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Blog: 'परचेत'

Blogger: पी सी गोदियाल
हिम्मत है तुझमें तो तू निकल के दिखा, मुख से, पेट से, दांतों या फिर आंखों से,ऐ मेरे दर्द, अब तू बच नहीं सकता, क्योंकिमैने तुझे बांध दिया है, जिंदगी की सलाखों से।... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   4:18pm 26 Oct 2020 #
clicks 16 View   Vote 0 Like   2:45pm 17 Oct 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
दुआ है कि इसीतरह फूले-फले व्यवसाय तुम्हारा,ऐ तमाम दौरा-ए-कोरोना, कफन बेचने वालों,मगर, कुछ कतरा-ए-कफ़न अपने लिए भी सम्भाले रखना,क्या पता, कब इसकी जरूरत, तुम्हें भी आन पडे।... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   3:52pm 13 Oct 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
मोदीजी सुनाते मन की बात, और मैं मन की व्यथा सुनाऊंं, सुनो ऐ प्यारे हिन्द वासियों,आओ, मैं तुमको कथा सुनाऊं।एक सूखी डंठल, जड़ मजीठ का,किंतु, कथावाचक हूँ व्यास पीठ का,छै महिने लॉकडाउन, बंद कमरे मेकितना इस मन को मथा सुनाऊं।बताओ, वाचन करुं मैं शुरू कहाँ से,राजा यथा सुनाऊं या ... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   7:03am 27 Sep 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
जबसे अकृत्यकारी चीन के कोरोना जी नेतमाम दुनिया को फांसा हैं,शायद आपने गौर किया हो,केजरीवाल जी एक बार भी नहीं खांसा है।😂😂... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   12:11am 25 Sep 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
हमने चेहरे पे मास्क क्या लगाया 'परचेत',  कुछ नादां  हमें बेजुबांं समझ बैठे,फितरतन, चुप रहने की आदत तो न थी, क्या करे, बेवश थे चीनी तोहफे़ के आगे।... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   3:04pm 21 Sep 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
 गले लगाया है तेरी जुल्फो़ंं की मोहब्बत ने, जबसे तन्हाइयों को, गाहक मिलने ही बन्द हो गये, 'परचेत' तमाम शहर के नाइयों को।... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   9:48am 20 Sep 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
 चम्मचे-ए-खास अभी अभी गये,मुंह खोला तो गुलाम नबी गये।।😀😀... Read more
clicks 41 View   Vote 0 Like   1:16am 12 Sep 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
 उधर वो हैं कि सिद्दत से पैरों तले दायरा खींच के बैठे हैं,और इधर हम हैं, जिन्होंने 'दायरों'मे ही जिंदगी गुजार दी।... Read more
clicks 104 View   Vote 0 Like   3:14pm 8 Sep 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
निकले थे दिनकर इंद्रप्रस्थ सेऔर सांझ उनकी गुरुग्राम गई,गुम, कुछ वाहियात सी ख्व़ाहिशे,आडे-तिरछे जिन्हें बुना था कभी,चुस्त एकाकीपन की सलाइयों से,ढूंढते हुए उन्हें इक और शाम गई।xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxपद्य पर गजब का नशा था जमाने मे,और मै व्यवस्थ रहा, गद्य सजाने मे।... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   3:20pm 6 Sep 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
ज्यादा पुरानी बात नहीं है, आपको याद होगा शेयर बाजार जब इक्तालिस हजारी थे तो 55 हजारी की बात की जा रही थी और कर कौन रहे थे ? बाजारू गिद्ध। फिर क्या हुआ ? 41 हजारी 30 से भी कहीं नीचे आ लुडका। अब भला , दोष कोरोना का ही क्यों न रहा हो।बस, इस संक्षिप्त पोस्ट के मार्फत आपको यही चेताना है ... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   4:28pm 29 Aug 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
 इतनी संजीदा जे बात तुमने, गर यूं मुख़्तसर सी न कही होती,मिलने को हम तुमसे, मुक्तसर से अमृतसर पैदल ही चले आते।... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   3:27pm 18 Aug 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
भांति-भांंति के हुरी ख्वा़ब, मन मे लेकर इंदौर से झूमते हुए निकले थे जो कल,जन्नत फुल होने की वजह से,सुना है, उन्हें खुदा के  किसी'राहत'कैंप मे ठहराया गया है,बल ।... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   3:22am 12 Aug 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
