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palash "पलाश"

ये मेरे जीवन में पहला अवसर नही था जब मैं इस प्रश्न का उत्तर दे रही थी। अब तक तो मुझे इस प्रश्न की आदत सी हो गयी थी, कुछ लोग मेरे कार्य की प्रसंशा करने के बाद य्ह प्रश्न पूंछते थे, कुछ की बातों का आरम्भ ही इस प्रश्न से होता था। आप भी सोच रहे होंगे कि प्रश्न पूंछने की चर्चा तो इ...
palash "पलाश"...
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  April 1, 2017, 12:47 am
अम्बे मइया के दरबार, लगी भक्तो की कतारकोई लाया लाल चुनरिया॒॑sss - 2, कोई करे जयकारशेरोवाली के दरबार, लगी भक्तो की कतारदुष्ट जनों का नाश किया, दुर्बल के कष्ट मिटायेजो भी पुकारे भक्तिभाव से, मइया के दर्शन पायेखाली हाथ ना लौटा वो जोss - 2 आया माँ के द्वारअम्बे मइया के दरबार, लगी भ...
palash "पलाश"...
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  March 28, 2017, 9:53 pm
मम्मी पापा तो समझते ही नही कि अब हम बच्चे नही रहे अब हम स्कूल नही कॉलेज जाते हैं, और वहाँ लोग नोटिस करते हैं कि हमने क्या पहना है, रोज रोज वही कपडे पहन कर जाने से मेरा मजाक बनता है। मम्मी आप ही कह दो ना पापा से मुझे सिर्फ दो जींस दिला दे, प्लीज मम्मी कह दोगी ना। हाँ हाँ कह दूंग...
palash "पलाश"...
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  March 26, 2017, 3:12 pm
पग डगमग कितने कर लो पथ भ्रष्ट नही कर पाओगेभले बिछा लो शूल मार्ग में पर अनिष्ट नही कर पाओगे…………………..कठिनताओं से हाथ मिलानाप्रिय खेल रहा है बचपन कादुष्कर को ही लक्ष्य बनानाइक ध्येय रहा है जीवन कातन पर प्रहार कितने कर लोमन क्लांत नही कर पाओगेपग डगमग कितने कर लो पथ भ्रष्ट ...
palash "पलाश"...
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  March 18, 2017, 11:21 pm
साथी तुम मेरी नींद बनोमै स्वप्न में तेरे आउंगी।इक बार तो मेरे कदम बनोहर राह में साथ निभाउंगीसृष्टि में कुछ भी पूर्ण नहीबिन गंध है पुष्प अधूरा सादीप प्रज्जव्लित हुआ तभीजब साथ मिला है बाती कातुम देखो तो बन बिन्दु मेरामै आकार तेरा बन जाउंगीइक बार तो मेरे कदम बनोहर र...
palash "पलाश"...
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  March 9, 2017, 11:30 pm
आदमी- काश मेरे पास एक दोस्त होताजिससे कह पाता अपने मन की बातजो समझ सकता मेरी परेशानीसब छोडकर देता मेरा साथतभी बोला मन- एक के लिये आप अभी भी रोते जाते है फिर क्या सोचकर रोज फेसबुक पर मित्र बनाते जाते है *******************************************आदमी- आप बहुत अच्छा लिखती है, लेखनी में आपकी सौम्यता छ...
palash "पलाश"...
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  March 5, 2017, 8:02 pm
आदमी- काश मेरे पास एक दोस्त होताजिससे कह पाता अपने मन की बातजो समझ सकता मेरी परेशानीसब छोडकर देता मेरा साथतभी बोला मन- एक के लिये आप अभी भी रोते जाते है फिर क्या सोचकर रोज फेसबुक पर मित्र बनाये जाते है *******************************************आदमी- आप बहुत अच्छा लिखती है, लेखनी में आपकी सौम्यता छ...
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  March 5, 2017, 8:02 pm
सत्कर्मोकीअग्निमे,जबतपतीमानुषदेह |कामक्रोधहोतेभस्म,  मिलतीप्रभुकीनेह ||सच्चाधनबसप्रेमहै,बाकीसबजगमेझूठ |खर्चहोयसेबढतजाय,नाखर्चसेजायछूट ||साथीवहीजोसाथदे,भलेरहेकभीनसाथ |साथसेएकलाभला,नाभलाबाँहकानाग ||वृद्धजनोंका आशीष है,सत्कर्मोकापरिणाम |श्रमबिनजा...
