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Blog: विज्ञान विश्व

Blogger: Ashish Shrivastava
सौर मंडल की सीमा पर ऐसा कोई बोर्ड नहीं है कि जो कहे “आकाशगंगा के मध्य के अंतरिक्षीय क्षेत्र मे आपका स्वागत है”!अब से 35 वर्ष पहले प्रक्षेपित और पृथ्वी से 115 अरब मील दूरी पर नासा का अंतरिक्ष यान वायेजर 1सौर मंडल की सीमाको पार कर आकाशगंगाओं के मध्य के अंतरिक्ष मे प्रवेश करने... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   4:26pm 29 Jun 2013 #अंतरिक्ष
Blogger: Ashish Shrivastava
This is a temporary post that was not deleted. Please delete this manually. (45352cab-9d1e-4956-9b4a-508401cba2fc – 3bfe001a-32de-4114-a6b4-4005b770f6d7)... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   4:52pm 31 May 2013 #
Blogger: Ashish Shrivastava
अब आप ब्रह्माण्ड के सभी बड़े खिलाड़ियों अर्थात अंतराल/अंतरिक्ष, समय, पदार्थ, गति, द्रव्यमान, गुरुत्वाकर्षण, ऊर्जा और प्रकाश से परिचित हो चुके है। विशेष सापेक्षतावाद के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि इन ब्रह्माण्ड के यह सभी सरल से लगने वाले मुख्य गुण-धर्म कुछ विशिष्ट “सापे... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   1:00am 13 May 2013 #ब्रह्मांड
Blogger: Ashish Shrivastava
प्रकाश (सूर्य)प्रकाश ऊर्जा का ही एक रूप है। प्रकाश का व्यवहार थोड़ा विचित्र है। न्युटन के कारपसकुलर अवधारणा(corpuscular hypothesis)के अनुसार प्रकाश छोटे छोटे कणों (जिन्हें न्युटन ने कारपसकल नाम दिया था।) से बना होता है। न्युटन का यह मानना प्रकाश के परावर्तन(reflection)के कारण था क्योंकि प... Read more
clicks 268 View   Vote 0 Like   8:16am 6 May 2013 #अनसुलझे रहस्य
Blogger: Ashish Shrivastava
यदि आप ब्रह्माण्ड की व्याख्या कुछ मूलभूत शब्दो मे करना चाहें तो  आप कह सकते है कि ब्रह्माण्ड के कुछ सरल गुणधर्म होते हैं। हम इन सभी गुणों से परिचित भी हैं, इतने ज्यादा कि हम उन पर ध्यान भी नही देतें हैं। लेकिन विशेष सापेक्षतावाद के अंतर्गत ये गुणधर्म हमारी अपेक्षा के व... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   9:01am 29 Apr 2013 #ब्रह्मांड
Blogger: Ashish Shrivastava
पृथ्वी दिवस पर हमारी वसुंधरा से जुड़े कुछ मनोरंजक तथ्य! पृथ्वी का एक दिन 23 घंटे 56 मिनट और 4.091 सेकेंड का होता है।पृथ्वी का घनफल एक ट्रिलीयन घन किमी है। क्या आप 1000 मीटर ऊँचे , 1000 मीटर लम्बे, 1000 मीटर चौड़े घन की कल्पना कर सकते है? अब ऐसे एक ट्रिलीयन घन की कल्पना किजीये, वह पृथ्वी ह... Read more
clicks 187 View   Vote 0 Like   2:58pm 22 Apr 2013 #अंतरिक्ष
Blogger: Ashish Shrivastava
अलबर्ट आइन्स्टाइनने 1905 में “विशेष सापेक्षतावाद(Theory of Special Relativity)” तथा 1915 में “सामान्य सापेक्षतावाद(Theory of General Relativity)” के सिद्धांत को प्रस्तुत कर भौतिकी की नींव हीला दी थी। सामान्य सापेक्षतावाद के सिद्धांत के अनुसार न्युटन के गति के तीन नियम(Newtons laws of motion)पूरी तरह से सही नहीं है, जब कि... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   8:46am 15 Apr 2013 #ब्रह्मांड
Blogger: Ashish Shrivastava
 हिग्स बोसान ’ईश्वर कण’ नही है।जी हाँ लोग उसे ईश्वर कण कहते है क्योंकि लेओन लेडरमैन ने अपननी ’ईश्वर कण” नामक पुस्तक मे हिग्स बोसान को यह नाम दिया था। यह पुस्तक के विपणन के लिये एक अच्छा नाम था लेकिन वैज्ञानिक रूप से गलत था। इसी पुस्तक मे लेखक लेओन लेडरमैन तथा सह लेखक डी... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   4:04am 15 Feb 2013 #नयी खोज
Blogger: Ashish Shrivastava
