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Blog: सप्तरंगी प्रेम

Blogger: Akanksha Yadav
रंग रंग राधा हुई, कान्हा हुए गुलालवृंदावन होली हुआ सखियाँ रचें धमालहोली राधा श्याम की और न होली कोयजो मन रांचे श्याम रंग, रंग चढ़े ना कोयनंदग्राम की भीड़ में गुमे नंद के लालसारी माया एक है क्या मोहन क्या ग्वालआसमान टेसू हुआ धरती सब पुखराजमन सारा केसर हुआ तन सारा ऋतुरा... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   11:46am 23 Mar 2016 #
Blogger: Akanksha Yadav
तुम मिले तो जिंदगी में रंग भर गए। तुम मिले तो जिंदगी के संग हो लिए। प्यार का भी भला कोई दिन होता है। इसे समझने में तो जिंदगियां गुजर गईं और प्यार आज भी बे-हिसाब है। कबीर ने यूँ ही नहीं कहा कि 'ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय' . प्यार का न कोई धर्म होता है, न जाति, न उम्र, न द... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   8:03am 14 Feb 2016 #कृष्ण कुमार यादव
Blogger: Akanksha Yadav
ओ प्रेम !जन्मा ही कहाँ हैअभी तू मेरे कोख से कि कैसे कहूँतुझे जन्मदिन मुबारकदुबका पड़ा हैअब भी मेरी कोख मेंसहमा-सहमा सा कि कैसे चूमूँमाथा तेराचूस रहा हैअब भी आँवल सेकतरा कतरालहू मेराकि कैसे पोषूँधवल सेनहीं जन्मना हैतुझे इसकलयुगी दुनिया मेंले चले मुझे कोई ब्रह्माण्ड ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   2:40pm 24 Dec 2015 #संगीता सेठी
Blogger: Akanksha Yadav
ये दुनिया हमारी सुहानी न होती,कहानी ये अपनी कहानी न होती ।ज़मीं चाँद -तारे सुहाने न होते,जो प्रिय तुम न होते,अगर तुम न होते।न ये प्यार होता,ये इकरार होता,न साजन की गलियाँ,न सुखसार होता।ये रस्में न क़समें,कहानी न होतीं,ज़माने की सारी रवानी न होती ।हमारी सफलता की सारी कहानी,... Read more
clicks 161 View   Vote 0 Like   2:24pm 24 Dec 2015 #डा. श्याम गुप्त
Blogger: Akanksha Yadav
मेरे गीतों में आकर के तुम क्या बसे,गीत का स्वर मधुर माधुरी हो गया।अक्षर अक्षर सरस आम्रमंजरि हुआ,शब्द मधु की भरी गागरी हो गया।तुम जो ख्यालों में आकर समाने लगे,गीत मेरे कमल दल से खिलने लगे।मन के भावों में तुमने जो नर्तन किया,गीत ब्रज की भगति- बावरी हो गया। ...मेरे गीतों में .... Read more
clicks 262 View   Vote 0 Like   9:55am 19 Nov 2015 #जीवन-वृत्त
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम'ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती सुभाष प्रसाद गुप्ता की  कविताएं. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...जब से मैं रंगा हूँ तेरे प्रेम रंग में रंग रसिया,मेरा तन मन सब  इंद्रधनुषी होने  लगा हैIजब से मिला है धरकन तेरे सुर में प्रेम पिया,मध... Read more
clicks 190 View   Vote 0 Like   5:23pm 13 Jun 2015 #जीवन-वृत्त
Blogger: Akanksha Yadav
ज़बां लफ्ज़े मुहब्बत हैदिलों में पर अदावत है ।न कोई रूठना मनानायही तुम से शिकायत है ।कि बस रोज़ी कमाते सबनहीं कोई हिकायत है ।मुहब्बत ही तो जन्नत हैअदावत दिन क़यामत है ।पढ़ो तुम बन्द आँखों सेलिखी दिल पे इबारत है ।ग़रीबों से जो हमदर्दी यही सच्ची इबादत़ है ।कभी यों ग़... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   3:40pm 20 Apr 2014 #डा सुधेश
Blogger: Akanksha Yadav
तुम अकेले रह गए तो भोर का तारा बनूं मै।मै अकेला रह गया तो रात बनकर पास आना।तुम कलम की नोक से उतरे हो अक्षर की तरह।मै समय के मोड़ पर बिखरा हूँ प्रस्तर की तरह।तुम अकेले बैठकर बिखरी हुई प्रस्तर शिला पर,सांध्य का संगीत कोई मौन स्वर में गुनगुनाना।एक परिचय था पिघलकर घुल गया है ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   11:13am 16 Apr 2014 #रविनंदन सिंह
