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Blog: लक्ष्मीरंगम - Laxmirangam

Blogger: एम.आर.अयंगर
टूटते बंधनपाश्चात्य सभ्यता के अनुसरण की होड़ में जो सबसे महत्वपूर्ण बातें सीखी गई या सीखी जा रही है उनमें जो सर्वप्रथम स्थान पर आता है वह है बंधन मुक्त होना. जीवन के हर विधा में बंधनों को तोड़कर बाहर मुक्त गगन में आने की प्रथा चल पड़ी है. यहाँ यह विचार विमर्श का विषय नही... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   6:13pm 12 Feb 2018 #प्रवाह
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पावन गंगाकाश !!! तुम्हारी ख्वाहिश का,मैं कुछ कर पाता.जीवन के इस चौराहे पर,उन प्रश्नों के उत्तर पाता, मेरे जेहन में कभी भीऐसे, प्रश्न नहीं उभरे थे,नहीं समझ आता है मुझे क्यों ?यह, सोच मेरी से परे थे.प्रश्न तुम्हारे, मेरे लिए भी जिज्ञासा से भरे थे,पर शायद मेरे दृढ़ निश्चय,इन प्र... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   6:01pm 8 Feb 2018 #
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मेरी चिडिया है बीमार,मेरी चिडिया है बीमार,नहीं उतरता उसे बुखार,वैद्य ने कर ली पट्टी चार,बेचारी चिडिया लाचार.इंजेक्शन भी बहुत लगाए,जाने कितनी दवा पिलाए,गोली खा खा मन भर आएकमता नहीं बुखार        मेरी चिडिया है बीमार.डॉक्टर कितनों को दिखलाया,सबने अलग अलग बतलाया,जिसकी... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   1:23pm 27 Dec 2017 #
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आधार.आज जहाँ भी जाइए ... पेनकार्ड, मेबाईल, पासपोर्ट, इंश्यूरेंस पालिसी, डी मेट एकाउंट, ड्राईविंग लाईसेंस, एल पी जी, रेल्वे टिकट, बैंक एकाऊंट, गाड़ी, जेवर, प्लाट, मकान की खरीददारी - किसी भी बात पर आपको आधार कार्ड का नंबर जोड़ना जरूरी सा हो गया है.  बच्चों की छात्रवृत्ति, हर तरह... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   3:56am 18 Dec 2017 #
clicks 105 View   Vote 0 Like   3:47am 18 Dec 2017 #
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मेरे परिचित शिक्षिका श्रीमती मीना शर्मा जी की एक कविता प्रस्तुत है :एकाकी पंछी **********जहाँ सूर्य डूबा, बसेरा वहीं !खुले दृग जहाँ पर, सबेरा वहीं !मैं एकाकी पंछी, विलग यूथ सेना झंझा की चिंता, ना डर धूप से !बहारों से मैं क्यों करूँ याचना,कुंजों में मेरा तो डेरा नहीं !खुले दृग जहा... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   5:19pm 10 Dec 2017 #
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संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षापरिषद और वीटो.अभी पूरे विश्व की नजर उत्तरी कोरिया पर है. कब वह खुराफात करे और भयंकर अंजाम हो जाएं, यह कोई नहीं जानता. खासकर उसकी नजर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका पर है और उधर अमेरिका की पैनी नजर उत्तरी कोरिया पर. इस उत्तरी कोरिया ने हाल के, आई सी ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   1:52pm 13 Nov 2017 #
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आज दिन में एक वाट्सप फ्रेंड ने यह आँखों देखी खबर भेजा.आप सब के रसास्वादन हेतु प्रस्तुत है...आँखों देखी    एक चिड़ा लगातार कोशिश कर रहा है     अपने बच्चे को उड़ना सिखाने की                           मैं हैरान हूँ देखकर कि किस तरह    वह  कुछ कहकर जा रहा ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   11:40am 7 Nov 2017 #चिड़ा
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डिजिटल इंडिया – मेरा अनुभव.उस दिन मेरे मोबाईल पर फ्लेश आया. यदि आप जिओ का सिम घर बैठे पाना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें. मैंने क्लिक कर दिया. मुझे अपना नाम पता, आधार नंबर देने को कहा गया. मैंने दे दिया. फिर मुझसे पूछा गया कि आप जिओ सिम कब और कहाँ चाहते हैं. पता और समय देने पर ब... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   10:22am 30 Oct 2017 #ईपीएइओ
