| हे मां तुझे भुलाऊं कैसे?तेरे प्यार को बिसराऊं कैसे,अपने बचपन को भूल जाऊं कैसे,मां तुझसे दूर जाऊं कैसे, मां तुझे भुलाऊं कैसे .. ..तेरी आंचल में मेरी नींद को,मेरी बीमारी में उड़ी तेरी नींद को,तुम्हारे हर उस लाड़ दुलार को,खाने के लिए तेरे पुचकार को,पढ़ाई के लिए तेरे डांट लताड़... |
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