Hamarivani.com

अजित गुप्‍ता का कोना

चटपटी खबरों से मैं दूर होती जा रही हूँ,डीडी न्यूज के अतिरिक्त कोई दूसरी न्यूज नहीं देखती तो मसाला भला कहाँ से मिलेगा। आप लोग कहेंगे कि नहीं,दूसरे न्यूज चैनल भी देखने चाहिये लेकिन मैं नहीं देखती। शायद यह मेरी कमजोरी है कि अनावश्यक नुक्ताचीनी मैं देख नहीं पाती। आप कभी अ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  July 18, 2018, 10:12 am
एक पुरानी फिल्म जो शायद दो साल पहले अपनी कहानी पर्दे पर कह रही थी,उसकी चर्चा भला मैं आज क्यों करना चाहती हूँ,यही सोच रहे हैं ना आप! बेगम जान जो नाम से ही मुस्लिम पृष्ठभूमि की दिखायी देती है,साथ में एक कोठे की कहानी बयान करती है। कल टीवी पर आ रही थी तो आखिरी आधा घण्टे की फिल्...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  July 12, 2018, 9:40 am
अभी चार-पाँच दिन पहले एक फोन आया,अनजान नम्बर था तो सोचा कि कोई ना कोई व्यावसायिक हितों से जुड़ा फोन होगा तो अनमने मन से बात की लेकिन कुछ देर में लगा कि नहीं यह व्यावसायिक नहीं कुछ सामाजिक सरोकारों का फोन है। आवाज आयी की मैं आपको अपनी दो पुस्तकें भेजना चाहता हूँ,मैंने पूछ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  July 10, 2018, 10:37 am
पहला प्यार! कितना खूबसूरत ख्वाब है! जैसे ही किसी ने कहा कि पहला प्यार,आँखे चमक उठती है,दिल धड़कने लगता है और मन कहता है कि इसे बाहों में भर लूँ। लेकिन प्यार की कसक भी अनोखी होती है,प्यार मिल जाए तो सबकुछ खत्म,लेकिन नहीं मिले तब जो घाव दे जाए वो कसक। प्यार पाना नहीं है अपितु ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  July 6, 2018, 10:52 am
मेरी जानकारी के अनुसार देश भर में साधु-संन्यासी,मुल्ला-मौलवी,सिस्टर-पादरी आदि-आदि जो भी धर्म और समाज हित में घर-बार छोड़कर समाज के भरोसे काम कर रहे हैं,उनकी संख्या एक करोड़ से भी अधिक है। ये समाज के धन पर ही पलते हैं और फलते-फूलते भी हैं। दूसरी तरफ फिल्म उद्योग से जुड़े,क...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  July 3, 2018, 9:52 am
विश्वास बड़ी चीज होती है,लेकिन यह बनता-बिगड़ता कैसे है,इसका किसी को पता नहीं। शतरंज का खेल सभी ने थोड़ा बहुत खेला होगा,खेला नहीं भी हो तो देखा होगा,इसमें राजा होता है,रानी होती है,हाथी होता है घोड़ा होता है,ऊँट है तो पैदल भी  हैं। सभी की चाल निश्चित है,खिलाड़ी इन निश्चित...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  June 29, 2018, 11:03 am
एक लघु कथा याद आ रही है,आपको भी सुनाए देती हूँ – एक महारानी थी,उसे देश के विद्वानों का सम्मान करने और उन्हें भोजन पर आमंत्रित करने का शौक था। उनके राज्य में एक दिन अपने ही मायके के एक विद्वान आए,उन्होंने अपनी आदत के अनुसार उन्हें भोजन पर आमंत्रित किया और सुस्वादु भोजन के ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  June 26, 2018, 10:00 am
ईसा से 350 साल पहले एलेक्जेन्डर पूछ रहा था कि हिन्दुस्थान क्या है?यहाँ के लोग क्या हैं?लेकिन नहीं समझ पाया! बाबर से लेकर औरंगजेब तक कोई भी हिन्दुस्थान को समझ नहीं पाए और अंग्रेज भी समझने में नाकामयाब रहे। शायद हम खुद भी नहीं समझ पा रहे हैं कि हमारे अन्दर क्या-क्या है! आप वि...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  June 23, 2018, 10:21 am
