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Blog: खामोश दिल की सुगबुगाहट...

Blogger: shekhar suman
इस शहर में बरसों से कोई नहीं आया...बस एक सुराख़ रख छोड़ा था आसमान में जहाँ से धूप आती है सवेरे-सवेरे,और कभी कभी बरसात भी वहां ठहर कर जाती है...  याद है तुम्हें, उस आसमान में जो एक सुराख छोड़ा था कुछ साल पहले, उसके नीचे अब बहुत बड़ा जंगल उग आया है.... अलग-अलग तरह के दरख़्त है उसमे, कुछ फू... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   2:18pm 30 Aug 2015 #
Blogger: shekhar suman
ज़िंदगी एक मिथ्या है,ज़िंदगी में खुश रहना एक मृगतृष्णा...खुशियाँ चिराग है एक रोशनी का,और उसके ठीक नीचे छुपा है गमों का अंधेरा...************तुम्हारी आखें एक झूला है,जिसमे मैं ज़ोर ज़ोर से उड़ान भरता हूँ,पर तुम्हारे हर एक आँसू के साथपलट कर ज़मीन पर गिर जाता हूँ...************ये तन्हाई की खरोंचदि... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   5:26pm 22 Jul 2015 #
Blogger: shekhar suman
अपने देश से हर किसी को प्यार होता है... पर भारत के लोगों का प्यार थोड़ा अलग है, उन्हें साफ-सुथरा देश चाहिए लेकिन सफाई नहीं करना चाहते, रिश्वत से उन्हें सख्त नफरत है लेकिन कुछ रुपये देकर काम बन रहा हो तो ज़रा भी पीछे नहीं हटते, बचपन में जाति-प्रथा, दहेज-प्रथा पर निबंध किसने नहीं... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   4:27pm 20 Jul 2015 #
Blogger: shekhar suman
जाने इस सोहबत का असर कहाँ तक पहुंचेगा,इस बज़्म में मेरी नज़मों का सफर कहाँ तक पहुंचेगा,गर गुमनाम हो गयी हों इन आँखों में खामोशियाँ मेरी,तो उन लबों में उलझे एक बोसे का असर कहाँ तक पहुंचेगा,तेरी हर ज़िद पर नींद के बुलबुले हवा मे घुल से जाते हैं,जाने मेरी हकीकत में तेरे ख्वाबों... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   1:52pm 11 Jul 2015 #
Blogger: shekhar suman
साहब- गाय हिंदुओं की माता होती है इसलिए हमें उसका सम्मान करना चाहिए, उसकी पूजा करनी चाहिए...मैं-अच्छा साहब गाय कब से हमारी माता है, मतलब किसी वेद में किसी ग्रंथ में, कहीं ऐसा उद्धरण जहां से पता चले कि अगर हम गाय को माता न माने तो हम हिन्दू ही नहीं हैं... साहब- सब कुछ उद्धरित ... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   5:22am 2 Jun 2015 #सामजिक दृश्य
Blogger: shekhar suman
दो दिन जो समानांतर हैं,आपस में कभी मिल नहीं सकते,लेकिन दिखते नहीं है ऐसे,टेढ़ी-मेढ़ी सरंचनाएँ हैं इनकी,मैं मिलता हूँ दोनों से अलग अलग वक़्त पर... सब कुछ वही रहता है,  लेकिन मैं वो नहीं हूँ जो मैं था आज के पहलेमैं बदलता रहता हूँ गिरगिट के रंग की तरह...फिर भी मुझे शंका होती हैमैं ... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   1:54pm 27 May 2015 #
Blogger: shekhar suman
मैं अंगारे सी धधकती नज़्में लिखना चाहता हूँ कि कोई छूए भी तो हाथ झुलस जाएँ,मेरे लफ़्ज़ों के कोयले सेआग को विशालतर करइस मतलबी दुनिया कोजला देना चाहता हूँ  और बन जाना चाहता हूँ इस ब्रह्मांड का आखिरी हिटलर...************इंसान किसी और के गम में या क्षोभ में नहीं रोता, न ही रोना कमजोरी ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   1:40pm 5 May 2015 #
Blogger: shekhar suman
एक वैबसाइट है JustEat, उनका स्लोगन है... Don't Cook, Just Eat... भई हमें तो बड़ी आपत्ति है इस स्लोगन से, क्यूँ न पकाएँ साहब !! जनाब ने स्लोगन तो रख दिया लेकिन खुदई को जब भूख लगती होगी तो अपने किचन की ही याद आती होगी... खुद के बनाए घर के खाने से भी स्वादिष्ट होती है कोई चीज भला, साफ-सुथरी जगह पर कम पैसो... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   3:41pm 19 Apr 2015 #
Blogger: shekhar suman
