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अविनाश वाचस्‍पति

खेल और राजनीति के अलग रहने की बात माननीय पीएम ऐसे कह रहे हैं, मानो राजनीति और खेल डबल बैडरूम में इकट्ठी रहती हैं। जहां दोनों के बीच लंगोटिया दोस्‍ती परवान चढ़ चुकी है। उन्‍हें अलग रहने के लिए कहना जितना आसान है,उतना करना नहीं क्‍योंकि इनका बरसों पुराना याराना है, पल दो ...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  June 14, 2013, 3:50 pm
जिसे सब धोनी की चुप्‍पी माने बैठे हैं दरअसल, उसके लिए जिम्‍मेदार उनकी आस्‍तीन में छिपा कोई सांप भी हो सकता है जिसका उन्‍हें भी इल्‍म न हो।  बेपरों के उड़ने वाले सांपों का पता ही नहीं चलता कि वे कब कहां पर गुपचुप पहुंचकर बसेरा डाल लें। फिर भी जिन सांपों की जानकारी मिली [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  May 30, 2013, 5:51 pm
बेशर्म वेलेंटाइन डे फिर आ धमका है, हगिंग और किसिंग करते हुए। भारतीय वसंत रूपी प्‍यार के पावन संत को पकाने के लिए यह फुल मोड में है। गुलाब को तेजाबित-ग्रहण लग गया है। इससे वसंत दिवस के मौके पर संत बने रहना ही श्रेयस्‍कर जान पड़ता है। उधर आसमान में चौकस इंद्रदेव धरती पर ओल...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  February 14, 2013, 7:23 am
समय शनिवार, स्‍थान 9 फरवरी 13, दिन प्रगति मैदान में विश्‍व पुस्‍तक मेला हॉल सांय 5 बजे से , आप सुबह से पहुंचकर भी प्रतीक्षा कर सकते हैं। जैसे आपके अनन्‍य मित्र कर रहे हैं। नौ फरवरी दो हजार तेरह के कार्यक्रम को मत भूलिएगा। आपने कभी व्‍यंग्‍य के भजन सुने हैं आपने कभी व्‍यंग्...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :हास्य - व्यंग
  February 9, 2013, 6:29 am
लगा कर घात किया आघात देख ली पाक तेरी औकात घुसपैठियों की तू लाया बारात हिंद ने दे दी फिर भी मात। करतूत तेरी चुभो गई शूल बोता है दिन रात बबूल पिछली मार गया क्‍यों भूल जब चटाई थी हमने धूल। कटा कर के तू अपनी नाक कश्‍मीर में रहा क्‍यों ताक हैं नापाक इरादे तेरे पाक कर ली अपनी इज्...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  January 14, 2013, 1:09 am
मैं कहीं नहीं गई मैं कभी नहीं मरी मैं कभी नहीं मर सकती देखो किसके दिल में नहीं हूँ किसके मानस में नहीं बसेरा मेरा इसे मौत नहीं जागृति कहते हैं वही सच्चे इंसान होते हैं मानते हैं सबको अपनी बेटियां रिश्ते नहीं करते तार तार मिलते ही नहीं मानते हैं बहनें मर जाते हैं, मिट जात...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  December 30, 2012, 12:38 am
‘जन्‍मदिन’ मेरा ऑनलाईन था जबकि मैं स्‍वयं सदा की तरह ‘ऑफलाईन’। लेकिन वो ‘जन्‍मदिन’ ही क्‍या जो ‘तलाश’ न सके। मैं ‘फेसबुक’ पर मौजूद था किंतु प्रत्यक्ष नहीं परोक्ष रूप में। एकाएक मेरे संदेश बॉक्‍स में किसी की उपस्थिति दर्ज हुई। जन्‍मदिन है,चाहे समय रात के बारह बजे ...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  December 12, 2012, 2:08 am
कसाब को काटने वाला मच्‍छर ऑनलाईन था। वह फेसबुक पर मेरे साथ चैटिंग में आया। लीजिए आप भी होइए मच्‍छर से चैटिंग के बहाने कई हकीकतों से रूबरू : मच्‍छर : मुन्‍नाभाई सलाम मुन्‍नाभाई : मैं सबका हो सकता हूं किंतु मच्‍छर का भाई होना मुझे गवारा नहीं है। मच्‍छर : किंतु मैंने तो उसको...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  November 22, 2012, 9:14 am
