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"निरंतर" की कलम से.....

तुम्हारी तो खबर भी नहीं कुछ अपना हाल ही बता दूं तुमकोतुम्हारे जैसे ही रातों को जागता हूँख्यालों में खोता हूँअकेले में रोता हूँ फर्क सिर्फ इतना सा है मैं बता कर कुछ लम्हों के लिए  सुकून पा लेता हूँ तुम तो इतना भी नहीं करती हो घुट घुट कर जीती होगरूर में चुप रहती हो39-39-20-01-2013गर...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 20, 2013, 5:26 pm
ह्रदय की हलचलमन की खुशीजीवन की व्यथा मैंने सांझा करी तुमसे मैं नहीं कहता तुम भी सांझा करो अपने ह्रदय की हलचल मन की खुशी पर जीवन की व्यथा तो सांझा कर लो मुझसेसुलझा तो नहीं पाऊंगा पर दिलासा तो दे पाऊंगा कुछ पल के लिए ही सही तुम्हारे मन को चैन तो दे पाऊंगा38-38-19-01-2013चैन,हलचल,दिल...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :हलचल
  March 20, 2013, 12:24 am
चाहो तो ह्रदय से पूछ लोचाहो तो मन से पूछ लोकौन सुहाता  कौन नहीं सुहाता कोई सुहाए ना सुहाए चाहे मजबूरी कह दो चाहे लाज शर्म से कह दोरिश्ता तो फिर भी निभाना पड़ताजब निभाना ही हैक्यों ना हँस कर निभाओतनाव मुक्त रहोस्वयं भी खुश रहो दूसरों को भी खुश रखो37-37-18-01-2013रिश्ते,सम्बन्ध ,त...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 19, 2013, 12:49 pm
मैं इतना बलशाली नहीं तुमसे लोहा ले सकूँ पर इतना निर्बल भी नहींतुम्हारे निरंकुश दुर्व्यवहार का प्रतिरोध ना कर सकूँमैं हार भले ही जाऊं पर हार मानूंगा नहीं सिद्ध कर दूंगाबलवान से निर्बल भी लड़ सकता हैदुर्व्यवहार का प्रतिरोध कर सकता हैमैं हार कर भी जीतजाऊंगाहर निर्बल ...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :हार
  March 19, 2013, 12:20 am
अगर मैं तुम्हें समझना चाहूँ तो मुझे भी तुम्हारे जैसे सोचना होगा तुम मुझे समझना चाहो तो तुम्हें भी मेरे जैसे ही सोचना होगा पर यह आसान नहीं होगा हमें अहम् को छोड़ना होगा एक दूसरे की स्थिति,परिस्थिति का ध्यानरखना होगास्वयं को दूसरे के स्थान पर रख कर सोचना होगा तभी हम एक द...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :समझना
  March 18, 2013, 5:22 pm
ज़माने की हवाकुछ ऐसी चलीधूप भी डर करछाया में रहने लगीकोई दिन दहाड़े उसकाउजाला ही नहीं लूट लेउसकी इज्ज़त सेनहीं खेल लेघबरा करमुंह छिपाने लगीकहीं और जा कर खिलूँपरमात्मा सेप्रार्थना करने लगी34-34-17-01-2013इज्ज़त,इज्ज़त लूटना,बलात्कार,धूप,उजाला  डा.राजेंद्र तेला,निरंतरDr.Rajendra Tel...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 18, 2013, 12:47 am
हाथों की लकीरों को देखता हूँ सोचने लगता हूँ भाग्य की प्रतीक्षा करूँया कर्म से भाग्य बनाऊँहाथों की ताकत को काम में लूं पर जानता हूँ बिना कर्म भाग्य भी साथ नहीं देताहिम्मत और विवेक हो तोभाग्य स्वयं बन जातासफलता को कदम चूमने के लिए बाध्य कर देता भाग्य पर अत्यधिक विश्वास ...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 17, 2013, 12:37 pm
ये ख्वाब भी बड़े जिद्दी होते हैं बिन बुलाये ही आ जातेअरमानों को आसमान पर चढ़ा देते  पूरा होने के इंतज़ार में उम्र पूरी हो जाती मगर ये कभी पूरे नहीं होते  जिद पर अड़े रहते हैंख्व्वाब ही रह जाते हैं 30-30-16-01-2013    ख्व्वाब, जिद,जिद्दीडा.राजेंद्र तेला,निरंतरDr.Rajendra Tela"Nirantar"...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :जिद्दी डा.राजेंद्र तेला
  March 16, 2013, 7:28 pm
मिलना चाहूंगा उनसेजिनसे अभी तकमिला नहींजाना चाहूंगा उन्हेंजिन्हें अभी तकजाना नहींनहीं जान पाऊंगानहीं मिल पाऊंगातो तमन्ना साथ लेजाऊंगापर भूलना चाहूंगाउन्हें जो मिले तो सहीपर उनके दिल साफ़नहीं थेशक्ल सूरत सेइंसान दिखते ज़रूर थेमगर इंसान नहीं थेमगर जाने से पहले ...