आज की तारीख देख रही हो न.... तुम मानो या न मानो ये तारीख़ तो महज एक छलावा भर है... किसने कहा कि तुम्हें इसी दिन मुझसे प्यार हुआ था... क्या पता एक हफ्ते पहले हुआ हो, या एक महीने पहले या फिर सात जन्म पहले ही... हाँ बस ये तारीख ही है जो हमें याद है सलीके से, बाकी के जज़्बातों को तो तारीखों ... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   5:26pm 14 Apr 2015 #
Blogger: shekhar suman
आकाश में कुछ रंग बिरंगे फूल रोप दूँ तो,तुम्हारी हर उदासी के ऊपर फूलों की खुशबू गिरेगी .... उस खुशबू से तुम खुश तो हो जाओगी न.... ****************आसमां की झूलती खिड़कियों पे आईना है,ठीक वैसे ही जैसे मेरी खिड़की पे लगा है...तुम्हारी शक्ल आधी दिखे तोतुम आईना नीचे कर लगा लिया करती हो,कह दो तो आस... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   4:53pm 29 Mar 2015 #नज़्म मोहब्बत की
Blogger: shekhar suman
कभी अचानक से सुबह जल्दी नींद खुल जाये तो मैं चौंक कर इधर-उधर देखने लग जाता हूँ.... तुम्हारे होने की हल्की सी खुशबू फैली होती है चारो तरफ..... जैसे चुपके से आकर मेरे ख्वाबों को चूमकर चली गयी हो.... आधी -चौथाई या फिर रत्ती भर भी, अब तो जो भी ज़िंदगी महफूज बची है बस यूं ही गुज़रेगी तुम... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   7:00pm 24 Dec 2014 #नज़्म मोहब्बत की
Blogger: shekhar suman
दिसंबर आ गया है, हर साल आता है कोई नयी बात तो नहीं... दिसंबर से जुड़ी ऐसी कोई खास याद भी नहीं... वैसे भी इन सर्दियों में याद्दास्त थोड़ी कम हो ही जाती है, सिवाय रजाईयों में दुबके रहने के और कुछ याद नहीं रहता... कैसा लगे अगर इन सर्दियों में अचानक से तेज़ धूप निकल आए या खूब तेज़ बारिश ह... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   7:26pm 6 Dec 2014 #कहानियां ज़िन्दगी की
Blogger: shekhar suman
चाहे जेठ की दुपहरी होया फिर पूस की रातसावन की बारिश में भीगते हुये भीइंतज़ार बैठा रहता थाओसारे पर, दरख्तों पर ,एक झलक माँ की,लौटा देती थी हलक में जान फिर से... कई त्योहार आते हैं-बीत जाते हैं,कुछ पल देते हैं याद रखने कोऔर दिये जाते है साल भर का इंतज़ार.... तुमसे मिलना भीअब बस एक ... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   4:21pm 14 Oct 2014 #
Blogger: shekhar suman
इन पेचीदा दिनों के बीच,आजकल बिना खबर किए ही अचानक से सूरज ढल जाता है,नारंगी आसमां भी बेरंग पड़ा है इन दिनों... इन पतली पगडंडी सी शामों में जब भी छू जाती है तुम्हारी याद मैं दूर छिटक कर खड़ा हो जाता हूँ...क्या करूँतुम्हारे यहाँ न होने का एहसासऐसा ही है जैसे,खुल गयी हो नींदकेवल ब... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   4:08pm 13 Oct 2014 #तुम सिर्फ तुम
Blogger: shekhar suman
कागज़ के उस मुड़े-तुड़े पन्ने पर याद तुम्हारी रुकी हुयी है.... न तुमसे मोहब्बत है,न ही कोई गिला रहा अब,फिर भी न जाने क्यूँनमी तुम्हारे नाम की अब भी मेरी आखों में रुकी हुयी है.... कुछ दरका, कुछ टूटा जैसे  दिल का जैसे सुकून गया था,माज़ी की उस मैली चादर पेखुशबू उस शाम की अब भी इन साँसो... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   2:55pm 12 Oct 2014 #यादें
Blogger: shekhar suman
आज करवाचौथ पर फेसबुक पर तरह-तरह के स्टेटस देखे, कुछ बेहद कड़वे कुछ प्यार में पूरी तरह से डूबे हुये, किसी भी इस तरह के स्टेटस पर अपनी राय देने से बचा... जब भी इस तरह का कोई भी पर्व आता है अजीब तरह की कशमकश होती है... इस बाजारवाद को अगर एक किनारे कर भी दें लेकिन एक बात तय है कि अगर क... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   5:14pm 11 Oct 2014 #बकवास
Blogger: shekhar suman
© SILENT PIXELSये आसमां इतना विशाल है बिल्कुल अनंत,लेकिन उसमे,मुझे बस शून्य दिखता है बहुत बड़ा शून्य जैसे किसी ने एक बहुत बड़े घूमते कटोरे को पलट कर रख दिया हो...  बस ऊपर सब चक्कर खाते हुये दिखाई देते हैं, कभी सूरज, कभी चाँद तो कभी बादल,कोई नहीं रुकता मेरे लिए जैसे सब ढूँढते रहते हैं ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   5:14pm 24 Jun 2014 #नज़्म मोहब्बत की
