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मीमांषा- Meemaansha

तुम नहीं थे, मैं नहीं जानती थी ख़ुशी,पर कभी, तुम्हारे न होने से,जानती हूँ 'ख़ुशी के बिना'कुछ लम्हें;तुम्हारे बिना मैं नहीं जानती थी 'अकेलापन' पर तुम्हारे संग,जानती हूँ कि इसका होना भी है;रोती थी मैं जब कभी,चुपके से, किसी तकिये पररख लेती थी सर,  तुम नहीं थे जब,...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :hindi poems
  December 27, 2015, 12:51 pm
    'ब्याहता'मेरे लिए, फूल फूल नहीं है,एक सपनीली लड़की कीनिर्भार हँसी है,  और... इसी तरहजलता हुआ चूल्हा,उठता हुआ धुँआ,केवल धुआँ नहीं है, एक ब्याहता लड़की के,सपनों का अलाव और जिंदगी का  हश्र है। **********************    'दहेज़' गाँठ भर गहनों, मांग भर सिन्दूर ,हा...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :hindi blogs
  December 20, 2015, 3:07 pm
ये पूरे की मांग नहीं है,   न ही अधूरेपन की खलिश है, न ही प्रार्थना, न ही विनय है, ये स्वाभाविक,लेने देने की रस्में हैं, होती ही हैं,प्रीत अगर हो,रीत नहीं फिर, कभी बांधती,ये बंधन फिर बंधते नहीं हैं, ले लेते हैं अंकपाश में,बड़े प्यार से,मानोगे तो,एक विश्वास भर...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :love poems
  December 13, 2015, 1:54 pm
सपनों की क्या बात करें...जो मिला नियति से,उसको लें हथियार बना, अवनति से,दो दो हाथ करें, सपनों की क्या बात करें...जो चलते है तलवारों पर, उनको असिधारों से क्या डर, कर्मप्राँगण में आओ,ना रहो,हाथ पर हाथ धरे,सपनों की क्या बात करें...विगतागत को साथ लिए सब, किसी शत्रु से नही...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :najm
  December 6, 2015, 11:32 am
इतना क्या उदास होना;ये लम्बे रास्ते  हैं, हैं मगर कुछ दूर तक ही, उम्र को यूँ अज़ल तक ढोना नहीं है, हर कुछ, तपे जो आग में, सोना नहीं है।  यूँ पूरी किसी की होती नहीं हैं तमन्नायें,इत्तिफ़ाक़न नहीं है ये ज़िन्दगी में काश होना; इतना क्या उदास होना; समझ के इन रास्...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :hindi poems
  November 7, 2015, 7:23 am
मेरे पास, तेरे आने से,दिन ज्यादा हुआ, हुई रात कम,इतना अतिरेक हुआ कहने को,क़ि हुए लब चुप,और हुई बात काम;तू मुझमें अमानत-ए-जिंदगी की  आशा  प्रिय !तू मुझमें प्रेम की परिभाषा प्रिय! जो कितनी बारमुझमे ढूंढ़ा था,वो तुझमें शिद्दतों से पाया है,तेरे होने में,मेरे होने की...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :delhi
  June 26, 2015, 12:03 am
*************************कोई भी मंजिल मेरी मंज़िल न थी हर मंज़िल के करीब यही जाकर जाना,अफ़साना-ए-जिंदगी बस एकरास्ता लगती है मुझे। ************************ जब लगता था कि कुछ नहीं है पास बहुत पाना था, आज सब पाने के बाद, याद बहुत आती है उसकी, जो खो बैठा हूँ।  ************************जो अमूर्त ह...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :hindi blogs
  June 2, 2015, 9:40 am