भाईयों की असली सेवा लेने का वक्‍त इस भैया दूज से शुरू हो गया है। जगह जगह दुकानें खुल गई हैं। आर्थिक महामंदी के इस दौर में भाईगिरी में सर्वाधिक संभावनाएं देखी जा रही हैं। अखबारों में, इंटरनेट पर, टी वी पर, ब्रेकिंग न्‍यूज में मतलब सब जगह इसी की चर्चा है कि भाईगिरी का [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  November 15, 2012, 9:34 am
Hussain Aga a young boy needs blood Group O+ve. Its an emergency. If any body can help to save the child pls contact on 9990866497. Plz help. पहले फोन और फिर यह मैसेज मेरे पास एक मित्र मनुदीप यदुवंशी ने भेजा है। मैं रास्‍ते में था। मैंने गाड़ी साइड में रोक कर यह संदेश आप सबसे [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  October 13, 2012, 11:46 pm
पी एम ने कहा कि ‘पेड़ पर नहीं उगते पैसे’, उनके बयान में से इस एक हिस्‍से पर सबने ध्‍यान केन्द्रित किया गया और बवंडर मचाया गया जबकि वे वाक्‍य के अंत में ‘क्‍या’ जोड़ना भूल गए थे। अ‍ब इतनी छोटी चूक होनी स्‍वाभाविक थी क्‍योंकि एक लंबे अरसे के बाद उन्‍होंने अपनी जबान को [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  September 25, 2012, 12:06 am
हिंदी का सौभाग्‍य माने या दुर्भाग्‍य कि सितम्‍बर माह में प्रत्‍येक बरस हिंदी बतौर सेलीब्रेटी पहचानी जाती है। इस महीने में सिर्फ हिंदी की जय जयकार ही होती है। जो अंग्रेजी में ‘लोंग लिव हिंदी’ के नारे लगाते हैं, वे फिर ‘सॉरी’ कहकर अपनी गलती भी मान लेते हैं। हिंदी का जन्...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  September 14, 2012, 12:39 pm
भारत का आम नागरिक अपने देश का राष्‍ट्रपति क्‍यों नहीं बन सकता और बनने की कौन कहे, जब उम्‍मीदवार बनने की धूमिल सी संभावना भी नजर आती नहीं दिखती है। राष्‍ट्रपति बनने के लिए मेरी दीवानगी का आलम यह है कि इस गरिमामयी पद को पाने के लिए मैं अपनी धर्मपत्‍नी को भी बेहिचक छोड़ सक...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  June 20, 2012, 8:07 am
चूहे फुल फ्लेज्‍ड खुंदक में हैं। खुदंक चुहियों को भी आ रही है। वैसे खुश भी हैं चुहियाएं कि चूहे अनाज खाकर, चाहे बित्‍ता भर ही पेट है उनका, डकार लेने के हकदार साबित हुए हैं। डकार लेना और डकारना कोई इत्‍ता आसान नहीं है। पर चूहे सीख गए हैं नौकरशाहों से और नेताओं से।जब [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  June 14, 2012, 8:06 pm
संसद भी एक बाजार है बल्कि यूं कहना अधिक समीचीन होगा कि बाजार के दबाव से दब चुका है। आजकल उसे दबाया-सजाया जा रहा है। एक बाजार लोक के लिए है लेकिन इंटीरियर का काम राज्‍यसभा के लिए किया गया है। संसद में चीयर्स गर्ल्‍स, अरे, चीयर्स ग्‍लर्स नहीं आइटम गर्ल्‍स का जिक्र सुनकर आप ...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  May 22, 2012, 4:21 pm
जो इच्‍छा की जाती है, वह पूरी होती नहीं है फिर भी कितने सारे तो पीएम बनने की कतार में टोकरियां और ट्रक भर-भर इच्‍छा लेकर खड़े हैं और आज उम्‍मीद से डबल राष्‍ट्रपति बनने के लिए तैयार हैं। वैसे इससे कम में समझौता करने वाले भी खूब सारे हैं। जिनका जीवन ध्‍येय सदा यह [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  May 17, 2012, 9:30 pm
