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केजरू भैया भज-पा के तुलना आईएसआईकर देलखुन!मने कीगुणवत्तापूर्ण प्रोडक्टके सर्टिफिकेटलगले धर देलखुन..!!#साथी के #बकलोल_वच...
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  November 27, 2017, 7:25 am
साथीठोकरें खाकर अपनों कीजब से संभल गए साथी!दुनियादार क्या हुआ,कहते हैं बदल गए "साथी"!!जिनसे था ग़ुरूर वहीलोग मतलबी निकले,एक कदम जो तेज चला,चाल चल गए साथी!!इक मोहब्बत के नाम जोकर दी जिंदगी अपनी!जमाने ने हँसकर कहा,बेगैरत निकल गए साथी!!छाँव बनकर ताउम्रजिनके साथ रहा,दौरे गुरबत...
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  November 21, 2017, 8:25 am
प्रकांड विद्वानसिद्ध तपस्वीशिव भक्तब्रह्मा वंशजस्वप्नद्रष्टाअजर-अमरहोकर भी वहनायक नहींकहलाता है,एक अहँकार सेहर &...
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  September 30, 2017, 7:29 am
कौरव कौन, कौन पांडव (कविता)*अटल बिहारी वाजपेयी*कौरव कौनकौन पांडव,टेढ़ा सवाल है।दोनों ओर शकुनिका फैलाकूटजाल है।धर्मराज ...
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  August 24, 2017, 8:24 am
एक मुसलसल सी कमी बाकी रख!पावों तले थोड़ी सी जमीं बाकी रख!!ठोकरों से संभलना सीख ले "साथी"!आंखों में थोड़ी सी नमी बाकी रख!!महबूब क...
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  May 29, 2017, 6:50 am
एक मुसलसल सी कमी बाकी रख!पावों तले थोड़ी सी जमीं बाकी रख!!ठोकरों से संभलना सीख ले "साथी"!आंखों में थोड़ी सी नमी बाकी रख!!महबूब क...
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  May 21, 2017, 6:51 am
अफ़ीम**भूख गरीबीबेरोजगारीअशिक्षासे बिलखतेमाँ भारती के बच्चों कोवे बड़ी आसानी से सुला देते है,**ये राजनेताजागने से पहले ह...
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Tag :काव्य
  April 20, 2017, 7:42 am
जिंदगी का अजीब फ़लसफ़ा है,हर एक आदमी दूसरे से खफा है!गैरों के गुनाहों का बही-खाता है सबके पास,बस अपने गुनाहों का हिसाब रफा-दफा है!तौहीन करने का शगल ऐसा है उनका,खुद ही तोहमत लगा लेते कई दफा है!किसपे करूं यकीन कहो तो "साथी",करो भरोसा जिसपे मिलती जफ़ा है!!...
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Tag :gazal ग़ज़ल
  April 15, 2017, 6:35 am
जबसे कजरी बिना पेंदी का लोटा हुआ, तब से एक एक वोट का टोटा हुआ.. 2 उम्मीद टूटने बालों का लगा है श्राप, जमानत जप्ती का रिकॉर्ड बन...
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  April 13, 2017, 4:17 pm
परजीवी ****यार-दोस्तभाई-बंधुसमान होता है,और साथ रहकरआदमी खून चूसखोखला कर देता है..साथी के बकलोल वचन🙈🙊🙉...
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  April 13, 2017, 2:25 pm
जिनके हाथ खून से सने होते हैं, हाय !! वे भी गांधीवाद का उपदेश देते हैं!!...
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  April 11, 2017, 8:06 am
हे रामअपने जीवन में राम के आदर्शों को रत्ती भर भी नहीं उतार रहे हैं,वैसे लोग भी चौक-चौराहे पर जय श्रीराम चिंघाड़ रहे हैं ...कै...
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  April 5, 2017, 7:20 am
दुनिया की आबोहवा में जहर बहुत है,चलो अब मुठ्ठी भर ताजी हवा चुन लें!!मजहब तो नफ़रत बंटता है आजकल,चलो अब कोई नया खुदा चुन लें!!कì...
