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लालित्यम्

*अललटप्पू - जिसने यह शब्द नहीं सुना होगा,पूछेगा - इसका मतलब क्या ? मतलब है अटकलपच्चू .अब यह भी समझ में नहीं आया तो समझाना पड़ेगा. सुनिये -अगड़म्-बगड़म्,अटर-शटर या अट्ट-सट्ट .एक शब्द में चाहें तो ऊलजलूल या ऊंटपटाँग . मतलब कुछ कम साफ़ हुआ हो तो और स्पष्ट कर दूँ - अंड-बंड ,अऩाप-...
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Tag :अललटप्पू
  September 30, 2016, 9:56 am
*इंग्लैंड की गद्दी के दावेदार  प्रिंस चार्ल्स की रगों में भारतीय रक्त दौड़ रहा है! एडिनबरा यूनिवर्सिटी के जेनेटिसिस्ट, जिम विल्सन ने विलियम के रिश्तेदारों की लार के नमूनो की जांच कर बात इस बात की पुष्टि की है . विल्सन के अनुसार डीएनए का R30b प्रकार बहुत दुर्लभ है.अब त...
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Tag :
  September 28, 2016, 4:11 am
अराल(अरल) सागर सूख गया  - कभी दुनिया के समुद्रों में चौथे चौथे नंबर पर रहे  अराल(अरल) सागर का 90 फीसदी हिस्सा, बीते 50 सालों में ,सूख चुका है . यह मध्य एशिया में कजाकिस्तान एवं उजबेकिस्तान के बीच लहराता था। इसके विशाल आकार के कारण इसे सागर माना गया था .स्थानीय भाषाओं के शा...
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Tag :करकराती
  September 6, 2016, 1:16 am
*भोजन समापन पर है -मेरा बेटा कटोरी से दही चाट-चाट कर खारहा है .उसकी पुरानी आदत है कटोरी में लगा दही चम्मच से न निकले तो उँगली घुमाकर चाटता रहता है . वैसे जीभ से चाटने से भी उसे कोई परहेज़ नहीं .बाद में तो  तो यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि इस कटोरी में कुछ था भी.उसके पापा ...
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Tag :नज़ाकत.
  August 9, 2016, 7:19 am
*यह दुनिया विरोधों का तालमेल है,जिसमें संतुलन बनाये रखना बहुत ज़रूरी है  - जहाँ यह  बिगड़ा वहाँ गड़बड़ शुरू. एक निश्चित मात्रा में जो वस्तु लाभदायक है ,अनुपात बिगड़ते ही वह अनर्थ करने पर उतारू हो जाती है .और यह अक्ल नाम की बला जो इन्सान के साथ जुड़ी है बड़ी दुनियाबी चीज...
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Tag :उचक लेना
  August 5, 2016, 10:14 am
  * उज्जयिनी या उज्जैन , इस धरती की नाभि , जहाँ स्थित है पीयूष पूरित मणिपुर चक्र  .  शून्य देशान्तर रेखा का प्रदेश(अर्थात लंका से उज्जैन एवं कुरूक्षेत्र होते हुए जो रेखा मेरू पर्वत तक पहुंचती है वह मध्य रेखा मानी गई है। ) जिसे परसती  कर्क रेखा कोण  बनाने का साहस न क...
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  May 16, 2016, 1:38 pm
 *सुना आपने -  पानी के पुराने बिल माफ़ और बिजली के रेट आधे !समझदार थे वे, जिनने बिल नहीं चुकाया . नियमों को मान कर चलेवाले  मूर्ख निकले? मज़े से उपभोग करो  ,मूल्य चुकाने नाम कन्नी काट जाओ .अब  बिजली का दाम भी कम हो  गया डट कर फूँको.देखो न ,बिजली-पानी के लिये शोर मचा रह...
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Tag :
  March 29, 2016, 5:22 pm
 *सुना आपने -  पानी के पुराने बिल माफ़ और बिजली के रेट आधे !समझदार थे वे, जिनने बिल नहीं चुकाया . नियमों को मान कर चलेवाले  मूर्ख निकले? मज़े से उपभोग करो  ,मूल्य चुकाने नाम कन्नी काट जाओ .अब  बिजली का दाम भी कम हो  गया डट कर फूँको.देखो न ,बिजली-पानी के लिये शोर मचा रह...