गर सुधार न हो पाये तो तुम माफ कर देना,हर उस किये को,कसूर चाहे बाती का होया तेल की गुणवत्ता का,नहीं मालूम, मगर तुमदोष मत देना, दीये को।... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   3:59pm 28 Jul 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
अपने दुःख में उतने नहीं डूबे नजर आते हैं लोग,दूसरों के सुख से जितने, ऊबे नजर आते हैं लोग।हर गली-मुहल्ले की अलग सी होती है आबोहवा,एक ही कूचे में कई-कई, सूबे नजर आते हैं लोग।कहने को है भीड भरा शहर,मगर सब सूना-सूना, कुदरत के बनाये हुए, अजूबे  नजर आते हैं लोग। कोई दल-दल में द... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   6:52am 12 Jul 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
सज्दा हमें मुनासिब नहींबताकर मैं पसंद रखुंं,हर मुकम्मल कोशिशयही रही अबतककि मुंह अपना बंद रखूं।ये मुमकिन था कि मैंसच बोल देता,कभी जरा सा भी,जो मैं मुंह खोल देता।।... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   5:14pm 8 Jul 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
मर्ज़ रिवाजों पे, कोरोना वायरसों का सख्त पहरा हैं,एकांत-ए-लॉकडाउन मे, दर्द का रिश्ता, बहुत गहरा है,थर्मोमीटर-गन से ही झलक जाती है जग की कसमरा, न मालूम ऐ दोस्त, कौनसी उम्मीदों पे, ये दिल ठहरा है ।... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   4:08pm 2 Jul 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
क्योंकि मैं नादां थातो, बचपन मे जब भीमैं, खो लेता था आपा,गोद उठा लेते थे पापा।जवां हुआ तो भी नासमझीऔर बरदहस्त के बल पर,हरदम अपना आपा खोया,हकीकत जमाने की जानी,तब दस्तूर समझ मे आया,जब, मैंने अपना पापा खोया।#Happyfather'sday... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   4:16pm 21 Jun 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
इस तथाकथित आचार, लाचार, सदाचार, ग़ंवार दुनियांं को देख आज एक ही प्रश्न मन मे कौंध रहा, जब तुम्हारे द्वारा इम्पोर्ट किया गया चीनी माल इतना घटिया था तो तुमने 5 महिने बाद भी ,उस माल को उसे लौटाया क्यों नहीं ? , विश्व आज झूठे , मक्कार और स्वार्थी प्राणियों के एक देश के आगेइतना बेव... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   3:01pm 16 Jun 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
इक्कीसवीं सदी मे भी अश्वेतों का जीने का हक,गला दबाकर छीन लिया करता था जो कलतक,असहिष्णुता और रंग-भेद पर ही पूरी दुनिया को,ज्ञान बांटा करता था वो,"श्वेत वर्चस्वधारी बुडबक"।किंतु, ऐसा वक्त का पहिया घूमा, खुल गई पोल,सडकों पे उतरे अश्वेत,बजाके नश्लवाद का ढोल,बिगुल बजा, अमेरिक... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   1:27pm 14 Jun 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
नजर आता नहीं,कहीं दूर तक कोई,तिनका इक आश का,जहां वाले, है कैसाये सम्मिश्रण तेरा, उल्लास मे हताश का।'कोरोना'संरचनाकोई कारण तो नहीं,मानवता के विनाश का,'आश'की आस मेये कब खत्म होगा,इंतजार इक निराश का।।क़त्ल की ये कैसीखौफना़क साजिश,है जुनून कैसा ये सत्यानाश का,गुफा अंध... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   5:05pm 5 Jun 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
सांसे जकडकर भी कह रहा कोविड-१९बेटा, जंग जारी रख, हिम्मत न हारना।मगर याद रहे, जिंदगी का ये फलसफा,खटिया से बाहर कभी पैर मत पसारना।।सहुलियत ही नहीं, हुनर से भी सीढियां चढ,सोच का दायरा बढा, 'मैं'से भी आगे बढ।आस़ां है कर्ज लेना, मुश्किल है उतारना,खटिया से बाहर कभी पैर मत पसारना।... Read more
clicks 42 View   Vote 0 Like   4:21pm 3 Jun 2020 #
Blogger: पी सी गोदियाल
30-32 साल पहले युवावस्था मे जब पहली झलक मे यमनोत्री धाम देखा था तो उस वक्त की उस जगह का आखों देखा चित्रण कुछ यूं था:दूर पहाड़ी ओठ से आती लकीराकार एक स्वच्छ निर्मल नीर धार...। नीचे पहाड़ी की ओठ मे बना एक प्राचीन मंदिर..। मंदिर के आसपास टिन की चादरों और तिरपाल की छत से ढके कुछ खपरैल,... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   2:21am 3 Jun 2020 #
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