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  March 28, 2017, 8:17 am
जिंदगी में जख्मों का हिसाब मत रख।गम के पन्ने हो, वैसी किताब मत रख।।बच्चों की तरह जीता चल जिंदगी।चेहरे पे कोई भी नकाब मत र...
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  March 27, 2017, 7:26 am
यूपी के बौराल होली(अरुण साथी)यूपी वाला पे फगुआ केचढ़लो ऐसन उमंग,दबा दबा के ईवीएम केकैलक खूब हुड़दंगजोगीरा सारा रा रा...मोदी &#...
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  March 11, 2017, 12:38 pm
(अरुण साथी)आंय जी, प्रेम विवाह के दो दशक हुए आपने मुझे कभी वेलेंटाइन विश नहीं किया..!मैंने कहा, बंदरीआजकल के लौंडेकई को विश क...
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  February 14, 2017, 3:32 pm
वजूद**तेज ताप सेखौल उठता हैवजूद...और उधियाने लगता हैतभी कोई अपनापानी का छींटा देकरसंभल लेता है..उधियाते वजूद को..(तस्वीर को ...
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  January 31, 2017, 6:45 pm
मौत से पहले...बहुत भचर-भचर करते होमार दिए जाओगेएक दिनउन्हीं लोगों की तरह..लगी होगी एक-आध गोलीपीठ में, सीने मेंया कनपट्टी के आसपास कहीं..बीच सड़क पेबिखर जायेगा तुम्हारी रगो का खौलता हुआ खूनऔर लहू का लाल रंगकाली तारकोल से मिलकर गडमड रंग का हो जायेगा...हाँ, कुछ लोग आएंगे सहानु...
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  January 30, 2017, 7:50 am
महुआ महके तोर अंगना में,सूरजमुखी खिल जाये।बेला, जूही, हरसिंगार सन,जीवन खुशबु  से भर जाये।।सरसों फूलो, मांजर महके,धान, गेì...
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Tag :मगही कविता
  January 1, 2017, 7:35 am
भागमभागउठापटककभी उधरकभी इधरसपने-हकीकतघर-परिवारदोस्ती-यारीदेश-समाजदाल-रोटीकी जद है जिंदगी..**घिसे चप्पलसिले जूतेचिê...
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  December 27, 2016, 6:56 am
जब भी वह मिलती हैहौले से मुस्कुरा,आहिस्ते से मचलती है!वैसे ही जैसे,सूरज की लाली सेसूर्यमुखी खिलती है!वैसे ही जैसे,भौरे की गुनगुन सेकली की पंखुड़ी खुलती है!वैसे ही जैसे,चाँद की चांदनी सेचकोर मचलती है!वैसे ही जैसे,मोर नृत्य सेमोरनी पिघलती है!वैसे ही जैसे,प्रेमपुलकगजगामि...
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  December 1, 2016, 8:47 am
झूठ की खेती(अरुण साथी)वह बंजर जमीन होया कि होमरूभूमिया होपठार-पर्वतकुछ लोगबड़े कुशल उद्यमीहोते हैऔर वे बंजर जमीन पे भीझ...
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  November 2, 2016, 6:44 am
परिवार**माँ-बाबु जी कागलतियों पे डाँटना,उदासी का कारण पूछदुःख बाँटना है।अच्छा लगता है..2दोपहर को खाने कामिसकॉल आना,देर र...
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  September 30, 2016, 7:57 am
दासी लोकतंत्र**साथी उवाच"क्योंजनतंत्र मेंमालिक जनताभूखी और प्यासी है?राजा के घर क्रंदनक्यों है?क्यों मुख पेछाई उदासी &...
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  September 27, 2016, 1:51 pm
भूख और माँ(सोशल मीडिया पे वायरल इस तस्वीर को देखकर साथी के शब्द.. निःशब्द..)**जिंदगी हैमौत हैऔर है मौत से भीभयावहक्रूरबर्बर&...
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  September 18, 2016, 10:55 am
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