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साजन के गाँव में.आज मत रोको मुझे,साजन के गाँव में,सुनो मेरी छम छम,बिन पायल के पाँव में.आलता मँगाऊँगी मैं,मेंहदी  रचाऊँगी मैं,सासु, ननदों को भी,मेंहदी लगाऊँगी मैं.झूला झूलेंगे मिलकर सावन मेंनाचत हमें मोर मिलेंकितने कानन मेंमिल जुल कर मजे करें,पीपल की छाँव में,सुनो मे... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   10:54am 22 Oct 2017 #पायलननद
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धड़कनसंग है तुम्हारा आजन्म,या कहें संग है हमारा आजन्म.छोड़ दे संग परछाईं जहाँ,उस घनेरी रात में भी,गर तुम नहीं हो साथ, तो जिंदगी का खेल समाप्त  !!!!!क्यों लगी हो होड़ करने,समय से तुम अकेली ?और भी तुझको मिलेंगे,चाँद तारे और धरती,और संग संग इस धरा के,चल रहा हूँ मैं भी लेकिन,त... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   9:41am 15 Oct 2017 #धड़कन
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Laxmirangam: Changes of spelling of Hindi: Changes to spelling of Hindi (http://www.hindikunj.com/2014/12/the-spelling-of-hindi.html) (Published in Hindi Kunj on 5.12.2014). .... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   1:29pm 5 Oct 2017 #
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                           ये कैसा दशहराआज मेरे देश में ये क्या हो रहा है.दहशत भरी है हवा में,डर लग रहा है, कहीं इस  देश मेंइस दशहरा में रावण की जगह,राम तो नहीं जल रहा है.पता नहीं कबसे,हर दशहरे रावण जल रहा है,पर आज देश में लंकेश का राज चल रहा है.होलिका दहन क... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   12:45am 2 Oct 2017 #
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मेरा जिन्न                   कल सुबह अचानक ही मेरी मौत हो गई.               मैं लाश लिए काँधे किसी दर निकल पड़ा,                सब राहगीर देखते ही सकपका गए,               फिर हँस पड़े और "वो पागल है"कह गए.              चलता रहा मैं राह अपनी सब... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   2:39pm 29 Sep 2017 #
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हमारी राष्ट्रभाषा.परतंत्रता की सदियों मे स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों को एक जुट करने के लिए राष्ट्रभाषा शब्द का शायद प्रथम प्रयोग हुआ.गाँधी जी खुद मानते और चाहते थे कि राष्ट्र को एक भाषा में पिरोने के लिए केवल हिंदुस्तानी ही सक्षम है और हिंदुस्तानी को ही राष्ट्रभाषा&... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   5:18pm 15 Sep 2017 #
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दीपाहर दिन की तरह मुंबई की लोकल ट्रेन खचाखच भरी हुई थी. यात्री भी हमेशा की तरह अंदर बैठे, खड़े थे. गेट के पास कुछ यात्री हेंडल पकड़े खड़े थे तो कुछ बाहर की तरफ झुके हुए थे. दैनिक यात्री रोजमर्रा की तरह लटकने का मजा ले रहे थे. लेकिन आज विशेष था कि मुंबई में पली बढ़ी दीपा पहली ... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   2:52pm 10 Sep 2017 #
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आस्था : बहता पानी                तैरना सीखने की चाह में,                वह समुंदर किनारे                 अठखेलियाँ करने लगी.                                लहरें कभी पाँव भिगोते तो                कभी तन ही को भिगो जाते.          ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   10:55am 6 Sep 2017 #गंगा
