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Blog: palash "पलाश"

Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 कुछ दिनों से हमारी, हमारी उनसे नोंक झोंक नहीं हो रही। मन में अजीब सी खलभली मची हुयी है, कि आखिर ऐसा क्या हमने कर दिया कि हमारा पिछले तीस सालों से चला आ रहा सिलसिला ऐसे खतम हो गया जैसे धरती से डाएनासोर।सुबह की चाय के साथ भले ही लोगों को बिस्किट खाने में आनंद आता हो, मगर मे... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   3:05pm 18 Jan 2022 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
इतवार की सुबह थी, चाय नाश्ता हो चुका था, अखबार भी पढा जा चुका था। राधिका की कल से परीक्षा थीं इसलिये श्रीमती जी उसको पढानें में व्यस्त थी, भले ही वह फस्ट क्लास में थी मगर हमारी श्रीमती जी को इतनी चिंता थी जैसे उसकी बोर्ड की परीक्षा हो। ऐसे माहौल में टीवी चला लेना किसी गुना... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   11:48am 7 Jan 2022 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 कितनी मुश्किलों से, हमे उसने भुलाया होगाजली होगीं उगलियां, जब खत जलाया होगा भूल जाने की कोशिशों में, जाने कितनी दफाहंसी लम्हों को जेहन में, रो रो दोहराया होगा छोड दी होगीं कई, पसंदीदा चीजें ओ जगहेंमेरे संग उसने जहां, दो पल भी बिताया होगा मिटा दी होंगीं लगभग सभी, न... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   6:29pm 6 Jan 2022 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
कितने बरस बाद आज वो अपने बडे दद्दा से मिलने जा रही थी। कब से मां बाऊ जी से सुनती आ रही थी दद्दा की सफलता की कहानियां। और आज जब उसका मुम्बई के एक नामी कालेज में दाखिला हुआ तो उसको दाखिले की खुशी से ज्यादा दद्दा से मिलने की खुशी थी।दद्दा दरअसल कोई बुजुर्ग व्यक्ति नही, पैतीस ... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   5:41pm 28 Dec 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 खिल जातीखुशी सोच,उसकीहरबातमासूमकलियोंसी लगे,उसकीहरबातजमाने भर की बात को, करके अनसुना सुनी मदहोश हो हमने, उसकीहरबात अधूरा हर अफसाना,उनके जिक्र बिनाहरबातकाजवाबलगे, उसकीहरबात बेदिली बनी सितम, इस दिले नादां परनश्तर सा चुभने लगी, उसकी हर बात तूफांमेंपतवारतो,अं... Read more
clicks 39 View   Vote 0 Like   6:36pm 24 Dec 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
रात रात भर यूं जागना, कौन चाहता हैदूर दूर चांद से ताकना, कौन चाहता हैमिलता नसीबों से ही तोहफा ए इश्कदिल खूंटी पर टांगना कौन चाहता हैसुकून ए आराम देती थी छांव नीम कीमीलों रास्ते रोज नापना, कौन चाहता हैपेट की आग, हर आग से ज़ालिम साहबझूठी पत्तलें भला चाटना, कौन चाहता हैहसरत... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   8:12pm 30 Nov 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 दिल में फिर, इक ख्वाब पल रहा है, जमाना फिर हमसे, कुछ जल रहा है  उनके आने के लम्हे, ज्यों करीब हुयेइंतजार कुछ जियादा, ही खल रहा है पुलिंदे शिकायतों के, मुंह ढकने लगेतूफा ए अरमां, बेइंतेहा मचल रहा है  जाने क्या हाल हो, सनम से मिलकरख्यालएमौसम, पल पल बदल रहा है  यादों की ... Read more
clicks 103 View   Vote 0 Like   7:32am 19 Nov 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 हर एक जिंदगी में, ना जाने कितने आखिर क्योंहर मन को भेदता, कभी ना कभी आखिर क्यों किसी का क्या बिगाडा था, हुआ जो साथ ये मेरेकिया जो होम तो फिर, जला ये हाथ आखिर क्यों किसी को मिल गया पैसा, किसी के पास शोहरतेमेरे दामन में ही कांटे, हजार आये है आखिर क्यों जिसे बरसों से जान... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   8:23am 18 Nov 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
