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Blog: रायटोक्रेट कुमारेन्द्र

Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
समझ नहीं आता है कि जैसे-जैसे हम लोग साक्षर होते जा रहे हैं, पढ़ते-लिखते जा रहे हैं वैसे-वैसे ही क्यों दिमागी रूप से कुंद होते जा रहे हैं? इधर बहुत सोच-विचार कर इस बारे में लिखने का मन बनाया. कुछ दिनों से देश की राजधानी पर किसान आन्दोलन का संकट दिख रहा है. इस आन्दोलन के बहाने स... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   6:20pm 2 Dec 2020 #कृषि
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
रोज ही आपको सड़क दुर्घटनाओं की खबर पढ़ने को मिलती होगी,दुर्घटनाओं में लोगों के मारे जाने की भी खबरें मिलती होंगीं, हो सकता है कि आप, आपके परिजन, परिचित, सहयोगी आदि कभी बाइक, कार आदि दुर्घटना के शिकार हुए हों, दुर्भाग्य से आपके बीच का कोई सदस्य दुर्घटना में आपने हमेशा-हमेश... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   6:23pm 24 Nov 2020 #कोरोना वायरस
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
राष्ट्रीय सांप्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान द्वारा 19-25नवम्बर 2020 तक सांप्रदायिक सद्भाव सप्ताह का आयोजन कर रहा है. इसके लिए उसके द्वारा देश भर में विभिन्न आयोजन उसके द्वारा करवाए जा रहे हैं. इसकी स्थापना 19 फरवरी 1992 को की गई थी. इसका उद्देश्य देशभर में सांप्रदायिक सद्भावना की... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   2:03pm 23 Nov 2020 #मुस्लिम
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
बुन्देलखण्ड क्षेत्र के कण-कण में ऐतिहासिकता, सांस्कृतिकता, पौराणिकता, दिव्यता, भव्यता समाहित है. झाँसी के गणेश बाजार स्थित महाराष्ट्र गणेश मंदिर में भी इनका समावेश देखने को मिलता है. भगवान गणेश को समर्पित इस मंदिर का अपना ही ऐतिहासिक महत्त्व है. इसी मंदिर में सन 1842 ... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   11:36am 19 Nov 2020 #रानी लक्ष्मीबाई
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
दीपावली, दीपावली करते-करते समय गुजर गया और दीपावली एकदम से ही गुजर गई. हर बार त्यौहार के जाते ही नए त्यौहार का इंतजार शुरू हो जाता. नया त्यौहार आते ही चला जाता और दे जाता आने वाले त्यौहार का इंतजार. यह साल अजीब तरह से गुजर रहा है. इसका आरम्भ एक ऐसी बीमारी से हुआ जो है भी और ह... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   6:20pm 14 Nov 2020 #पर्व-त्यौहार
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
दीपमालिके पर्व का शुभारम्भ होते ही मन हर्षित, प्रफुल्लित हो उठता है। मूलतः आज धनतेरस तिथि से इसका आयोजन आरम्भ हो जाता है। आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ धनतेरस शुभ हो मंगलकामना कि आप सभी के जीवन में खुशियों की रोशनी चमके।... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   4:38am 12 Nov 2020 #धनतेरस
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
बिहार चुनाव में तमाम बड़े नामों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनीं थीं द प्लूरल्स पार्टी की प्रिया। राजनैतिक परिवार से आने के कारण राजनीति वो जानतीं होंगीं, ऐसा माना जा सकता है। ऐसे में उनको बजाय ईवीएम पर दोषारोपण करने के समूचे राजनैतिक परिदृश्य को समझना होगा।जिस तरह से उ... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   6:45am 11 Nov 2020 #बिहार
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
कोरोनाकाल के कारण ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था बहुत प्रभावी समझ आ रही है. ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था के बारे में इधर नई शिक्षा नीति में भी जोर दिया गया है. इसके साथ-साथ बहुत सी जगहों पर ऑनलाइन सामग्री को अपलोड किये जाने की नीति बनने लगी है. इस तरफ राज्य सरकार ने भी कदम बढाए और महाव... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   6:04pm 5 Nov 2020 #ई-कंटेंट