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संप्रेषण और संवाद आपके कानों में किसी की आवाज सुनाई देती है. शायद कोई प्रचार हो रहा है. पर भाषा आपकी जानी पहचानी नहीं है. इससे आप उसे समझ नहीं पाते. संवाद तो प्रसारित हुआ, यानी संप्रेषण हुआ, प्राप्त भी हुआ, पर संपूर्ण नहीं हुआ क्योंकि वह प्रेषिती द्वारा समझा नहीं गया. यह... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   7:12pm 24 Aug 2017 #लहजा
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                               इस गली में आना छोड़ दो                           रे चाँद,                 हर रात, इस गली                  आया न करो.                 इस गली आना छोड़ दो.                                    &nbs... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   1:17pm 24 Jul 2017 #चातक
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निर्णय (भाग 2)                                                  (भाग 1 से आगे)रजत भी समझ नहीं पा रहा था कि कैसे अपनी भावना संजना तक पहुँचाए। डर भी था कि संजना उसकी बात से नाराज हो गई तो वह उसे हमेशा के लिए ही खो देगा। वह अजब पशोपेश में पड़ा हुआ था।कॉलेज के वार्... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   10:56am 31 May 2017 #
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निर्णय ( भाग -1)बी एड में अलग अलग कॉलेजो से आए हुए अलग अलग विधाओं के विद्यार्थी थे । सबकी शैक्षणिक योग्यताएँ भी समान नहीं थीं । रजत इतिहास में एम ए था । उसे लेखन का शौक था और वह बहुत अच्छा वक्ता भी था । उसके लेख व कविताएँ अक्सर पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते थे । प्रि... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   6:59am 26 May 2017 #बी एड
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पुस्तक प्रकाशनहर रचनाकार, चाहे वह कहानीकार हो, नाटककार हो या समसामयिक विषयों पर लेख लिखने वाला हो, कवि हो याकुछ और,चाहेगा कि मेरी लिखी रचनाएं पुस्तक का रूप धारण करें. हाँ शुरुआती दौर में लगता है कि यह  किसी के लिए थोड़े ही लिखी जा रही है, कि प्रकाशित कराऊं?पर बाद बाद में ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   3:30am 22 May 2017 #प्रकाशक
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एक पुस्तक की प्रूफ रीडिंगसबसे पहली बात: “प्रूफ रीडर का काम पुस्तक में परिवर्तन करना नहीं है, केवल सुझाव देने हैं कि पुस्तक में क्या कमियां हैं और उनका निराकरण कैसे किया जाए. अच्छे प्रूफ रीडर पुस्तक की उत्कृष्टता बढ़ाने के लिए भी सुझाव दे सकते हैं.”प्रूफ रीडर को पुस्तक आ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   11:06am 6 May 2017 #
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मजबूरियाँ.मिटा ही न देना तुम दूरियांसमझो जमाने की मजबूरियाँ ।। इतनी बढ़ाओ न नजदीकियाँ,बढ़ती रहेंगी तो खुशियाँ मिलेंगीतिनकों के सागर सी दुनियां मिलेगीझूमेंगे तन मन औ बगिया खिलेगी ।।मिलने से हँसी, नाच गाने बजेंगे,जो बिछड़े तो, विरह में 'बाजे बजेंगे',सहना जुदाई एक पर्वत ... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   3:45am 22 Mar 2017 #
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अनहोनीना तुम धरा, ना मैं गगन,पर क्षितिज पाना चाहते हैंरेल की दो पटरियों को  हम मिलाना चाहते हैं।रात दिन के चक्र में,संध्याएँ ही आनंदमय हैंहम हरसमय और हर हमेशा,संध्या में रहना चाहते हैं. रेल की दो पटरियों को हम मिलाना चाहते हैंरात ही राका मिलन कोउठ रहे अनथक लहर है... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   4:43am 6 Mar 2017 #

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