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Blog: शाश्वत शिल्प

Blogger: mahendra verma
                     होली की मान्यता लोकपर्व के रूप में अधिक है किन्तु प्राचीन संस्कृत-शास्त्रों में इस पर्व का विपुल उल्लेख मिलता है । भविष्य पुराण में तो होली को शास्त्रीय उत्सव कहा गया है । ऋतुराज वसंत में मनाए जाने वाले रंगों के इस पर्व का... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   3:45am 28 Mar 2021 #संस्कृत साहित्य
Blogger: mahendra verma
  मनुष्य ने पिछली कुछ सदियों में ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विस्तार किया है । ज्ञान के इस विस्तार ने बहुत सी पारंपरिक मान्यताओं को बदला है जिन्हें मनुष्य हजारों वर्षों तक ज्ञान समझता रहा । गैलीलियो से लेकर स्टीफन हॉकिंग्स तक और कणाद से लेकर आर्यभट्... Read more
clicks 44 View   Vote 0 Like   9:16am 1 Feb 2021 #धर्म
Blogger: mahendra verma
 मेरी दूसरी पुस्तक ‘सच के झरोखे से ’ का विमोचन ‘कोईभीकृतिकारअमरनहींहोताकिन्तुउसकीकोईअमरहोजातीहै।‘यहविचारव्यक्तकियाविद्वानभाषाविदडॉ. चित्तरंजनकरने।वेमहेन्द्रवर्माकीनईपुस्तक“सचकेझरोखेसे”केविमोचनसमारोहमेंमुख्यअतिथिकीआसंदीसेसभाकोसंबोधितकररहेथे।... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   6:19pm 30 Jan 2021 #विमोचन
Blogger: mahendra verma
धूप गरीबी झेलती, बढ़ा ताप का भाव,ठिठुर रहा आकाश है,ढूँढ़े सूर्य अलाव ।रात रो रही रात भर, अपनी आंखें मूँद,पीर सहेजा फूल ने, बूँद-बूँद फिर बूँद ।सूरज हमने क्या किया, क्यों करता परिहास,धुआँ-धुआँ सी ज़िन्दगीधुंध-धुंध विश्वास ।मानसून की मृत्यु से, पर्वत है हैरान,दुखी ... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   6:55am 2 Jan 2021 #
Blogger: mahendra verma
भारत का प्राचीन धार्मिक और अन्य साहित्य का दूसरी सभ्यताओं की तुलना में विशाल भंडार है । किंतु यह साहित्य दो सौ साल पहले तक आम भारतीय के लिए उपलब्ध नहीं था । इसके कुछ कारण हैं, पहला, यह सारा साहित्य मुख्यतः संस्कृत भाषा में है जो जन सामान्य की या बोलचाल की भाषा नहीं रह गई ... Read more
clicks 67 View   Vote 0 Like   5:06am 25 Oct 2020 #संस्कृत साहित्य
Blogger: mahendra verma
भारत के प्राचीन धार्मिक और अन्य साहित्य का दूसरी सभ्यताओं की तुलना में विशाल भंडार है  किंतु यह साहित्य दो सौ साल पहले तक आम भारतीय के लिए उपलब्ध नहीं था । इसके कुछ कारण हैं, पहला, यह सारा साहित्य मुख्यतः संस्कृत भाषा में है जो जन सामान्य की या बोलचाल की भाषा नहीं रह गई ... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   5:06am 25 Oct 2020 #संस्कृत साहित्य
Blogger: mahendra verma
समाज में जाति और धर्म के आधार पर मनुष्यों के विभाजन की परंपरा पिछले 2 हज़ार वर्षों में ही निर्मित और प्रचलित हुई है। हम में से किसी के लिए भी निश्चयपूर्वक और प्रमाण सहित यह बता पाना मुश्किल है कि आज से 5 हज़ार वर्ष पूर्व के हमारे हमारे पूर्वज किस जाति या धर्म के थे, किस मानव-... Read more
clicks 51 View   Vote 0 Like   11:39am 6 Oct 2020 #धर्म
Blogger: mahendra verma
समाज में जाति और धर्म के आधार पर मनुष्यों के विभाजन की परंपरा पिछले 2 हज़ार वर्षों में ही निर्मित और प्रचलित हुई है। हम में से किसी के लिए भी निश्चयपूर्वक और प्रमाण सहित यह बता पाना मुश्किल है कि आज से 5 हज़ार वर्ष पूर्व के हमारे हमारे पूर्वज किस जाति या धर्म के थे, किस मानव-... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   11:39am 6 Oct 2020 #जाति
Blogger: mahendra verma
समाज में जाति और धर्म के आधार पर मनुष्यों के विभाजन की परंपरा पिछले 2 हज़ार वर्षों में ही निर्मित और प्रचलित हुई है। हम में से किसी के लिए भी निश्चयपूर्वक और प्रमाण सहित यह बता पाना मुश्किल है कि आज से 5 हज़ार वर्ष पूर्व के हमारे हमारे पूर्वज किस जाति या धर्म के थे, किस मानव-... Read more
