| कुछ समय बाद आपको यह व्यंग्य यू ट्यूब के लिंक पर सुनने के लिए मिलेगा।पढ़ आप नीचे सकते हैं :-सुर्खियां न नेताओं का पीछा छोड़ती हैं न क्रिकेट का और खेल से जुड़े बीसीसीआई सरीखे संगठनों की अब पौ निन्यानवै का फेर हो गई है। पैसा कमाने के लिए की गई कोशिशों को कलंक कहना देश का ... |
| मोबाइल एप्स जो बचाएं पैसेअगर पिछले 10 बरसों में हमारे देश में किसी चीज की सबसे अधिक र्चचा हुई है तो वह है यहां बढ़ती महंगाई। पिछले कुछ सालों में पेट्रोल के रेट जहां दोगुने से भी अधिक बढ़ गए हैं, वहीं खाद्य पदार्थो के दामों में बेहिसाब वृद्धि हुई है। लेकिन एक क्षेत्र ऐसा ह... |
| फांसी लगाना ऐसी कला है कटता जिसमें सदा गला है ।किंतु पिघलता नहीं मिला है किसी को गिला किसी को मिला।लगता है चल पड़ा गंदा यह सिलसिलागला काटो बला टालो।... |
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November 30, 2012, 7:56 am |
| 'अन्ना' का राजनीति से 'मित्रता दिवस' मतलब 'फ्रेंड्सशिप डे' : इस 'शिप' में क्या हश्र होगा 'अन्ना' को भायाराजनीति का 'गन्ना'इसे चूसने का करेंगेभरपूर प्रयासअपने साथियों के साथ।क्या रंग लाएगा गन्नाअन्ना के दांतों सेपीसे जाने के बाददांत हो जाएंगे बेकार अथवाभ्रष्टा... |
| जिसका चश्मा उतारोवही व्यंग्यकार निकल आता हैमुझे तो बहुत भाता हैअरे भाई, व्यंग्य नहींचश्माचश्मा जो विचारों का हैचश्मा जो पानी का हैपानी जो ठंडा हैठंडा तो मटका भी हैपर उसे पी नहीं पायेंगेजो होगा अपने पासउसे भी जलबोर्ड परप्रदर्शन के समय जाकरफोड़ आयेंगेफिर प... |
| आया सावन घूम केफेसबुक के मित्र हमकागज की किश्तियांलेकर उस पर बैठकरकर रहे हैं मानूसन का सफर आज शुरूजो जो चाहें चलनाअपनी अपनी किश्तियांमतलब कागज लेकरहाजिर होंजिस गुणवत्ता की चाहेंउस क्वालिटी का पेपर लाएंकिश्ती कागज की बना देंगेबरसात नहीं आई तोदिल्ली जलबोर्ड स... |
| पहचानना तो आसान हैपर जो नेता होगाअभिनेता होगाजानवर होगालल्लू होगाउल्लू होगावह जरूरकन्फ्यूज होगा।कोई इसे बतलाएगा कुत्ताकोई कहेगा उल्लूकोई कहेगा हुड़कचुल्लूपर कोई नहीं कहेगाचुल्लू भर पानीपानी की शीला वाली कहानी।देश में पानी पर भीकी जा रही है बेईमानीबिज... |
Tag :पहचानो हिंदी ब्लॉगर को
| वह आता दो टूक फेसबुक के करतालाइक करता, टिप्पणी धरतापोस्ट कभी न लगाताजहां फंसाता, वहीं खुद फंस जाताकहीं चेहरा सजाता सलमान काकहीं चेहरा छिपाता अपने मेहमान कावह आता दो टूक फेसबुक के करतालुक अपना लड़के से लड़की में बदलताखूब पसंद पातावाह वाह से मन भर जाताटिप्पणी अपने ... |
| ओ राम मेरे कैसा गजब ये हो गया,आजकल का रंग-ढंग कैसा अजब हो गयाजो वस्त्र होता था नीचा वो ऊँचा ,और जो होना था ऊँचा वो नीचा हो गया,जब तक ''जोकी'' लिखा न दिखे,इनको आता चैन नहीं ,अगर करे कोई टोका-टोकी ये हो जाते बेचैनपूरी कविता को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें ... |
| हमारे समाज में अपराधों की फेहरिस्त लगातार लंबी हो रही है.अगर हम इस का कारण जानने की कोशिश करेंगे तो आम तौर पर बेरोजगारी,अशिक्षा , गरीबी,पिछड़ापन इस के मुख्य कारण नज़र आते हैं.परन्तु आज के समय में इन कारणों से हटकर भी कुछ अन्य कारण है जिसने हमारे समाज कि नीव को हिला द... |
| पवन कुमार जी ऑडिटोरियम के मुख्य दरवाजे पर पहुंचे ही थे कि दरवाजा बंद कर दिया गया. काफी देर दरवाजा खटखटाया तो चौकीदार बाहर निकला व बोला, "साब ऑडिटोरियम में घुसने का समय समाप्त हो गया है और वैसे भी अंदर बहुत भीड़ है. आप वापस ही लौट जायें." पवन कुमार जी चौकीदार को सुनते हु... |
| प्यारे गूगल बाबा सादर खोजस्ते!आपके खोजूपन को नमन करते हुए पत्र प्रारंभ करता हूँ. वैसे आपके मन में यह उधेड़बुन चल रही होगी कि मैं तो आपसे रोज ही तो मिलता हूँ फिर भला यह पत्र लिखने की जरूरत कैसे पड़ गई. तो आपको साफ-साफ बताना चाहता हूँ, कि जब भी आपसे मुलाकात होती है तो ... |
| प्यारी होली सादर रंगस्ते! उस दिन ड्यूटी समाप्त कर घर वापस लौट रहा था कि अचानक पीठ पर पानी का गुब्बारा किसी ने दे मारा. पीछे मुड़कर देखा तो एक छोटा बच्चा मनमोहक मुस्कान के साथ तोतली आवाज में बोला, “ओली है”. तब जाना कि आपका आगमन होने वाला है. नौकरी की व्यस्तता इतनी अधिक ह... |
| शोभना वेलफेयर सोसाइटी रजि. ने 4 मार्च 2012 शोभना वेलफेयर सोसाइटी रजि. ने 4 मार्च 2012 को होली के आगमन के उपलक्ष में ईस्ट ऑफ कैलाश (निकट इस्कॉन मंदिर) में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया.श्री नंद कुमार सब्बरबाल, श्री विनोद पाराशर, श्री राजेन्द्र कलकल, श्री बी.के.सिंह व श्री ... |
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