Blogger: shekhar suman
मैं अब कोरे कागज को,कोरा ही छोड़ देता हूँतुम्हारी फिक्र और कुछ खयालड्राफ्ट में सेव कर छोड़े हैं... *******मैंने देखा था उसके आखिरी समय में उसे उसकी आवाज़ उसका शरीर छोड़ दे रही थी...आज सुबह उसकी रूह ने, आवाज़ लगाई है मेरे सपनों में रूह से भला उसकी आवाज़ को कौन जुदा कर पाया है आज तक..*******ज़ि... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   11:04am 22 Jun 2014 #
Blogger: shekhar suman
मुद्दतों बाद ज़िंदगी की किताब के कुछ पन्ने तिलमिला से रहे हैं... कहते हैं आप अपने दर्द को कितना भी जला दें उसका धुआँ साथ ही चलता रहता है, कभी भी घुटन पैदा कर सकता है... ज्यादा वक़्त नहीं गुज़रा है जब गाढ़ी रूमानियत में डूबे कुछ लफ्ज रोपता रहता था सूखी पड़ी अलमारियों पे... यूं डूब कर... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   4:50pm 3 May 2014 #आत्मकथा
Blogger: shekhar suman
अच्छा लिखने की पहचान शायद यही होती होगी कि किस तरह छोटे छोटे पहलुओं को एक धागे में पिरो कर सामने रखा जाये... मैं पिछले कई दिनों से कितना कुछ लिखता हूँ, जब भी मौका मिलता है शब्दों की एक छोटी सी गांठ बना कर रख देता हूँ,लेकिन इन गाठों को फिर एक साथ बुन नहीं पाता, दिमाग और दिल के च... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   3:00pm 28 Jan 2014 #ज़िन्दगी
Blogger: shekhar suman
हो जाने दो तितर-बितर इन आढ़े-तिरछे दिनों को,चाहे कितनी भी आँधी आ जाये,आज भी तुम्हारी मुस्कान का मौसममैं अपने दिल में लिए फिरता हूँ... तुम्हारे शब्द छलकते क्यूँ नहीं अगर तुम यूं ही रही तो तुम्हारी खामोशी के टुकड़ों को अपनी बातों के कटोरे में भर के ज़ोर से खनखना देना है एक बार... ... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   5:01am 24 Jan 2014 #प्यार-मोहब्बत सा कुछ
Blogger: shekhar suman
छत पे पड़े कुछ सूखे पत्तों के ढेर की तरहकुछ यादों को भी फैला देना है इस बार बीते साल की बारिश में सील गए है... कुरमुरे सपनों को उड़ा देने का मज़ा ही कुछ और होता है...******भले ही वो सुंदर हों लेकिन,कोई अपनी पहुँच का दायराआजमाता नहीं उनपर,उस हरे रंग के कंटीले झाड के ऊपर वो प्यारे से दि... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   2:55am 14 Jan 2014 #रद्दी
Blogger: shekhar suman
हथेलियों पर धान की कुछ अधपकी बालियाँ उभर आई हैं,जब पलटता हूँ उन्हें तो वो बालियाँ अलफाज बन उतर आती हैं... *******एक गुलाबी सा शहर है उसकी उल्टी-पुल्टी सड़कों पर सपनों मे बेवजह की रेत लिखता हूँ और उड़ा देता हूँ हर सुबह... *******आड़े-तिरछे खयालों में ज़िंदगी के झरोखों से कुछ नीली धूप आ जा... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   3:49pm 12 Jan 2014 #मेरे अजीब से सपने
Blogger: shekhar suman
आपका यहाँ यूं होना और मेरा लिखा पढ़ना किसी संयोग से कम नहीं... इस 7 अरब की दुनिया में आप मुझे ही  क्यूँ पढ़ना चाहते हैं, ऐसा क्या है यहाँ... यहाँ तो सबकी ज़िंदगी ही एक कहानी है, अपनी कहानियों से इतर दूसरों की कहानियों में इतनी दिलचस्पी क्यूँ भला... 50 करोड़ स्क्वायर किलोमीटर की इस ध... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   7:48pm 5 Jan 2014 #आत्मकथा
Blogger: shekhar suman
मेरे कमरे की खिड़की को बंद हुए सालों गुज़र गए... अक्सर हवाएं उस खिड़की से टकराती रहती हैं, जैसे पूछ रही हों ... ऐसा क्या हुआ.... ऐसा क्यूँ हुआ... उन गुज़रे लम्हों को यादो की किताब में कैद कर एक अलमारी में बंद कर दिया है, जब भी आओ वो किताब ले जाना... "वक्त की दीमक" धीरे धीरे उन्हें "खत्... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   5:50am 17 Nov 2013 #
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