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
दिनांक 29-10-2020 के दैनिक जागरणके राष्ट्रीय संस्करण एवं बीपीएन टाइम्ससमाचार पत्र के सम्पादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित आलेखइसे यहाँ से पढ़ा जा सकता है....https://kumarendra.blogspot.com/2020/10/blog-post_27.html #हिन्दी_ब्लॉगिंग ... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   6:08pm 29 Oct 2020 #नागरिक
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
व्यक्तित्व विकास के लिए भ्रमों का टूटना आवश्यक होता है. यदि ऐसा नहीं हो रहा तो व्यक्ति लगातार भ्रम में जीते हुए अपना विकास-पथ नहीं चुन पाता है. भ्रमों का टूटना उसे जीवन की, समाज की सत्यता से परिचित करवाता है..#हिन्दी_ब्लॉगिंग... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   5:41pm 18 Oct 2020 #व्यक्तित्व
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
इधर तनिष्क का एक विज्ञापन देखने को मिला और उसका विरोध भी साथ-साथ दिखाई देता रहा. विज्ञापन की अच्छाई-बुराई को एक किनारे लगा दिया जाये तो एक बात आज तक समझ नहीं आई कि समाज में कुछ लोगों को ये कीड़ा कहाँ से काट लेता है कि वे गंगा-जमुनी तहजीब के नाम पर हिन्दू-मुस्लिम रिश्तों की व... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   5:38pm 15 Oct 2020 #मुस्लिम
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
आज, 12 अक्टूबर को जनसंघ की नेत्री और भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से एक विजया राजे सिंधिया जी जन्म जयंती है. राजमाता सिंधिया के जन्म शताब्दी वर्ष के इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सौ रुपए के विशेष स्मारक सिक्के का विमोचन किया गया. ग्वालियर राजघराने से ज... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   6:25pm 12 Oct 2020 #यादें
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो किसी भी रिश्ते से बड़ा है. हमने व्यक्तिगत रूप से महसूस किया है कि इस रिश्ते में जितना अधिकार है उतना किसी और रिश्ते में नहीं. हो सकता है कि बहुत से लोगों को इससे आपत्ति हो क्योंकि रिश्तों की कसौटी पर बहुत बार कई लोग दोस्ती से ऊपर पति-पत्नी के संबं... Read more
clicks 58 View   Vote 0 Like   5:40pm 10 Oct 2020 #दोस्ती
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
एक रहिन ईर, एक रहिन बीर, एक रहिन फत्ते, एक रहिन हम.ईर ने कहा चलो शिकार कर आबें,बीर ने कहा चलो शिकार कर आबें,फत्ते बोले चलो शिकार कर आबें,हमऊँ बोले हाँ चलो शिकार कर आबें. ईर ने मारी एक चिरैया,बीर ने मारी दो चिरैयाँ,फत्ते मारे तीन चिरैयाँ,और हम???? हम मारे एक चुखरिया. हा हा हा....हा ह... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   11:01am 4 Oct 2020 #व्यंग्य
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
कहा जाता है कि जिसका हस्तलेख सुन्दर होता है, उसकी मनःस्थिति भी सुन्दर होती है. पता नहीं यह कितना सच है मगर एक बात अपने व्यक्तिगत अनुभव से अवश्य कह सकते हैं कि सुन्दर, स्वच्छ हस्तलेख व्यक्ति का आत्मविश्वास अवश्य बढ़ाता है. आज के दौर में जबकि कम्प्यूटर, मोबाइल आदि के आने से ... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   4:16am 29 Sep 2020 #पिताजी
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
अक्सर ऐसा होता है कि किसी की सहायता करने का मन होता है मगर स्थितियों और नियमों के चलते ऐसा कर पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसी स्थिति बड़ी ही जटिल हो जाती है. सामने वाला समझता है कि जिस व्यक्ति से मदद माँगी जा रही है वह सहायता करना नहीं चाह रहा और जो मदद करना चाहता है वह नियमों, प... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   2:25pm 21 Sep 2020 #विद्यार्थी