जय कन्फ्यूज्ड देवाहम भारतीयों की एक आदत है और अमूमन सब की ही है। आप पूछेंगे क्या! अजी बताते हैं। किसी भी  बात में अपना थूथन घुसाना और कैसी भी गैर जिम्मेदाराना अपनी राय देना। राय देते-देते दूसरे पर हावी हो जाना और हाथापाई तक पर उतर जाना। मीडिया पर यह खेल रोज ही खेला जाता ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  June 15, 2018, 12:30 pm
कल दस का दम सीरियल देखा,सलमान खान इसे होस्ट कर रहे हैं। बड़ी निराशा हुई सीरियल देखकर,सलमान की ऊर्जा जैसे छूमंतर हो गयी हो! नकली हँसी,दबी सी आवाज,दण्ड के नीचे दबे से लगे सलमान! लेकिन सलमान के परे इस सीरियल पर मेरी दृष्टि में बात करना बनता है। सीरियल में पूछे गए प्रश्न,अनुम...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  June 5, 2018, 11:39 am
कहावत है – जैसा देव वैसा पुजारी। काली माता का विभत्स रूप,तो पुजारी भी शराब का चढ़ावा चढ़ाते हैं,बकरा काटते हैं। डाकू गिरोह में डाकू ही शामिल होते हैं और साधु-संन्यासियों के झुण्ड में साधु-संन्यासी। डाकुओं का सरगना मन्दिर में जाकर भजन नहीं गाता और साधु कभी डाका नहीं डा...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  June 4, 2018, 10:13 am
शेर और शेर के बच्चों से परेशान होकर मैंने सच्चे शेर की तलाश में नेशनल ज्योग्राफी चैनल पर दस्तक दे दी। खोलते ही जो दृश्य था वह बता दूं – एक संकरा सा रास्ता था,सड़क बनी थी,कार खड़ी थी और वहाँ काँपते पैरों से एक भैंस का बच्चा घूम रहा था। एंकर बोल रहा था कि इस बच्चे को देखकर लग ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  May 2, 2018, 6:10 pm
लुंज-पुंज से लेकर छूट और लूट की दुकानआज एक पुरानी कथा सुनाती हूँ,शायद पहले भी कभी सुनायी होगी। राजा वेन को उन्हीं के सभासदों ने मार डाला,अराजकता फैली तो वेन के पुत्र – पृथु ने भागकर अपनी जान बचाई। पृथु ने पहली बार धरती पर हल का प्रयोग कर खेती प्रारम्भ की,कहते हैं कि पृथु ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  April 22, 2018, 10:48 am
बात 90 के दशक की है,हमारे कॉलेज में जब परीक्षाएं होती थी तब परीक्षा केन्द्रों पर सारे ही अध्यापकों की ड्यूटी लगती थी,लेकिन मेरी कभी नहीं। मैं सोचती थी शायद महिला होने के कारण मुक्ति मिल जाती होगी लेकिन फिर बाद में महिला होने के कारण ही लगने लगी,क्योंकि परीक्षा तो बालिका...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  April 20, 2018, 12:05 pm
पिछले कई दिनों से रह-रहकर औरंगजेब के काल की याद आ रही है,देश के किसी मन्दिर को बक्शा नहीं गया था और ना ही ऐसी कोई मूर्ति शेष रही थी जो तोड़े जाने से बच गयी हो। घर में भी पूजा करना दुश्वार हो गया था,लोग चोरी-छिपे पूजा करते थे और खुश हो लेते थे। लोगों के पास से मन्दिर बनाने का क...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  April 17, 2018, 10:11 am
यह शोर,यह अफरा-तफरी मचाने का प्रयास,आखिर किस के लिये  है?एक आम आदमी अपनी रोटी-रोजी कमाने में व्यस्त है,आम गृहिणी अपने घर को सम्भालने में व्यस्त है,व्यापारी अपने व्यापार में व्यस्त है,कर्मचारी अपनी नौकरी में व्यस्त है लेकिन जिन्हें खबरे बनाने का हुनर है बस वे ही इन सारी...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  April 16, 2018, 11:35 am
राष्ट्रमण्डल खेलों का जुनून सर चढ़कर बोल रहा है और लिखने के लिये समय नहीं निकाल पा रही हूँ,लगता है बस खेलों की यह चाँदनी चार दिन की है तो जी लो,फिर तो उसी अकेली अँधेरी रात की तरह जिन्दगी है। कल शूटिंग के मुकाबले चल रहे थे,महिला शूटिंग में श्रेयसी सिंह ने स्वर्ण पदक जीता। ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  April 12, 2018, 11:04 am