clicks 46 View   Vote 0 Like   11:39am 6 Oct 2020 #जाति
Blogger: mahendra verma
कुँवार या आश्विन का महीना शुरू हो गया है। इसके समाप्त होने के बाद इस वर्ष कुँवार का महीना दुहराया जाएगा तब उसके बाद कार्तिक का महीना आएगा। दो कुँवार होने के कारण वर्तमान वर्ष अर्थात विक्रम संवत् 2077 तेरह महीनों का है। तेरह महीने का वर्ष होना कोई दैवी या अलौकिक घटना नहीं ... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   7:11am 6 Sep 2020 #अधिमास
Blogger: mahendra verma
कुँवार या आश्विन का महीना शुरू हो गया है। इसके समाप्त होने के बाद इस वर्ष कुँवार का महीना दुहराया जाएगा तब उसके बाद कार्तिक का महीना आएगा। दो कुँवार होने के कारण वर्तमान वर्ष अर्थात विक्रम संवत् 2077 तेरह महीनों का है। तेरह महीने का वर्ष होना कोई दैवी या अलौकिक घटना नहीं ... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   7:11am 6 Sep 2020 #अधिमास
Blogger: mahendra verma
कुँवार या आश्विन का महीना शुरू हो गया है। इसके समाप्त होने के बाद इस वर्ष कुँवार का महीना दुहराया जाएगा तब उसके बाद कार्तिक का महीना आएगा। दो कुँवार होने के कारण वर्तमान वर्ष अर्थात विक्रम संवत् 2077 तेरह महीनों का है। तेरह महीने का वर्ष होना कोई दैवी या अलौकिक घटना नहीं ... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   7:11am 6 Sep 2020 #अधिमास
Blogger: mahendra verma
                                                       पं. जसराज (28 जनवरी, 1930-17 अगस्त, 2020) संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज को अपने जीवन काल में एक ऐसा सम्मान मिला जो भारतीय संगीत के किसी भी साधक को नहीं मिला । 11 नवंबर, 2006 को अंतरराष्टीय ख... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   6:06pm 26 Aug 2020 #शास्त्रीय संगीत
Blogger: mahendra verma
भारत सदा से संतों की भूमि रही है । आज भी संत उपाधि धारण करने वाले अनेक हैं किंतु इनकी विशेषताएं अतीत के संतों से नितांत भिन्न परिलक्षित होती हैं । विगत आठ-नौ सौ वर्षों तक भारतीय समाज और संस्कृति को एक सूत्र में पिरोए रखने में संतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । उत्तर भा... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   8:03am 18 Jul 2020 #संत-चर्चा
Blogger: mahendra verma
गीत-संगीत किसे अच्छा नहीं लगता ! यदि गीत किसी प्रख्यात साहित्यकार का हो जिसे संगीतबद्ध कर गाया गया हो तो ऐसी रचना सहसा ध्यान आकर्षित करती ही है । प्रसिद्ध साहित्यकार धर्मवीर भारती की एक कविता है- ‘ढीठ चांदनी’ । इस की प्रारंभिक पंक्ति है-‘आजकल तमाम रात चाँदनी जगाती है’... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   6:49am 26 Jun 2020 #संगीत
Blogger: mahendra verma
सभी जीवों के साथ-साथ मनुष्यों के जीवन के लिए हवा के बाद पानी दूसरा महत्वपूर्ण पदार्थ है । पानी के लिए दुनिया की विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग शब्द हैं, जैसे मलय भाषा में एइर, लैटिन में एक्वा, रूसी में वोदी, तुर्की में सु, अरबी में मान फ़ारसी में आब, अफ़्रीकी भाषा ज़ुलू में अमांन्... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   5:47am 25 May 2020 #नामकरण
Blogger: mahendra verma
(श्रीनिवास रामानुजन् की सौवीं पुण्यतिथि पर विशेष)“प्रतिभा और योग्यता प्रायः विषम परिथितियों में ही विकसित होती हैं । रामानुजन् हजारों सूत्रों, सिद्धांतों और विवरणों एक ऐसा खजाना छोड़ गए हैं जो दुनिया के सबसे बड़े हीरे से भी ज्यादा मूल्यवान है ।’’ यह विचार अमेरिका के इ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   4:22am 26 Apr 2020 #श्रीनिवास रामानुजन्