चार्ल्स डार्विन12 फरवरी महान वैज्ञानीक चार्ल्स डार्विनका जन्मदिन है। यह उस महामानव का जन्मदिन है जिसने अपने समय की जैव विकास संबधित समस्त धारणाओं का झुठलाते हुये क्रमिक विकासवाद(Theory of Evolution)का सिद्धांत प्रतिपादित किया था।जीवों में वातावरण और परिस्थितियों के अनुसार य... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   2:28am 13 Feb 2013 #वैज्ञानिक
Blogger: Ashish Shrivastava
2 जनवरी 1913 की सुबह 04:37 ग्रीनिचमानक समय (भारतीय समय : 2 जनवरी 2013 सुबह के 9:57) पर पृथ्वी अपनी कक्षा मे पेरीहीलीआन(Perihelion) पर थी, यह पूरे वर्ष मे पृथ्वी की सूर्य से सबसे समीप की स्थिति थी। इस समय पृथ्वी की केन्द्र सूर्य के केन्द्र से 147,098,161 किलोमीटर था।इसे आपने महसूस नही किया होगा, इस मौ... Read more
clicks 359 View   Vote 0 Like   3:17am 3 Jan 2013 #अंतरिक्ष
Blogger: Ashish Shrivastava
जिनीवा में CERN के भौतिक विज्ञानीयों  ने  बुधवार 4 जुलाई 2012 को एक प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि उन्‍हें प्रयोग के दौरान नए कण मिले, जिसके गुणधर्म हिग्‍स बोसोन से मिलते  हैं। उन्‍होंने बताया कि वैज्ञानिक नए कणों के आंकड़ो के विश्‍लेषण में जुटे हैं। हालांकि उन्‍होंने य... Read more
clicks 364 View   Vote 0 Like   9:41am 4 Jul 2012 #अनसुलझे रहस्य
Blogger: Ashish Shrivastava
हिग्स ,कहाँ हो तुम ?समाचार पत्रो की सूर्खियों मे सामान्यतः राजनीति और फिल्मी गासीप के लिये ही जगह होती है, विज्ञान के लिये कम और कण भौतिकी के लिये तो कभी नही। लेकिन हिग्स बोसानइसका अपवाद है, लेकिन शायद यह भी इसके विवादास्पद उपनाम “ईश्वर कण”के कारण है। यह कण पिछले कुछ वर... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   2:22am 3 Jul 2012 #नयी खोज
Blogger: Ashish Shrivastava
एलन ट्युरिंगभविष्य मे जब भी इतिहास की किताबे लिखी जायेंगी, एलन ट्युरिंग का नाम न्युटन, डार्विनऔर आइंस्टाइनजैसे महान लोगो के साथ रखा जायेगा। ट्युरिंग की दूरदर्शिता ने मानवता को संगणन, सूचना तथा पैटर्न का महत्व सीखाया और उनके जन्म के 100 वर्ष पश्चात तथा दुःखद मृत्यु के 5... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   12:52am 25 Jun 2012 #गणित
Blogger: Ashish Shrivastava
एलन ट्युरिंगभविष्य मे जब भी इतिहास की किताबे लिखी जायेंगी, एलन ट्युरिंग का नाम न्युटन, डार्विनऔर आइंस्टाइनजैसे महान लोगो के साथ रखा जायेगा। ट्युरिंग की दूरदर्शिता ने मानवता हो संगणन, सूचना तथा पैटर्न का महत्व सीखाया और उनके जन्म के 100 वर्ष पश्चात तथा दुःखद मृत्यु के 58... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   12:52am 25 Jun 2012 #गणित
Blogger: Ashish Shrivastava
जीवन समय मे कैद एक यात्रा है, कुछ पलों के अतिरिक्त जो स्वतंत्र होते है।समय को समझने के लिये सिद्धांतो की गहराई मे जाने से पहले हम समय से संबधित कुछ गलतफहमीयों को दूर करना होगा। ये गलतफहमीयाँ मुख्यतः समय के प्रवाह से उत्पन्न है तथा काल-अंतराल मे द्रव्यमान द्वारा उत्पन्... Read more
clicks 293 View   Vote 0 Like   4:30am 14 Jun 2012 #अनसुलझे रहस्य
Blogger: Ashish Shrivastava
कार्य स्थगन समय की चोरी है।-एडवर्ड यंगब्रह्माण्ड का विस्तारसमय कैसे उत्पन्न होता है ?इस प्रश्न पर विचार करने से पहले कुछ मानी हुयी अवधारणाओं पर एक नजर डालते है।हम एक विस्तार करते हुये ब्रह्माण्ड मे रहते है।द्रव्यमान ग्रेविटान का उत्सर्जन करता है जो अंतराल से प्रति... Read more
clicks 206 View   Vote 0 Like   12:15am 4 Jun 2012 #अनसुलझे रहस्य
Blogger: Ashish Shrivastava
विश्व की समस्त सेनाओं से शक्तिशाली एक ऐसा विचार होता है जिसका “समय” आ गया हो। – विक्टर ह्युगोसमय क्या है ? समय का निर्माण कैसे होता है?भौतिक वैज्ञानिक तथा लेखक पाल डेवीस के अनुसार “समय” आइंस्टाइन की अधूरी क्रांति है। समय की प्रकृति से जुड़े अनेक अनसुलझे प्रश्न है।समय... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   1:30am 28 May 2012 #अनसुलझे रहस्य