सोमनाथ का इतिहास पढ़ रही थी,सेनापति दौड़ रहा है,पड़ोसी राजा से सहायता लेने को तरस रहा है लेकिन सभी की शर्ते हैं। आखिर गजनी आता है और सोमनाथ को लूटकर चले जाता है। कोई"अपना"सहायता के लिये नहीं आता,सब बारी-बारी से लुटते हैं लेकिन किसी की कोई सहायता नहीं करता! इतना द्वेष हम भ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  April 4, 2018, 8:58 am
बचपन की कुछ बाते हमारे अन्दर नींव के पत्थर की तरह जम जाती हैं, वे ही हमारे सारे व्यक्तित्व का ताना-बाना बुनती रहती हैं। जब हम बेहद छोटे थे तब हमारे मन्दिर में जब भी भगवान के कलश होते तो माला पहनने के लिये बोली लगती, मन्दिर की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिये धन की आवश...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  April 2, 2018, 9:06 am
बहुत दिनों की ब्रेक विद बिटिया के बाद आज लेपटॉप को हाथ लगाया है, कहाँ से शुरुआत करूं अभी सोच ही रही थी कि बिटिया ने पढ़ाये एक आलेख का ध्यान आ गया। आलेख सेव नहीं हुआ लेकिन उसमें था कि हमारी बुद्धिमत्ता अधिकतर माँ से आती है। क्रोमोजोम की थ्योरी को इसके लिये जिम्मेदार बताय...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  March 31, 2018, 9:33 am
कल मुझे एक नयी बात पता चली, आधुनिक विज्ञान की बात है तो मेरे लिये नयी ही है। लेकिन इस विज्ञान की बात से मैंने सामाजिक ज्ञान को जोड़ कर देखा और लिखने का मन बनाया। मेरा बेटा इंजीनियर है और उनकी कम्पनी ग्राफिक चिप बनाती है। कम्पनी की एक चिप का परीक्षण करना था और इसके लिये लन...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  March 16, 2018, 11:27 am
कभी मन हुआ करता था कि दुनिया की हर बात जाने लेकिन आज कुछ और जानने का मन नहीं करता! लगने लगा है कि यह जानना, देखना बहुत हो गया अब तो बहुत कुछ भूलने का मन करता है। तृप्त सी हो गयी मन की चाहत। शायद एक उम्र आने के बाद सभी के साथ ऐसा होता हो और शायद नहीं भी होता हो! दौलत के ढेर पर बैठ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  March 11, 2018, 10:21 am
आपने कभी वटवृक्ष देखा है, कितना विशाल होता है! उसे जितनी धरती का आँचल मिलता है, वह उतना ही विशाल होता जाता है। लेकिन कुछ आधुनिक लोग आजकल वटवृक्ष को भी गमलों में रोपने लगे हैं और आपने देखा होगा कि उनका आकार सीमित हो जाता है, वे लगते तो वटवृक्ष ही हैं लेकिन उनकी विशालता सीमि...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  March 8, 2018, 9:50 am
"क्लब 60"यह फिल्म का नाम है, जो कल हमने टीवी पर देखी। जो लोग भी 60 की उम्र पार कर गये हैं उनके लिये अच्छी फिल्म है। इस फिल्म में अधिकतर पुरुष थे और उनकी संवेदनाओं पर ही आधारित थी लेकिन मैंने अपने शहर में महिलाओं के ऐसे ही समूह देखे हैं, जो अकेली हैं लेकिन अपने जीवन को जिंदादिली...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  March 3, 2018, 10:28 am
बहुत दिनों से मन की कलम चली नहीं,मन में चिंतन चलता रहा कि लेखन क्यों?लेखन स्वयं की वेदना के लिये या दूसरों की वेदना को अपनी संवेदना बनाने के लिये। मेरी वेदना के लेखन का औचित्य ही क्या है लेकिन यदि कोई ऐसी वेदना समाज की हो या देश की हो तब वह वेदना लेखक की संवेदना बन जाए और उ...
अजित गुप्‍ता का कोना...
ajit gupta
Tag :
  February 26, 2018, 12:26 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3770) कुल पोस्ट (178835)