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उच्चारण

पूज्य पिता जी आपको श्रद्धापूर्वक नमन।2014 में आज ही के दिन आप विदा हुए थे।-- पूज्य पिता जी आपका, वन्दन शत्-शत् बार।बिना आपके हो गया, जीवन मुझ पर भार।।एक साल बीता नहीं, माँ भी गयी सिधार।बिना आपके हो रहा, दुखी बहुत परिवार।।--बचपन मेरा खो गया, हुआ वृद्ध मैं आज।सोच-समझ...
Tag :छूट गया है साथ
  July 29, 2018, 7:40 am
भारत माँ की कोख से, जन्मा पूत कलाम।करते श्रद्धा-भाव से, उसको आज सलाम।।--दुनिया में जाना गया, वह मिसाइल-मैन।उसके जाने से सभी, कितने हैं बेचैन।।--जिसने जीवन भर किया, मानवता का काम।भारत का सर्वोच्च-पद, हुआ उसी के नाम।।--बचपन जिया अभाव में, कभी न मानी हार।दुनिया मे...
Tag :प्रेरक नाम कलाम
  July 28, 2018, 7:56 am
यज्ञ-हवन करके करो, गुरूदेव का ध्यान।जग में मिलता है नहीं, बिना गुरू के ज्ञान।। भूल गया है आदमी, ऋषियों के सन्देश।अचरज से हैं देखते, ब्रह्मा-विष्णु-महेश।।गुरू-शिष्य में हो सदा, श्रद्धा-प्यार अपार।गुरू पूर्णिमा पर्व को, करो आज साकार।।गुरु की महिमा का करूँ, कैसे आज बखा...
Tag :दोहा गीत
  July 27, 2018, 10:59 am
नीम करेला जगत में, कभी न मीठा होय।मगर न छोड़े दुष्टता, पीकर निर्मल तोय।।राजनीति में चल रही, साँठ-गाँठ भरपूर। सिंहासन की दौड़ में, मीत हो गये दूर।।आदत पल-पल बदलता, कलयुग में इंसान। देख जगत के ढंग को, बदल रहा भगवान।।सब अपने को कर रहे, सच्चा सेवक सिद्ध। मांस नोचने के ...
Tag :दोहे
  July 27, 2018, 7:05 am
रिश्तो-नातों से भरा, सारा ही संसार।प्यार परस्पर हो जहाँ, वो होता परिवार।।सम्बन्धों में हों जहाँ, छोटी-बड़ी दरार।धरती पर कैसे कहें, कौन सुखी परिवार।।एक दूसरे के लिए, रहो सदैव उदार।प्यार सुखी परिवार का, होता है आधार।।अपने कुनबे में करो, कभी न झूठा प्यार।सबके प्रति परिवा...
Tag :दोहे
  July 26, 2018, 12:56 pm
जीवन पथ पर चलते जाएँ।आओ अपना धर्म निभाएँ।।स्वाभिमान को कभी न त्यागें,लालच के पीछे ना भागें,जग को उसका कर्म बताएँ।आओ अपना धर्म निभाएँ।१।सोच हमेशा रखना व्यापक,बन कर दिखलाना अध्यापक,विषयवस्तु सबको समझाएँ।आओ अपना धर्म निभाएँ।२।जल में कुटिल पंक फैला है,गंगा का आँचल मैल...
Tag :गीत
  July 25, 2018, 8:06 am
सज रहे हैं ख्वाब,जैसे हों घरौंदे रेत में।बाढ़-बारिश हवा को पा,बदल जाते रेत में।।मोम के सुन्दर मुखौटे,पहन कर निकले सभी,बदल लेते रूप अपना,धूप जब निकली कभी,अब हुए थाली के बैंगन,थे कभी जो खेत में। बाढ़, बारिश-हवा को पा,बदल जाते रेत में।।हो रही वादाख़िलाफी,रो रहे सम्बन्ध है...
Tag :गीत
  July 24, 2018, 7:53 am
दुर्गम पथरीला पथ है, जिसमें कोई सोपान नहीं।मैदानों से पर्वत पर, चढ़ना होता आसान नहीं।।रहते हैं आराध्य देव, उत्तुंग शैल के शिखरों में,कैसे दर्शन करूँ आपके, शक्ति नहीं है पैरों में,चरणामृत मिल जाए मुझे, ऐसा मेरा शुभदान नहीं।मैदानों से पर्वत पर, चढ़ना होता आसान नहीं।।तुम...
