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Blog: Hindizen - हिंदीज़ेन

Blogger: Nishant
यह अंग्रेजी ब्लॉग बिकमिंग मिनिमलिस्ट्सके लेखक जोशुआ बेकर की अतिथि पोस्ट है.“Never underestimate the power of dreams and the influence of the human spirit. We are all the same in this notion: The potential for greatness lives within each of us.”– William Rudolphजब मैं छोटा था तब हमारा परिवार अक्सर ही बोंसाई वृक्षों की प्रदर्शनी देखने के लिए जाता था. हमारे समुदाय में बोंसाई वृक... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   1:30am 7 Jun 2012 #प्रेरक लेख
Blogger: Nishant
हर सुबह घर से निकलने के पहले सुकरात आईने के सामने खड़े होकर खुद को कुछ देर तक तल्लीनता से निहारते थे.एक दिन उनके एक शिष्य ने उन्हें ऐसा करते देखा. आईने में खुद की छवि को निहारते सुकरात को देख उसके चेहरे पर बरबस ही मुस्कान तैर गयी.सुकरात उसकी ओर मुड़े, और बोले, “बेशक, तुम यह... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   1:30am 25 May 2012 #दार्शनिक
Blogger: Nishant
कॉलिन विल्सन मशहूर अंग्रेज लेखक हैं और उन्होंने अपराध, रहस्य, और पराविद्या (औकल्ट) पर लगभग 100 से भी अधिक बेस्टसेलर किताबें लिखीं हैं. वर्तमान युग के महत्वपूर्ण दार्शनिकों में उनका नाम शामिल है और उनके प्रशंसक उन्हें जीनियस मानते हैं.अपनी आत्मकथा के पहले चैप्टर में विल... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   1:30am 21 May 2012 #दार्शनिक
Blogger: Nishant
बहुत पुरानी बात है. जापान में लोग बांस की खपच्चियों और कागज़ से बनी लालटेन इस्तेमाल करते थे जिसके भीतर जलता हुआ दिया रखा जाता था.एक शाम एक अँधा व्यक्ति अपने एक मित्र से मिलने उसके घर गया. रात को वापस लौटते समय उसके मित्र ने उसे साथ में लालटेन ले जाने के लिए कहा.“मुझे लालट... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   1:30am 15 May 2012 #Buddhist Stories
Blogger: Nishant
कई दशकों तक सभी यह मानते रहे कि कोई भी व्यक्ति 4 मिनट में 1 मील नहीं दौड़ सकता. लोगों ने कहा, “ऐसा हो ही नहीं सकता”! वैज्ञानिक और चिकित्सकों ने मानव शरीर की सीमाओं और क्षमताओं का आकलन करके यह बताया कि 4 मिनट में 1 मील दौड़ पाना संभव नहीं था. उनके अनुसार इसके लिए उपयुक्त गति तक ... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   1:30am 9 May 2012 #प्रेरक लेख
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पो चीन के तांग राजवंश में उच्चाधिकारी और कवि था. एक दिन उसने एक पेड़ की शाखा पर बैठे बौद्ध महात्मा को धर्मोपदेश देते हुए देखा. उनके मध्य यह वार्तालाप हुआ:पो: “महात्मा, आप इस पेड़ की शाखा पर बैठकर प्रवचन क्यों दे रहे हैं? ज़रा सी भी गड़बड़ होगी और आप नीचे गिरकर घायल हो जायें... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   2:30am 1 May 2012 #Buddhist Stories
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बहुत समय पहले चीन के तांग प्रांत में एक वृद्ध साधु वू-ताई पर्वत की तीर्थयात्रा पर जा रहा था. वू-ताई पर्वत पर ज्ञान के बोधिसत्व मंजुश्री का निवास माना जाता है. वृद्ध और अशक्त होने के कारण वह धूल भरे मार्ग पर भिक्षा मांगते हुए बहुत लंबे समय तक चलता रहा. कई सप्ताह की यात्रा क... Read more
clicks 325 View   Vote 2 Like   1:30am 29 Apr 2012 #Stories
Blogger: Nishant
किसी महिला पत्रकार को यह पता चला कि एक बहुत वृद्ध यहूदी सज्जन लंबे समय से येरुशलम की पश्चिमी दीवार पर रोज़ाना बिलानागा प्रार्थना करते आ रहे हैं तो उसने उनसे मिलने का तय किया.वह येरुशलम की पश्चिमी प्रार्थना दीवार पर गयी और उसने वृद्ध सज्जन को प्रार्थना करते देखा. लगभग 45... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   1:30am 13 Apr 2012 #Stories
