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Blog: palash "पलाश"

Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
शाम को मैं लगभग रोज ही घर के पास की ही एक पार्क में घूमने जाती हूँ, वहाँ पर शाम को कई बुजुर्ग भी आते हैं। कल शाम को यूँ ही टहलने के बाद मै एक बेंच पर बैठ गयी। बगल की बेंच में एक बुजुर्ग दम्पति बैठा हुआ था। उन्हे मै करीब एक हफ्ते से यहाँ देख रही थी। देखने से लगता था कि कही बाहर ... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   7:26am 5 Feb 2020 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
मां तुम अक्सर याद आती होकह नहीं पाती हरदमपर याद बहुत आती होमां तुम अक्सर याद आती होसुबह सबेरे याद आता हैवो सिरहाने तेरे आनाऔर कहना उठना है याकुछ देर और है सो जानावो गरम चाय की प्याली लिएतुम हर सुबह याद आती होमां तुम अक्सर याद आती होगाजर मूली कसते कसतेउंगली जब काट लेती ह... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   9:08am 27 Jan 2020 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
जाडा इस बार अपने पूरे जोर पर था। पिछले तीन दिन से बारिश थी कि थमने का नाम ही न लेती थी। मगर गरीब के लिये क्या सर्दी क्या गरमी। काम न करे तो खाये क्या? बारिश में भीगने के कारण सर्दी बुधिया की हड्डियों तक जा घुसी थी। खांसती खखारती चूल्हे में रोटियां सेक रही थी, और कांपते शरीर... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   9:54am 16 Jan 2020 #mother
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
मै अक्सर चुप रहती हूँकहती तो हूँ, पर कम कहती हूँ।बात में हैशीतलतागंगाजल सी,बात में हैंज्वलनताअग्निकुंड सी,बात में हैंकोमलताखिले पुष्प सी,बात में है कठोरतानारियल सी,बात ही तो है जोबनाती है हमारी छवि,देती है हमारेरिश्तों को मजबूती,बनती है हमारेव्यक्तित्व की पहचान,जो... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   7:58am 7 Jan 2020 #बात
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
करीब होबहुत करीबफिर भी करती हूँजतन हर पहरतुम्हें और करीब लाने कातुम्हें महसूस करने लगी हूँहथेलियों मेंमगर फिर भीढूंढती हूँ लकीरेंजिनमें बाकी है अभी भीपडना तुम्हारी छापहर आती जाती सांस कोटटोल लेती हूँकि कही कोई सांसअनछुई तो नही तेरी खुशबू सेचाहती हूँ आना तेरे ... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   8:11am 4 Jan 2020 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
नही कोई हिचकचाहटनही कोई शमिन्दगीनही झुकती मेरी निगाहेंकहने से, मै बेदाग नहीकुछ दाग दिख जायेगेंहर एक नजर को कुछ दाग बतायेगेंमेरी कमजोरियों कोकुछ दाग हैं ऐसे भीजो दिखते ही नहीकुछ दाग हैं ऐसे भीजो मिटते भी नहीकई दाग मेरे लियेहै जीने का हौसलाकई दाग मेरे लियेहैं संघर्ष ... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   12:59pm 30 Dec 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
मै भी देखता हूँ भला कैसे नही प्यार करेगी मुझे। देखना तुम लोग एक दिन इसे तुम सबकी भाभी ना बनाया तो मेरा नाम भी गिरधारी लाल नही। कॉलेज की कैंटीन में गिरधारी अपने दोस्तों के बीच अपने दोस्तों को कम कुछ दूर से निकलती हुयी रीमा और उसकी सहेलियों को ज्यादा सुना रहा था। चार – पाँ... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   2:56pm 26 Dec 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
सुनो, सुन तो रहे हो नामुझे तुमसे बहुत कुछ कहना हैछोड दो ना थोडी देर देर के लियेये लैपटाप, ये मोबाइल, ये कागजयाद भी है तुम्हेकब से तुम्हारे पास तो हूँमगर साथ बिल्कुल भी नहीकभी मेरा चेहरा देखकरहोती थी तुम्हारी सुबहेंअब रात भर, मै नहीसाथ होती हैं, तुम्हारी फाइलेंमगर आज कुछ... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   5:33am 14 Nov 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
