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Blog: Kalam Ka Sipahi /a blog by Rajesh Tripathi

Blogger: Rajesh Tripathi
अगर आपसे यह कहा जाये कि अभी कलियुग में भी राजा राम एक जगह राजा के रूप में राज करते हैं  पर वह जगह अयोध्या नहीं है तो आपको शायद ही विश्वास हो। पर यह सच है कि राम राजा सरकार आज भी एक जगह राजा के रूप में विराजते हैं और उन्हें दिन में पांच बार सलामी दी जाती है। यह जगह है मध्यप्र... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   4:48pm 7 Apr 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 ब्रह्मास्त्र का निर्माण ब्रह्मा जी ने किया था. इसको राक्षसों के विनाश के लिए बनाया गया था। उनके नाम से ही इसे ब्रहमास्त्र के रूप में जाना जाता है। रामायण और महाभारत युद्ध में भी ब्रह्मास्त्रों का प्रयोग किया गया था। आपने उस समय के युद्ध के प्रसंगों में इन अस्त्रों क... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   4:14pm 3 Apr 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
भगवान शिव का चित्र जब हम देखते हैं तो उनके हर चित्र में उनके मस्तक पर चंद्रमा शोभायमान रहता है। यही कारण है कि शिव का एक नाम शशिधर भी है। शशि अर्थात चंद्रमा को धारण करने वाले। अब प्रश्न उठता है कि आखिर शिव जी ने मस्तक पर चंद्रमा को क्यों और कैसे धारण किया। इस बारे में एक स... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   7:23am 8 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 जागिये रघुनाथ कुंवर, पंछी बन बोले...जागिये रघुनाथ कुंवर, पंछी बन बोले...चंद्र किरण शीतल भई, चकवी पिय मिलन गई,त्रिविधमंद चलत पवन, पल्लव द्रुम डोले...जागिये रघुनाथ कुंवर...प्रातः भानु प्रकट भयो, रजनी को तिमिर गयो,भृंग करत गुंजगान, कमलन दल खोले...जागिये रघुनाथ कुंवर...ब्रह्माद... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   3:41am 6 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भरी उनकी आँखों में है, कितनी करुणाजाकर सुदामा भिखारी से पूछोहै करामात क्या उनके चरणों की रजजाकर के गौतम की नारी से पूछोकृपा कितनी करते हैं शरणागतों पेकृपा कितनी करते हैं शरणागतों पेबता सकते हैं यदि, मिलेंगे विभीषणपतितों को पावन, वो कैसे बनातेजटायु सरिस, माँसाहारी ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   2:51am 5 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भगवान विष्णु का नाम आते ही उनकी जो चतुर्भुजी छवि हमारे मन-मानस में उभरती है उसमें शंख, चक्र, गदा, पद्म लिए ही प्रभु विष्णु दृष्टिगोचर होते हैं। उनकी छवि की व्याख्या करने के लिए उनकी वंदना का यह श्लोक ही काफी है।  सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्ष... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   7:37am 3 Mar 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 सनातन धर्म  की परंपराओं में एक परंपरा सिर  पर शिखा या चोटी रखने की है। शिखा भी गाय के खुर के जितनी चौड़ी। वैसे आजकल इतनी चौड़ी शिखा की परंपरा तो इस्कॉन यानी अंतरराष्ट्रीय कृष्ण संचेतना संघ के विदेशी-देशी कृष्ण भक्त अवश्य रखते हैं। उनके अतिरिक्त देश के सनातन धर्म... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   5:03pm 25 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। त्रेता युग में उनका जन्म एक ब्राह्मण ऋषि के यहां हुआ था। ऐसा उल्लेख मिलता है कि उनका जन्म भृगुकुल में हुआ था। महर्षि भृगु के पुत्र महर्षि जमदग्नि के पुत्र थे परशुराम। ऐसा भी उल्लेख है कि पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देव... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   6:03am 19 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