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मरू-प्रदेश की भूमि में बहुत कम फल उपजते थे. अतः ईश्वर ने अपने पैगंबर को पृथ्वी पर यह नियम पहुंचाने के लिए कहा, “प्रत्येक व्यक्ति दिन में केवल एक ही फल खाए”.लोगों में मसीहा की बात मानी और दिन में केवल एक ही फल खाना प्रारंभ कर दिया. यह प्रथा पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती रही. दिन में एक ... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   1:30am 3 Apr 2012 #Paulo Coelho
Blogger: Nishant
सर्दियों का पूरा मौसम नसरुद्दीन ने अपने बगीचे की देखरेख में बिताया. वसंत आते ही हर तरफ मनमोहक फूलों ने अपनी छटा बिखेरी. बेहतरीन गुलाबों और दूसरे शानदार फूलों के बीच नसरुद्दीन को कुछ जंगली फूल भी झांकते दिख गए.नसरुद्दीन ने उन फूलों को उखाड़कर फेंक दिया. कुछ दिनों के भीत... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   1:30am 28 Mar 2012 #Mulla Nasruddin
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एक व्यक्ति किन्हीं महात्मा के पास गया और उनसे पूछा, “क्या मनुष्य स्वतन्त्र है? यदि वह स्वतन्त्र है तो कितना स्वतन्त्र है?क्या उसकी स्वतंत्रता की कोई परिधि है? भाग्य, किस्मत, नियति, दैव आदि क्या है? क्या ईश्वर ने हमें किसी सीमा तक बंधन में रखा है?”लोगों के प्रश्नों के उत्त... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   1:30am 25 Mar 2012 #Stories
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पाब्लो पिकासो ने कभी कहा था, “ईश्वर बहुत अजीब कलाकार है. उसने जिराफ बनाया, हाथी भी, और बिल्ली भी. उसकी कोई ख़ास शैली नहीं है. वह हमेशा कुछ अलग करने का प्रयास करता रहता है.”जब आप अपने सपनों को हकीकत का जामा पहनाने की कोशिश करते हैं तो शुरुआत में आपको कभी डर भी लगता है. आप सोचत... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   1:30am 22 Mar 2012 #प्रेरक लेख
Blogger: Nishant
“सदैव वर्तमान में उपस्थित रहने से आपका क्या तात्पर्य है?”, शिष्य ने गुरु से पूछा.गुरु ने शिष्य को एक छोटी जलधारा के पार तक चलने के लिए कहा. जलधारा के बीच कुछ दूरी पर पड़े पत्थरों पर चलकर वे दूसरी ओर आ गए.गुरु ने पूछा, “एक पत्थर पर पैर रखकर अगले पत्थर पर पैर रखना आसान था न?”“ह... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   1:30am 9 Mar 2012 #Zen Stories
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“यदि मैं तुम्हें यह बताऊँ कि ऐसा कुछ है जो तुम्हें व्याप्त किये हुए है. तुम उसे देख नहीं सकते लेकिन वह तुम्हारे अस्तित्व के लिए परम आवश्यक है”, गुरु ने शिष्य से कहा, “तो क्या तुम ऐसी किसी विषय-वस्तु के अस्तित्व पर विश्वास करोगे?”“आप परमचेतना की बात कर रहे हैं, हैं न?”, शिष्... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   1:30am 3 Mar 2012 #Stories
Blogger: Nishant
शिष्य ने गुरु से पूछा, “यदि मैं आपसे यह कहूं कि आपको आज सोने का एक सिक्का पाने या एक सप्ताह बाद एक हज़ार सिक्के पाने के विकल्प में से एक का चुनाव करना है तो आप क्या लेना पसंद करेंगे?”“मैं तो एक सप्ताह बाद सोने के हज़ार सिक्के लेना चाहूँगा”, गुरु ने कहा.शिष्य ने आश्चर्य से क... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:30am 22 Feb 2012 #Zen Stories
Blogger: Nishant
धनुर्विद्या के एक प्रसिद्द गुरु अपने शिष्य के साथ वन में भ्रमण कर रहे थे. गुरु ने एक वृक्ष की सबसे ऊंची शिखाओं में छुपे हुए फल पर निशाना लगाया और तीर चला दिया. फल सीधे डाल से टूटकर नीचे आ गिरा. भूमि पर गिरे हुए फल पर एक दृष्टि डाल कर गुरु भावशून्य-से आगे बढ़ गए, लेकिन उनकी दक... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   1:30am 29 Jan 2012 #Zen Stories