हाथ ने बढाया हाथहाथ आया हाथ मेंशर्म से फिर झूठ-मूठहाथ खींचा हाथ नेचाहता हूँ रहे सदा, ये हाथ तेरे हाथ मेंकही ये बात हाथ सेचुपके से तब हाथ ने हाथ की ये हाँ थी याहाथ की थी ये अदाहाथ की कुछ गर्मियां रख दी उसने हाथ मेंहौसले हाथ के कुछ और थोडा बढ चलेदबा के फिर हाथ कोगुस... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   8:59pm 9 Nov 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
उसके सुर्ख होंठों नेछुआ जो मेरे नाम कोआम से ये नाम भीआज खास हो गयाहम वही हैं आज भीवही लकीरें हाथ मेंहाथ आया हाथ में नसीब खास हो गयादिन वही है उग रहाशाम वो ही ढ्ल रहीचाँदनी में घुल के तेरीचाँद खास हो गयावही जमीं वही शहरवही कदम वही डगरसाथ ज... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   8:12am 22 Oct 2019 #love
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
ठहरे हुये पानी मेंवो अग लगा देते हैंबहती हुयी लहरों काअंजाम भला क्या होगाझुकती हुयी नजरों सेवो कयामत बुला लेते हैऊठती हुयी निगाहो काअंदाज भला क्या होगाउलझी हुयी जुल्फो सेवो सुबह को शाम करते है भीगे हुए गेसुओं सेमौसम भला क्या होगाहल्की सी एक झलक सेवो तारों को रौशन ... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   10:39am 28 Sep 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
निगाहों को पढने दो निगाहों की गुफ्तगूदखलंदाजी जुबान कीहर जगह अच्छी नहीघुलने दो इश्क को सांसों में इश्क की बेताबियां हुस्न कीहर जगह अच्छी नहीसुनने दो खामोशी कोखामोशियों की कहीगुस्ताखियां निगाह कीहर जगह अच्छी नहीमचलने दो इशारो को इशारों की गिरफ्त मेंनिगेबानियां त... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   6:31pm 13 Sep 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
सोचती हूँ, अब मान ही लूँकि मै ही, हाँ सिर्फ मै ही हूँजिम्मेदारमेरे आस पासघटती हर उन दुर्घटनाओं काजिनको भले ही कोई उगायेखरपतवार मै ही हूँसच ही तो हैंआखिर कहाँ है दोषी वो नजरें जो किसी एक्स-रे मशीन से कमतर नहीमशीन का तो काम ही है – काममुझे खुद ही ओढनी चाहियेसिर से पांव तकअ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   9:48am 1 Aug 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
माना कि है एक बरसात, आंखों में तेरीमगर हर किसी आंगन बरसा नही करतेसुना है बाजार में उतरी है, चीजें कई नईमगर हर किसी को जरूरी कहा नही करतेआयेगें कई तुमसे कुछ सुनने की आस मेंमगर हर कही हाले दिल, बयां नही करतेउसने दे तो दिये कांधे तुझे सहारे के लियेमगर हर इक ठौर पलाश ठहरा नही ... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   6:46am 30 Jul 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
वक्त काफी गुजरता है उनके ख्यालों मेंकोई साथ रहने लगा, शहर-ए-ख्यालों मेंजाने क्या बदलने लगा है मेरा आजकलवो जवाब बन आने लगा, मेरे सवालों मेंजिक्र करना भी है, औ छुपाना भी सबसेबेसबब नही तेरा आना, मेरी मिसालों मेंचंद रोज की हैं मुलाकातें, उनकी अपनी महसूस हुआ, जो होता नही है सा... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   9:12am 26 Jul 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
नवजीवन का आगमन, कई प्रश्न भी लेकर आया हैकुछ दुविधा में मन मेरा, क्या छोडूं और क्या बांधूक्या छोडूं उस चिडियां को, जो फुदकती आंगन मेंया छोडूं अल्लहडपन को, जो बरसता था सावन मेंक्या कुछ काम के ये होंगे, या कर्कट साबित होगेया बरसों बक्सों मे बन्द, बस आभासी साथी होंगेंनवखुशि... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   9:20am 18 Jul 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
नवजीवन का आगमन, कई प्रश्न भी लेकर आया हैकुछ दुविधा में मन मेरा, क्या छोडूं और क्या बांधूक्या छोडूं उस चिडियां को, जो फुदकती आंगन मेंया छोडूं अल्लहडपन को, जो बरसता था सावन मेंक्या कुछ काम के ये होंगे, या कर्कट साबित होगेया बरसों बक्सों मे बन्द, बस आभासी साथी होंगेंनवखुशि... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   9:20am 18 Jul 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