तुम्हारेमात्र होने से ही मन परितृप्त है, तबसे मगर, तुम तक राह कोईहै जो, फिरदिखती रही, तुम्हारी अछूती, अदृश्य, अंजानी  तरंगों में, महसूस करती हूँकि तुम हो और तुमसे, जागृत है मुझमें गुनगुनी धूप जाड़ों की शीतलता पहाड़ों की,ये तुम में चाह  ऐसी ह...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :delhi
  October 31, 2014, 7:22 am
कुछ अटकाव,कुछ भटकाव पल -पल की किस्सागोई से दिन बनते हैं और अहर्निश हम जलते हैं अग्निशिखा में अपने मन कीकिसी सपन कीराह जो पकड़ी कहीं अटकते कहीं भटकते फिर से शुरू शुरू करते से एक शून्य में लगा है चक्कर भरते गए बही खाते पर चक्र चलाकर धुरी जो ...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :hindi poems
  June 1, 2014, 7:22 pm
तुम  थे मेरे स्वप्नों के सोपानों की मंज़िल मेरी अनंत आकांक्षाओं का समाधान मेरी संवेदनाओं की मंथर सरितातुम्हारे होने से होकर, हो जाती थीएक उत्फुल 'पहाड़ी नदी'और मेरा होना हो जाता थाकोई नाचता 'निर्झर';हिमाचली 'हवाओं' सा ही था नेह बस तिरने कोतुम्हारे आ...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :hindi blogs
  May 30, 2014, 12:38 pm
 सुनकर रुकना कहाँ आया है मुझे; तुम्हारे आवाह्न  परठहर तो जाती हूँ सहसापर चलने लगती हूँ फिर फिरउन्हीं राहों पर.… पर मुझे कहो,कितना भी चलती हूँ ये रास्ते  मुझे यूँ अनजाने क्यों ? एक- एक लम्हे का अहसान मुझ पर है मैनें उस से बातें की  हैं समझा है ...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :
  February 14, 2014, 10:25 pm
"जीवन में जो खिल उठा है फूल की तरहउसके लिए प्रकट आभार तो कर लूं ,जिसके परिमल की पवन में उड़ती हूँ फिरतीउससे आज प्यार का इज़हार तो कर लूं ,उसके दिए हुए 'रौशनी के दिए'में सकूं चलऔर मोहब्बत का नज़राना भी क्या दूं मैं उसे,हाँ, चलूंगी तो द्वार उसके पर जरा ठहरकुछ होश के कणों का श्रृंग...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :
  December 11, 2013, 8:45 am
कहीं शून्य में मेरी दुनिया , कहीं दूर मेरा संसार;मन जब अपनी गति से भटका राहों के आसूचक खोये, गहन अकेले होकर आज प्राण गहराई से रोये, भीतर दरकी हैं दीवारें शेष स्वप्न भी हारे-हारे जीवन की  मधुरिम मञ्जूषा, में किसने रखे अंगार, कहीं शून्य में मेरी दुनिया , कहीं...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :hindi poems
  November 20, 2013, 12:49 pm
तू अगर प्यास को कोई सागर दे दे तटों पर जाने  की किसकी मनुहार,तू अगर मंदिर में पिला दे साकी तो जाना ही किसे है बाज़ार,हम तो खुमारी के लम्बे दिन चाहें होश के अंतरालों के बिन चाहें,तेरे दर पर इस आशा से निगाहें हैं रखीं     शायद मिट सके आज,सदियों का इंतज़ार,तुझसे...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :delhi
  November 10, 2013, 10:04 pm
हंसती हूँ कभी रोती  हूँ अपने में खुश होती हूँ, मैं तितली हूँ प्रभु तेरी, जीवन का रस ढोती हूँ; जो दूर खड़ा है मुझसे उससे क्यों जोडूं नाता मेरा हमदम है मुझमें जो दूर न मुझसे जाता, ओ प्रिय! तू उस माला का धागा जिसकी कि  मै एक मोती हूँ, मैं तितली हूँ प्रभु ...