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  February 27, 2017, 10:28 pm
जाने कितनी रातें इस उधेड बुन में काट दी कि अपनी आज की स्थिति को अपनी नियति मान ही लूँ और परिस्थितियों से समझौता कर लूं   या फिर जिन्दगी को कम से कम उस स्थिति में तो लेकर आऊँ जहां पर उसे जिन्दगी तो कहा जा सके। लोगो के घरों के बर्तन घिसते घिसते शायद मेरे हाथो की लकीर भी घि...
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  February 24, 2017, 8:30 pm
मातृभाषा को समझने से पहले समझना होगा भाषा को, भाषा किसे कहते हैं? विचारों और भावनाओं को आदान प्रदान करने का माध्यम है भाषा। विचारों की अभिव्यक्ति कभी शब्दों के द्वारा की जा सकती है कभी सांकेतिक। इस प्रकार से भाषा को दो रूपों मे समझा जा सकता है। प्रकृति में भाषा का प्रयो...
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  February 21, 2017, 12:57 am
* Image is referred from google. माँ मै अब और एक भी दिन यहाँ नही रह सकती, हम कल ही यहाँ से चल देंगें है, इससे तो बहुत भला है अपना इंडिया। हम आ रहे हैं माँ। कहते हुये राधिका का फोन कट चुका था। मगर अनुसुइया जी के सामने तीन महीने पहले का दृश्य एक बार फिर से घूम गया।राधिका अनुसुइया जी की एक मात्र स...
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  February 14, 2017, 10:31 pm
क्या होगा कुरेदने से, स्मृतियों के पलकुछ दबी आंधियां, तूफान बन जायेंगीजितना भी तय करेंगें, वो बीता सफर वापसी में अवश्य, कडवाहटें संग आयेंगीयाद ना कर उसे, जो दर्द का कारन थाआप उम्र भर उसे, माफ न कर पायेंगीकुछ कदमों की आहटें हैं, प्रतीक्षा से परेहर राह के लौटने की, राहें न ब...
palash "पलाश"...
Tag :memories
  February 11, 2017, 10:28 am
नही चाहत मुझे, किसी तारीफ के पुलिन्दों कीहम वो सोना हैं जो, तपती आग में निखरता हैक्या मिटाओगे उसे, जो खुद को मिटा बैठा हैहम वो मिट्टी हैं जो, बीज को फसल करता हैकठिन नही समझना मुझे, कोशिश तो करियेहम वो पन्ना हैं जो, तेरा ही कहा लिखता हैनही लगता साथ टूटने में, पलभर का समयहम वो ...
palash "पलाश"...
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  February 7, 2017, 11:00 pm
मन कहता इस नववर्ष पर आज कोई नवगीत लिखूँभूल के सारे द्वेष सभी से, अपने मन का राग लिखूँबीते समय की सात तहों में, कुछ खट्टे कुछ मीठे पल हैंजिन लम्हों में रोये हँसे, चाहे अनचाहे स्मरणीय कल हैंसोच रही यादों के वन से, चुनचुन कर उल्लास लिखूँभूल के सारे द्वेष सभी से, अपने मन का राग...
palash "पलाश"...
Tag :year 2017
  December 31, 2016, 10:33 am
घर आंगन छोड के जाना, कब अच्छा लगता हैआँखों से आँसू छलकाना, कब अच्छा लगता हैरोटी की मजबूरी, अक्सर छुडवा देती अपना देशपराये देश में व्यापार फैलाना कब अच्छा लगता हैमाँ के हाथों की खाये बिना, बस पेट ही भरता हैऑडर देकर सीमित खाना, कब अच्छा लगता हैबेजान रंगी्न शहरों में, फ्रैं...
palash "पलाश"...
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  December 6, 2016, 10:32 am
मेरी मुस्कान, कब बन गयी मौन स्वीकृतिवो स्वीकृति जो मैने कभी दी ही नहीवो स्वीकृति जो चाहता था पुरुषकभी अनजानी लडकी से, कभी अपनी सहकर्मी सेकभी अपनी शिष्या से, कभी जीवनसंगिनी सेखुद से ही गढ लेता है पुरुष वो परिभाषायें जैसा वो चाहता हैऔर परिभाषित कर देता है स्त्री का पहना...
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  September 24, 2016, 10:41 am
रोहित का आज आठवीं कक्षा का परिणाम घोषित होना था। पिछले वर्ष वह प्रथम आया था, इस वर्ष भी उसे यही उम्मीद थी। विघालय में प्रतिवर्ष परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिये एक बडा आयोजन होता था। जिसमें सभी बच्चों के अभिभावक आमन्त्रित किये जाते थे। किसी कारणवश रोहित के पिता जी आज ...
