Hamarivani.com

*काव्य-कल्पना*

तुम चली गयी,पर गयी नहीं,एहसास तुम्हारे होने का।दिल के खाली उस कोने का,वो दर्द तुम्हारे खोने का।गुमशुम हूँ,चुप हूँ,खोया हूँ,एकाकीपन में रोया हूँ,कभी शाम ढ़ले फिर आओगी,पलकों पे सपने बोया हूँ।अब बीत गयी है रात,नहीं तुम पास,पहर ये रोने का।तुम चली गयी,पर गयी नहीं,एहसास तुम्ह...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :सत्यम शिवम कविता
  May 21, 2012, 7:38 am
आप सभी श्रेष्ठजनों के आशीर्वाद से मेरे प्रथम काव्य संग्रह "मेरे बाद" का लोकार्पण कार्यक्रम 15.04.2012 को समपन्न हुआ।इस अवसर पर माननीय सदर एस.डी.ओ और वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि उपस्थित थे साथ ही शहर के प्रतिष्ठित और गणमान्य व्यक्तियों का जमावड़ा लगा था।विभिन्न अखबारों से आय...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :काव्य कल्पना
  April 22, 2012, 11:49 pm
तुम्हारी धुन पर नाचे आज मेरे गीत,कहो तुम हो कहाँ ओ व्याकुल मन के मीत।झंकृत है ये तन,मन और जीवन,हो रहा है ह्रदय नर्तन,थिरक कर कर रही कोशिश,झूमने की आज दर्पण।होंठों पर सुरमयी शब्द के,अक्षरों की होगी जीत।तुम्हारी धुन पर नाचे आज मेरे गीत।बहकने लगे है सुधियों के नियंत्रक,तन ...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :सत्यम शिवम कविता
  March 24, 2012, 10:51 am
मेरे आंगन में मुरझाते हुये तुलसी पौधे को समर्पित......एक पौधा तुलसी का,आँगन में मेरे।प्रार्थना,आराधना करता रहा है।सुख के क्षण में प्राण वायु दान बन,क्लेश में संताप से मरता रहा है।अपने जड़ में वह छुपाये,शांति और स्नेह धारा,तीव्रतम वायु ने छीना,तरु से जब  पत्र सारा।करुण पी...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :भाव रस
  February 24, 2012, 10:28 pm
मेरे दुख तूने साथ निभाया।तब जब कोई न था अपना,टूट चुका था हर एक सपना।घर था पर न थी छत ऊपर,बारिश से भींगा तन तर,तर।अन्न नहीं थे,वस्त्र नहीं थे,आँसू के दो बूँद सही थे।खारेपन में अपनत्व मिलाकर,तू गागर में सागर भर लाया।मेरे दुख तूने साथ निभाया।साँझ ढ़ली जब बैठ अकेला,जीवन की अं...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :भाव रस
  February 19, 2012, 9:50 pm
रात को आभास है स्वर्णिम सुबह की।तीमिर है काली,भयानक पास आती,नयनों की ज्योति है जैसे दूर जाती।थक गया है प्राण और निर्माण सारा,बोझ से दब सी गयी है सब की छाती।वह जो मुस्कुरा रहा है देख मुझको,आँसू भी है मोती जैसे दिल के तह की।रात को आभास है स्वर्णिम सुबह की।मैने कितने किस्स...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :भाव रस
  January 31, 2012, 5:23 pm
हे देव! तुम्हारी बाँसुरी में आखिर कैसा जादू है,मै हरदम सोई रहती हूँ,नशे में खोई रहती हूँ।जब भी तुम मेरे मन के उपवन में हौले से आते हो,और अपनी नटखट अदाओं से मुझे दिवाना बनाते हो।ऐसा लगता है कि मै कोई नहीं हूँ,मै तो उस यमुना का वो किनारा हूँ,जहाँ तुम अक्सर बैठकर बाँसुरी बजात...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :सत्यम शिवम कविता
  January 20, 2012, 6:06 pm
तुम दर्द की नायिका,और मै नायक उस अभिनय का,जहाँ बस दर्द के ही रास्ते पे,चलता रहा हूँ मै।छुपा लिया है मैने,दर्द की इक पुरानी,नदी दिल में कही।जो कभी कभी दो बूँद बनकर,बहती रहती है मेरी इन आँखों से।कभी हर मंजर दिखा देती है,सामने उस रात को,जिनमें तुम्हारे साथ था मै।मेरा यह अभिन...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :भाव रस
  December 27, 2011, 8:28 pm
आखिरी पल का अकेला,गीत तुमको ढ़ूँढ़ता है।रुक न जाये श्वास वेला,मीत तुमको ढ़ूँढ़ता है।स्नेह का आकाश अब भी,नेह का दो बूँद माँगे,अश्रु का प्रवाह बह-बह,नैनों का फिर बाँध लाँघे।सिसकियाँ देती है मेरे,सर्द रातों की गवाही,तेरे पीछे-पीछे चलता,बन गया मै प्रेम राही।सुनहरी रातों क...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :भाव रस
  December 22, 2011, 7:56 pm
मेरी सौवीं पोस्ट.......रुला के तुमको खुद रो दिया मै,गुनाह ये कैसा किया मैने।बेवजह अश्रु के मोतियों को,तेरे नैनों में भर दिया मैने।दर्द देकर दर्द की ही,इक नदी में बह गया मै।रुला के तुमको खुद रो दिया मै।क्यों नहीं मै जान पाया,तुमको ना पहचान पाया,प्यार को नफरत समझकर,हर बार तेर...
*काव्य-कल्पना*...
Tag :भाव रस
  December 8, 2011, 11:47 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3652) कुल पोस्ट (163583)