरतहोजातीथीपापाशांतसमन्दरकीतरहरिश्तोकीशीतलताकोअ... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   4:15pm 17 Jun 2018 #
Blogger: sandhya arya
पता नही कुछ औरतें किन किन काल खंडो के दुखो कोवे एक साथ सहन करती रहती हैऔर बावजूद इन दुखो केवे किसी भी नशा के शिकार नही होतीवे अपनी यातना मेथोडा मुस्कुरा ले और थोडा सज-संवर जाये तोयकिन मानिये उनके कुछ रिश्तेदारो कोपक्कातौर पर यह लगता हैकि इनका दु:ख आडम्बर हैइसे तो इतना स... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   4:42pm 19 Dec 2017 #
Blogger: sandhya arya
पतानहीकुछऔरतकिनकिनकालखंडोकेदुखोकोवेएकसाथसहनकरतीरहतीहैऔरबावजूदइनदुखोकेवेकिसीभीनशाकेशिकारनहीहोती, वेअपनीयातनामेथोडामुस्कुरालेऔरथोडासज-संवरजायेतोयकिनमानियेउनकेकुछरिश्तेदारोकोपक्कातौरपरयहलगताहैकिइनकादु:खआडम्बरहैइसेतोइतनासुख-चैनहैकियहतोहंसती... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   4:42pm 19 Dec 2017 #
Blogger: sandhya arya
पतानहीकुछऔरतेंकिनकिनकालखंडोकेदुखोकोवेएकसाथसहनकरतीरहतीहैऔरबावजूदइनदुखोकेवेकिसीभीनशाकेशिकारनहीहोती, वेअपनीयातनामेथोडामुस्कुरालेऔरथोडासज-संवरजायेतोयकिनमानियेउनकेकुछरिश्तेदारोकोपक्कातौरपरयहलगताहैकिइनकादु:खआडम्बरहैइसेतोइतनासुख-चैनहैकियहतोहंस... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   4:42pm 19 Dec 2017 #
Blogger: sandhya arya
सालो तक एक नज़्म के साये में पनाह ले रखी थी नींद बड़ी ही मिठ्ठी थी थपकियां उसकी सपनों के दरवाजे खोलती थी एक दिन दरिया ने काट दिया पूरा का पुरा जमीन नज़्म दफ़न हो गयी थी इंच इंच मौत के बीच  दलदल में धंसती हुई कई ज्वालामुखियों के बीचछूटी हुई कोई रात थी  ख़ाक हो गयी थी गहर... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   12:14pm 3 May 2016 #
Blogger: sandhya arya
जानाकिसीलौटनेसेकमनाहोपरइसवक्तमेसडकेभीगुत्थियोंसेहोकरजातीहैं  औरगुत्थियांकंदराओमेठहराहुआ,घुपअंधेराहैंरौशनी, सूरजकेजितनादूरऔरठहराहुआकदमभीघरसेदूरफ़िरभीहमलौटनाचाहे, तोघरकाशबचपनवालाघरलौटताजहांसबकुछसुन्दरहीहोताथासच सुन्दरताकोबचानाकितनामुश्कि... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   12:35pm 29 Feb 2016 #
Blogger: sandhya arya
जानाकिसीलौटनेसेकमनाहोपरइसवक्तमेसडकेभीगुत्थियोंसेहोकरजातीहैं  औरगुत्थियांकंदराओमेठहराहुआ,घुपअंधेराहैंरौशनी, सूरजकेजितनादूरऔरठहराहुआकदमभीघरसेदूरफ़िरभीहमलौटनाचाहे, तोघरकाशबचपनवालाघरलौटताजहांसबकुछसुन्दरहीहोताथासच सुन्दरताकोबचानाकितनामुश्कि... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   12:35pm 29 Feb 2016 #
Blogger: sandhya arya
हमारे मसीहा हमे भूलाते गये और हम मानो किसी नदी से बाहर आते गये ठहर गई जिन्दगी वहांजहां मरुस्थल सी ताप थी सडक किसी विराने मे अकेले कही किसी ओर चलती गई बची हुई मुठ्ठी भर सपनीले रातों को अब दरिया के किनारे रखूं या सूरज के सामने हकीकत यह रहा कि रौशनी और अन्धेरे के बीच उलझती ग... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   12:08pm 2 Feb 2016 #
Blogger: sandhya arya
दांत तले जुबान ना दबती असल मे एहसास खुबसूरत होते तो वे कभी ना मुरझाते, साहबना यहां कोई जमीर बिकता और ना ही अन्धेरे मे कोई नाच होती हकिकत तो यह है कि यहां रोज पिटारे से रंग-बिरंगे फ़नोवाले सांप निकलते है इनकी जुगलबंदी से धरती छलनी होती है और आसमान तोले जाते है हवा मे विष... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   12:16pm 12 Jan 2016 #
Blogger: sandhya arya
दांत तले जुबान ना दबती असल मे एहसास खुबसूरत होते तो वे कभी ना मुरझाते, साहबना यहां कोई जमीर बिकता और ना ही अन्धेरे मे कोई नाच होती हकिकत तो यह है कि यहां रोज पिटारे से रंग-बिरंगे फ़नोवाले सांप निकलते है इनकी जुगलबंदी से धरती छलनी होती है और आसमान तोले जाते है हवा मे विष... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   12:16pm 12 Jan 2016 #


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