******************            १     ***************मै स्त्री हूँसजीव कल्पना कीपरिधि काकेन्द्र बिन्दु******************            २     ***************मै स्त्री हूँफूल नहीचाहे जितना कुचलोजी उठूंगी******************            ३     ***************मै स्त्री हूँअदा की सा... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   7:14am 29 Jun 2019 #women power
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
कभी सोचा नही था, जीवन मेरे लिये इस कदर दुष्कर हो जायगा। मेरे जैसे आत्मसंतुष्ट व्यक्ति के जीवन की परिणित आत्महत्या तक पहुँच जायगी। सामान्यतयः लोग अपने सुसाइड नोट में लिखते हैं कि अपनी मॄत्यु के लिये वह स्वयं उत्तरदायी हैं, उनके बाद किसी और को आरोपित न किया जाय वगैरह वग... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   7:39am 27 Jun 2019 #Pulitzer Prize
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
मधुर अपने विघालय का एक सीधा सादा, होनहार छात्र और माता पिता का आज्ञाकारी बेटा था, इसी वर्ष उसके पिता अपने परिवार सहित गाँव से शहर नौकरी के लिये आये थे। जब उसके पिता को अपने साथ काम करने वाले लोगो से पता चला कि सिटी मॉन्टेसरी लखनऊ के चुनिंदा विघालयों में से है तो उन्होने म... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   2:14pm 19 Jun 2019 #try
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
जीवन की आपाधापी मेंबरसों के आने जाने मेंबहुत कुछ बदलता है लेकिनजो नही बदलता, वो बचपन है बदल जाते है, रंग खुशी केबदल जाते है, संग सभी के  बदल जाते है, चेहरे मोहरेबदल जाते है, मन भी थोडेमौसम के आने जाने मेंजमानों के गुजर जाने मेंदिन रात बदलते है लेकिन जो नही बदलता, वो बचपन ह... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   4:28pm 14 Jun 2019 #memories
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
आजएकबारफिरलिखने बैठा हूं। एकसमयथाजबलिखेबिनातोनींदहीनहीआतीथी।प्यारभीनकितनीअजीब  चीजहै।किसीकोशायरबनादेताहैकिसीकोकाफिर।औरएकमैथा, मेरेजैसेठीकठाककविकेहाथसेऐसेकलमछूटीकिआजकरीब तीस साल बाद उसे छू रहा हूं।  यूं ही एक दिन मैं एक गजल लिखने की कोशिश कर रह... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   2:29pm 7 Jun 2019 #love
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
रितेशःये बताओ इलेक्शन में वोटिंग करने के लिये छुट्टी अप्लाई की या नही?संजीवः नही क्यों तुम जा रहे हो क्या? मै तो नही जा रहा। अरे मेरे एक वोट ना डालने से क्या किसी की जीत हार बदल जायगी। माना ऑफिस एक दिन की छुट्टी दे देगा, मगर जाने आने का खर्च तो अपनी जेब से लगाना पडेगा। रिते... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   3:11pm 7 Apr 2019 #government
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
ओह !फिर चला आया महिला दिवसफिर कुछ भाषण, कुछ संगोष्ठियांकुछ प्रतियोगितायें, कुछ आयोजनऔर फिर अन्त में, कुछ चिन्तनजहाँ जताया जायगा खेदमहिलाओं की स्थिति परबताये जायेगें आँकडेभ्रूण हत्या और बलात्कार केकुछ गिरगिट बदल कर अपना रंगलेंगे शपथ परिवर्तन कीकुछ मगरमच्छ बहायेगे... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   3:53pm 7 Mar 2019 #
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी
रीमा और राहुल दोनो ही मिडिल क्लास परिवार से आते थे। रीमा का पढाई में तो राहुल को ऐक्टिंग में रुझान था, मगर राहुल के पिता चाहते थे कि उनकी ही तरह उनका बेटा किसी सरकारी नौकरी में लग जाय। कालेज में ही रीमा और राहुल एक दूसरे से मिले और फिर जान पहचान दोस्ती और दोस्ती मोहब्बत म... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   7:18am 3 Feb 2019 #
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