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  September 17, 2016, 1:56 pm
हिन्दी जन जन की भाषा है हिन्दी विकास की आशा है हिन्दी में है हिन्द बसाहिन्दी अपनी परिभाषा है हम सोच रहे है हिन्दी मेंदिल समझे अपना हिन्दी मेंफिर क्यो शर्माते फिरते है जब बोल रहे हम हिन्दी मेंकम्प्यूटर के है निकट हिन्दीहिन्दी है भारत की बिन्दीहिन्दी है अपनी सौम्य सरल...
palash "पलाश"...
Tag :Hindi
  September 8, 2016, 10:04 am
मै किसी की आँख का नूSर हूँमै किसी के दिल का करार हूँजो चुरा ले नीदें सुकून ओ चैनमै वो मचलताSS ख्याSSल हूँमै किसी की आँख का नूर हूँ............ना फिकर मुझे इस बाSSत कीक्या कहे जमाना घडी घडीSSना मै सोचता, न समझता हूँमै तो करता उसकी ही बन्दिगीजो रुका रुका है जबाSSन परमै वो अनकहाSS सवाSSल हूँ...
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  August 5, 2016, 9:32 am
तन्हा तन्हा सी रहती है तन्हाई मेरीरात भर जागती रहती है तन्हाई मेरीखुद में हंसती है कभी, कभी रो लेती हैख्वाब कुछ बुनती, रहती है तन्हाई मेरीदो कदम उजालों में कभी, कभी सायों मेंशामों सहर सफर में, रहती है तन्हाई मेरीसुर्खी अख्बार की, कभी खामोश गजल कहानी किस्सों में, रहती ह...
palash "पलाश"...
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  July 29, 2016, 4:13 pm
कलाम एक व्यक्ति नही, सच्चे जीवन का पयार्य हैं। यहाँ कलाम जी के लिये था शब्द का प्रयोग मुझे व्यक्तिगत रूप से न्याय संगत नही लगता। कलाम जी का जीवन के प्रति नजरिया, उनकी उपलब्धियां, उनका देश और कार्य के प्रति समर्पण, उनका सादा जीवन जीने का आचरण, उनका समय प्रबन्धन, उन्हे युग ...
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  July 27, 2016, 12:06 pm
आजा साथी, मेघा आयेसंग मिलन की घडियां लायेकब से हमने राह तकी थीसावन साजन लेकर आयेअब आये तो काहे ऐसेतिरछी नजर से मोहे डरायेआजा साथी...................आ यूं भीगो संग मेरे यूंअपना सावन फिर ना जायेबूंदों से मिल खेल वो खेलेविरह की अगनी बुझ जायेआजा साथी...................तन भी भीगा, मन भी भीगाभीगी ...
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  July 19, 2016, 1:21 pm
देखतीरहतीहूँगिरते, इन्सानमेंइन्सानकोसोचतीहूँजाकरकहाँ, रुकेगीयेहैवानियतशर्मआंखोंकेकिसी कोनेमेंभीदिखतीनहीगिरतेमानवीमूल्यदेख बढतीमेरीहैरानियतछलबलकेदमआदमीगढताहैअस्तित्वकोऐसेपूज्यनीयोंकोदेखदेखडररहीशैतानियतमित्रसेतोशत्रुही फिर भले इस...
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  June 30, 2016, 4:58 pm
कुछ फर्ज निभाने है मुझको, कुछ कर्ज चुकाने हैं मुझकोप्रियतम मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ, बस कुछ पल थोडा  धीर धरोकुछ बन्धन मुझे पुकार रहे, खुलनी हैं कुछ मन की गाँठेहर साँस में बसते हो तुम्ही, बस कुछ पल थोडी पीर सहोकुछ रातों के साये घेरे हैं, मन में भय के कुछ गहरे पहरे हैये क...
palash "पलाश"...
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  June 18, 2016, 12:35 am
ढूंढ रहा रह कोई सच, पर छोड ना पाये झूठ के सायेबदलते लोग विघुत गति से, बिन मतलब पास ना आयेझूठी तारीफों के पुल पर, रिश्तों की बिल्डिंग बन जातीकहते फिरे सच सुनने वाले ही बस हमरे मन को भायेकिसने बनाया सच को बनाया, और घोली झूठ से मिठास तुम ही बताओ छोड मिठाई, कडवी गोली किसे लुभाय...
palash "पलाश"...
Tag :truth
  June 7, 2016, 10:09 pm
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