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Tag :life
  August 29, 2013, 9:20 am
साँझ के झुटपुटे की पंक्तियों में, शब्द सवेरे के,अब तक ताज़े हैं चलो, गुलदस्ता बना लेते हैं एक और,जिंदगी के लिए; किसी झिडकन के साथ, बरसी हैबारिश ये अभी,कुछ बूंदे हथेली पर, कुछ माथे पर हैं, अथक श्रम कर रही है जिंदगी ये जिंदगी के लिए; जो है लुटाने को उसे है ...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :jindagi
  August 21, 2013, 9:36 pm
जानती हूँ,वापस नहीं लौटता समय पर दिल, फिर भी चाहता है लौट जाना, उसी नदी के आँचल में जिसके निश्छल किनारों से कुछ आड़े- तिरछे कुछ रंग -बिरंगे पत्थर, भरे थे अपनी जेबों में और छुपाकर रखा था घर के किसी कोने में अनमोल खजाने की तरह; जानती हूँ, एक बार गर सपन...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :life
  August 10, 2013, 10:56 am
'यहाँ' सब कुछ,जो पाया जा सकता है पलक झपकते ही खो जाता है, इतनी जल्दी कि तुम उसकी एक रेखा भी ढूढ़ पाने में रह जाते हो असमर्थ; 'जीवन' सात साल या सौ साल एक बहुत छोटा सा है 'समय बिंदु'नामालूम सा, जिसमे तुम जिंदगी भर बिठाते रहते हो 'जिंदगी के गणित', जिनका सब तरह से एक ही हल 'शू...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :
  April 23, 2013, 9:01 pm
'यहाँ' सब कुछ,जो पाया जा सकता है पलक झपकते ही खो जाता है, इतनी जल्दी कि तुम उसकी एक रेखा भी ढूढ़ पाने में रह जाते हो असमर्थ; 'जीवन' साठ  साल या सौ साल एक बहुत छोटा सा है 'समय बिंदु'नामालूम सा, जिसमे तुम जिंदगी भर बिठाते रहते हो 'जिंदगी के गणित', जिनका सब तरह...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :
  April 23, 2013, 9:01 pm
चाहती  हूँ आज, मेरे अंजुमन में, जो भी हो मुझे सबसे प्रिय, दे सकू तुम्हें;तुम्हारी ख्वाहिशों को लग जाएँ पंख मेरी शफ्कतों के, तुम्हारे सपनों के इन्द्रधनुष जगमगाते रहें;तुम्हारी राह के कांटे ईश्वर फूल कर दे, और जिंदगी की तपती दुपहरों में तुम्हारे लिए सदा जुटी रहें कुछ...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :
  March 9, 2013, 12:24 am
चाहती  हूँ आज, मेरे अंजुमन में, जो भी हो मुझे सबसे प्रिय, दे सकू तुम्हें;तुम्हारी ख्वाहिशों को लग जाएँ पंख मेरी शफ्कतों के, तुम्हारे सपनों के इन्द्रधनुष जगमगाते रहें;तुम्हारी राह के कांटे ईश्वर फूल कर दे, और जिंदगी की तपती दुपहरों में तुम्हारे लिए सदा जुटी रहें कुछ बदल...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :
  March 9, 2013, 12:24 am
निरंतर ये बुने जाते स्वप्न भी हैं श्रंखलायें कैद इनमे स्वयं  को तू क्यूँ करेचल,  धार में इकबार खुलकर बहा जाये। जन्मते ही खो गए हम स्वयम को अब कहाँ ढूढे, कहाँ पायें पर अंधेरों को, पार  ही करना हमें हैचल,  बुझ गए इस अप्पदीपो को जलाएं।भार  कन्धों पर बहुत अब हो चला है व्यर्थ क...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :poetry blogs
  January 28, 2013, 4:25 pm
तुम्हारे जाने के बाद भी निकले हैं सूरज,खिली है धूप, आया है वसंत, मुस्कुराएँ हैं फूल, और गुनगुनाते रहें हैं भौरें, पर तुम नहीं हो तो चटख नहीं है धूप, उदास है  वसंत, थोडा रुआंसे हैं फूल, और  भवरें गुनगुनाते हैं कभी-कभी किन्हीं नामालुम उदासियों के गीत;तुम चले गए  हो तो भीराहे...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :फूल
  October 21, 2012, 7:24 am
डूबेगी तो कभीतैरेगी लहरों पर जीवनकी नौकाइस कर्मक्षेत्र सागर में,और भावना के ज्वार  भी आते ही रहेंगे;समय के बहाव मेंस्म्रतियों के गाँव मेंउम्र गुजर जानी  हैसंवेदनों की छाव में, कुछ क्षणों के ठहराव  भी आते ही रहेंगे;कितना भीबहला लो दिल को तुम बार बार सपनों के किरच...
मीमांषा- Meemaansha...
Tag :rashmi savita
  August 10, 2012, 5:52 pm
डूबेगी तो कभीतैरेगी लहरों पर जीवनकी नौकाइस कर्मक्षेत्र सागर में,और भावना के ज्वार  भी आते ही रहेंगे;समय के बहाव मेंस्म्रतियों के गाँव मेंउम्र गुजर जानी  हैसंवेदनों की छाव में, कुछ क्षणों के ठहराव  भी आते ही रहेंगे;कितना भीबहला लो दिल ...
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Tag :philosophy of life
  August 10, 2012, 5:52 pm
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