जब ब्रह्मा सृष्टि की रचना कर रहे थे उसी समय उनके मुख से सरस्वती का जन्म हुआ। मां सरस्वती ने जब वीणा बजानी प्रारंभ की तो सारा जग आऩंद विभोर हो गया।  वसंत पंचमी को भारत में सरस्वती  पूजा का आयोजन घर, शिक्षा प्रतिष्ठान, कला से जुड़े  संस्थानों में किया जाता  है।किसी... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   4:15am 15 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
आपमें से जिन लोगों को धार्मिक, पौराणिक कथाएं पढ़ने में रुचि है उन्होंने ऋषि दधीचि द्वारा अपनी अस्थियों का दान दिये जाने की बात मालूम  होगी। हम आपको यह बता रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन सी स्थिति आ गयी थी कि एक ऋषि को अपनी अस्थियों का दान करना पड़ा। क्या हुआ दधीचि की अस्थियों ... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   6:24am 13 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
जब लक्ष्मण को मेघनाद की शक्ति प्रहार से मूर्च्छा आ गयी थी तो राम अचेत भाई का सिर गोद पर रख कर सामान्य मानवों की तरह बिलख-बिलख कर रोये थे। वे शोक में इतने विह्वल हो गये थे कि वे क्या कह रहे हैं इसका भी भान उन्हें नहीं रहा था। दुख में वे प्रलाप करते समय वह यह भी भूल गये कि लक्ष... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   7:04am 11 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भजन - ठुमक चलत रामचंद्रठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां ..किलकि किलकि उठत धायगिरत भूमि लटपटाय .धाय मात गोद लेतदशरथ की रनियां ..अंचल रज अंग झारिविविध भांति सो दुलारि .तन मन धन वारि वारिकहत मृदु बचनियां ..विद्रुम से अरुण अधरबोलत मुख मधुर मधुर .सुभग नासिका में चारुलटकत ल... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   3:58am 11 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
खड़ाऊं मुख्य रूप से लकड़ी से बनती है इसे चरण पादुका, पदत्राण आदि के नाम से पुकारा जाता है। माना कि आजकल चरण पादुकाओं या खड़ाऊं का प्रचलन कम हो गया है लेकिन साधु-संतों में आज भी चरण पादुकाओं या खड़ाऊ का प्रचलन है। इसका कारण आध्यात्मिक के साथ-साथ यह भी माना जाता है कि खड़ाऊ... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   8:23am 9 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
  कुंभकरण ऋषि विश्रवा व माता कैकसी का पुत्र व लंकाधिराज रावण का लघु भ्राता था। उसके पिता तो ऋषि थे लेकिन मां कैकसी राक्षसी थी। इसलिए कूुंभकरण राक्षस कुल का माना गया। वह विराट शरीर वाला था और एक बार में बहुत अधिक भोजन करता था। उसके चलते पृथ्वी पर अन्न भंडार की भी कमी ह... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   6:11am 5 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
सभी जानते हैं कि प्रभु रामचंद्र जी के जीवन पर कई रामायण लिखी गयी हैं। हर क्षेत्र की भाषाओं में लिखी गयी हैं लेकिन प्रसिद्ध दो ही हैं एक संस्कृत में लिखी वाल्मीकि की रामायण और गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस। इनमें वाल्मीकि रामायण संस्कृत में है जो मात्र उन विद्व... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   7:19am 1 Feb 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 भारतीय धर्मग्रंथों में बद्रीनाथ धाम, द्वारका धाम, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम का उल्लेख चार पवित्र धामों के रूप में किया जाता है। आस्थावान हिंदू इन धामों के दर्शन को जीवन के परम पुण्य के रूप में मानते हैं। इनमें से ही एक धाम है बद्रीनाथ धाम जहां प्रभु विष्णु विराजते ह... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   7:30am 30 Jan 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