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम'ब्लॉग पर  आज  'वेलेंटाइन डे'पर  प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती लीला तिवानी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... प्रेम मन की आशा है, करता दूर निराशा है, चन्द शब्दों में कहें तो, प्रेम जीवन की परिभाषा है. प्रेम से ही सुमन महक... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   6:31am 14 Feb 2014 #लीला तिवानी
Blogger: Akanksha Yadav
फिर वसंत की आत्मा आई,मिटे प्रतीक्षा के दुर्वह क्षण,अभिवादन करता भू का मन !दीप्त दिशाओं के वातायन,प्रीति सांस-सा मलय समीरण,चंचल नील, नवल भू यौवन,फिर वसंत की आत्मा आई,आम्र मौर में गूंथ स्वर्ण कण,किंशुक को कर ज्वाल वसन तन !देख चुका मन कितने पतझर,ग्रीष्म शरद, हिम पावस सुंदर,ऋत... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   2:02am 4 Feb 2014 #सुमित्रानंदन पंत
Blogger: Akanksha Yadav
डायरी के पुराने पन्नों को पलटिये तो बहुत कुछ सामने आकर घूमने लगता है. ऐसे ही इलाहाबाद विश्विद्यालय में अध्ययन के दौरान प्यार को लेकर एक कविता लिखी थी. आज आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूँ- दो अजनबी निगाहों का मिलना मन ही मन में गुलों का खिलना हाँ, यही प्यार है............ !! आँखों ने आप... Read more
clicks 360 View   Vote 0 Like   7:45am 3 Nov 2013 #कृष्ण कुमार यादव
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती  अरविंद भटनागर ' शेखर'  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... सपने, तान्याएक दम छोटे से बच्चे जैसे होते हैं/अपने मे खोए से / जाने क्या सोचते रहते हैं/फिर हौल... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   3:03am 1 Oct 2013 #अरविंद भटनागर ' शेखर'
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती कृष्ण शलभ जी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... शीतल पवन, गंधित भुवनआनन्द का वातावरणसब कुछ यहाँ बस तुम नहींहै चाहता बस मन तुम्हेंशतदल खिले भौंरे जगेमकरन्द फूलों से भरेहर फूल पर तितली झ... Read more
clicks 198 View   Vote 0 Like   2:30am 25 Sep 2013 #कृष्ण शलभ
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती लीला तिवानी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... प्रेम मन की आशा है, करता दूर निराशा है, चन्द शब्दों में कहें तो, प्रेम जीवन की परिभाषा है. प्रेम से ही सुमन महकते हैं, प्रेम से ही पक... Read more
clicks 231 View   Vote 0 Like   2:30am 15 Sep 2013 #कवितायेँ
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती  उदयभानु ‘हंस’ जी  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... तू चाहे चंचलता कह ले,तू चाहे दुर्बलता कह ले,दिल ने ज्यों ही मजबूर किया, मैं तुझसे प्रीत लगा बैठा।यह प्यार दिए का तेल नहीं,दो चा... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   2:30am 14 Sep 2013 #कवितायेँ
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती फाल्गुनी की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... इन फूलों का नाम मैं नहीं जानती, जानती हूं उस वसंत को जो इन फूलों के साथ मेरे कमरे में आया है .... चाहती हूं तुमसे रूठ जाऊं कई दिनों तक नजर न... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   2:30am 13 Sep 2013 #फाल्गुनी
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर 'धरोहर' के अंतर्गत आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ जी का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... कितनी बार तुम्हें देखा पर आँखें नहीं भरीं। सीमित उर में चिर-असीम सौंदर्य समा न सका बीन-मुग्ध बेसुध-कुरंग म... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   7:30am 12 Sep 2013 #धरोहर