बरसों से मन मे दबी भावनाओं को बस एक बार वह उस पर जाहिर कर देना चाहता था, मगर क्या यह इतना आसान था एक पति, एक पिता और एक परम आज्ञाकारी पुत्र के लिये। जीवन की सारी जमापूंजी का एक ही पल में खो देने का भय सिर से लेकर पांव तक उसके शरीर में विघुत की सी तरंग उत्पन्न कर रहा था। किंतु अ... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   3:34pm 15 Nov 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 जिंदगी नही, जिंदगी का भरम, जी रहा आज का आदमीजिंदगी की ख्वाइश में जिंदगी, खो रहा आज का आदमी सुबह सबेरे उठके तडके, करने लगता जुगाड दो रोटी काखुशी की तलाश में, खुद से दूर हो रहा आज का आदमी क्या चाहिये जीने के लिये, क्या ला रहे है अपने घर में हमक्या चाहा, क्या हो गया, ये सोच ... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   2:07pm 3 Oct 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 क्या हुआ पिता जी, आपकी तो तबियत बहुत खराब लग रही है, अरे, एक कॉल कर देते आप, मै या यामिनी आ जाते ना। माना कि रोज रोज ऑफिस बहुत दूर पडने की वजह से मैने यहां फ्लैट लिया, मगर अब इतना भी दूर नही कि एक ही शहर में रहते हुये भी आ ना सकूं।आपने किसी डॉक्टर को दिखाया क्या?पिता जी- हां, क... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   10:19am 1 Oct 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
राहुल आज जब स्कूल से लौटा तो बहुत अनमना सा दिखाई दे रहा था, रोज की तरह आते ही ना तो उसने मम्मी से खाने के बारे में पूंछा और ना ही अपने स्कूल की कोई बात की। बस सीधा आकर बैग और जूते उतार सोफे पर उल्टा लेट गया। राधिका के मन में थोडी चिंता हुयी। ममता भरे हाथ से उसका सिर अपनी गोद म... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   1:23pm 19 Sep 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 दुआयें कब असर दिखायें, ये कौन जानेकहर आहों का क्या ढाये, ये कौन जानेरश्क करते हैं लोग, जिनके मुकद्दरों परदर्द कितने उनके दामन में, ये कौन जानेझूम रही लौ अलमस्त, संग मस्त हवाओं केउम्र चिराग की मगर कितनी, ये कौन जानेवादा तो कर दिया उसने, साथ चलने कावक्त ए राह क्या रंग ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   9:29am 18 Sep 2021 ##whoknowsthething
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 मंजिल अभी और दूर कितनी, किसे पता है राह में मिलेंगें कांटें या कलियां, किसे पता है  फर्ज मुसाफिर का सिर्फ चलते चले जानामिले किसे मोड, हमसफर, किसे पता है  दिये जला दिये राह में, भूले भटकों के लिये कितनी उम्र मगर चिराग की, किसे पता है कसूर किस्मतों का या कमीं कोशिशों मे... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   7:46am 17 Sep 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 कितनी आसानी से कह दिया उसनेआखिरक्याकिया ,आपनेमेरेलिएजोभीकिया,वोतोसबकरतेहैंआजअगरमैंकुछहूंतोवोहैपरिणाम, मेरीमेहनतकामेरे पुरुषार्थ कामेरे भाग्य काया फिर मेरे पुण्य कर्मो कामैंचुपचापसुनरहाहूंइसलिये नहीं कि नहीं कुछ भीमेरे पास कहने को नहीं चाहता मैं कोईतर्क... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   5:52pm 14 Sep 2021 #Parents
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
मिस्टर बख्शी, क्या आप मुझे बतायेंगें कि मेरी मर्जी के बिना आपने आज १० बजे मीटिंग कैसे बुला ली?बेचारे बख्शी जी  जो पिछले दो सालों से मिसेज माथुर के साथ से सह प्राध्यापक के रूप में काम कर रहे थे, नियत और धीरे स्वर में बस इतना ही कह सके मैडम, आप हमेशा ही १० बजे का समय ही मी... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   7:57am 4 Sep 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 ओ वसू, यार एक कप बढिया सी चाय पिला दो, आज ऑफिस में बहुत थक गया हूं। ऑफिस से साथ आई वसू फटाफट हाथ पैर धुल किचन में चाय चढा अभी ऊपर अपने कमरे की तरफ चेंज करने बढी ही थी कि आवाज आई- बहू कल से दो दिन नही आयगी तुलसी, कह रही थी उसके मामा की बिटिया की शादी है। बोझिल मन और थके तन से व... Read more