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एक जुआरी ने ज़ेन मास्टर के पास आकर कहा, “मैं कल रात सराय में पत्तों की बेईमानी करते पकड़ा गया और मेरे साथियों ने मुझे पहली मंजिल के कमरे की खिड़की से नीचे सड़क पर धकेल दिया. किस्मत से मुझे कुछ ख़ास चोट नहीं लगी. अब मुझे क्या करना चाहिए?”मास्टर ने जुआरी की आँखों में आँखें ड... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   1:30am 25 Jan 2012 #Zen Stories
Blogger: Nishant
सुकरात महान दार्शनिक तो थे ही, उनका जीवन संतों की तरह परम सादगीपूर्ण था. उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी, यहाँ तक कि वे पैरों में जूते भी नहीं पहनते थे. फ़िर भी वे रोज़ बाज़ार से गुज़रते समय दुकानों में रखी वस्तुएं देखा करते थे.उनके एक मित्र ने उनसे इसका कारण पूछा.सुकरात ने क... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   2:30am 21 Jan 2012 #दार्शनिक
Blogger: Nishant
एक आगंतुक ने मठ के प्रमुख संन्यासी से पूछा, “इस मठ में आप क्या सिखाते हैं?”संन्यासी ने कहा, “भूलना”.आगंतुक बोला, “क्या भूलना?”संन्यासी ने कहा, “मैं भूल गया”.Filed under: Zen Stories... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   1:30am 6 Jan 2012 #Zen Stories
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एक ज़ेन शिष्य ने गुरु से प्रश्न किया, “ज़ेन में ऐसा क्या है जो बहुत बुद्धिमान लोग भी इसे समझ नहीं पाते?”ज़ेन गुरु उठे, उन्होंने एक पत्थर उठाया और पूछा, “यदि झाड़ियों से एक शेर निकलकर हमारी ओर बढ़ने लगे और हमपर हमले के लिए तैयार हो तो क्या इस पत्थर से हमें कुछ मदद मिलेगी?”“... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   1:30am 28 Dec 2011 #Zen Stories
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एक ज़ेन शिष्य ने गुरु से पूछा, “क्या आप मुझे जीवन में सदैव काम आनेवाली सलाह देंगे?”गुरु ने कहा, “अवश्य, हर परिस्थिति के अनुरूप स्वयं में परिवर्तन लाते रहो.”शिष्य ने कहा, “हम्म… क्या आप मुझे कुछ सरल सलाह दे सकते हैं?”गुरु ने कहा, “ठीक है. कभी भी मत बदलो. जैसे हो, वैसे ही बने र... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   1:30am 24 Dec 2011 #Zen Stories
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एक शिष्य ने गुरु से पूछा, “क्या ध्यान करने से मोक्ष मिल जाता है?गुरु ने कहा, “मोक्ष किसी कारणवश नहीं मिलता. इसका संबंध कुछ करने-न करने से नहीं है”.शिष्य ने कहा, “यदि इसका संबंध कुछ करने-न करने से नहीं है तो यह होता ही क्यों है? फिर ध्यान आदि करने की भी क्या आवश्यकता है?”गुरु ... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   1:30am 21 Dec 2011 #Stories
Blogger: Nishant
अनाहिता और आयामपहाड़ी घुमावदार रास्ते,सूरजिया रौशन दीवारें,नीला हिलोरी सागर,बच्चों की किलकारियां.चाहें आप दुनिया में कहीं भी चले जाएँ, चाहें लोग कितनी ही जुबानें बोलें, चाहें संस्कृतियाँ और सरकारें कितने ही मोर्चे खोलें… बच्चों की सहज हंसी सभी के मन को आनंदमय कर दे... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   1:30am 18 Dec 2011 #Meditations
Blogger: Nishant
ज़ेन मॉनेस्ट्री में पधारे एक आगंतुक ने पूछा, “आप लोग यहाँ क्या करते हो?”मास्टर ने कहा, “हम कुछ नहीं करते”.वे टहल रहे थे. आगंतुक ने एक संन्यासी को कपड़े धोते देखा और पूछा, “आप तो कह रहे थे कि आप लोग यहाँ कुछ नहीं करते!”मास्टर ने कहा, “कपड़ों की धुलाई ज़रूरी है. यह संन्यासी उन... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   1:30am 15 Dec 2011 #Zen Stories
Blogger: Nishant
एक गर्म दोपहरी के दिन एक किसान बांसों के झुरमुट में बनी हुई ज़ेन गुरु की कुटिया के पास रुका. उसने गुरु को एक वृक्ष ने नीचे बैठे देखा.“खेती की हालत बहुत बुरी है. मुझे डर है कि इस साल गुज़ारा नहीं होगा”, किसान ने चिंतित स्वर में कहा.“तुम्हें चाहिए कि तुम पत्थरों को पानी दो”, ... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   1:30am 12 Dec 2011 #Zen Stories
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