Blogger: mahendra verma
कभी छलकती रहती थीं ,बूँदें अमृत की धरती पर,दहशत का जंगल उग आया ,कैसे अपनी धरती पर ।सभी मुसाफिर  इस सराय के , आते-जाते रहते हैं,आस नहीं मरती लोगों की ,बस जीने की  धरती पर ।ममतामयी प्रकृति को चिंता ,है अपनी संततियों की,सबके लिए जुटा कर रक्खा ,दाना -पानी धरती पर ।पूछ  रहे ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:33pm 30 Mar 2020 #
Blogger: mahendra verma
प्रकृति और उसकी शक्तियाँ शाश्वत हैं । मनुष्य ने सर्वप्रथम प्राकृतिक शक्तियों को ही विभिन्न देवताओं के रूप में प्रतिष्ठित किया । मनुष्य के अस्तित्व के लिए जो शक्तियाँ सहायक हैं, उन को देवता माना गया । भारत सहित विश्व की सभी प्राचीन सभ्यताओं- सुमेर, माया, इंका, हित्ती, आ... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   6:15am 25 Feb 2020 #ऊर्जा
Blogger: mahendra verma
प्रकृति और उसकी शक्तियाँ शाश्वत हैं । मनुष्य ने सर्वप्रथम प्राकृतिक शक्तियों को ही विभिन्न देवताओं के रूप में प्रतिष्ठित किया । मनुष्य के अस्तित्व के लिए जो शक्तियाँ सहायक हैं, उन को देवता माना गया । भारत सहित विश्व की सभी प्राचीन सभ्यताओं- सुमेर, माया, इंका, हित्ती, आ... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   6:15am 25 Feb 2020 #ऊर्जा
Blogger: mahendra verma
पिछले दिनों भूतविद्या समावार पत्रों की सुर्खियाँ बनी रहीं । कुछ ने इसे भूत-प्रेत से संबंधित बताया तो कुछ ने इसे मनोचिकित्सा से संबंधित विद्या कहा । कुछ अतिउत्साही लोगों ने तो इसे पंचमहाभूतों की विद्या भी बता दिया । चूंकि भूतविद्या आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से संबंध... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   2:00pm 28 Jan 2020 #जन-जागरूकता
Blogger: mahendra verma
पिछले दिनों भूतविद्या समावार पत्रों की सुर्खियाँ बनी रहीं । कुछ ने इसे भूत-प्रेत से संबंधित बताया तो कुछ ने इसे मनोचिकित्सा से संबंधित विद्या कहा । कुछ अतिउत्साही लोगों ने तो इसे पंचमहाभूतों की विद्या भी बता दिया । चूंकि भूतविद्या आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से संबंध... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   2:00pm 28 Jan 2020 #जन-जागरूकता
Blogger: mahendra verma
पिछले दिनों भूतविद्या समावार पत्रों की सुर्खियाँ बनी रहीं । कुछ ने इसे भूत-प्रेत से संबंधित बताया तो कुछ ने इसे मनोचिकित्सा से संबंधित विद्या कहा । कुछ अतिउत्साही लोगों ने तो इसे पंचमहाभूतों की विद्या भी बता दिया । चूंकि भूतविद्या आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से संबंध... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   2:00pm 28 Jan 2020 #जन-जागरूकता
Blogger: mahendra verma
क्या आपको किसी ने कभी कहा है कि ‘ज़रा खुले दिमाग़ से सोचो’ या क्या यही बात आपने किसी से कभी कही है ?  इस बात से ऐसा लगता है कि सोचने वाला अब तक ‘बंद दिमाग़’ से सोच रहा था । क्या बंद दिमाग़ से भी सोचा जा सकता है ? सोचते होंगे कुछ लोग ! तभी तो कहने की ज़़रूरत पड़ी कि ‘खुले दिमाग से सोचो... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   10:38am 23 Dec 2019 #मस्तिष्क
Blogger: mahendra verma
क्या आपको किसी ने कभी कहा है कि ‘ज़रा खुले दिमाग़ से सोचो’ या क्या यही बात आपने किसी से कभी कही है ?  इस बात से ऐसा लगता है कि सोचने वाला अब तक ‘बंद दिमाग़’ से सोच रहा था । क्या बंद दिमाग़ से भी सोचा जा सकता है ? सोचते होंगे कुछ लोग ! तभी तो कहने की ज़़रूरत पड़ी कि ‘खुले दिमाग से सोचो... Read more
clicks 91 View   Vote 0 Like   10:38am 23 Dec 2019 #मानसिकता
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