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर  आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती  अरविंद भटनागर ' शेखर'  की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... चाँद झाँकाबादलों की ओट से ,चाँदनी चुपके से आखिड़की के रस्ते,बिछ गई बिस्तर पे मेरेऔर हवा  का ए... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   5:00pm 11 Sep 2013 #अरविंद भटनागर ' शेखर'
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर 'धरोहर' के अंतर्गत आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता सोम ठाकुर जी का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...लौट आओ, माँग के सिंदूर की सौगंध तुमको नयन का सावननिमंत्रण दे रहा है, लौट आओ, आज पहिले प्यार की सौगन्ध तुमको प्रीत का बचपननिमंत्रण ... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   3:01am 4 Mar 2013 #धरोहर
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता  जय कृष्ण राय 'तुषार' का एक प्रेम-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... यह भी क्षण कितना सुन्दर है मैं तुझमें तू कहीं खो गयी |इन्द्रधनुष की आभा से ही प्यासी धरती हरी हो गयी |जीवन बहती नदी नाव तुम ,हम लह... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   10:57am 26 Feb 2013 #गीत
Blogger: Akanksha Yadav
 हल्दू हल्दू बसंत का मौसमशीतल हवा कभी गर्म है मौसमरक्तिम रक्तिम फूले प्लाससखी तू क्यों है उदास?सज़ल नेत्र क्यों खड़ी हुई है ?दुखियारी सी बनी हुई हैक्यों छोड़ रही गहरी श्वाससखी तू क्यों भई उदास?केश तुम्हारे खुले हुए हैंबादल जैसे मचल रहे हैंबसंत मे सावन कि आससखी तू क्य... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   3:29am 10 Feb 2013 #डॉ अ कीर्तिवर्धन
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता राकेश श्रीवास्तवका एक प्रेम-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...  काश हम अजनबी तेरे लिए होते इजहारे मोहब्बत , सरेआम किये होते काश तुम ......जब से ये जाना मोहब्बत का नाम मोहब्बत को दे दिया तेरा ही ... Read more
clicks 217 View   Vote 0 Like   10:30am 31 Oct 2012 #गीत
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती अवनीश कुमार की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...  तुम- गुलाबी होजैसे नवजात की नज़र तुम- हरी हो जैसे नवेली वसंत की ऊष्मा तुम- नीली होजैसे बड़े परदे की बड़ी सी फिल्म तुम- उजली होजैसे हर रोज़ धुल... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   11:00am 28 Oct 2012 #कवितायेँ
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता प्रदीप सिंह चम्याल 'चातक' का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... प्रेमिका:.तुझसे लागी प्रीत साजना,तुझसे लागे मेरे नैन.बैर हो गयी दुनिया सारी,बैर हो गये ये दिन-रैन..मैन मन हारी,मैन तन हारी,तुझ पर ओ रे मे... Read more
clicks 229 View   Vote 0 Like   10:24am 25 Oct 2012 #गीत
Blogger: Akanksha Yadav
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर 'धरोहर' के तहत आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता स्वर्गीय गोपालसिंह नेपाली जी का एक गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...  दिल चुरा कर न हमको बुलाया करो गुनगुना कर न गम को सुलाया करो, दो दिलों के मिलन का यहाँ है चलन खुद न आया करो तो बुलाया क... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   4:58am 22 Oct 2012 #धरोहर
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