यह गुल, गुलशन और गुलफाम होना है। मेरे देश के संसद की बत्‍ती गुल हो गई है या कर दी गई है। बात एक ही है। संसद में दिन दहाड़े शोर मचाने वालों की बत्‍ती एक बाबा ने गुल कर दी है। एक बाबा की बत्‍ती मीडिया वाले गुल करने पर जुटे हैं जबकि लाखों-करोड़ों [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  May 13, 2012, 3:32 pm
चाय को राष्‍ट्रीय पेय बनवाने की मांग करने वालों, अब तो शर्म करो। अमूल मैदान में आ गया है और दूध को राष्‍ट्रीय पेय बनवाने के लिए सीना तान के चाय की मुखालफत कर रहा है। क्‍या अमूल नहीं जानता है कि 90 प्रतिशत चाय दूध की मिलावट करने की बनाई जाती है। आप रेहडि़यों, [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  May 7, 2012, 9:24 am
ठीकरों की फसल लहलहा रही है। जिस हारे हरिया को देखो, वही हार का ठीकरा, अपने साथी के सिर पर फोड़ रहा है। यह तो अच्‍छा है कि ठीकरा सीधा सामने वाले सिर पर ठोक कर फोड़ने का रिवाज है। वरना कहीं अगर ठोकरों से ठीकरे फोड़े जाया करते तो सिर में ठीकरा न लगता [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  April 27, 2012, 9:27 am
किरपा करना किरपाण चलाने से जनहितकारी, सुंदर और नेक कार्य है तथा सरकार को कर चुकाना, सरकार पर भी किरपा करने के बरोबर है। सब चाहते हैं कि उस पर किरपा हो, किरपा करना कोई नहीं चाहता। अब ऐसे में एक बाबा आए और खूब किरपा बरसाई, किरपाण भी नहीं चलाई, गवर्नमेंट को कर भी [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Contest
  April 18, 2012, 8:19 am
निर्मल बाबा, निर्मल है, मैल बाबा नहीं है, घोटाला नहीं है। मैल मिटाने वाला, दुख दर्द हटाने वाला बाबा है। बाबा वही जो बेटे पोतों के मन भाए। अपने साथ सबके मन को हर्षाए। इसमें भी कोई दुख पाए तो पाए, सुख से सूख जाए तो बूंद भर में ही डूब जाए। जनता को सब [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :मस्ती मालगाड़ी
  April 14, 2012, 7:20 pm
मूर्खों को तलाशने की जरूरत नहीं होती। बिना ढ़ूंढे फर्स्‍ट अप्रैल के दिन हिन्‍दुस्‍तान में अंग्रेजी झाड़ते हुए मिल जाते हैं परंतु पूरी तरह नहीं झाड़ पाते और अंग्रेजी रूपी गंदगी उनकी जीभ पर सरस्‍वती बनकर डोलती रहती है जिसमें वे स्‍वाद लेते रहते हैं। मूर्ख दिवस इस माय...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  April 1, 2012, 9:58 am
जो अंग्रेजीदां होते हैं, वह फूल का महत्‍व ही नहीं जानते हैं इसलिए फूल कह कह कर डे सेलीब्रेट करते रहते हैं। हिंदी वाले खुद को फूल समझ कर आनंदित होते हैं। उधर का फूल, इधर का फूल – सबने ओढ़ रखा है भाषा का दुकूल, सब दूसरे के दुख में प्रसन्‍न। अब इस शाल अथवा कंबल [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  March 30, 2012, 6:58 pm
हिंदी चिट्ठाकारों ने विश्‍व पुस्‍तक मेले में मचा दिया है धमाल : प्रत्‍येक पुस्‍तक का मूल्‍य सिर्फ 99 रुपये : कल होगा 7 पुस्‍तकों का विमोचन : आप भी इस इतिहास के साक्षी बनिए...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :Junction Forum
  February 27, 2012, 7:19 am
चुनाव का मौसम इस बार बासंती है। बसंत के पीले फूलों की छटा में करेंसी नोटों की नीली, लाल आभा अपने संपूर्ण यौवन पर है।  वोटर दिखाई दे जाए, नहीं भी दिखलाई दे, तब भी वोटोच्‍छुक वोटर को अंधेरे में भी तलाश लेते हैं। वोटर भी हरे, लाल, नीले करेंसी नोटों की कालिमा से [...]...
अविनाश वाचस्‍पति...
Tag :हास्य - व्यंग
  January 31, 2012, 5:38 am
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