ऐसे ही लोग रामराज्य को उत्तम शासन का उत्कर्ष नहीं मानते हैं। रामराज्य में हर एक को न्याय मिलता था, सभी सुखी थे, सबमें समरसता, समता का भाव था। सभी रोग, ताप से मुक्त थे। पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदास ने रामराज्य के बारे में अपने महन काव्य ग्रंथ रामचरित मानस में लिखा है- राम रा... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   7:42am 23 Jan 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
आप सभी यह जानते होंगे कि रावण ने किस तरह से राम और लक्ष्मण की अनुपस्थित का लाभ उठा कर सीता को पंचवटी से  हर लाया था। उसके इस पाप कर्म का सहयोगी उसका मामा मारीच बना था। मारीच सोने का मृग बन गया था जिसे देख सीता जी ने राम से कहा कि उन्हें यह मृग चाहिए जीवित या मृत। उन्होंने ... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   5:31pm 20 Jan 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
  समय गवाह है कि कृष्ण ने पांडवों-कौरवों के बीच के तनाव को कम करने का भरसक प्रयत्न किया था। यहां तक कि वे स्वयं दूत बन कर भी समझाने गये थे लेकिन दुर्योधन ने उनका भी अपमान किया और साफ कह दिया कि वे अपने भाइयों को सुई की नोंक के बराबर जमीन भी नहीं देंगे। इसके बाद जब युद्ध अ... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   7:07am 17 Jan 2021 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 मेघनाद रावण और मंदोदरी का सबसे ज्येष्ठ पुत्र था। रावण बहुत बड़ा ज्योतिषी भी था जिसे एक ऐसा पुत्र चाहिए था जो कि महाबलशाली और महाप्रतापी हो, इसलिए उसने सभी ग्रहों को अपने पुत्र की जन्म-कुंडली के 11-वें स्थान पर रख दिया जो लाभ का स्थान माना जाता है। परंतु रावण कि प्रवृत्... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   6:59am 30 Dec 2020 #
Blogger: Rajesh Tripathi
राजेश त्रिपाठीआपमें से बहुत लोगों को पता होगा कि भगवान गणेश की पूजा में तुलसी का प्रयोग मना है लेकिन यह पता नहीं होगा कि ऐसा क्यों है। वैसे तो तुलसीजी देवीस्वरूपा और प्रात: पूजनीय हैं लेकिन गणेश पूजा में तुलसी दल का प्रयोग मना है। इसके पीछे क्या कथा है आज हम आपको वही सु... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   6:22am 25 Dec 2020 #
Blogger: Rajesh Tripathi
राजेश त्रिपाठी इन दिनों आप अक्सर एक अंग्रेजी शब्द सुनते होंगे 'हनी ट्रैप'जिसका सीधा-सा अर्थ होता है किसी सुंदर लड़की के प्रेम जाल में फंसा कर किसी अधिकारी या महत्वपूर्ण व्यक्ति से देश की सुरक्षा या अन्य महत्वपूर्ण विभागों से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त करना। ब्लैकमेल क... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   2:42pm 16 Dec 2020 #
Blogger: Rajesh Tripathi
राजेश त्रिपाठीशबरी का वास्तविक नाम श्रमणा बताया जाता है। वह शबर जाति की थीं इसीलिए उनका नाम शबरी पड़ गया। ऐसा भी कहा जाता है कि उन्हॉंने भगवान राम के दर्शन की लंबे समय तक सब्र के साथ प्रतीक्षा की इसीलिए सब्र से नाम शबरी पड़ गया। लंबी प्रतीक्षा के बाद भगवान राम भाई लक्ष्... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   7:02am 8 Dec 2020 #
Blogger: Rajesh Tripathi
राजेश त्रिपाठी अगर किसी घर में परिवार का कोई ना कोई सदस्य बराबर बीमार रहता है या कि लाख मेहनत करने पर भी ना ज्यादा आय होती है ना ही पैसा घर में टिक पाता है तो  एक बार गंभीरता से सोचें। कहीं आपके घर में वास्तु दोष तो नहीं। वास्तु का अर्थ है रहने की जगह या निवासस्थान। वास... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   6:46am 22 Nov 2020 #
Blogger: Rajesh Tripathi
 बहुतों को रुला गया अपू का जानाराजेश त्रिपाठीसशक्त, प्रभावी और यथार्थ अभिनय के बादशाह सौमित्र चटर्जी ने रविवार 15 नवंबर को दिन के 12.15 बजे अंतिम सांस ली। उनके जाने के साथ ही सशक्त, प्रभावी, यथार्थ अभिनय का आंगन भी सूना हो गया। सौमित्र अपनी मिसाल आप थे। याद नहीं आता कि उनक... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   9:01am 15 Nov 2020 #
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