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
एहसासों की सिलवटेंचुभती नहींजब ले जाता हैयादों का झोंकामधुर आगोश मेंमीठे एहसास में.x        x        xx        x        xएहसासों की सिलवटेंदर्द भी देती हैंजब तन्हाई हो साथहो अकेलेपन का एहसासअतीत का सफ़रकोई आए न नजर. यदि ज़िन्दगी है, दि... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   6:01pm 18 Sep 2020 #किंडल संस्करण
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
कहते हैं कि जब वक्त व्यक्ति के साथ नहीं होता है तो ऊँट पर बैठे उस व्यक्ति को कुत्ता भी काट लेता है. ऐसा महज कहावतों में नहीं है बल्कि सत्य है. बहुत से लोग समाज में ऐसे होते हैं जो बहुत ज्यादा श्रम नहीं करते हैं मगर अपने भाग्य, किस्मत के दम पर बहुत आगे निकल जाते हैं. इसी के वि... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   6:18pm 15 Sep 2020 #भाग्य
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
आत्महत्या, क्या अब ये महज एक शब्द बनकर रह गया है? एक आत्महत्या का अर्थ है एक व्यक्ति का चले जाना. यह ऐसा कदम है जहाँ दुःख भी होता है, क्षोभ भी होता है मगर बहुत सारे अनुत्तरित से सवाल शेष रह जाते हैं. तमाम तरह की अनिश्चितता सामने आ जाती हैं. संभावनाओं-असंभावनाओं के इस दौर में ... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   6:22pm 10 Sep 2020 #आत्महत्या
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
जैसे-जैसे हमें अपनी वैचारिकी के प्रसार-प्रचार के माध्यम मिलते जा रहे हैं, वैसे-वैसे हमारे आसपास संकुचन की स्थिति बनती जा रही है. विचारों का प्रसार करने के साथ-साथ हम सभी लोगों के मन में भावना बनी रहती है कि हमारे उन विचारों को स्वीकारने वाले अधिक से अधिक लोग हों. इसी के स... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   4:45pm 9 Sep 2020 #मानसिकता
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
‘हर किसी को नहीं मिलता यहाँ प्यार ज़िन्दगी में, खुशनसीब है वो जिसको है मिली ये बहार ज़िन्दगी में’इस गीत की ये पंक्तियाँ बड़े ही दार्शनिक भाव से आये दिन किसी न किसी मंच से पढ़ने को मिलती हैं. इस दार्शनिक भाव के पीछे प्यार की परिभाषा को कितना संकुचित करके बताया जाता है, इस पर क... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   6:16pm 6 Sep 2020 #परिवार
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
सबसे बड़ा है प्यार,उसके बाद सारा संसार. प्यार के प्रतीक माने जाने वाले राधा-कृष्ण को पूजने के बाद भी प्यार शब्द के साथ भ्रान्ति क्यों? प्यार के साथ संकुचन क्यों? प्यार के साथ एकतरफा व्यवहार क्यों?क्या समझा है कभी कि प्यार है क्या? क्या जाना है कभी कि प्यार कहते किसे हैं? ... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   6:06pm 5 Sep 2020 #प्रेम
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
सामाजिक रिश्तों, संबंधों में आज चाहे जितना स्वार्थ आ गया हो, चाहे जितनी भौतिकता हावी हो गई हो मगर आज भी दोस्ती को सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है. समाज के अपने विकासपरक आयाम भले ही बनते रहे हों मगर दोस्ती के आयाम उसी तरह पावन, पवित्र बने रहे हैं. समय की बदलती गति में अक्सर ... Read more
clicks 53 View   Vote 0 Like   6:03pm 3 Sep 2020 #दोस्ती
Blogger: कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
संबंधों को, रिश्तों को बचाने की कोशिश क्या सभी लोग करते हैं? क्या सभी लोग ऐसा करते होंगे? या इस तरह की हरकत कुछ विशेष लोगों में ही देखी जाती है? सामाजिक रूप से सक्रिय रहने के कारण और बिटोली अभियान के द्वारा कन्या भ्रूण हत्या निवारण जैसे कार्यक्रम का सञ्चालन करने के कारण प... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   6:13pm 31 Aug 2020 #परिवार
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