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Tag :निरंतर
  March 16, 2013, 11:48 am
विचारों से द्वंद्व करते करते नींद की गोद में समाया ही था खिड़की पर आहट ने आधी नींद से जगा दिया खिड़की खोलते ही हवा का झोंका कमरे में आयाहवा से नींद भंग करने का कारण पूछा हवा मुस्काराते हुए बोली बर्फीले पहाड़ों से होते हुए गर्म रेगिस्तान में झुलसते हुए नदी के बहते पानी क...
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Tag :बयार
  March 15, 2013, 5:13 pm
अब कोई राम कृष्ण अर्जुन पैदा क्यों नहीं होताक्यों कंस रावण,दुशासनही पैदा होते हैंक्या समय इतनाबदल गया हैया इश्वर इतनाउलझ गया हैपहचान ही नहीं पाताकिस को धरती परभेज रहा हैक्या नीचे आने वाले भीचेहरे पर चेहराचढ़ा कर रहते हैंइश्वर कोराम कृष्ण दिखते हैंनीचे आते हैं तोर...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 14, 2013, 6:27 pm
अब कोई कृष्णकोई भीष्म,सुदामाएकलव्यपैदा क्यों नहीं होताक्यों कंस रावण,दुशासनही पैदा होते हैंक्या समय इतनाबदल गया हैया इश्वर इतनाउलझ गया हैपहचान ही नहीं पाताकिस को धरती परभेज रहा हैक्या नीचे आने वाले भीचेहरे पर चेहराचढ़ा कर रहते हैंइश्वर कोराम कृष्ण दिखते हैंनीचे ...
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Tag :कृष्ण
  March 14, 2013, 6:27 pm
बार बार समझाता हूँ बार बार पूछता हूँ क्यों क्रोध करते हो बात बात में चिढते हो क्या धैर्य धीरज भूल गए सहनशीलता से भीरुष्ट हो गए जब पहले कभी क्रोध से समस्याओं का समाधान नहीं हुआअब कैसे हो जाएगा तुम्हारा खून अवश्य जलेगा रिश्तों में खटास मन में तनाव भी बढेगातुम कहोगे बार ब...
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Tag :निरंतर
  March 14, 2013, 1:03 pm
ऐ दोस्त हमारी छोटी सी खता को तुमने दिल में उतार लिया हमें दिल से ही निकाल दियाहम दिल में तुम्हारे जैसी तल्खी तो नहीं रखते मलाल सिर्फ इस बात का है तुमने ये भी नहीं बताया हमारी खता क्या हैइक बार हमारे दिल में झाँक कर देखो कमजोरियों के चंद छोटे काँटों के अलावा मोहब्बत के फ...
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Tag :निरंतर
  March 14, 2013, 1:19 am
अहम् की गांठें खुल जाती अगर रिश्तों की रस्सी के बल सुलझ जातेरिश्तों में पवित्रता आ जाती अपने पराये ना बनते सड़क पर चलने वाले पराये कम अपने अधिक होतेअपने अपने ही नहीं ह्रदय के हिस्से होते24-24-13-01-2013   अहम्,रिश्ते, डा.राजेंद्र तेला,निरंतर  Dr.Rajendra Tela"Nirantar"...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 13, 2013, 12:56 pm
ह्रदय के दुःख मंदिर के घंटों जैसे पल पल मन में गूंजते रहते हैंइश्वर को याद करते हैं  पर ना कभी मंदिर में इश्वर को घंटों की आवाज़ पर आते देखा ना ही दुखो को जाते देखा पर उपरवाले पर मेरी आस्था ने मुझे टूटने नहीं दिया23-23-12-01-2013   आस्था,विश्वास,इश्वर,दुःख,जीवन  डा.राजेंद्र तेला,नि...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 12, 2013, 11:38 pm
कोई मोहब्बत के रोने रो रहा है गम में आसूं बहा रहा है कोई यादों में खोया हुआ है भावनाओं के आगे भी ज़िन्दगी बहुत है यारों कभी कभी थोड़ा सा हँस भी लिया करो यारोंनहीं तो समय से पहले दुनिया से चले जाओगे इसको भी जान लो यारोंसोचने समझने में समय व्यर्थ मत करोमेरी बात मान लो यारों...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :हँसना
  March 12, 2013, 6:06 pm
कभी कभी पथ से भटक जाती है कलम बालक की तरहजिद पर अड़ जाती है मुंह फुला लेती है कलम कितना भी प्रलोभन दूं मान मनुहार करूँ नहीं मानती है कलममन की व्यथा निकालूँगा प्यार की बातें लिखूंगाह्रदय को बहलाऊंगा  हास्य कविताएँ लिखूंगा खूब हँसूँगा हसाऊँगापर समझती नहीं कलम इश्वर का ...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 11, 2013, 5:42 pm
तूँ बड़ा ही अजीब है तेरा कोई सानी भी नहीं खामोशी से जहां टांगो वहां टंग जाता न कभी कुछ कहता ना नाज़ नखरे दिखातामैं हाथ हिलाऊँ मुंह बिचकाऊँबाल बनाऊ या ढाढीतूँ भी वैसे ही करता है जैसा मैं दिखता हूँ वैसा ही दिखाता है मन करता है कभी तुझ से ही पूछ लूं तूँ ऐसा क्यों करता हैपर ज...