Tag :गीत
  July 23, 2018, 4:44 pm
बतलाते खुद को सभी, दुनिया में नाचीज।लेकिन बिन मतलब नहीं, होते लोग अजीज।।पहनो चाहे कण्ठ में, कितने ही ताबीज।लेकिन अनुभव के बिना, आती नहीं तमीज।।हद से ज्यादा चतुर तो, होता नहीं उदार।उनसे मत करना कभी, जीवन में व्यापार।।आज समझ में आ गयी, दुनिया की औकात।मतलब के संसार में, है ...
Tag :दोहे
  July 22, 2018, 12:04 pm
मित्रों!स्व. गोपालदास नीरज से जुड़ी एक स्मृति प्रस्तुत कर रहा हूँ। जब मैं अन्तिम बार “नीरज” जी से मिला था।     दिनांक 27 मई, 2013 को खटीमा में एक आलइण्डिया मुशायरा एवं कविसम्मेलन का आयोजन किया गया था जिसका उद्घाटन उत्तराखण्ड के महामहिम राज्यपाल श्री अजीज कुरैशी ने क...
Tag :संस्मरण
  July 20, 2018, 3:57 pm
जिन्दादिल बनकर रहे, मन से सदा उदार।गीतकार नीरज तुम्हें, नमन हजारों बार।।स्वप्न झर गये फूल से, लुटा साज-शृंगार।आँगन से वटवृक्ष का, मिटा आज आकार।।दया नहीं करता कभी, क्रूर काल का पाश।नीरज बिन सूना हुआ, हिन्दी का आकाश।।आज शोक सन्तप्त है, हिन्दी का प्रासाद।नीरज जी को कर रहे,...
Tag :दोहे
  July 20, 2018, 11:17 am
गद्य अगर कविता होगी तो,कविता का क्या नाम धरोगे?सूर-कबीर और तुलसी को,किस श्रेणी में आप धरोगे?तुकबन्दी औ’ गेय पदों का,कुछ कहते हैं गया जमाना।गीत-छन्द लिखने का फैशन,कुछ कहते हैं हुआ पुराना।जिसमें लय-गति-यति होती है,परिभाषा ये बतलाती है।याद शीघ्र जो हो जाती है,वो ही कविता ...
Tag :गीत-छन्द लिखने का फैशन हुआ पुराना
  July 20, 2018, 5:30 am
आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी अग्निवेश जी पर जानलेवा हमला      झारखण्ड प्रदेश में जय श्री राम का नारा लगाने वाले कथित स्वयं सेवकों और भा.ज.पा. के कथित कार्यकर्ताओं ने भीड़ के साथ सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी अग्निवेश जी पर जानलेवा हमला क...
Tag :स्वामी अग्निवेश जी पर जानलेवा हमला
  July 19, 2018, 4:04 pm
जो प्यासी धरती की, अपने जल से प्यास बुझाते हैं।आसमान में जो उगते हैं, वो बादल कहलाते हैं।१।जो मुद्दत से तरस से थे, जल के बिना अधूरे थे,उन सूखे नदिया-नालों को, निर्मल नीर पिलाते हैं। आसमान में जो उगते हैं, वो बादल कहलाते हैं।२।चरैवेति का पाठ पढ़ाने, जो धरती पर आकर के,पतित-...
Tag :रूप”हमें दिखलाते हैं
  July 19, 2018, 10:15 am
जो प्यासी धरती की, अपने जल से प्यास बुझाते हैं।आसमान में जो उगते हैं, वो बादल कहलाते हैं।१।जो मुद्दत से तरस से थे, जल के बिना अधूरे थे,उन सूखे नदिया-नालों को, निर्मल नीर पिलाते हैं। आसमान में जो उगते हैं, वो बादल कहलाते हैं।२।चरैवेति का पाठ पढ़ाने, जो धरती पर आकर के,पतित-...
Tag :रूप”हमें दिखलाते हैं
  July 19, 2018, 10:15 am
बने हुए बहुरूपिए, ढोंगी और कुसन्त।जिनका बारहमास ही, होता रोज बसन्त।।थोड़े से गद्दार हैं, थोड़े से मक्कार।नैतिकता का देश में, खिसक रहा आधार।।गंगा बहती झूठ की, गिरी सत्य पर गाज। बढ़ते जाते पाप हैं, दूषित हुआ समाज।।समझो खारे नीर का, कुछ तो मोल-महत्व। सागर से कम है नह...
Tag :दोहे
  July 18, 2018, 7:51 am
पत्रिका एवं पुस्तकों का विमोचन       खटीमा (ऊधमसिंहनगर) 15 जुलाई, 2018 को साहित्य शारदा मंच, खटीमा द्वारा ब्लॉक सभागार, खटीमा (ऊधमसिंहनगर) मेंअपराह्न 2 बजे से पुस्तक विमोचन एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमेंडॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'के व्यक्तित्व-कृति...