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  March 29, 2016, 5:22 pm
*ss ? for keyboard shortcuts.राम कहो ...मेरे पति की आदत थी हमारी नन्हीं-सी बेटी की छोटी-सी  गोद में किसी प्रकार सिर टिका कर कहते थे 'निन्ना आ रही है 'और वह दोनों हथेलियों से थपक-थपक कर लोरी गा कर सुलाने लगती थी.कभी ऊँ-ऊँ करेके रोने का नाटक करते तो लाड़ लडाना शुरू कर देती थी.केवल मेरी बेटी नही...
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  February 29, 2016, 8:06 pm
 *स्मॉग (धुँआसा शब्द  हो सकता है बिलकुल सही न हो) से  ईंट का निर्माण   -आश्चर्य मत कीजिये .चीन के एक कलाकार ने वातावरण में छाये प्रदूषण को समेट कर उसे ठोस रूप में सामने रख दिया.हवा मे समाये कटु-तिक्त कणों को समेट कर उनकी ईंट बना कर सामने रख दी. कलाकार का नाम जिंगोऊ ज़िया...
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  December 3, 2015, 11:35 am
*सहज-सरस , तोष और पोष देनेवाले बहुत से स्वाद खो गये है. नये निराले अटपटे-लटपटे स्वादों ने जगह ले ली उनकी.न परिचित रूप, न स्वाभाविक रंग .उनकी जगह लेने जाने कितने बनावटी रसायनी घाल-मेल मुख्यधारा में आते जा रहे हैं.अजीनोमोटो जैसा जीव भी  रसोई में प्रवेश पा गया .गहरी मंदी आँच ...
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Tag :मुँह लगना
  October 11, 2015, 11:37 pm
* 11.(दृष्य - वही .सूत्रधार नटी और लोकमन .)सूत्र -आपने ऐसी धारा बहाई कवि ,कि हम तो उसी में बहते चले गये ,भूल गये कि हम उस समय से कितना आगे बढ आये हैं .नटी - कितनी -कितनी भिन्नतायें ,लेकिन कैसा सामंजस्य !पर मित्र ,इसके बाद यह कहानी क्या रुक गई ?लोकमन - कहानी कभी नहीं रुकी ,रुकेगी भी नही...
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  October 8, 2015, 7:40 pm
* कई वर्ष मुज़फ़्फ़रनगर में रही थी. जब वहाँ  से चलना पड़ा तो चिट्ठी-पत्री के लिये अपनी मित्र से उनके घर का डाक का पता पूछा . घर तो कई बार गई थी , बाहर के पत्थर पर निवास के नाम का अंकन भी देखा था -पर कभी गौर नहीं किया ,ज़रूरत नहीं समझी कि देख कर ठीक से पढ़ लूँ. सोचा भी नहीं था कि क...
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  September 17, 2015, 6:11 am
*छुट्टी ! मतलब नियमों- अनुशासनों से खुली  छूट , लादी गयी व्यवस्था  से मुक्ति , मनमाने मौज से रहने का दिन .सारी चर्या पर ख़ुद का नियंत्रण - नहाने ,खाने, बैठने-उठने सब में !बल्कि छुट्टी का खुमार एक दिन पहले की शाम से चढ़ने लगता है . लगता है कल कौन ड्यूटी बजानी है और आराम-आराम से ...
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Tag :खुमार
  September 10, 2015, 5:35 am
*जब पहली बार उलनबटोर का नाम सुना तो मन वैसे ही कौतुक से भर उठा था जैसे झुमरीतलैया का नाम सुन कर .आठ-दस साल बीत गए उस बात को , मन में बार-बार दोनों नामों की गूँज उठती रही .फिर एक बार और उलनबटोर के बारे में एक खास बात पढ़ी - वहाँ के लोग अपनी महिलाओँ को गर्दन में मोच के दर्द से छुटक...
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  May 18, 2015, 11:34 pm
****नटी - युग की विषम स्थितियों को सम करने के लिये महापुरुषों का आविर्भाव होता है ।भक्ति जिस लहर ने सारे भारत की धरती को को सींच दिया ,आपके विचार में उसका श्रेय किसे जाता है  ?सूत्र - गुरु रामानन्द को !समाज में दलितों और वंचितों के उन्नयन का पथ उन्हीं ने प्रशस्त किया ।क्यों ...
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  May 12, 2015, 6:14 am
*[ सूत्रधार ,नटी और लोकमन मंच पर - पूर्व दृष्यों की निरंतरता के साथ घटना क्रम आगे बढ़ रहा है . ]सूत्र - अकबर ने मुस्लिम पक्ष की ओर से प्रयत्न किया ,लेकिन वह  राजनीति से संबद्ध था ,और उसके प्रयास बौद्धिक स्तर पर रहे थे अतः,दोनों धर्मों के लोगों की मानसिकता पर प्रभाव न डाल सके.&nb...