Blogger: Ashish Shrivastava
अधिकतर आधुनिक जांचयंत्र एकाधिक उपकरणो द्वारा निर्मित होते है, जोकि हर घटना के विभिन्न पहलूओं की जांच करते है। ये सभी उपकरण इस तरह से लगे होते है कि वैज्ञानिक त्वरक मे हो रही कणो के टकराव की घटनाओं से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।यह किसी आधुनिक त्वरक का जांचयत्... Read more
clicks 187 View   Vote 1 Like   3:58am 21 May 2012 #भौतिकी
Blogger: Ashish Shrivastava
कणो के साथ प्रयोग कैसे किये जाते है ?कण त्वरक भौतिक वैज्ञानिको की दो समस्यायें हल करते है।प्रथम:  सभी कण तरंग की तरह व्यवहार करते है, वैज्ञानिक कणों से संवेग मे वृद्धि कर उनके तरंगदैर्ध्य(Wavelength) को इतना कम करते है कि उनसे परमाणु के अंदर देखा जा सके।द्वितीय:  इन गतिमान कणो ... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   1:30am 14 May 2012 #भौतिकी
Blogger: Ashish Shrivastava
१,२,३,४,५,……. 1,2,3,4,5,…… I,II,III,IV,V,……अंक, संख्याये, हर किसी के जीवन का एक अनिवार्य भाग! मानव इतिहास से जुड़ा हुआ एक ऐसा भाग जो किसी ना किसी ना किसी रूप मे हमेशा मौजूद रहा है, चाहे वह हड्डीयो पर, दिवारो पर बनाये हुये टैली चिन्ह हों, किसी धागे मे बंधी हुयी गांठे , भेडो़ की गिनती के लिये रख... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   1:30am 11 May 2012 #गणित
Blogger: Ashish Shrivastava
इलेक्ट्रान : जांच कणभौतिक वैज्ञानिक प्रकाश को परमाणु तथा परमाणु से छोटे कणो की जांच के लिये प्रयोग नही कर सकते हैं, क्योंकि प्रकाश का तरंगदैर्ध्य(Wavelength) इन कणो के आकार से अधिक होता है। पिछले लेख मे हम देख चुके हैं कि किसी भी वस्तु की जांच के लिये उससे छोटे जांचयंत्र(तरंग) ... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   1:30am 7 May 2012 #भौतिकी
Blogger: Ashish Shrivastava
यह कैसे जाना जाये कि वास्तव मे क्या हो रहा है ?मान लेते हैं कि रदरफोर्ड के प्रयोग के जैसे अन्य प्रयोगों से मूलभूत कणो की उपस्थिति जान पाना संभव है लेकिन हम यह कैसे जाने कि वास्तव मे क्या हो रहा है ?श्रोत/लक्ष्य/जांच ( source/target/detection) के सबसे सामान्य उदाहरण को लेते है , जिससे हम सा... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   3:30am 30 Apr 2012 #भौतिकी
Blogger: Ashish Shrivastava
इस ब्लाग पर हमने ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति , उसे बनाने वाले मूलभूत तत्वो, घटको की खूब चर्चा की है। हम जानते है कि हमारा दृश्य विश्व, हमारी आकाशगंगा, हमारी धरती और हम स्वयं किससे निर्मित है। लेकिन हम यह सब कैसे जानते है ? इस प्रमाण क्या है ? क्या हमने इसे प्रायोगिक रूप से प्रमा... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   1:30am 23 Apr 2012 #नयी खोज
Blogger: Ashish Shrivastava
इस ब्लाग पर हमने ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति , उसे बनाने वाले मूलभूत तत्वो, घटको की खूब चर्चा की है। हम जानते है कि हमारा दृश्य विश्व, हमारी आकाशगंगा, हमारी धरती और हम स्वयं किससे निर्मित है। लेकिन हम यह सब कैसे जानते है ? इस प्रमाण क्या है ? क्या हमने इसे प्रायोगिक रूप से प्रमा... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   1:30am 23 Apr 2012 #नयी खोज
Blogger: Ashish Shrivastava
अब तक हमने सभी मूलभूत कणो और मूलभूत बलों की जानकारी प्राप्त की है। क्या इसका अर्थ है कि इसके आगे जानने के लिये कुछ भी शेष नही है ?नही! हमारी वर्तमान भौतिकी अधूरी है, हमारे पास ऐसे बहुत से प्रश्न है, जिसका कोई उत्तर नही है। हमारा सबसे सफल सिद्धांत ’स्टैंडर्ड माडेल’ अपूर्ण ... Read more
clicks 270 View   Vote 0 Like   1:30am 16 Apr 2012 #अनसुलझे रहस्य
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