Tag :रपट
  July 17, 2018, 7:40 am
“आज हरेला है”उत्तराखण्ड की संस्कृति की धरोहर “हरेला” उत्तराखण्ड का प्रमुख त्यौहार है!उत्तराखण्ड के परिवेश और खेती के साथ इसका सम्बन्ध विशेषरूप से जुड़ा हुआ है! हरेला पर्व वैसे तो वर्ष में तीन बार आता है- 1- चैत्र मास में!(प्रथम दिन बोया जाता है तथा नवमी को काटा...
Tag :“हरेला”
  July 16, 2018, 6:48 am
आज 15 जुलाई, 2018 को अपराह्न् 2 बजे से साहित्य शारदा मंच, खटीमा द्वारा ब्लॉग सभागार, खटीमा (ऊधमसिंहनगर) मेंसमय-अपराह्न 2 बजे से पुस्तक विमोचन एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें-श्रीमती राधा तिवारी (राधेगोपाल) द्वारा रचित “सृजन कुंज” (काव्य संग्रह) एवं “जीवन का भूगोल...
Tag :
  July 15, 2018, 9:41 pm
सीधा-सादा. भोला-भाला।बच्चों का संसार निराला।।बचपन सबसे होता अच्छा।बच्चों का मन होता सच्चा।पल में रूठें, पल में मानें।बैर-भाव को ये क्या जानें।।प्यारे-प्यारे सहज-सलोने।बच्चे तो हैं स्वयं खिलौने।।बच्चों से नारी है माता।ममता से है माँ का नाता।।बच्चों से है दुनियादा...
Tag :बालकविता
  July 14, 2018, 8:01 pm
कर्कश सुर से तो होती है, खामोशी की तान भलीजल जाता शैतान पतिंगा, शम्मा सारी रात जलीदो पल का तूफान, तबाही-बरबादी को लाता हैकभी न थकती मन्द हवा, जो लगातार दिन-रात चलीबचपन-यौवन साथ न देता, कभी किसी का जीवन भरसिर्फ बुढ़ापे के ही संग में, इस जीवन की शाम ढलीसूखे भी हों पात शज़र के, ...
Tag :ग़ज़ल
  July 14, 2018, 8:10 am
अनुभव पर मेरे मुझे, रहता सदा यकीन। सागर की हर बूँद का, पानी है नमकीन।।देशद्रोह-अलगाव की, जहाँ भड़कती आग। उस केसर के खेत में, लगे खून के दाग।।मन को अब भाती नहीं, बहती हुई बयार। इसीलिए मैली हुई, गंगा जी की धार।।खूनी पंजे देखकर, सहमे हुए कपोत। खुद को सूरज कह रहे, अब छ...
Tag :सहमे हुए कपोत
  July 13, 2018, 7:44 am
सिक्कों में बिकने लगा, दुनिया में ईमान।लोग रूप की धूप पर, करते हैं अभिमान।।सदाचार का हो गया, दिन में सूरज अस्त। अपनी ही करतूत पर, लोग हो रहे मस्त।।तन-मन मैले हो रहे, झूठे हैं उपवास। मेल-जोल का हो गया, मेला बहुत उदास।।पंथ भिन्न तो क्या हुआ, सबका है ये देश।म...
Tag :लोग हो रहे मस्त
  July 12, 2018, 8:51 am
रंग भी रूप भी छाँव भी धूप भी,देखते-देखते ही तो ढल जायेंगे।देश भी भेष भी और परिवेश भी,वक्त के साथ सारे बदल जायेंगे।।ढंग जीने के सबके ही होते अलग,जग में आकर सभी हैं जगाते अलख,प्रीत भी रीत भी, शब्द भी गीत भी,एक न एक दिन तो मचल जायेंगे।वक्त के साथ सारे बदल जायेंगे।।आप चाहे भु...
Tag :गीत
  July 11, 2018, 6:00 am
 था कभी ये 'रूप' ऐसा।हो गया है आज कैसा?? बालपन में खेल खेले।दूर रहते थे झमेले।।छा गई थी जब जवानी।शक्ल लगती थी सुहानी।। तब मिला इक मीत प्यारा।दे रहा था जो सहारा।।खुशनुमा उपवन हुआ था।धन्य तब जीवन हुआ था।। बढ़ी गई जब मोह-माया।तब बुढ़ापे ने सताया।जब हुई कमजोर काय...
Tag :चक्र है आवागमन का
  July 10, 2018, 10:39 am

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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
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