clicks 372 View   Vote 0 Like   4:01pm 31 Aug 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
आज कक्षा में एक विद्यार्थी को डांटते हुये जब मैने ने कहा- कि तुम पढाई में बिल्कुल भी मन नही लगाते हो, तभी तुम्हारे अंक बिल्कुल भी अच्छे नहीं आते। खेल कूद के अलावा जरा पढाई पर भी ध्यान दो। तो वह नन्हा सा बच्चा मासूमियत से बोला- मैडम जी ये बिल्कुल भी क्या होता है? एक पल को तो म... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   1:26pm 26 Aug 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 बडी अजीब सी कशकमश में हूंकैसे बनता है कोई अपना किसी काऔर कौन से मापदंड है जो परिभाषित करते है किसी को परायाक्या मै ये मान लूं कि रक्त की बूंद ही है जो एक शरीर को दूसरे शरीर से अपने शब्द के बंधन में जोड देती हैफिर वो अदॄश्य सी बूंद किस चीज की है जो मन पर गिरती है, और पिघलकर... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   6:25pm 20 Aug 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
रही खामोश तो सवाल हो जायेगाकही जो बात तो बवाल हो जायेगाआंख नम हो तो छुपा लेना चश्मे मेंदिखीं उदास, तो बवाल हो जायेगाबात दिल की पन्नो पे उतारिये नापढेगें अपने तो बवाल हो जायेगापलट के सोच ना अब बीती बातों कोख्वाब फिर लिपटे तो बवाल हो जायगाजो भी सामने है, बस वही मंजिल तेरी... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   2:15pm 12 Aug 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 हर बात नहीं तुमको बताते हैं बाबू जी,छुपाते हैं बाबू जी, पर याद तेरी आती बडीहर जिद मेरी, खुशी खुशी, पूरी करीं तुमनेसपने मेरे अपने किये जो देखे थे मैनेंअब किससे करे जिद ये बताओ ना बाबू जी, समझाओ न बाबू जीहाँ याद तेरी आती बडीहर बात नहीं तुमको बताते हैं बाबू जी,छुपाते हैं बा... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   10:10am 2 Apr 2021 ##Father
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
अबके होली, ना रंग लगानाना टोली बनाना ये मौसम करोना का है-२श्याम दूर से ही फाग गाना, ना मौज मनाना ये मौसम करोना का है-२राधे ,मनवा तो माने नही हैहां तोरी बतिया सही हैये मौसम करोना का है-२कान्हा पीना नही तुम भंगना कीजो हुडदंगले ग्वालों को संगना पड जाय रंग में भंगगिरधारी ओ गि... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   6:27pm 28 Mar 2021 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
वक्त मुश्किल है मगर, ये भी निकल जायेगारेत की तरह ये भी, हाथों से फिसल जायेगायकीं रखो तो जरा, आंच-ए- इश्क पर जानिबवो संगे दिल ही सही, फिर भी पिघल जायेगानसीहतें मददगार बनें हरदम, जरूरी तो नहींठोकरे पाकर ,वो खुद ब खुद ही संभल जायेगाआज का दिन भले भारी है, तेरे दिल पे बहुत हौसल... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   4:40am 2 Mar 2021 ##time
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 तेरे इश्क पर हम ऐतबार करते हैंकहें ना कहें तुमसे प्यार करते हैंमौसम कोई हो, चलेगें साथ तेरेमूंद आंखें अभी इकरार करते हैंवो पल जिसमें तुम शामिल नहींऐसी जिन्दगी से इनकार करते हैंमिले तुमसे जब भी आये जहाँ मेंखुदा से ये दुआ हर बार करते हैंमेरे झगडों से ना दिल इतना दुखाय... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   7:46am 27 Feb 2021 ##love
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
 एकै रहै देवरानी जिठानी। जिठानी के घर रही सम्पन्नता, औ बिचारी देवरानी रही गरीब। तो देवरानी बिचारी, जेठानी के घर करती रहै – घर का काम काज। औ उनके घर से जौन कुछो मिल जात रहै, उहिसे अपने बच्चन का पेट पालती रहै।अब एक दिन पडी, संकठै। अब उनके घरै मा तो कुछ रहै ना, तो कहेन अपने लड... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   11:01am 31 Jan 2021 #
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