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Tag :नकलची
  March 11, 2013, 9:54 am
चैन की राह तकते मन में चैन की चाह जन्म कैसे लेती है किसको चैन में देखा जो चैन की आशा मन में जगती है कहीं पढ़ा सुना अवश्य हो सकता कितना भी दौड़ो भागोमन संतुष्ट नहीं तो चैन भी कभी नहीं मिलताचैन की मरीचिका परछाइयों को बाहों में समेटने से अधिक नहीं होता जीवन भर परछाई सा साथ च...
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Tag :निरंतर
  March 10, 2013, 1:18 pm
सुबह जब आँख खुली तो सुबह बदली बदली सी लगीना सूरज की रश्मियाँ दिखाई दी ना कोयल की कूंक चिड़ियों की चचहाट सुनायी दीना पत्तों पर ओस की बूँदें ना कलियों में पुष्प बन खिलने की आतुरता थीसोचता समझता कारण जानने का प्रयत्न करता उसे पहले ही पता चल गयाआज भी अखबार के पहले पन्ने ...
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Tag :उत्पीडन
  March 9, 2013, 5:39 pm
शरीर नश्वर निश्चित ही मैं भी नश्वर हूँ जब परमात्मा के इस अभेद्य नियम का पालन होगाक्या बचेगा मुट्ठी भर राख और अस्थियाँ उन्हें भी किसी नदी में बहा दिया जाएगा मेरा नाम भी कितनों को कितने दिन याद रहेगा धीरे धीरे याद रखने वालों के साथ ही लुप्त हो जाएगा उस गुलाब के फूल की तरह...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 8, 2013, 6:58 pm
ना ऊपर से नर्म अन्दर से सख्त हूँ ना ऊपर से सख्त अन्दर से नर्म हूँ ना भ्रम में रखता हूँ ना भ्रम देता हूँना चेहरे पर चेहरा चढ़ाता हूँ मैं जैसा बाहर से दिखता हूँ वैसा ही भीतर से भी हूँ इसलिए दोस्तों में मुंहफटकहलाता हूँ  आज के ज़माने मेंमिसफिट हूँ चेहरे पर चेहरा चढ़ाना ,मुं...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :
  March 8, 2013, 9:55 am
ना ऊपर से नर्म अन्दर से सख्त हूँ ना ऊपर से सख्त अन्दर से नर्म हूँ ना भ्रम में रखता हूँ ना भ्रम देता हूँना चेहरे पर चेहरा चढ़ाता हूँ मैं जैसा बाहर से दिखता हूँ वैसा ही भीतर से भी हूँ इसलिए दोस्तों में मुंहफटकहलाता हूँ  आज के ज़माने मेंमिसफिट हूँ16-16-07-01-2013चेहरे पर चेहरा चढ़ान...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 8, 2013, 9:50 am
जब मन दुखी कलम थकी होकैसे उम्मीदों की बात लिखेगीजब दिल मेंदर्द की टीस उठ रही होकैसे किसी को खुश करेगीखुद के ग़मों का बोझदूसरों के कन्धों पर लाद देगीउन्हें भी उनके ग़मों कीयाद दिला देगी14-14-07-01-2013गम,दर्द ,दुःखडा.राजेंद्र तेला,निरंतर  Dr.Rajendra Tela"Nirantar"...
"निरंतर" की कलम से........
Tag :निरंतर
  March 7, 2013, 6:15 pm
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