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  May 3, 2015, 6:27 am
*'ऐसे कब तक पड़े रहेंगे ,दोनों तरफ़ के खर्चे और आमदनी का ठिकाना नहीं ,'हैरिस परेशान हैं ,'उधर  मेरे न होने से कितनी गड़बड़ियाँ हो रही हैं .सब चौपट हुआ जा रहा है.'ऐसे पलों में जूली का मनोबल टूटने लगता है कैसी बेबसी है यहाँ भी कोख ने लाचार कर दिया ! सचमुच ,बड़ी मुश्किल है . जू...
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  April 4, 2015, 8:21 pm
'नमस्कार डॉ.साहब, ये मेरी पत्नी जूली और ये मोनिका जी , संबंधी हैं हमारी  सहायता को तैयार हैं. 'कहते हुये हैरिस दोनों महिलाओं की ओर उन्मुख हुए,'ये डॉ.अमर. इस काम में यहाँ के माने हुए डाक्टर . 'आगे बढ़ आये डॉ.अमर अपने साथी को लक्ष्य कर बोले , 'डॉ. मानस हमारे सहयोगी - सलाह के लिए इ...
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  March 29, 2015, 10:23 am
'नमस्कार डॉ.साहब, ये मेरी पत्नी जूली और ये मोनिका जी , संबंधी हैं हमारी  सहायता को तैयार हैं. 'कहते हुये हैरिस दोनों महिलाओं की ओर उन्मुख हुए,'ये डॉ.अमर. इस काम में यहाँ के माने हुए डाक्टर . 'आगे बढ़ आये डॉ.अमर अपने साथी को लक्ष्य कर बोले , 'डॉ. मानस हमारे सहयोगी - सलाह के लिए इ...
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  March 29, 2015, 10:23 am
*'बहुत भटक लिये अब जाकर हमारी खोज पूरी हुई .' हैरिस ने  मन की बात मोनिका की ओर देखते हुए कह दी, फिर पुष्टि के लिए पत्नी की ओर देखने लगे  .'बड़ी मुश्किल से हमें मन पसंद  महिला मिली है . अब हमें और कहीं नहीं खोजना . हमें पूरा इत्मीनान हो गया  कि हमारे आनेवाले बच्चे को बहुत स...
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  March 27, 2015, 10:16 am
नारीत्व की देह-यात्रा : साहित्य के दर्पण में .भाग -1.देह-यात्रा इसलिये कि नारी की बात आते ही उससे प्राप्त सौन्दर्य-सुविधा-सेवा की सुखानुभूति में लीन किसी की दृष्टि उसके मन और आत्मा तक नहीं पहुँच पाती. नीति-शास्त्र, आचार-विचार, धर्मोपदेश सब का एक ही मूल-स्वर - सेवा-सुश्रुषा ...
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  March 18, 2015, 9:44 am
जिस समय पति से  घर का कोई काम करा रही हों -* 1 . उस समय आपको खाली नहीं रहना चाहिए कुछ करती हुई ही दिखाई दें.चाहे दूसरे कमरे में चली जाइये वहाँ चाहे जो चाहें करिए .चले जाना इसलिए भी अच्छा है कि काम करने का उनका ढंग देख कर आप बिना टोके रह नहीं पाएँगी (बेकारमें  कहा-सुनी हो...
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  March 13, 2015, 9:15 am
* पारमिता से उस दिन सच ही कहा था- मैं दुखी नहीं हूँ .दुखी न होने पर सुखी होना जरूरी होता है क्या ?एक न्यूट्रल-सी मनस्थिति-  भी तो संभव है -कैसा लगता है  जब ख़ुद की ही समझ में न आये . नहीं, जड़ता नहीं ,सारी दुनिया की बातें अनुभव हों ,एक निज को छोड़ कर ! ये तो मन है  ,कभी लीन रह...
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  March 6, 2015, 11:10 am
  ब्रह्मांडीय ध्वनियों का दृष्यात्क रूप - देवनागरी लिपि .*लिपि के विषय में यजु तैत्तरीय संहिता में एक कथा दृष्टव्य है  -देवों के सामने एक बड़ी कठिनाई आ गई ,वे जो बोलते वह वाणी अदृष्य हो जाती है ,फिर उसका कोई चिह्न नहीं बचता .अपनी समस्या उन्होंने इन्द्र के सामने रखी . वा...
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  February 24, 2015, 10:58 am

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  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
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